तीन तलाक, बहुविवाह और निकाह हलाला पर पाबंदी लगाने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री राजनाथ सिंह जी,
माननीय गृह मंत्री, भारत सरकार।
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली-110001

विषय :- तीन तलाक, बहुविवाह और निकाह हलाला पर पाबंदी लगाने की मांग।

महोदय,

हिन्दुस्थान की भाजपा के नेतृत्त्व वाली केन्द्रीय सरकार ने तीन तलाक के विरुद्ध उच्चतम न्यायालय में शपथ पत्र देकर मानवता की और विशेषतः हिंदुस्थानी मुस्लिम माताओं और बहनों की मुस्लिम पुरुषों की क्रूरता से बचाने के लिए सराहनीय सेवा की है । कृपया बधाई स्वीकारें । आपकी सेवा में महत्त्वपूर्ण मुस्लिम बहनों के और कुछ पीड़िता – सताई गई मुस्लिम बहनों के विचार भेजे जा रहे हैं :-
1. शाइस्ता अंबर, अध्यक्ष, ऑल इंडिया मुस्लिम महिला पर्सनल लॉ बोर्ड-हमने कहा है कि निकाह को रजिस्टर कराया जाए । तीन तलाक को असंवैधानिक माना जाए । दूसरी शादी में न्याय नहीं होता, इसलिए इसे रोका जाना चाहिए । हलाला निकाह हराम है, इसलिए इसे बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए । मेरी लड़ाई 2005 से चल रही है । 2009 में हजारों महिलाओं के हस्ताक्षर के साथ हमने तत्कालीन राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल से गुजारिश की थी कि हिंदू मैरिज एक्ट की तरह मुस्लिम मैरिज एक्ट भी संसद में पारित किया जाए ।
2. नाजनीन अंसारी, अध्यक्ष, मुस्लिम महिला फाउंडेशन-आदमी गुस्से और नशे जैसी हालत में तीन तलाक दे देता है और बाद में जब उसी बीवी के साथ रहना चाहता है तो हलाला निकाह के लिए कहता है । मर्द के इस गुनाह की सजा औरत क्यों भुगते ? हम पूरे देश में हस्ताक्षर अभियान चला रहे हैं और तीन तलाक पर पाबंदी की मांग कर रहे हैं । जो इनका विरोध कर रहे हैं, उनसे हम कहना चाहते हैं कि अगर वे शरीयत के अनुसार तीन तलाक का कानून लागू लागू करना चाह रहे हैं तो चोरी, हत्या, रेप जैसे अपराधों पर भी शरीयत का कानून लागू करें । हम जिस देश में रहते हैं, हमें उस देश के कानून को लागू करना होगा ।
3. नूरजहां सफिया नियाज, सह-संस्थापक, भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन-हलाला और मुताह मैरिज जिसमें कुछ महीनों तक के लिए निकाह होता है और तय महीनों के बाद अपने आप तलाक हो जाता है, जैसी कुरीतियां खत्म होनी चाहिए । दुनिया के करीब 22 मुल्कों में तीन तलाक पर पाबंदी है । पाकिस्तान और बांग्लादेश तक में ऐसा हो चुका है ।
4. सायरा शेख, पीड़िता, बांद्रा, मुंबई-आदमी को क्या हक है कि वह तीन-चार शादियां करे ? 14 साल की उम्र में मेरी शादी हो गई । बच्चे भी हो गए और पहला पति छोड़कर चला गया । वह शादी के समय से ही किसी और को पसंद करता था । तेरह साल अकेले रहकर बच्चे पाले । मैंने एक बार फिर जिन्दगी की ओर कदम बढ़ाया, पर मुझे क्या पता था कि मेरा शौहर चौधरी मुनीर हुसैन शादी करने और तलाक देने में माहिर है । उसकी एक बीवी पहले से थी और दूसरी के तलाक के कागज मुझे दिखाई दे गए । मैं कुछ दिन के लिए मायके क्या आई पीछे-पीछे तलाकनामा आ गया । जिन्दगी में दूसरी बार धोखा खाया मैंने । अभी भी मुनीर ने फिर से शादी रचाने के लिए इश्तेहार दिया है ।
5. शायरा, याचिकाकर्ता, सुप्रीम कोर्ट-मेरी इच्छा के विरुद्ध उन्होंने कई बार मेरा गर्भपात करवाया और मेरी तबीयत खराब हुई तो वे पापा के पास छोड़ गए । बीमार पड़ गई तब उन्होंने तलाक दे दिया । इस पर पाबंदी लगनी चाहिए । इलाहाबाद में प्रॉपर्टी का काम कर रहे पति रिजवान अहमद ने एक साल के भीतर दूसरी शादी कर ली है ।
6. डॉ. हिना जहीर नकवी, महिला काजी-मौखिक तीन तलाक व्यवस्था में सुधार किए जाने की जरूरत है।
7. लुबना चौधरी, सामाजिक कार्यकर्ता -जब मुझे तलाक दिया गया, उस समय मैं मात्र बीस साल की थी । गोद में छोटा बच्चा था । मेरा बच्चा बहुत बीमार था । मैंने इस बारे में पति को मैसेज किए तो उसने घर आकर मुझे मारना शुरू कर दिया और कहा कि तुमने मुझे डिस्टर्ब किया है, जाओ मैं तुम्हें तलाक देता हूँ । उनका एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर हो गया तो उन्होंने मुझे जाने के लिए कहा । मुझे बंद कमरे में रॉड से मारा । होश आया तो मैं अस्पताल में थी । हमारी जमात में कोई लड़की कोर्ट चली जाए तो बेशर्म कहकर उसका बहिष्कार कर दिया जाता है । लोगों ने इस्लाम को ऐसा फोबिया बना रखा है कि कोई इस बारे में कुछ बोल ही नहीं सकता है । मुझे मम्मी के पास भेज दिया गया । भारत में इस्लाम में बहुत भ्रम डाल दिए गए हैं । निकाहनामे को नोटरी से एप्रूव करवाना होता है, लेकिन तलाक बिना किसी दस्तावेज, एप्रूवल और कारण के हो जाता है ।

अतः आपसे अनुरोध है कि तीन तलाक, बहुविवाह और निकाह हलाला प्रथा पर शीघ्र पाबंदी लगाने की कृपा करें।
इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी)
राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

आईएएस टापर टीना डाबी की अतहर खान से प्रस्तावित शादी का गांधीगिरी के द्वारा विरोध करेगी हिन्दू महासभा, शीघ्र ही बुद्धि-शुद्धि यज्ञ का होगा आयोजन-मुन्ना कुमार शर्मा

नई दिल्ली 30 नंवम्बर, 2016

आईएएस टापर टीना डाबी की अतहर खान से प्रस्तावित शादी का गांधीगिरी के द्वारा विरोध करेगी हिन्दू महासभा, शीघ्र ही बुद्धि-शुद्धि यज्ञ का होगा आयोजन-मुन्ना कुमार शर्मा

अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने टीना डाबी की आईएएस प्रशिक्षु कश्मीरी युवक अतहर आमिर-उल-शफी खान के साथ शीघ्र ही विवाह के बंधन में बंधने के निर्णय का विरोध किया है। उन्होनें कहा है कि इससे लव जेहाद को बढ़ावा मिलेगा। इस निर्णय से पूरा हिन्दू समाज आक्रोशित है। उन्होंने कहा कि यद्यपि गांधी जी का अहिंसा का सिद्धांत देशहित में नहीं था, परन्तु एक लोकतांत्रिक संगठन होने के कारण हिन्दू महासभा गांधीगिरी के द्वारा इस विवाह का विरोध करेगी। शीघ्र ही बुद्धि-शुद्धि यज्ञ का आयोजन होगा।
उन्होंने कहा है कि भारत में विदेशी ताकतों व मुस्लिम कट्टरपंथी ताकतों के द्वारा बड़े पैमाने पर लव जेहाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुस्लिम युवकों द्वारा हिन्दू लड़कियों को बहला-फुसलाकर बड़ी संख्या में विवाह किया जा रहा है। इस कार्य में हिन्दू विरोधी ताकतों द्वारा मुस्लिम युवकों को प्रोत्साहन व आर्थिक सहयोग दिया जा रहा है। लव जेहाद के द्वारा बड़ी संख्या में हिन्दू लड़कियों का विवाह के नाम पर धर्मपरिवर्तन कराया जा रहा है। लव जेहाद के द्वारा पूरे भारत को इस्लाममय बनाने का षड़यंत्र रचा जा रहा है। उन्होंने टीना डाबी को पत्र लिखकर इसका विरोध किया है तथा कहा है कि
आपना विवाह सोच-समझकर संपन्न करायें। यदि अतहर खान से विवाह कराना मजबूरी हो तो कम से कम शादी से पूर्व अतहर खान का हिन्दू धर्म में घरवापसी कराना सुनिश्चित करें। अतहर खान के घरवापसी व शुद्धि के कार्य में अखिल भारत हिन्दू महासभा आप के परिवार को पूर्ण सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने टीना से कहा है कि लव जेहाद को बढ़ावा देने का कार्य नहीं करें। हमें हिम्मत कर लव जेहाद को समाप्त करना है। अपना सहयोग इस पुनीत कार्य में करें। हिन्दू महासभा नेता श्री शर्मा ने कहा कि टीना डाबी, करीना कपूर, गौरी छिब्बर, किरन राव, रीना दत्ता आदि का धर्म परिवर्तन कराकर लव जेहाद और धर्मपरिवर्तन को बढ़ाने का कार्य हुआ है। यह तुरन्त बन्द होना चाहिए। उन्होंने केन्द्र सरकार से मांग की है कि लव जेहाद को बढ़ावा देने वाले पर सरकार कड़ी कार्रवाई करें। उन्होंने केन्द्रीय गृहमंत्री से मांग की है कि टीना डाबी के मामले की जांच करायी जाये कि कौन-सी ताकतें इस कार्य में लगी हैं।

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव
फोन : 09312177979

तीन तलाक, बहुविवाह और निकाह हलाला पर पाबंदी लगाने तथा देश में समान नागरिक कानून लागू करने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री,
भारत सरकार।
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- तीन तलाक, बहुविवाह और निकाह हलाला पर पाबंदी लगाने तथा देश में समान नागरिक कानून लागू करने की मांग।

महोदय,
भारत की आप के नेतृत्त्व वाली केन्द्र सरकार ने तीन तलाक के विरुद्ध उच्चतम न्यायालय में शपथ पत्र देकर मानवता की और विशेषतः हिंदुस्थानी मुस्लिम माताओं और बहनों की मुस्लिम पुरुषों की क्रूरता से बचाने के लिए सराहनीय सेवा की है । कृपया बधाई स्वीकारें । आपकी सेवा में महत्त्वपूर्ण मुस्लिम बहनों के और कुछ पीड़िता – सताई गई मुस्लिम बहनों के विचार भेजे जा रहे हैं :-
1. शाइस्ता अंबर, अध्यक्ष, ऑल इंडिया मुस्लिम महिला पर्सनल लॉ बोर्ड-हमने कहा है कि निकाह को रजिस्टर कराया जाए । तीन तलाक को असंवैधानिक माना जाए । दूसरी शादी में न्याय नहीं होता, इसलिए इसे रोका जाना चाहिए । हलाला निकाह हराम है, इसलिए इसे बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए । मेरी लड़ाई 2005 से चल रही है । 2009 में हजारों महिलाओं के हस्ताक्षर के साथ हमने तत्कालीन राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल से गुजारिश की थी कि हिंदू मैरिज एक्ट की तरह मुस्लिम मैरिज एक्ट भी संसद में पारित किया जाए ।
2. नाजनीन अंसारी, अध्यक्ष, मुस्लिम महिला फाउंडेशन-आदमी गुस्से और नशे जैसी हालत में तीन तलाक दे देता है और बाद में जब उसी बीवी के साथ रहना चाहता है तो हलाला निकाह के लिए कहता है । मर्द के इस गुनाह की सजा औरत क्यों भुगते ? हम पूरे देश में हस्ताक्षर अभियान चला रहे हैं और तीन तलाक पर पाबंदी की मांग कर रहे हैं । जो इनका विरोध कर रहे हैं, उनसे हम कहना चाहते हैं कि अगर वे शरीयत के अनुसार तीन तलाक का कानून लागू करना चाह रहे हैं तो चोरी, हत्या, रेप जैसे अपराधों पर भी शरीयत का कानून लागू करें । हम जिस देश में रहते हैं, हमें उस देश के कानून को लागू करना होगा ।
3. नूरजहां सफिया नियाज, सह-संस्थापक, भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन-हलाला और मुताह मैरिज जिसमें कुछ महीनों तक के लिए निकाह होता है और तय महीनों के बाद अपने आप तलाक हो जाता है, जैसी कुरीतियां खत्म होनी चाहिए । दुनिया के करीब 22 मुल्कों में तीन तलाक पर पाबंदी है । पाकिस्तान और बांग्लादेश तक में ऐसा हो चुका है ।
4. सायरा शेख, पीड़िता, बांद्रा, मुंबई-आदमी को क्या हक है कि वह तीन-चार शादियां करे ? 14 साल की उम्र में मेरी शादी हो गई । बच्चे भी हो गए और पहला पति छोड़कर चला गया । वह शादी के समय से ही किसी और को पसंद करता था । तेरह साल अकेले रहकर बच्चे पाले । मैंने एक बार फिर जिन्दगी की ओर कदम बढ़ाया, पर मुझे क्या पता था कि मेरा शौहर चौधरी मुनीर हुसैन शादी करने और तलाक देने में माहिर है । उसकी एक बीवी पहले से थी और दूसरी के तलाक के कागज मुझे दिखाई दे गए । मैं कुछ दिन के लिए मायके क्या आई पीछे-पीछे तलाकनामा आ गया । जिन्दगी में दूसरी बार धोखा खाया मैंने । अभी भी मुनीर ने फिर से शादी रचाने के लिए इश्तेहार दिया है ।
5. शायरा, याचिकाकर्ता, सुप्रीम कोर्ट-मेरी इच्छा के विरुद्ध उन्होंने कई बार मेरा गर्भपात करवाया और मेरी तबीयत खराब हुई तो वे पापा के पास छोड़ गए । बीमार पड़ गई तब उन्होंने तलाक दे दिया । इस पर पाबंदी लगनी चाहिए । इलाहाबाद में प्रॉपर्टी का काम कर रहे पति रिजवान अहमद ने एक साल के भीतर दूसरी शादी कर ली है ।
6. डॉ. हिना जहीर नकवी, महिला काजी-मौखिक तीन तलाक व्यवस्था में सुधार किए जाने की जरूरत है।
7. लुबना चौधरी, सामाजिक कार्यकर्ता -जब मुझे तलाक दिया गया, उस समय मैं मात्र बीस साल की थी । गोद में छोटा बच्चा था । मेरा बच्चा बहुत बीमार था । मैंने इस बारे में पति को मैसेज किए तो उसने घर आकर मुझे मारना शुरू कर दिया और कहा कि तुमने मुझे डिस्टर्ब किया है, जाओ मैं तुम्हें तलाक देता हूँ । उनका एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर हो गया तो उन्होंने मुझे जाने के लिए कहा । मुझे बंद कमरे में रॉड से मारा । होश आया तो मैं अस्पताल में थी । हमारी जमात में कोई लड़की कोर्ट चली जाए तो बेशर्म कहकर उसका बहिष्कार कर दिया जाता है । लोगों ने इस्लाम को ऐसा फोबिया बना रखा है कि कोई इस बारे में कुछ बोल ही नहीं सकता है । मुझे मम्मी के पास भेज दिया गया । भारत में इस्लाम में बहुत भ्रम डाल दिए गए हैं । निकाहनामे को नोटरी से एप्रूव करवाना होता है, लेकिन तलाक बिना किसी दस्तावेज, एप्रूवल और कारण के हो जाता है ।
अतः आपसे अनुरोध है कि तीन तलाक, बहुविवाह और निकाह हलाला प्रथा पर शीघ्र पाबंदी लगाने तथा देश में समान नागरिक कानून लागू करने की कृपा करें। इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी)
राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

आपकी आईएएस प्रशिक्षु अतहर खान से प्रस्तावित शादी की खबरों से संबंधित उपयोगी सुझाव।

प्रति,
सुश्री टीना डाबी,
आईएएस प्रशिक्षु, 2015 बैच
लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी आफ एडमिनिस्ट्रेशन
मसूरी, उत्तराखंड-248179

विषय :- आपकी आईएएस प्रशिक्षु अतहर खान से प्रस्तावित शादी की खबरों से संबंधित उपयोगी सुझाव।

भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने पर हम लोगों को अपार प्रसन्नता हुई थी। आपकी सफलता पर हम सभी को गर्व है। हमें विश्वास है कि आप देशहित तथा हिन्दू हित में कार्य करेंगी तथा भारत के गौरव को बढ़ाने का कार्य करेंगी।
परन्तु मीडिया के द्वारा आप की आईएएस प्रशिक्षु कश्मीरी युवक अतहर आमिर-उल-शफी खान के साथ शीघ्र ही विवाह के बंधन में बंधने की खबरों से देश के 100 करोड़ हिन्दुओं को आश्चर्य व दुख हुआ है। आप इसमें उचित निर्णय लेने का कार्य करें।
आपको सूचित करना चाहता हूं कि भारत में विदेशी ताकतों व मुस्लिम कट्टरपंथी ताकतों के द्वारा बड़े पैमाने पर लव जेहाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुस्लिम युवकों द्वारा हिन्दू लड़कियों को बहला-फुसलाकर बड़ी संख्या में विवाह किया जा रहा है। इस कार्य में हिन्दू विरोधी ताकतों द्वारा मुस्लिम युवकों को प्रोत्साहन व आर्थिक सहयोग दिया जा रहा है। लव जेहाद के द्वारा बड़ी संख्या में हिन्दू लड़कियों का विवाह के नाम पर धर्मपरिवर्तन कराया जा रहा है। लव जेहाद के द्वारा पूरे भारत को इस्लाममय बनाने का षड़यंत्र रचा जा रहा है।
अतः आपको सुझाव दे रहे हैं कि आप विवाह का निर्णय सोच-समझकर लें। यदि अतहर खान से विवाह कराना मजबूरी हो तो कम से कम शादी से पूर्व अतहर खान का हिन्दू धर्म में घरवापसी कराना सुनिश्चित करें। अतहर खान के घरवापसी व शुद्धि के कार्य में अखिल भारत हिन्दू महासभा आपके परिवार को पूर्ण सहायता प्रदान करेगी। अपेक्षा है कि आपका परिवार लव जेहाद को बढ़ावा देने का कार्य नहीं करेगा। हमें हिम्मत कर लव जेहाद को समाप्त करना है। आप भी अपना सहयोग इस पुनीत कार्य में करें। आपको ज्ञात हो कि लव जेहाद के द्वारा हिन्दू लड़कियों का जीवन नरक में धकेला जा रहा है। आपके अतहर खान के साथ विवाह करने से लव जेहाद को बल मिलेगा तथा लव जेहाद के विरूद्ध हिन्दू समाज की लड़ाई प्रभावित होगी। यदि अतहर खान घरवापसी नहीं करें तो इसका मतलब है कि वे लव जेहाद का ब्रांड एम्बेसडर बनना चाहते हैं। और उनका प्यार झूठा है।

सधन्यवाद,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव
फोन : 09312177979

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम की पुस्तक हिंदी में सुलभ कराने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
प्रो. रामविलास शर्मा जी,
माननीय शिक्षा मंत्री, हरियाणा सरकार।
सिविल सचिवालय, चंडीगढ़

विषय :- कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम की पुस्तक हिंदी में सुलभ कराने की मांग।

महोदय,

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों की विवरणिका हिंदी में सुलभ नहीं है । हमारे समक्ष बी.एड पाठ्यक्रम की विवरणिका है, जिसमें 117 पृष्ठ हैं और जो सब पूरी तरह अंग्रेजी में हैं ।
स्वर्ण जयंती वर्ष में हरियाणा के सब विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों की विवरणिकाएँ हिंदी में सुलभ हों, इसके लिए आदेश देने की कृपा करें । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट
करें ।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा)
सम्पादक
हिन्दू सभा वार्ता

लव जेहाद की जांच कराने व दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री राजनाथ सिंह जी,
माननीय गृह मंत्री, भारत सरकार
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली-110001

विषय :- लव जेहाद की जांच कराने व दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग।

महोदय,

जब श्रीमती शीला दीक्षित दिल्ली की मुख्यमंत्री थीं, तब ऐसा सुना गया था कि कोई साइकिल पर दूध लाने वाला मुसलमान लड़का पटियाला हाउस के निकट के मुख्यमंत्री आवास में दूध दिया करता था और उसने सन् 1996 में बड़ी धूर्तता से श्रीमती दीक्षित की पुत्री लतिका को बहला-फुसला कर उससे निकाह कर लिया । हिन्दुस्थान की सरकार के पास ऐसे मामलों के असंख्य प्रमाण होंगे, जिनमें मुसलमान लड़कों ने हिंदू लड़कियों का मूर्ख बनाकर शोषण करके उन्हें देह व्यापर में धकेल दिया । यदि नहीं तो कृपया जाँच समूह बनाकर देश में हुए ऐसे मामलों का आंकलन कराने की कृपा करें । लव जेहाद की जांच करायें तथा लव जेहाद के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करें।
प्रसंगगत मामले में निवेदन है कि सईद मौहम्मद इमरान के गिरफ्तार होने के बाद उसको दंडित करने के मामले में तेज गति से कार्रवाई कराई जाए, जिससे श्रीमती शीला दीक्षित और पीड़िता लतिका को तो कुछ संतोष की साँस मिले, साथ-साथ इमरान जैसे दुष्कर्मियों को कुछ सीख मिले । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव
फोनः 09312177979

आईएएस टापर टीना डाबी की अतहर खान से प्रस्तावित शादी की खबरों से हिन्दू समाज हतप्रभ, हिन्दू महासभा ने किया विरोध

नई दिल्ली 29 नंवम्बर, 2016

आईएएस टापर टीना डाबी की अतहर खान से प्रस्तावित शादी की खबरों से हिन्दू समाज हतप्रभ, हिन्दू महासभा ने किया विरोध

अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने टीना डाबी की आईएएस प्रशिक्षु कश्मीरी युवक अतहर आमिर-उल-शफी खान के साथ शीघ्र ही विवाह के बंधन में बंधने के निर्णय का विरोध किया है। उन्होनें कहा है कि इससे लव जेहाद को बढ़ावा मिलेगा। इस निर्णय से पूरा हिन्दू समाज दुखी है।
उन्होंने कहा है कि भारत में विदेशी ताकतों व मुस्लिम कट्टरपंथी ताकतों के द्वारा बड़े पैमाने पर लव जेहाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुस्लिम युवकों द्वारा हिन्दू लड़कियों को बहला-फुसलाकर बड़ी संख्या में विवाह किया जा रहा है। इस कार्य में हिन्दू विरोधी ताकतों द्वारा मुस्लिम युवकों को प्रोत्साहन व आर्थिक सहयोग दिया जा रहा है। लव जेहाद के द्वारा बड़ी संख्या में हिन्दू लड़कियों का विवाह के नाम पर धर्मपरिवर्तन कराया जा रहा है। लव जेहाद के द्वारा पूरे भारत को इस्लाममय बनाने का षड़यंत्र रचा जा रहा है। उन्होंने टीना डाबी के परिवार को पत्र लिखकर इसका विरोध किया है तथा कहा है कि
टीना डाबी के विवाह को सोच-समझकर संपन्न करायें। यदि अतहर खान से विवाह कराना मजबूरी हो तो कम से कम शादी से पूर्व अतहर खान का हिन्दू धर्म में घरवापसी कराना सुनिश्चित करें। अतहर खान के घरवापसी व शुद्धि के कार्य में अखिल भारत हिन्दू महासभा टीना के परिवार को पूर्ण सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने टीना के परिवार से कहा है कि लव जेहाद को बढ़ावा देने का कार्य नहीं करें। हमें हिम्मत कर लव जेहाद को समाप्त करना है। अपना सहयोग इस पुनीत कार्य में करें। हिन्दू महासभा नेता श्री शर्मा ने कहा कि टीना डाबी, करीना कपूर, गौरी छिब्बर, किरन राव, रीना दत्ता आदि का धर्म परिवर्तन कराकर लव जेहाद और धर्मपरिवर्तन को बढ़ाने का कार्य हुआ है। यह तुरन्त बन्द होना चाहिए। उन्होंने केन्द्र सरकार से मांग की है कि लव जेहाद को बढ़ावा देने वाले पर सरकार कड़ी कार्रवाई करें।

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव
फोन : 09312177979

इस्लामी बैंकिंग व्यवस्था के प्रस्ताव को निरस्त करने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री,
भारत सरकार।
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- इस्लामी बैंकिंग व्यवस्था के प्रस्ताव को निरस्त करने की मांग।

महोदय,

इस्लामिक विचारक श्री तारीक फतेह ने भारतीय रिजर्व बैंक के शरीयत के मुताबिक बैंकिंग सेवाएँ शुरू करने के प्रस्ताव का तर्कयुक्त शैली में विरोध किया है । उन्होंने लिखा है कि-
1. भारत में इस्लामिस्टों की पहुँच आरबीआई में शीर्ष स्तर तक हो गई है ।
2. आरबीआई के अनुसार इस्लामी बैंकिंग का मकसद मुस्लिम समाज के उन तबकों का वित्तीय समावेशन सुनिश्चित करना है, जो मजहबी कारणों से वित्तीय प्रणाली से बाहर हैं ।
श्री फतेह ने इस तर्क को एकदम बकवास बताया है ।
3. मुस्लिम बैंकिंग के विशेषज्ञों ने इस प्रथा को एक ढकोसला और धोखा माना है ।
4. शरीयत बैंकिंग आर्थिक विकास या गरीबी दूर नहीं कर सका ।
श्री तारीक फतेह इस्लाम के अनुयायी हैं और इस्लाम की गहरी जानकारी रखते हैं ।
अखिल भारत हिन्दू महासभा का यह मत है कि-
1. भारतीय बैंकों में इस्लामी बैंकिंग की खिड़की खोलने का विचार अलगाववाद की पराकाष्ठा है ।
2. सन् 1921 से ही कांग्रेस पार्टी मुसलमानों का तुष्टिकरण करती रही है, जिसके फलस्वरूप अलगाववाद पनपा और देश का विभाजन हुआ । इस्लामी बैंकिंग इस अलगाववाद को खाद और पानी देने का एक पक्का तरीका सिद्ध होगा ।
3. ऐसा खतरनाक विचार जिस किसी ने भी दिया है, उसके विरुद्ध अलगाववाद पैदा करने संबंधी कानूनों के अधीन तत्काल कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ।
4. केरल राज्य में कम्युनिस्टों और कांग्रेस ने इस्लामी बैंकिंग की आधारशिला रखकर उसे मजबूत करने का दुष्कर्म किया है, उस पर तत्काल रोक लगाई जानी आवश्यक है ।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव
फोन :09312177979

‘नोटबंदी‘ के क्रांतिकारी कदम ने देश में दशकों की भ्रष्टाचारी व्यवस्था के उत्तरदायी राजनेताओं, अधिकारियों, कर्मचारियों, पूंजीपतियों, उद्योगपतियों व व्यापारियों आदि के नेटवर्क पर कड़ा प्रहार किया है ।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री,
भारत सरकार।
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

महोदय,

आपने बीजेपी संसदीय दल की (22.11.16) की बैठक में संकेत दिया है कि व्यवस्था सुधार के लिए यह आखिरी कदम नहीं है और गरीबों के कल्याण के लिए अभी और कठोर निर्णय लेने में भी हिचकेंगे नहीं। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि ‘नये वर्ष में नये भारत का निर्माण अपका संकल्प है। अतः अब आगे के क्रांतिकारी निर्णय कैसे हो पता नहीं परंतु भविष्य में निम्न बिंदुओं पर सकारात्मक कार्यवाही करने की कृपा करेंः-

1. बांग्लादेश , पाकिस्तान, अफगानिस्तान, म्यंमार व सूडान आदि से करोड़ों की संख्या में आये हुए घुसपैठियों से कब देश को मुक्ति मिलेगी? जिनके कारण देश की अर्थव्यवस्था पर भारी चोट पड़ रही है।विभिन्न अपराधों व आतंकवादी षड़यंत्रां में भी इनकी संलिप्तता पायी जाती है।
2. क्या कश्मीरी अलगाववादियों व वहां की जनता पर केंद्र द्वारा वर्षो से दिए जा रहें विशेष आर्थिक पैकेज की कोई उपयोगिता है ? क्या इसे समाप्त करना उचित नहीं हैं?
3. क्या राष्ट्र के धर्मनिरपेक्ष स्वरुप को बिगाड़ने वाला अल्पसंख्यक आयोग व मंत्रालय गरीब बहुसंख्यकों को आहत नहीं कर रहा है ? इसे समाप्त करना उचित नहीं है क्या?
4. क्या वर्तमान सभी शासन-प्रशासन के अधिकारियों व सांसदो व विधायकों की सुख सुविधाओं के नियमों में सुधार हो सकता है ? क्या जनहित में इसमें सुधार लाना आवश्यक नहीं है ?
5. क्या सरकारी कार्यालयों में बिना ‘सुविधा शुल्क‘ कार्य करने की प्रवृति का प्रचलन बंद नहीं होना चाहिये ? इस पर कार्यवाही कब होगी?
6. क्या भूतपूर्व सभी राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यपाल, प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री, सांसदों और विधायकों आदि के ‘प्रिवी पर्सो‘ पर भी कोई संशोधन हो सकता है ?
7. क्या उन करोड़ो ‘भूतपूर्व‘ सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पेंशन नीतियों में भी उचित परिवर्तन की सम्भावना है ?
8. क्या विभिन्न जेलों में बंद आतंकियों व अपराधियों का बढ़ता बोझ बड़ी चिंता का विषय नहीं ? जेलों में बंद खुखार आतंकियों को भागने से रोकने का क्या उपाय हैं ?
9. क्या सम्भ्रांत लोगों (जेंटलमेन) का खेल ‘क्रिकेट‘ में हो रही सट्टेबाजी पर रोक लगा कर काले धन पर भी अंकुश लगेगा ? क्या बीसीसीआई से भ्रष्टाचार को समाप्त करना उचित नहीं है ?

उपरोक्त के अतिरिक्त और भी अनेक समस्यायें हैं जिनके समाधान को भी प्राथमिकता से लेना होगा। ‘नोटबंदी‘ के क्रांतिकारी कदम ने देश में दशकों की भ्रष्टाचारी व्यवस्था के उत्तरदायी राजनेताओं, अधिकारियों, कर्मचारियों, पूंजीपतियों, उद्योगपतियों व व्यापारियों आदि के नेटवर्क पर कड़ा प्रहार किया है । साथ ही साथ आतंकियों के आर्थिक स्रोत्र जाली करेंसी, नशीले पदार्थ व अवैध हथियारों आदि पर भी नियंत्रण संभव होगा ?

अतः आपसे अनुरोध है कि उपर्युक्त समस्याओं पर उचित कार्यवाही करने की कृपा करें।

सादर,

भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक)
राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव

नोटबंदी के कारण आम लोगों को हो रही परेशानियों को शीघ्र दूर करने तथा नोट की पूर्ण उपलब्धता तक नोटबंदी को स्थगित करने हेतु प्रार्थना पत्र के रूप में याचिका।

प्रतिष्ठा में,
महामहिम न्यायमूर्ति श्री तीरथ सिंह ठाकुर जी,
मुख्य न्यायाधीश, भारत का उच्चतम न्यायालय,
भगवान दास मार्ग, नई दिल्ली-110001

विषय :- नोटबंदी के कारण आम लोगों को हो रही परेशानियों को शीघ्र दूर करने तथा नोट की पूर्ण उपलब्धता तक नोटबंदी को स्थगित करने हेतु प्रार्थना पत्र के रूप में याचिका।

महोदय,
अखिल भारत हिन्दू महासभा का मानना है कि नोटबंदी से कालाधन व आतंकवाद को रोकने में कुछ सहयोग मिलेगा। परन्तु नोटबंदी के कारण आमलोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जो किसी भी प्रकार से उचित नहीं है। यदि नये नोटों की उपलब्धता पूर्ण रूप से नहीं थी, तो नोटबंदी के निर्णय को टालना चाहिए था। यह अत्यन्त ही दुखद बात है कि लोगों को अपनी ही जमा राशि को निकालने के लिये नाकों तले चने-चबाने पड़ रहे हैं। आपको सूचित कर रहा हूं कि बैकों व एटीएम में नये नोटों की पूर्ण रूप से उपलब्धता नहीं है। परिणामस्वरूप आम लोग भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। केन्द्र सरकार ने भारत के संविधान के आर्टिकल 21 (राइट टू लाइफ) का उल्ल्घंन किया है। कृपया जनहित में निम्न आदेश पारित करने व केन्द्र सरकार तथा भारतीय रिजर्व बैंक को आवश्यक निर्देश देने की कृपा करेंः-
1. बैंकों व एटीएम में नये नोटों की पूर्ण रूप से उपलब्धता सुनिश्चित करें।
2. यदि नये नोट पूर्ण रूप से उपलब्ध नहीं हों तो तब तक नोटबंदी को स्थगित कर दिया जाये।
3. जमा राशि की निकासी की सीमा को तुरन्त हटाया जाये।
4. नये नोटों की पूर्ण उपलब्धता तक सभी अस्पतालों (सरकारी व प्राइवेट), रेलवे, रोड वेज, हाइवे, प्राधिकरणों, नगर निगम, जल, बिजली, रजिस्ट्री, दवाईयों की खरीद आदि में पुराने नोटों का चलन स्वीकार्य हो।
5. कापरेटिव बैंकों में भी पुराने नोट जमा कराने का आदेश दिया जाये।
6. शादी-ब्याह के लिये सभी औपचारिकताओं को व नकद निकासी की सीमा समाप्त की जाये।
7. 2000 के नोट के चलन को बंद कर दिया जाये। क्योंकि इससे कालाधन जमा होगा।
8. बैंकों की लाइन में खड़े होने की स्थिति में मृत्यु हो जाने पर उसके परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान किया जाये तथा बीमार होने की स्थिति में उसके उपचार का पूर्ण खर्च सरकार की ओर से वहन किया जाये।
9. गलत तरीके से नोटों की अदला-बदली करने वाले बैंक कर्मियों पर कानूनी कार्यवाही की जाये।
कृपया इस प्रार्थना पत्र को याचिका मानकर आवश्यक कार्यवाही करने व केन्द्र सरकार तथा भारतीय रिजर्व बैंक को आवश्यक आदेश देने की कृपा करें।

सादर,

भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक)
राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव