बैंक लाकर में रखे सामान की सुरक्षा व बैंकों की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार।
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- बैंक लाकर में रखे सामान की सुरक्षा व बैंकों की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने की मांग।

महोदय,
आपको ज्ञात है कि बैंकों के लाकरों में रखे सामान (नकद, सोना आदि) की जिम्मेदारी बैंक नहीं लेता है। बैंक सामान की सुरक्षा की जिम्मेदारी ग्राहकों पर ही छोड़ देता है। जबकि यह संभव नहीं है कि बैंक लाकर की सुरक्षा ग्राहक स्वयं कर सके।
पिछले दिनों में बैंक लाकरों को तोड़कर चोरी तथा लूट की घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है। इन घटनाओं में बैंक कर्मचारियों की संलिप्तता भी हो सकती है। बैंक शाखाओं एवं लाकरों की सुरक्षा बैंक प्रबंधन के अधीन है। ऐसे में बैंक सुरक्षा की जिम्मेदारी ग्राहकों पर कैसे छोड़ सकता है।
कृपया ग्राहकों के हितों को सुरक्षित करने के लिये निम्नलिखित निर्णय लेने की कृपा करेंः-

1. बैंक लाकरों की सुरक्षा सुनिश्चित करायी जाये।
2. लाकरों में रखे सामान की जिम्मेदारी बैंकों की तय करायी जाये। ग्राहकों को सामान की जिम्मेदारी से मुक्त किया जाये।
3. लाकरों में रखे सामान का बीमा कराया जाये, ताकि चोरी, लूट आदि घटनाओं से हुई क्षति की पूर्ति ग्राहकों को बीमा कंपनियों द्वारा करायी जाये।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

प्रतिलिपि
1. माननीय वित्त मंत्री, भारत सरकार।
2. गवर्नर, भारतीय रिजर्व बैंक।

जम्मू-कश्मीर राज्य में सुश्री महबूबा मुफ्ती की सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करने व अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक को गिरफ्तार करने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार।
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- जम्मू-कश्मीर राज्य में सुश्री महबूबा मुफ्ती की सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करने व अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक को गिरफ्तार करने की मांग।

महोदय,
आपको ज्ञात है कि जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में जाकिया मस्जिद के बाहर सुरक्षा में तैनात डीएसपी मोहम्मद अयूब पंडित की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। यह हत्या जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक द्वारा भीड़ को उकसाने के बाद की गई है। इस हत्याकांड में मीरवाइज ने षड़्यंत्र रचकर एक वीर सिपाही की हत्या करबा दी। जम्मू-कश्मीर में लगातार जम्मू-कश्मीर पुलिस, अर्द्धसैनिक बल तथा भारतीय सेना के जबानों की हत्या करवायी जा रही है तथा भारतीय सेना के जबानों की हत्या करवायी जा रही है तथा सेना व अद्धसैनिक बलों के जबानों के कैम्पां पर भी लगातार हमले हो रहे हैं। बेकाबू भीड़ व पत्थरबाज लगातार सेना व पुलिस पर हमले कर रहा है। परन्तु जम्मू-कश्मीर में सुश्री महबूबा मुफ्ती की सरकार द्वारा हिंसा पर नियंत्रण करने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर तथा पूरे भारत में शांति बहाली व आतंकवाद को कुचलने के लिये निम्न कार्यवाही तुरन्त करने की कृपा करें :-
1. सुश्री महूबबा मुफ्ती की सरकार को बर्खास्त कर जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लागू करें।
2. आंतकवाद को कुचलने के लिये भारतीय सेना व अर्द्धसैनिक बलों को पूर्ण अधिकार दिया जाये तथा पूरे प्रदेश को सेना के नियंत्रण में दिया जाये।
3. शहीद डीएसपी मोहम्मद अयूब पंडित की हत्या का षड़्यंत्र रचने के आरोपी अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया जाये।
4. पाकिस्तान व वहां की खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ मिलकर भारत में आतंकवाद फैलाने वाले कश्मीरी अलगाववादी नेताओं पर कड़ी कार्रवाई की जाये।
5. संविधान की धारा-370 को समाप्त कर बाहर के राज्यों के निवासियों व सेवानिवृत सैनिकों को जम्मू-कश्मीर में बड़े पैमाने पर बसाया जाये।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

डाक विभाग में डाकियों और मेल गार्डों के पदों पर भर्ती में अंग्रेजी ज्ञान की अनिवार्यता अवांछित होना ।

प्रतिष्ठा में,
श्री किरेन रिजिजु जी,
गृह राज्य मंत्री, भारत सरकार
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली-110001

विषय :- डाक विभाग में डाकियों और मेल गार्डों के पदों पर भर्ती में अंग्रेजी ज्ञान की अनिवार्यता अवांछित होना ।

महोदय,

संसद के दोनों सदनों में सर्वसम्मति से पारित संकल्प 1968 के प्रावधानों का खुला उल्लंघन करते हुए 11 दिसंबर, 2016 को डाक विभाग में डाकियों और मेल गार्डों की भर्ती परीक्षा में अंग्रेजी का अनिवार्य ज्ञान रखा गया । डाक विभाग अखिल भारतीय विभाग है और समाचार से स्पष्ट है कि हिन्दी भाषी क्षेत्रों के अनेक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए । अंग्रेजी का ज्ञान अनिवार्य रखकर हिन्दीभाषी क्षेत्र के अभ्यर्थियों को भर्ती से दूर रखने की कोशिश तो है ही, साथ-साथ संसदीय संकल्प का उल्लंघन है और देश की जनता पर अंग्रेजी थोपने का कुप्रयास है । विश्वास है कि तत्काल अंग्रेजी के विकल्प में हिंदी का ज्ञान अनिवार्य किया जाएगा अथवा अंग्रेजी के साथ हिंदी का ज्ञान भी अनिवार्य किया जाएगा । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) संपादक
(वीरेश त्यागी) प्रबंध संपादक

केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण और अन्य अधिकरणों की भाषा अंग्रेजी होना ।

प्रतिष्ठा में,
श्री राजनाथ सिंह जी,
माननीय गृह मंत्री, भारत सरकार
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली-110001

विषय :- केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण और अन्य अधिकरणों की भाषा अंग्रेजी होना ।

महोदय,
निवेदन है कि केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण, राष्ट्रीय हरित अधिकरण आदि जैसे अनेक अधिकरणों के नियमों में “अधिकरण की भाषा अंग्रेजी होगी” प्रावधान रखा गया है । अनेक विधि वेत्ताओं का यह स्पष्ट मत है कि 1965 के बाद किसी भी सरकारी प्राधिकरण, आयोग और अधिकरण आदि की भाषा अंग्रेजी नहीं रखी जा सकती, किन्तु राजभाषा अधिनियम 1963 के अनुसार उक्त अधिकरण आदि की भाषा हिंदी होगी, लिखा जाना चाहिए और अधिकरण आदि की कार्यवाहियों में अंग्रेजी का प्रयोग किया जा सकेगा, यह प्रावधान होना चाहिए ।
अधिकरण की भाषा अंग्रेजी होगी, यह प्रावधान संविधान के विरुद्ध है, क्योंकि अब भारत संघ की राजभाषा अंग्रेजी नहीं है और हिंदी है, इसलिए राजभाषा अधिनियम 1963 के अनुसार ही भाषा संबंधी प्रावधान होने चाहिएँ ।
इसलिए निवेदन है कि सभी अधिकरणों, आयोगों और प्राधिकरणों आदि के भाषा संबंधी प्रावधानों की समीक्षा कराने की तत्काल आवश्यकता है और इन सब में राजभाषा नियमों के पालन पर विशेष दृष्टि रखी जानी समय की माँग है । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

देशभर के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों, इंजीनियरी कॉलेजों आदि में हिंदी माध्यम जे.ई.ई. परीक्षा पास कर प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों की कठिनाइयों का निराकरण किया जाना ।

प्रतिष्ठा में,
श्री प्रकाश जावडे़कर जी,
माननीय मानव संसाधन विकास मंत्री, भारत सरकार
शास्त्री भवन, डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद मार्ग, नई दिल्ली-110001

विषय :- देशभर के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों, इंजीनियरी कॉलेजों आदि में हिंदी माध्यम जे.ई.ई. परीक्षा पास कर प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों की कठिनाइयों का निराकरण किया जाना ।

महोदय,

निवेदन है कि राष्ट्रपति जी के लगभग 25 वर्ष पुराने आदेशों के अनुसार केन्द्रीय शिक्षण संस्थानों में हिंदी माध्यम से पढ़ाई और परीक्षा देने के प्रबंध करने आवश्यक हैं। प्रसंगगत पत्र से और दिनांक 3 अप्रैल, 2017 के नवभारत टाइम्स में प्रकाशित समाचार से यह स्पष्ट है कि ठभ्।त्ज्प्व्ल्भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में हिंदी माध्यम से प्रविष्ट छात्रों को कठिन समस्याओं का सामना इसलिए करना पड़ रहा है क्योंकि सरकार अपने हिंदी के विकास और प्रसार बढ़ाने के दायित्व के प्रति अपेक्षित रूप में क्रियाशील नहीं है, यद्यपि यह संविधान के अनुच्छेद 351 में अपेक्षित है ।
हिंदी माध्यम में और मिले-जुले माध्यम में पढ़ाई के पुरजोर प्रयत्न होने आवश्यक हैं। साथ-साथ सैमेस्टरों कीध्वार्षिक परीक्षाएँ हिंदी में भी देने की छूट तत्काल दी जानी आवश्यक है । सपोर्ट सिस्टम सुदृढ़ करने और अध्ययन सामग्री हिंदी में सुलभ कराने के भी निरंतर प्रयत्न होते रहें और उनकी समीक्षा भी होती रहे, यह भी व्यवस्था बनानी आवश्यक है।
निवेदन है कि मंत्रालय के उपसचिव स्तर के अधिकारी को इसका दायित्व सौंपने अथवा प्रबोधन कक्ष बनाने के बारे में विचार करने की कृपा करें । सौंपने और प्रबोधन कक्ष बनाने के बारे में विचार करने की कृपा करें । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) संपादक

तीन साल बाद देश का हाल ।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार।
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- तीन साल बाद देश का हाल ।

महोदय,

लेखक श्री प्रदीप सिंह ने भाजपा सरकार के 3 वर्षों के कार्यकलाप का सम्यक् विवेचन किया है । कुछ मामलों में लेखक ने सरकार के कार्यों की सराहना की है जैसे :-
तब कोई मंत्री अपने को प्रधानमंत्री से कम नहीं समझता था, सरकार का एजेंडा सोनिया गाँधी की अध्यक्षता वाली नेशनल एडवाइजरी कमेटी तय करती थी, अब फैसले न केवल हो रहे हैं बल्कि पारदर्शी और प्रभावी तरीके से लागू भी हो रहे हैं ।
1. परन्तु अपराध और भ्रष्टाचार की घटनाएँ कम होने का नाम नहीं ले रहीं ।
2. मुद्रा योजना के तहत साढ़े सात करोड़ लोगों को कर्ज दिलवाए हैं, लेकिन सरकार के पास ऐसा कोई आँकड़ा नहीं , जो बता सके कि कितने लोगों ने स्व-रोजगार अपनाया ।
3. किसानों व मजदूरों की स्थिति दयनीय हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों से लोग रोजगार की खोज में शहर की ओर पलायन कर रहे हैं।
4. औद्यौगिक विकास की गति रूक गई है।
5. बेरोजगारी को समाप्त करने के लिये ठोस योजना नहीं है।
6. पेट्रोल और डीजल का दाम बढ़ता जा रहा हैं।
7. गौहत्या लगातार हो रही है। गौतस्करी भी जारी है।
8. बीफ निर्यात के नाम पर निर्यातकों द्वारा गौमांस का निर्यात किया जा रहा है।

निवेदन है कि अपेक्षित दिशाओं में जानकारी एकत्रित कराने और उसके त्वरित समाधान के लिए उचित कदम उठाने संबंधी आदेश देने की कृपा करें ।
सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

तीन तलाक, बहुविवाह और हलाला पर रोक लगाने की मांग ।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार।
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- तीन तलाक, बहुविवाह और हलाला पर रोक लगाने की मांग ।

महोदय,
तीन तलाक, बहुविवाह और हलाला जैसे भीषण अत्याचारों से मुस्लिम महिलाओं को छुटकारा दिलाने के लिये निम्न तथ्यों का संज्ञान लेंः-
1. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड स्वयंभू बोर्ड है, जो हर हाल में अपने गलत कामों को सही ठहराने पर तुला हुआ है ।
2. इसके लिए वह कुरान को तोड़ने-मरोड़ने से भी परहेज नहीं करता ।
3. चारों सुन्नी मसलकों यानी संप्रदायों-हनफी, शाहफई, मालकी और हंबली के अनुसार तलाक कितनी बार बोला जाए, इसका संबंध एक अथवा एक से अधिक अवसरों पर घोषणा करने से नहीं है ।
4. लिखित दलीलों में बोर्ड ने तीन तलाक को चारों सुन्नी संप्रदायों में मान्य होने का दावा किया है । यह बिलकुल गलत है ।
5. बोर्ड की कानूनी और संवैधानिक हैसियत पर प्रश्न खड़े होने लगे हैं ।
6. बोर्ड ने पिछले 44 वर्षों में अपने उत्तरदायित्व का निर्वाह ठीक ढंग से नहीं किया है ।

अतः यह सर्वथा उचित और आवश्यक है कि-
1. तीन तलाक, बहुविवाह और हलाला जैसी क्रूरतम प्रथाएँ तुरंत निरस्त कर दी जाएँ ।
2. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को अवैध घोषित कर दिया जाए ।
3. केन्द्रीय मुस्लिम वक्फ बोर्ड के कब्जे वाली संपत्ति का अधिग्रहण कर लिया जाए और बोर्ड को समाप्त कर दिया जाए क्योंकि बोर्ड के कब्जे वाली भूमि हिन्दुओं से छीनी हुई भूमि है ।
4. तलाकशुदा पीड़िता मुस्लिम बहनों से विवाह करने वाले हिन्दुओं को विशेष प्रोत्साहन दिया जाए और उन्हें नौकरी दिए जाने का/स्व-रोजगार शुरू करने के अवसर प्रदान किए जाएँ ।

इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

मिजोरम में हिंदी शिक्षकों की दुर्दशा ।

प्रतिष्ठा में,
श्री प्रकाश जावडेकर जी,
माननीय मानव संसाधन विकास मंत्री, भारत सरकार
शास्त्री भवन, डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद मार्ग, नई दिल्ली-110001

विषय :- मिजोरम में हिंदी शिक्षकों की दुर्दशा ।

महोदय,

लेखक श्री विनोद बब्बर ने मिजोरम के स्कूलों में हिंदी शिक्षकों की दुर्दशा का चिंताजनक वर्णन प्रस्तुत किया है । 1305 हिंदी शिक्षकों का वेतन इसलिए बंद कर दिया गया है क्योंकि उन्हें अब केंद्र सरकार से राज्य सरकार को हिंदी शिक्षकों के वेतन के लिए 5 वर्ष तक दी जाने वाली धनराशि रुक गई है । चूँकि विद्यमान व्यवस्था के अनुसार राज्य सरकार को 5 वर्ष के बाद हिंदी शिक्षकों का वेतन देना है, जोकि मिजोरम सरकार दे नहीं रही है, इसलिए हिंदी शिक्षक भूख हड़ताल पर हैं और अनेक बीमार हो गए हैं । महिला शिक्षिकाओं का गर्भपात हुआ है ।
इस प्रसंग में निवेदन है कि तत्काल :-
1.मिजोरम सरकार से संपर्क करके इस मामले को उठाया जाए और हिंदी शिक्षकों के वेतन की व्यवस्था कराई जाए ।
2.केंद्र सरकार हिंदी शिक्षण के लिए अनुदान की अवधि तब तक के लिए बढ़ाए, जब तक राज्य सरकार हिंदी शिक्षकों का वेतन देने के लिए तैयार न हो जाए ।
3.केन्द्रीय हिंदी निदेशालय, इसके लिए विशेष अनुदान की व्यवस्था करे ताकि हिंदी शिक्षकों को, जो कठिन क्षेत्र में हिंदी की सेवा कर रहे हैं, उन्हें भुखमरी से बचाया जा सके ।

इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) संपादक
(वीरेश त्यागी) प्रबंध संपादक

आयकर विवरणी फार्म तथा आयकर विभाग की सभी ऑनलाइन सेवाएँ जुट अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी में भी उपलब्ध कराने हेतु ।

प्रतिष्ठा में,
श्री अरुण जेटली जी,
माननीय वित्त और कंपनी मामले मंत्री, भारत सरकार
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली-110001

विषय :- आयकर विवरणी फार्म तथा आयकर विभाग की सभी ऑनलाइन सेवाएँ जुट अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी में भी उपलब्ध कराने हेतु ।

महोदय,
यह बहुत आवश्यक है कि आयकर विवरणी के फार्म, आयकर विवरणी सीधे कम्प्यूटर से दाखिल करने की व्यवस्था, पैनकार्ड के लिए भी कम्प्यूटर से आवेदन का प्रबंध आदि अविलंब हिंदी में सुलभ हों ।
आयकर विवरणी के फार्म आयकर कार्यालयों में हिंदी में नहीं सुलभ होते, जबकि राजभाषा नियमावली 1976 के नियम 11 के अनुसार सब फार्म हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओँ में साथ-साथ प्रकाशित होने अनिवार्य हैं । आप कृपया अभी से मंत्रालय के राजभाषा कक्षध्प्रभाग से जाँच कराने का कष्ट करें कि उक्त फार्म हिंदी और अंग्रेजी में साथ-साथ प्रकाशित हुए हैं या नहीं । एक तरफ तो सरकार प्रयत्नशील है कि छोटे-बड़े सब व्यापारी आयकर विवरणी दाखिल करें और इसके विपरीत आचरण करते हुए आयकर विभाग हिंदी में फार्म भी सुलभ नहीं करा सकता अर्थात अंग्रेजी थोपने का कदाचार करते हुए यह आशा की जाती है कि अंग्रेजी न जानने वाले भी अंग्रेजी में विवरणी दाखिल करें ।
कृपया इस कदाचार का संज्ञान अवश्य लिया जाए । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) संपादक
(वीरेश त्यागी) प्रबंध संपादक