राष्ट्रीय हरित अधिकरण (व्यवहार एवं प्रक्रिया) नियम 2011 के नियम 33 में संशोधन हेतु।

प्रतिष्ठा में,

श्री अनिल दवे जी,
माननीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री, भारत सरकार
पर्यावरण भवन, केन्द्रीय कार्यालय परिसर, लोधी रोड, नई दिल्ली-110003

विषय :- राष्ट्रीय हरित अधिकरण (व्यवहार एवं प्रक्रिया) नियम 2011 के नियम 33 में संशोधन हेतु।

महोदय,
हमें राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने जो उक्त नियमावली प्रेषित की है, उसके अनुसार अधिकरण के नियम 33 में कहा गया है कि अधिकरण की भाषा अग्रेंजी होगी, किंतु अधिकरण की इच्छा पर हिन्दी में भी दस्तावेज प्रस्तुत किए जा सकते हैं तथा अधिकरण की इच्छानुसार आदेंश हिंदी और अग्रेंजी में दिया जा सकता है।
हमारा निवेदन यह है कि अधिकरण का उक्त नियम भारत के संविधान, राजभाषा 1963 व राजभाषा नियम 1976, के विरूद्ध है। अधिकरण की भाषा वही होनी चाहिए जो भारत संघ की राजभाषा नहीं कर सकता। इस देश में जनता और जनतंत्र सर्वोपरि है और इस देश की राजभाषा केवल हिंदी है। इसलिए अधिकरण को हिन्दी में प्रमुखता दी जानी चाहिए।
अतः प्रार्थना है कि आपका मंत्रालय राष्ट्रीय हरित अधिकरण की नियमावली 33 में संशोधन कर भारत की राजभाषा नीति के अनुरूप बनाने की कृपा करें।

सादर,
भवदीय

(चन्दप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

अम्बेडकर शोभायात्रा पर हमले ने खोली मुस्लिमों की दलित विरोधी मानसिकता की पोल -हिन्दू महासभा

नई दिल्ली 22 अप्रैल, 2017

अम्बेडकर शोभायात्रा पर हमले ने खोली मुस्लिमों की दलित विरोधी मानसिकता की पोल -हिन्दू महासभा

हिन्दू महासभा ने की हमलावर जिहादियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग नई दिल्ली। अप्रेल 22, 2017। डा भीम राव अम्बेडकर की पावन जयंती पर निकाली गई शोभा यात्रा पर सहारनपुर के दुधाली गाँव में जिहादी तत्वों द्वारा जो हमला किया गया उसकी घोर निंदा की है हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश कौशिक एवं राष्ट्रीय महामंत्री मुन्ना कुमार शर्मा ने आज कहा कि इस हमले से यह स्पष्ट हो गया है कि दलित-मुस्लिम एकता का जो नारा कुछ मुस्लिम नेताओं द्वारा दिया गया था वह केवल एक छलावा था। इसका उद्देश्य हिन्दू समाज को बाँट कर अपनी राजनैतिक रोटियाँ सेंकना ही था। अब उन नेताओं की नीयत की पोल खुल गई है। जिहादी तत्वों ने एक बार पुनः स्पष्ट कर दिया है कि वे सभी हिन्दुओं को काफिर समझाते हैं। बिहार, बंगाल, केरल व पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित सम्पूर्ण देश में पिछले दिनों हिन्दुओं पर हुए हमलों ने यह बात और स्पष्ट कर दी है। गत कई वर्षों से इस गाँव में डा अम्बेडकर की शोभायात्रा को प्रवेश नहीं मिलता था। इस बार जब यात्रा ने गाँव में प्रवेश किया तो उस पर हिंसक हमला किया गया जिसमें, कई लोग घायल हो गए। हिन्दू महासभा ने हमलावरों के विरुद्ध ऐसी कड़ी कार्यवाही की मांग भी की है जिससे जिहादी तत्व आगामी किसी शोभायात्रा पर हमले का दुस्साहस न कर सकें।
हिन्दू महासभा नेताओं ने कहा कि दलित मुस्लिम एकता का भ्रम निर्माण करने का यह पहला प्रयास नहीं है। स्वयं बाबा अम्बेडकर को इस षड्यंत्र में फंसाने की कोशिश की गई थी। हैदरावाद के निजाम ने इसी तरह का प्रस्ताव कुछ प्रलोभनों के साथ डा साहब के समक्ष रखा था किन्तु, वे दूरदर्शी थे, जिन्हें, न तो किसी प्रकार के छलावे में ही फंसाया जा सकता था और ना ही उन्हें खरीदने की किसी की औकात थी। निजाम के प्रस्ताव को ठुकराते हुए उन्होंने कहा कि ‘जिहादियों के लिए सभी हिन्दू काफिर हैं। वे किसी को नहीं छोड़ेंगे’। हालांकि, एक अन्य दलित नेता डा गोपाल इस भ्रम में फंस कर पाकिस्तान में मंत्री तो बन गए किन्तु वहां के दलित समाज पर हुए अनवरत अत्याचारों को देख उनका भी यह भ्रम टूट गया और अंततोगत्वा वे भी शीघ्र अपनी मातृभूमि भारत लौट आए। उन्होंने भी इस षडयंत्र का भंडाफोड़ किया था।
राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री वीरेश त्यागी ने कहा कि दलित समाज का इतिहास इस बात का साक्षी है कि वे किसी अन्य हिन्दू से कम धर्मप्रेमी नहीं हैं। अपितु देश, धर्म व गौ रक्षार्थ उनका समर्पण सदैव गौरवशाली व अनुकरणीय रहा है। अस्पृश्यता व भेदभाव के अभिशाप से मुक्ति हेतु एक तीव्र लहर चल पड़ी है जो और तेज गति पकड़कर इस पाप को हमेशा के लिए समाप्त करेगी। इस अभिशाप को मिटाने में यही भेद निर्माण करने वाले नेता बाधाएं डालते हैं और डा अम्बेडकर के सामनों को पूरा नहीं होने देते।
हिन्दू महासभा नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि अब इन स्वार्थी सैक्यूलरिस्ट राजनेताओं और जिहादी नेताओं के नापाक गठबंधन की चालों को देशभक्त समाज समझ चुका है। हिन्दू समाज का विभाजन कर देश को अपने कब्जे में लेने का इनका षडयंत्र अब पूरा नहीं हो सकेगा। देश भक्त जनता इनको मुंहतोड़ जबाव देगी।

चन्दप्रकाश कौशिक
राष्ट्रीय अध्यक्ष

बाबरी मस्जिद विध्वंस में सम्मिलित कारसेवक साजिश कर्ता नहीं राष्ट्र के गौरव थे, बाबरी मस्जिद देश में कहीं भी बनने नहीं देंगे-हिन्दू महासभा

नई दिल्ली 21 अप्रैल, 2017

बाबरी मस्जिद विध्वंस में सम्मिलित कारसेवक साजिश कर्ता नहीं राष्ट्र के गौरव थे, बाबरी मस्जिद देश में कहीं भी बनने नहीं देंगे-हिन्दू महासभा

अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने कहा है कि देश के लिये कलंक बाबरी मस्जिद के विध्वंस में सम्मिलित सभी कारसेवक राष्ट्र के गौरव थे। हिन्दू महासभा को ऐसे कारसेवकों पर गर्व है। श्री शर्मा ने कहा कि भाजपा, आरएसएस, विश्व हिन्दू परिषद, हिन्दू महासभा, बजरंग दल, शिव सेना सहित कई सामाजिक, धार्मिक व राजनीतिक संगठनों के कार्यकर्ता व पदाधिकारी 06 दिसम्बर 1992 को अयोध्या जुटे थे। सभी कारसेवकों का एक मात्र लक्ष्य था देश के लिये कलंक बाबरी मस्जिद को मिटा देना। सभी सम्मिलित कारसेवकों ने मिलकर देश के कलंक को मिटाया व भगवान राम मंदिर निर्माण आंदोलन के लिये शहीद होने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिये लगभग 5000 आंदोलनकारी शहीद हुए थे। मुख्यमंत्री रहते हुए मुलायम सिंह यादव ने सैकड़ां आंदोलनकारियों को गोलियां से छलनी करबा दिया था तथा उनकी लाशों को गायब करा दिया था। बाबरी मस्जिद का विध्वंस उसकी प्रतिक्रिया तथा शहीदों को श्रद्धांजलि थी। इसलिये बाबरी मस्जिद विध्वंस में सम्मिलित कारसेवक साजिशकर्ता नहीं, बल्कि देश के नायक थे। हिन्दू महासभा बाबरी विध्वंस के मुकदमों में फंसे कारसेवकों का पूर्ण सहयोग व समर्थन करेगी।
वहीं अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने कहा है कि हिन्दू महासभा आक्रमणकारी व लुटेरा बाबर के नाम पर कहीं भी बाबरी मस्जिद का निर्माण नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि बाबर हिन्दुस्तान का नहीं था। उसने लाखां हिन्दुओं का धर्मांतरण कराया तथा हजारों हिन्दू मदिरों का विध्वंस किया था। बाबर के सेनापति मीर बाकी ने भगवान राम के जन्म स्थान पर बने राम मंदिर को तोड़कर बाबरी मस्जिद बनाया था। परन्तु वर्षों से उस मस्जिद में कोई इबादत या नमाज नहीं पढ़ी जा रही थी। इसलिये कारसेवकों ने इस ढ़ांचे को तोड़कर देश के कलंक को मिटाया तथा भारतीय संस्कृति की रक्षा की।

मुन्ना कुमार शर्मा
राष्ट्रीय महासचिव
फोनः09312177979

अजान के समय मस्जिदों में लाऊडस्पीकर के प्रयोग पर राष्ट्रीय स्तर पर पूर्ण रोक लगाने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार।
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :-अजान के समय मस्जिदों में लाऊडस्पीकर के प्रयोग पर राष्ट्रीय स्तर पर पूर्ण रोक लगाने की मांग।

महोदय,

हिन्दुस्तान की कानून-व्यवस्था, शांति व्यवस्था, भारतीय संस्कृति की रक्षा एवं देश में सांप्रदायिक सौहार्द्र कायम करने के लिये निम्नलिखित निर्णय लेने की कृपा करें :-
1.अजान के समय मस्जिदों में लाऊडस्पीकर के प्रयोग पर राष्ट्रीय स्तर पर पूर्ण प्रतिबंध लगायें। क्योंकि लाऊडस्पीकर के माध्यम से सांप्रदायिक बातें थोपी जाती हैं। लाऊडस्पीकर द्वारा लोगों को भड़काया जाता है तथा हिन्दुओं के विरूद्ध मुसलमानों को उकसाया जाता है। कई बार मस्जिदों के लाऊडस्पीकर के माध्यम से मुस्लिमों को भड़काया गया तथा दंगा कराया गया। इसलिये इस पर तुरन्त प्रतिबंध लगना चाहिए।
2.देश में पूर्ण शराबबंदी लागू करें। शराब की खुलेआम बिक्री के कारण परिवार में झगड़ा व विवाद होता है। इससे पारिवारिक माहौल खराब होता है। अपराध में भी वृद्धि होती है। इसलिये पूरे देश में शराब की बिक्री पर पूर्ण रोक लगे। गुजरात और बिहार में शराबबंदी से परिणाम अच्छा आया है। इसे पूरे देश में लागू करने की तत्काल आवश्यकता है।
3.सभी अवैध बूचड़खानों व मांस की अवैध दुकानों को हमेशा के लिये बंद रखा जाये। बूचड़खानों तथा मांस की बिक्री के लिये लाइसेंस लेने की प्रक्रिया में शासन तथा न्यायालय के आदेशों का पूर्ण रूप से पालन हो तथा सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण, सफाई, स्वास्थ्य आदि का पूर्ण ध्यान रखा जाये।
4.बीफ निर्यात के नाम पर गौमांस का निर्यात किया जा रहा है। इसे तत्काल रोकने का कार्य करें तथा ऐसे निर्यातकों पर प्रतिबंध लगायें।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

श्री लालकृष्ण आडवाणी जी को राष्ट्रपति व श्री मुरलीमनोहर जोशी जी को उपराष्ट्रपति बनाने का अनुरोध।

प्रतिष्ठा में,
1.श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार।
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

2.श्री अमित शाह जी,
माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष, भाजपा

विषय :-श्री लालकृष्ण आडवाणी जी को राष्ट्रपति व श्री मुरलीमनोहर जोशी जी को उपराष्ट्रपति बनाने का अनुरोध।

महोदय,
श्री लाल कृष्ण आडवाणी जी व श्री मुरली मनोहर जोशी जी देश के शीर्षस्थ राजनैतिक नेता होने के साथ-साथ राष्ट्रवादी व हिन्दूवादी विचारों के धनी हैं। अयोध्या में श्रीराम जन्म भूमि मंदिर आंदोलन के नायक भी हैं। उन्होंने राम मंदिर आंदोलन में अपने प्रयासों से भाजपा को दो सीटों से सŸा तक पहुंचाया है। गृह मंत्री व मानव संसाधन विकास मंत्री रहकर उन्होंने देश के लिये बड़ा कार्य किया है। पिछले कई वर्षों से बाबरी मंस्जिद विध्वंस मामले में उन्हें फंसाने का प्रयास चलता रहा है। परन्तु दोनों ही निर्दोष हैं। उन्होंने कोई गलत कार्य नहीं किया है। बाबरी मस्जिद तो हिन्दुस्तान के लिये कलंक था। कार सेवकों ने उसे तोड़कर रामलला को मुक्त कराया तथा देश के सबसे बडे कलंक को समाप्त कर दिया था। आडवाणीजी, जोशीजी, उमा भारतीजी, कल्याणं सिंह जी सहित कारसेवा में सम्मिलित होने वाले सभी लोग देश के नायक हैं। देश को उन पर गर्व है। इसके साथ-साथ आडवाणीजी व जोशीजी को राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति बनाने में कोई कानूनी अड़चन नहीं है। उच्चतम न्यायालय ने तो केवल ट्रायल का निर्देश दिया है। उन्हें देश के सर्वोच्च पद पर निर्वाचित करने से राममंदिर के आंदोलनकारियों व कारसेवकों को सम्मान मिलेगा। हिन्दू महासभा आडवाणीजी व जोशीजी सहित सभी कारसेवकों का पूरा सहयोग व समर्थन करेगी। केन्द्रीय मंत्री उमा भारतीजी व राज्यपाल कल्याण सिंहजी को नैतिकता के आधार पर त्याग पत्र देने की कोई जरूरत नहीं है।वे लोग पूर्णतः निर्दोष हैं।
अतः आपसे अनुरोध है कि श्री लालकृष्ण आडवाणी जी को भारत का राष्ट्रपति व श्री मुरलीमनोहर जोशी जी को उपराष्ट्रपति बनाने की दिशा में कार्य शुरू कर दें।

सादर,
भवदीय

प्रतिलिपि
1. माननीय श्री लाल कृष्ण आडवाणी जी, सांसद। मुन्ना कुमार शर्मा
2. माननीय श्री मुरली मनोहर जोशी जी, सांसद । राष्ट्रीय महासचिव
फोनः 9312177979

आडवाणी राष्ट्रपति, जोशी उपराष्ट्रपति बनें, उमा भारती, कल्याण सिंह को त्याग पत्र देने की आवश्यकता नहीं-हिन्दू महासभा

नई दिल्ली 20 अप्रैल, 2017

आडवाणी राष्ट्रपति, जोशी उपराष्ट्रपति बनें, उमा भारती, कल्याण सिंह को त्याग पत्र देने की आवश्यकता नहीं-हिन्दू महासभा

अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से लालकृष्ण आडवाणी को राष्ट्रपति एवं मुरली मनोहर जोशी को उपराष्ट्रपति बनाने की मांग की है। श्री शर्मा ने कहा है कि आडवाणी व जोशी देश के शीर्षस्थ राजनैतिक नेता होने के साथ-साथ राष्ट्रवादी व हिन्दूवादी विचारों के धनी हैं। अयोध्या में श्रीराम जन्म भूमि मंदिर आंदोलन के नायक भी हैं। उन्होंने राम मंदिर आंदोलन में अपने प्रयासों से भाजपा को दो सीटों से सŸा तक पहुंचाया है। गृह मंत्री व मानव संसाधन विकास मंत्री रहकर उन्होंने देश के लिये बड़ा कार्य किया है। पिछले कई वर्षों से बाबरी मंस्जिद विध्वंस मामले में उन्हें फंसाने का प्रयास चलता रहा है। परन्तु दोनों ही निर्दोष हैं। उन्होंने कोई गलत कार्य नहीं किया है। बाबरी मस्जिद तो हिन्दुस्तान के लिये कलंक था। कार सेवकों ने उसे तोड़कर रामलला को मुक्त कराया तथा देश के सबसे बडे कलंक को समाप्त कर दिया था। आडवाणी, जोशी, उमा भारती, कल्याणं सिंह सहित कारसेवा में सम्मिलित होने वाले सभी लोग देश के नायक हैं। हिन्दू महासभा को उन पर गर्व है। इसके साथ-साथ आडवाणी व जोशी को राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति बनाने में कोई कानूनी अड़चन नहीं है। उच्चतम न्यायालय ने तो केवल ट्रायल का निर्देश दिया है। उन्हें देश के सर्वोच्च पद पर निर्वाचित करने से राममंदिर के आंदोलनकारियों व कारसेवकों को सम्मान मिलेगा। हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महासचिव श्री शर्मा ने कहा कि महासभा आडवाणी व जोशी का पूरा सहयोग व समर्थन करेगी। इसके साथ-साथ श्री शर्मा ने कहा कि केन्द्रीय मंत्री उमा भारती व राज्यपाल कल्याण सिंह को नैतिकता के आधार पर त्याग पत्र देने की कोई जरूरत नहीं है।वे लोग पूर्णतः निर्दोष हैं।

मुन्ना कुमार शर्मा
राष्ट्रीय महासचिव
फोनः09312177979

नागरिक अभिनंदन समारोह में उपस्थित रहने की अनुमति देने व दिन तथा समय निर्धारित करने हेतु अनुरोध।

प्रतिष्ठा में,
श्री आदित्यनाथ योगी जी,
माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश।

विषय :-नागरिक अभिनंदन समारोह में उपस्थित रहने की अनुमति देने व दिन तथा समय निर्धारित करने हेतु अनुरोध।
महोदय,
आपके मुख्यमंत्री बनने पर अखिल भारत हिन्दू महासभा परिवार को अपार हर्ष हुआ है। अपने परिवार के सदस्य के मुख्यमंत्री बनने पर पूरा हिन्दू महासभा परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है। हिन्दू महासभा परिवार आपका नागरिक अभिनंदन करना चाहता है।
कृपया नागरिक अभिनंदन समारोह के आयोजन, समारोह में उपस्थित रहने की अनुमति देने व समारोह का दिन व समय निर्धारित करने की स्वीकृति प्रदान करें। कृपया पत्र द्वारा निर्धारित दिन व समय की सूचना समय से प्रदान कराने की कृपा करें।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

मुस्लिम ला बोर्ड सभी मुस्लिम समस्याओं का निर्माताः हिन्दू महासभा

नई दिल्ली 18 अप्रैल, 2017

मुस्लिम ला बोर्ड सभी मुस्लिम समस्याओं का निर्माताः हिन्दू महासभा

आल इण्डिया मुस्लिम पर्शनल ला बोर्ड की घोषणा में केवल पुरानी बातों को ही दोहराया गया है। उसने तीन तलाक को नाजायज ठहराने की बजाए, केवल बे-बजह तलाक लिया जाता है। तो, समाज उसका बहिस्कार करेगा, यह कहा है। वह नाजायज है कि नहीं, यह तय करने का अधिकार भी उन्हीं मुल्ला-मौलवियों का होगा. अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश कौशिक एवं राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने आज कहा कि मध्य युगीन परम्पराओं में जीने वाले ये वही लोग हैं जो आज भी उस युग की बर्बर परम्पराओं को ही अपना धर्म तथा महिलाओं को भोग की वस्तु समझते हैं। अपनी आधी आवादी को ये सामान्य मानव अधिकार भी देने को तैयार नहीं हैं। तलाक देने का अधिकार महिलाओं को भी उतना ही मिले जितना पुरुषों को है, किन्तु, ये उसके लिए तैयार नहीं हैं। ऊपर से, निकाह हलाला जैसी बर्बर अमानवीय परम्परा को भी उचित ठहराकर इन लोगों ने महिलाओं के प्रति अपना दृष्टिकोण स्पष्ट करा दिया है। इसलिए, मुस्लिम महिलाओं को मानवाधिकार दिलाने हेतु अब केंद्र सरकार को इस संबंध में आवश्यक कानून अविलम्ब बनाना चाहिए।
बोर्ड के राम मन्दिर संबंधी बयान पर अपनी प्रतिक्रया व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री वीरेश त्यागी ने कहा कि इस मामले में भी बोर्ड ने अपनी हठ-धर्मिता को ही दोहराया है। वे राम जन्म भूमि के मामले में तो न्यायालय का निर्णय चाहते हैं किन्तु, तीन तलाक में न्यायालय का हस्तक्षेप नहीं। उनकी इस दोहरी मानसिकता से ही स्पष्ट हो जाता है कि वे न्यायपालिका का कितना सम्मान करते हैं। इसलिए उनके बहकावे में आने की बजाए केंद्र सरकार को आगे बढ़कर तीन तलाक, हलाला व बहु विवाह जैसी बर्बर परम्पराओं को समाप्त करने हेतु अतिशीघ्र कानून लाना चाहिए। मुस्लिम महिलाओं तथा जागृत मुस्लिम समाज की मांग भी यही है।
हिन्दू महासभा नेताओं ने कहा कि मुस्लिम पर्शनल ला बोर्ड अब दिवालिया हो चुका है, जिसका मुस्लिम समाज में न कोई जनाधार है और न ही यह सम्पूर्ण मुस्लिम समाज की भावनाओं का प्रतिनिधित्व भी करता है। वल्कि, यह केवल उनमें कट्टरता को बढ़ाकर अपनी उपयोगिता सिद्ध करना चाहता है। अतः इसकी पूर्ण रूपेण उपेक्षा कर देनी चाहिए. तभी, मुस्लिम समाज से सम्बंधित सभी समस्याओं का समाधान हो पाएगा।

(वीरेश त्यागी)
राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

अजान के समय मस्जिदों में लाऊडस्पीकर के प्रयोग पर पूर्ण रोक लगाने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री आदित्यनाथ योगी जी,
माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश।

विषय :-अजान के समय मस्जिदों में लाऊडस्पीकर के प्रयोग पर पूर्ण रोक लगाने की मांग।

महोदय,
उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, शांति व्यवस्था एवं सांप्रदायिक सौहार्द्र के लिये निम्नलिखित निर्णय लेंः-
1.अजान के समय मस्जिदों में लाऊडस्पीकर के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगायें। क्योंकि लाऊडस्पीकर के माध्यम से सांप्रदायिक बातें थोपी जाती हैं। लाऊडस्पीकर द्वारा लोगों को भड़काया जाता है तथा हिन्दुओं के विरूद्ध मुसलमानों को उकसाया जाता है। कई बार मस्जिदों के लाऊडस्पीकर के माध्यम से मुस्लिमों को भड़काया गया तथा दंगा कराया गया। इसलिये इस पर तुरन्त प्रतिबंध लगना चाहिए।
2. उत्तर प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी लागू करें। शराब की खुलेआम बिक्री के कारण परिवार में झगड़ा व विवाद होता है। इससे पारिवारिक माहौल खराब होता है। अपराध में भी वृद्धि होती है। इसलिये पूरे उत्तर प्रदेश में शराब की बिक्री, भंडारण एव उत्पादन पर पूर्ण रोक लगे। गुजरात और बिहार में शराबबंदी से परिणाम अच्छा आया है। इसे उत्तर प्रदेश में भी लागू करने की तत्काल आवश्यकता है।
3. सभी अवैध बूचड़खानों व मांस की दुकानों को हमेशा के लिये बंद रखा जाये। बूचड़खानों तथा मांस की बिक्री के लिये लाइसेंस लेने की प्रक्रिया में शासन तथा न्यायालय के आदेशों का पूर्ण रूप से पालन हो तथा सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण, सफाई, स्वास्थ्य आदि का पूर्ण ध्यान रखा जाये।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव
फोनः 9312177979