लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश के कुछ महत्त्वपूर्ण नगरों में चौराहों पर सम्राट भरत की प्रतिमाएं स्थापित कराने का अनुरोध ।

प्रतिष्ठा में,

श्री आदित्य नाथ योगी जी महाराज,
माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
विधान भवन, लखनऊ

विषय :- लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश के कुछ महत्त्वपूर्ण नगरों में चौराहों पर सम्राट भरत की प्रतिमाएं स्थापित कराने का अनुरोध ।

महोदय,

कई दशक पहले के इतिहास, समाज शास्त्र, नागरिक शास्त्र आदि की पुस्तकों में यह पढ़ाया जाता था कि भारतवर्ष का नाम महादेवी शकुंतला पुत्र उन महावीर भरत के नाम पर पड़ा है जो अपने बचपन में सिंहों के मुँह खोलकर उनके दांत गिना करते थे । किन्तु जैसे-जैसे सेक्युलरवाद का ढोंग और सेक्युलरिस्टों का दबदबा बढ़ता गया तो कांग्रेसी सरकारों ने ऐसे सब स्वाभिमान सूचक अथवा स्वाभिमान वर्धक प्रकरण पाठ्य पुस्तकों से हटा दिए और अत्यंत प्राचीन गरिमामयी घटनाएँ पुस्तकों से बाहर निकाल दी और उनके स्थान पर उनकी भर्त्सना करने वाली शब्दावली पुस्तकों में शामिल करा दी । धीरे-धीरे सद्संस्कार मिटने लगे और कुविचार पनपने लगे । कांग्रेस पार्टी वामपंथियों और अतिवामपंथियों के चंगुल में फंसी हुई थी और धीरे-धीरे कांग्रेसियों का परंपरावादी और राष्ट्रवादी दृष्टिकोण मिटता गया और वामपंथियों का नकारात्मक चिन्तन उन पर हावी हो गया ।

राज्य की वर्तमान सरकार भारत की प्राचीन उत्कृष्ट विश्वव्यापिनी संस्कृति के उत्थान में लगी है और कुछ प्रयत्न इस दिशा में शुरू हुए हैं । इस प्रसंग में यह सुझाव है कि महान भरत (शकुंतला पुत्र) के बचपन की सिंहों के दांत गिनते हुए की प्रतिमाएं लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश में कुछ महत्त्वपूर्ण नगरों के चौराहों पर स्थापित कराने का कार्यक्रम सरकार की ओर से आरंभ कराने का अनुरोध है । वामपंथियों की आलोचनाओं से बचने के लिए कुछ प्रतिमाएं सरकारी धन से स्थापित कराई जाएं और कुछ नगरों की नगर पालिकाओं से और कुछ की नगर निगमों के माध्यम से कराई जाएं । कुछ प्रतिमाएं सामाजिक संगठनों और सामाजिक दायित्वों के अंतर्गत गैर सरकारी कंपनियों के द्वारा भी स्थापित कराई जा सकती हैं । विश्वास है कि इस सुझाव पर शीघ्र विचार करके योजना बनवाने की और कार्यान्वयन की कृपा करेंगे । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

देहरादून सहित उत्तराखंड के कुछ महत्त्वपूर्ण नगरों में चौराहों पर सम्राट भरत की प्रतिमाएं स्थापित कराने का अनुरोध ।

प्रतिष्ठा में,

श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जी,
माननीय मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
4 सुभाष मार्ग, उत्तराखंड सचिवालय,
चौथा तल, नई बिल्डिंग,
देहरादून (उत्तराखंड)-248001

विषयः- देहरादून सहित उत्तराखंड के कुछ महत्त्वपूर्ण नगरों में चौराहों पर सम्राट भरत की प्रतिमाएं स्थापित कराने का अनुरोध ।

महोदय,

कई दशक पहले के इतिहास, समाज शास्त्र, नागरिक शास्त्र आदि की पुस्तकों में यह पढ़ाया जाता था कि भारतवर्ष का नाम महादेवी शकुंतला पुत्र उन महावीर भरत के नाम पर पड़ा है जो अपने बचपन में सिंहों के मुँह खोलकर उनके दांत गिना करते थे । किन्तु जैसे-जैसे सेक्युलरवाद का ढोंग और सेक्युलरिस्टों का दबदबा बढ़ता गया तो कांग्रेसी सरकारों ने ऐसे सब स्वाभिमान सूचक अथवा स्वाभिमान वर्धक प्रकरण पाठ्य पुस्तकों से हटा दिए और अत्यंत प्राचीन गरिमामयी घटनाएँ पुस्तकों से बाहर निकाल दी और उनके स्थान पर उनकी भर्त्सना करने वाली शब्दावली पुस्तकों में शामिल करा दी । धीरे-धीरे सद्संस्कार मिटने लगे और कुविचार पनपने लगे । कांग्रेस पार्टी वामपंथियों और अतिवामपंथियों के चंगुल में फंसी हुई थी और धीरे-धीरे कांग्रेसियों का परंपरावादी और राष्ट्रवादी दृष्टिकोण मिटता गया और वामपंथियों का नकारात्मक चिन्तन उन पर हावी हो गया ।
राज्य की वर्तमान सरकार भारत की प्राचीन उत्कृष्ट विश्वव्यापिनी संस्कृति के उत्थान में लगी है और कुछ प्रयत्न इस दिशा में शुरू हुए हैं ।
इस प्रसंग में यह सुझाव है कि महान भरत (शकुंतला पुत्र) के बचपन की सिंहों के दांत गिनते हुए की प्रतिमाएं देहरादून सहित उत्तराखंड के महत्त्वपूर्ण नगरों के चौराहों पर स्थापित कराने का कार्यक्रम सरकार की ओर से आरंभ कराने का अनुरोध है । वामपंथियों की आलोचनाओं से बचने के लिए कुछ प्रतिमाएं सरकारी धन से स्थापित कराई जाएं और कुछ नगरों की नगर पालिकाओं से और

कुछ की नगर निगमों के माध्यम से कराई जाएं । कुछ प्रतिमाएं सामाजिक संगठनों और सामाजिक दायित्वों के अंतर्गत गैर सरकारी कंपनियों के द्वारा भी स्थापित कराई जा सकती हैं । विश्वास है कि इस सुझाव पर शीघ्र विचार करके योजना बनवाने की और कार्यान्वयन की कृपा करेंगे । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस बांग्लादेश भेजने तथा उसके रोजगार प्राप्त करने पर पूर्ण रोक लगाने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार।
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस बांग्लादेश भेजने तथा उसके रोजगार प्राप्त करने पर पूर्ण रोक लगाने की मांग।

महोदय,

बंग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों के आतंक की अनेक दर्दनाक घटनाओं के समाचार आते रहते है। इसी संदर्भ में एन.सी.आर. के आधुनिक नगर नोएडा में 12 जुलाई को घटित अराजक घटना का कुछ विवरण यह है कि नोएडा के सेक्टर 78 की महागुन मार्डन सोसाइटी में अपनी पत्नी हर्षिता सेठी व एक आठ वर्षीय बेटे के साथ मर्चेंट नेवी के एक कैप्टन मितुल सेठी रहते हैं। उनके यहां दिसम्बर 2016 से एक जोरा बीबी नामक 30 वर्षीय बंग्लादेशी मुस्लिम महिला घरेलू काम करती आ रही थी। परंतु उनके घर से पिछले 2-3 माह से 1-2 नोट व कुछ और छुटपुट वस्तुऐं गायब होने लगी थी। जब 1-2 दिन पहले कुछ हजार रुपये चोरी हुए और उसका आरोप नौकरानी पर लगा कर पूछताछ की तथा पुलिस में शिकायत की बात करी तो वह वहां से भाग कर किसी अन्य टॉवर के फ्लैट में बीमारी का बहाना कर छिप गई । रात भर जब जोरा अपने घर नही पहुँची तो उसके पति अब्दुल सत्तार ने पुलिस में इसकी सूचना दी। यह बात अन्य काम करने वाले उस बस्ती के सभी घरेलू नौकर व नौकरानियों को पता चल गई। जिसके फलस्वरूप 12 जुलाई को प्रातः 6 बजे जोरा का पति बस्ती से सैंकड़ों लोगों की भीड़ लेकर इस सोसाइटी में पहुँचा और पूरी भीड़ ने वहां घंटों आतंक मचाया। सोसायटी के सारे निवासी घबराहट में अपने अपने फ्लैटों से बाहर नहीं निकले और इस प्रकार उन्मादी भीड़ घरों में लूटमार व तोड़फोड़ करने में लग गई जो कि इन धर्मांधों के लिए सामान्य बात है। लेकिन कैप्टन सेठी तो इतने अधिक घबरा गये कि उन्होंने अपने को व परिवार को बाथरुम में छिपा कर बचाया। वहां के लोगों को किसी अपराधी के पक्ष में खड़े होकर इस तरह की अराजकता का कोई आभास ही नहीं था। वैसे इस कांड से शिक्षा लेते हुए कुछ सोसाइटी वालों ने झुग्गियों में रहने वाले बंग्लादेशियों से काम न कराने का निर्णय किया। परंतु यह घटना सामान्य नहीं है।

आप सभी को स्मरण होगा कि 23 मार्च 2016 की रात को विकासपुरी, दिल्ली में भारत-बांग्लादेश के बीच हुए क्रिकेट मैच में भारत की जीत पर दिल्ली निवासी डॉ.पंकज नारंग द्वारा जश्न बनाये जाने के बाद उपजे एक छोटे से विवाद पर कुछ धर्मान्धों ने उनको दर्दनाक मौत दी थी। क्या वह अकस्मात था ? नहीं, वह जिहादी मानसिकता की उपज थी। इसी प्रकार नोएडा में हुए इस हिंसक प्रदर्शन को धर्मान्धों का जिहाद कहना गलत नहीं होगा ? केवल बम विस्फोटां द्वारा ही जिहाद नहीं होता, यह भी उसी का एक रुप है।

वास्तविकता यह है कि दिल्ली के पास होने के कारण नोएडा व गाजियाबाद आदि शहर आतंकवादियों की शरण स्थली बना हुआ हैं। विशेष रुप से बांग्लादेशी घुसपैठिये इनको सहारा देते हैं और ये स्वयं भी विभिन्न अपराधों व आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त रहते हैं । वैसे तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद सहित मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, अलीगढ़, जेपी नगर, बुलंदशहर व आगरा आदि अनेक नगरों में गुप्तचर विभाग का व्योरा जांचा जाय तो अनेक जिहादी संगठनों के सक्रिय एजेंट ऐसी बस्तियों में मिल सकते हैं। पाकिस्तान की गुप्तचर संस्था आई.एस.आई. का नेटवर्क भी इन क्षेत्रों में अधिक सक्रिय हो तो कोई आश्चर्य नही ? हमें यहां यह अवश्य ध्यान देना चाहिये कि वर्षों से बांग्लादेशी घुसपैठियों की झुग्गीयां में आतंकियों और अपराधियों को पकड़ने व जाँच पड़ताल करने के लिए जाने वाली पुलिस पर ये लोग आक्रामक हो जाते है, जिससे प्रशासन इनके विरुद्ध कोई भी वैधानिक कार्यवाही करने में असमर्थ होता है। अतः देश में सक्षम कानून व्यवस्था होने के उपरांत भी सामान्यतः इन क्षेत्रों में मुस्लिम एकजुटता व हिंसक मानसिकता के भय से सुरक्षाकर्मी जाने से बचते ही नही घबराते भी है, जोकि सामान्य जन को भी स्वीकार नहीं। आखिर ऐसी विकट परिस्थिति में कानून का राज्य प्रभावहीन क्यों होता है, एक गंभीर समस्या बनती जा रही है ?परंतु अपने कुछ आर्थिक लाभ व सत्ता सुख के लिए इनके पहचान पत्र, राशन कार्ड, पासपोर्ट व आधार कार्ड आदि बनवाने में हमारे अधिकारियों व नेताओं की भागीदारी को नकारा नहीं जा सकता। आज नहीं तो कल दिल्ली-एनसीआर सहित अनेक नगरों में इस प्रकार की आतंकी घटनाएं बढ़े तो अतिश्योक्ति नहीं होगी ? जबकि पश्चिम बंगाल, असम व बिहार आदि में तो इनका हिंसात्मक तांडव थमने का नाम ही नहीं लेता । वहां की राजनीति में इन घुसपैठियों की भूमिका धीरे-धीरे विराट रुप लेने से राज्य सरकारों के गठन में इनकी सक्रियता बढ़ना राष्ट्रघाती हो रहा है।

सामान्यतः हम अपने शत्रुओं को पहचानते ही नहीं और उन्हें अपने घरों,कार्यालयों फैक्टरियों आदि में बड़ी सरलता से नौकरी भी देते हैं। फलस्वरुप कुछ वर्ष पूर्व के समाचारों के अनुसार लगभग 15 हजार करोड़ रुपया प्रति वर्ष भारत में बसे ये घुसपैठिये बांग्लादेश भेजते आ रहें हैं। भारत की सहिष्णुता, उदारता व शांतिप्रिय अहिंसक मानसिकता इन भारत विरोधी जिहादियों की हिंसात्मक, आपराधिक प्रवृत्ति पर अंकुश लगा पायेगी ?

जिस प्रकार नोएडा की महागुन सोसायटी में इन जिहादियों ने जो बर्बरता की है उसको अगर कठोरता से नहीं निपटाया गया तो बहुत बड़ी भूल होगी और भविष्य और भयंकर होगा। केंद्र व उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार के होते हुए यह दुःसाहस अत्यधिक दुर्भाग्यपूर्ण है।

अतः आपसे अनुरोध है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों को भारत से वापस बांग्लादेश भेजने का आदेश जारी करें तथा इन घुसपैठियों के फर्जी पहचान पत्र बनाने वाले सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करें। राष्ट्रहित में बांग्लादेशी घुसपैठियों के भारत में काम करने व रोजगार प्राप्त करने पर पूर्ण रोक लगायें। इसके साथ-साथ नोएडा की घटना के मुख्य आरोपी अब्दुल सत्तार व जोरा सहित सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिये उत्तर प्रदेश सरकार को आवश्यक निर्देश देने की कृपा करें।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
फोनः9312177979

एयर इंडिया के दिवालिये के लिए उत्तरदायी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आवश्यक ।

प्रतिष्ठा में,
श्री अशोक गजपति राजू जी,
माननीय नागर विमानन मंत्री, भारत सरकार
राजीव गाँधी भवन, श्री अरविन्द मार्ग,
सफदरजंग हवाई अड्डे के निकट, नई दिल्ली

विषय :- एयर इंडिया के दिवालिये के लिए उत्तरदायी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आवश्यक ।

महोदय,

देश की जनता आश्चर्यचकित और क्षुब्ध है कि एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइन्स जैसी समर्थ और पुरानी सरकारी विमानन कंपनियों का दिवालिया निकल गया है । बहुत वर्षों पहले से, जब केंद्र में कांग्रेसी शासन था, तब से सुनते रहे हैं कि तत्कालीन विमानन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने दोनों विमानन कंपनियों का दिवालिया निकाल दिया और लाखों करोड़ रूपये बनाए । कुछ कारण निम्नलिखित बताए गए हैं –
1. आवश्यकता से बहुत अधिक बड़े वायुयान खरीदे गए और उन पर अनावश्यक धन लुटाया गया, हो सकता है उस खरीद में भारी कमीशन खाया गया हो ।
2. छोटे विमान आवश्यकता के विपरीत कम खरीदे गए, जिसके कारण कंपनियों को वांछित उड़ानें बढ़ाने में विफल होना पड़ा ।
3. अधिक यात्रियों वाले और लाभ के मार्गों से इन कंपनियों को वंचित कर दिया गया और गैर-सरकारी विमानन कंपनियों को अधिक अवसर दिए गए ।
कारण और भी हो सकते हैं, इसलिए यह आवश्यक है कि तत्काल उत्तरदायी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए और उन्हें खुला न घूमने दिया जाए । उनकी संपत्तियों की जाँच कराई जाए और जब्ती की कार्रवाई भी की जाए ।
इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

ठगी करने वाला गिरोह चढ़ा हत्थे ।

प्रतिष्ठा में,
श्री राजनाथ सिंह जी,
माननीय गृह मंत्री, भारत सरकार
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली-110001

विषय :- ठगी करने वाला गिरोह चढ़ा हत्थे ।

महोदय,

देश के कई राज्यों में ठगी और लूटपाट करने वाले गिरोह को नूँह पुलिस ने गिरफ्तार किया । गिरोह में वसीयत, वारीम, आसिफ, आजाद, राशिद, मोइन और साकिल शामिल हैं । इस प्रसंग में यह ध्यान देने योग्य है किः-
1. देश में ठगी करने वाले गिरोह सामान्यतः किस समुदाय से हैं ?
2. नकली नोट चलाने वाले गिरोह में उक्त समुदाय के लोग ही सम्मिलित हैं अथवा बहुसंख्यक हिंदू समुदाय से भी लोग हैं अथवा नहीं ।
3. गो वंश और भैंस आदि के वध के मामलों में सामान्यतः मुस्लिम समुदाय के लोग ही सम्मिलित रहते हैं ।
4. लव जिहाद में हिन्दू लड़कियों के अपहरण और जबरन निकाह के मामलों की छानबीन के पश्चात यह पड़ताल की जाए कि उक्त समुदाय से कितने लोग इस धंधे में लगे हुए हैं ।
5. स्त्रियों के क्रय-विक्रय में इस तथाकथित अल्पसंख्यक समुदाय का कितना बड़ा योगदान है, इसके आँकड़े भी इकट्ठे करने आवश्यक हैं ।

ऐसे ही अन्य कुछ मामले हो सकते हैं, जिनकी जाँच-पड़ताल आवश्यक हो सकती है । निवेदन है कि इस पर उसी प्रकार कार्रवाई कराने का अनुरोध है, जिस प्रकार डॉ. मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री होते हुए एक हिन्दू विरोधी राजेन्द्र सच्चर समिति बनाई गई थी, जिसने बड़ी कृपापूर्वक अनेक झूठे आँकड़ों का संकलन करके संकलन करके मुसलमानों को अनेक लाभ पहुँचाने का कुख्यात कार्य किया था । मुसलमानों को अनेक लाभ पहुँचाने का देश विरोधी कार्य किया था । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

बांग्लादेशियों को बाहर करने के लिये हिन्दू महासभा ने किया नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय पर प्रदर्शन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम सौंपा नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापण

नोएडा, 18 जुलाई 2017

बांग्लादेशियों को बाहर करने के लिये हिन्दू महासभा ने किया नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय पर प्रदर्शन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम सौंपा नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापण

अखिल भारत हिन्दू महासभा की नोएडा महानगर इकाई ने राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा के नेतृत्व में बांग्लादेशियों को नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र से बाहर करने तथा सेक्टर-78 के महागुन माडर्न सोसाइटी में हमले के दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग करते हुए नोएडा के नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस अवसर पर अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने नोएडा के नगर मजिस्ट्रेट महेन्द्र कुमार सिंह को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराज के नाम का ज्ञापण सौंपा।
सर्वप्रथम अखिल भारत हिन्दू महासभा के नोएडा महानगर इकाई के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में सेक्टर-19 स्थित नोएडा के नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय पर जुटे तथा प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा के नेतृत्व में जुटे प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेशियों वापस जाओ, वापस जाओ, महागुन माडर्न सोसाइटी में हमले के दोषियों को गिरफ्तार करो, बांग्लादेशियों के फर्जी पहचान पत्र रद्द करो, रद्द करो, आदि नारे लगाये। नगर मजिस्ट्रेट महेन्द्र कुमार सिंह के प्रदर्शनस्थल पर पहुंचने पर राष्ट्रीय महामंत्री मुन्ना कुमार शर्मा, गौतमबुद्ध नगर जिलाध्यक्ष ओमदेव अवाना, नोएडा महानगर इकाई के संयोजक गौरव मेहरोत्रा, सुरेन्द्र सिंह, राजीव चौहान, विमलेश झा, संतोष त्रिपाठी, जे.पी मंडल, अरविन्द कुमार, राहुल सिंह, पुनीत धनकड़, विनोद दूबे, सुनील त्यागी, उमाकान्त अवस्थी, परमानन्द यादव आदि ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराज के नाम का ज्ञापण सौंपा। ज्ञापण के माध्यम से राष्ट्रीय महामंत्री मुन्ना कुमार शर्मा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बांग्लादेशियों को नोएडा-ग्रेटर नोएडा से बाहर करने, सेक्टर-78 महागुन माडर्न सोसाइटी में हमले व आतंक फैलाने के दोषी बांग्लादेशियों को तुरंत गिरफ्तार करने, फर्जी तरीके से बांग्लादेशियों द्वारा बनवाये गये पहचान पत्र, आधार कार्ड आदि को निरस्त करने, बिना पुलिस सत्यापन कराये नौकर, नौकरानी, सुरक्षा गार्ड आदि की नियुक्ति पर रोक लगाने, बिना पुलिस सत्यापन कराये नियुक्त कराने वाले प्लेसमेंट व सुरक्षा एजेंसियां पर कानूनी-कार्यवाही करने तथा सेक्टर-74,75,76,77,78,79 सहित नवविकसित सेक्टरों में बने झुग्गियों को हटाने की मांग की है।

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव
फोनः 9312177979

बांग्लादेशियां को वापस भेजने तथा उनके फर्जी बने पहचानपत्रों की जांच कर निरस्त करने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री राजनाथ सिंह जी,
माननीय गृह मंत्री, भारत सरकार
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली-110001

विषय :- बांग्लादेशियां को वापस भेजने तथा उनके फर्जी बने पहचानपत्रों की जांच कर निरस्त करने की मांग।

महोदय,
आपको ज्ञात हो कि देश के प्रमुख औद्योगिक शहर नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा सहित दिल्ली-एनसीआर में बांग्लादेशी मजदूरों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। नोएडा के सेक्टर-74, 75, 76, 77, 78, 79, सहित नवनिर्मित सेक्टरों में बिल्डर साइटों पर हजारों बांग्लादेशी मजदूरों ने झुग्गियां बना ली हैं। बांग्लादेशी पुरूष निर्माण कार्यों में मजदूरी करता है तथा महिलाएं घंरों में नौकरानी के रूप में कार्य करती हैं। मजदूरी करने के साथ-साथ बांग्लादेशी पुरूष व महिलायें घरों में चोरी करने, छीना-झपटी करने के अलावा कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता है। इनकी बढ़ती संख्या के कारण नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा औद्योगिक शहर सहित समस्त दिल्ली-एनसीआर एक आपराधिक क्षेत्र बनते जा रहा है।
दिनांकः 12.07.2017 को लगभग 500 की संख्या में बांग्लादेशी मजदूरों ने सेक्टर-78, नोएडा के महागुन माडर्न सोसाइटी के एक घर पर धाबा बोल दिया तथा घर में तोड़-फोड़ किया। यदि घर में रहने वाले लोग छिपते नहीं तो परिवार के सदस्यों की हत्या हो जाती। हमलावरों ने सेक्टर में जबरदस्त हंगामा किया तथा सेक्टरवासियों में आतंक पैदा किया।
कृपया नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा औद्योगिक शहर, दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ पूरे देश को अपराध एवं आतंक से बचाने के लिये निम्नलिखित कार्यवाही करने की कृपा करेंः-
1. सेक्टर-78 के महागुन माडर्न सोसाइटी के फ्लैट में हमलाकरने वाले व उत्पातमचाने वाले सभी बांग्लादेशी मजदूरों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाये। दोषियों पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाये। सभी उत्पातियों को वापस बांग्लादेश भेजा जाये।
2. नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली-एनसीआर सहित देश में किसी भी क्षेत्र में रहने वाले बांग्लादेशियों की पहचान की जाये तथा उसे वापस बांग्लादेश भेजा जाये।
3. कई बांग्लादेशियों ने फर्जी तरीके से पश्चिमबंगाल, बिहार तथा असम का फोटो पहचान पत्र बना रखा है। इसकी जांच खुफिया एजेंसियों तथा पुलिस से करायी जाये तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाये। साथ ही बांग्लादेशियों के पहचान पत्रां एवं आधार कार्डों को निरस्त किया जाये।
4. देश में बांग्लादेशी घुसपैठियों के काम करने पर रोक लगायी जाये।
5. बांग्लादेशी मजदूरों को काम पर लगाने वाली एजेंसियों, सुरक्षा एजेंसियों, बिल्डरों व ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाये।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव
फोनः 9312177979

कश्मीरी आतंकवादियों, उसके संरक्षकों और अलगाववादियों को दी गई कमांडो की सुरक्षा वापस लेने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री राजनाथ सिंह जी,
माननीय गृह मंत्री, भारत सरकार
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली-110001

विषय :- कश्मीरी आतंकवादियों, उसके संरक्षकों और अलगाववादियों को दी गई कमांडो की सुरक्षा वापस लेने की मांग।

महोदय,

बड़ा विचित्र लगता है जब यह दिखाई पड़ता है कि सैयद अली शाह गिलानी, यासीन मलिक, अब्दुल्ला परिवार आदि आतंकवादी, पत्थरबाज और देश के टुकड़े कराने की घोषणा करने वाले ये लोग देश के कमांडो की सुरक्षा में सीना तानकर घूमते हैं और सारे देश की जनता को ठेंगा दिखाते हैं । यह बताते हैं कि देश भक्ति से ऊँचा स्थान देशद्रोह का है क्योंकि देश भक्त को मारा जा सकता है किन्तु देशद्रोही को नहीं मारा जा सकता और जो कोई भी देश भक्त इनकी तरफ अंगुलि उठाएगा, उसे इन देशद्रोहियों के कमांडो कब जान से मार देंगे पता भी नहीं चलेगा । इस प्रकार देशद्रोही पूरी तरह सुरक्षित हैं और देश भक्त को कभी भी मारा जा सकता है।
दुनियाँ भी आश्चर्य में पड़ी होगी कि हिन्दुस्थान एक ऐसा देश है जहाँ देश को जिहाद की आग में झोंकने वाले, लव जिहाद करके निर्दोष व अनिच्छुक लड़कियों को वेश्यावृति के लिये विवश करने वाले और देश के टुकड़े करने वालों को प्रोत्साहित करने वाले मक्कार देशद्रोही लोग सरकारी कमांडो की सुरक्षा में अपने सब कुकृत्य करते हैं ।
समझ नहीं आता कि ऐसी कौन-सी विवशता है जिसके कारण घोषित आतंकवादियों और अलगाववादियों को सरकारी सुरक्षा देकर जनता-जनार्दन को उनकी दया पर मरने के लिए छोड़ दिया जाता है ?
अनुरोध है कि इसकी समीक्षा कर सुरक्षा वापस लेने की कृपा करें और इन अलगाववादियों और देशद्रोहियों को भगवान के भरोसे छोड़ दिया जाए ।
इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

गौतमबुद्ध नगर जिला के नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा शहर से बांग्लादेशियां को वापस भेजने तथा नोएडा शहर के सेक्टर-78 में उत्पात मचाने वाले बांग्लादेशियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री आदित्यनाथ योगी जी,
माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश।

विषय :-गौतमबुद्ध नगर जिला के नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा शहर से बांग्लादेशियां को वापस भेजने तथा नोएडा शहर के सेक्टर-78 में उत्पात मचाने वाले बांग्लादेशियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग।

महोदय,
आपको ज्ञात हो कि गौतमबुद्धनगर जिला के प्रमुख औद्योगिक शहर नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा में बांग्लादेशी मजदूरों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। नोएडा के सेक्टर-74, 75, 76, 77, 78, 79, सहित नवनिर्मित सेक्टरों में बिल्डर साइटों पर हजारों बांग्लादेशी मजदूरों ने झुग्गियां बना ली हैं। बांग्लादेशी पुरूष निर्माण कार्यों में मजदूरी करता है तथा महिलाएं घंरो में नौकरानी के रूप में कार्य करती हैं। मजदूरी करने के साथ-साथ बांग्लादेशी पुरूष व महिलायें घरों में चोरी करने, छीना-झपटी करने के अलावा कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता है। इनकी बढ़ती संख्या के कारण नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा औद्योगिक शहर एक आपराधिक शहर बनते जा रहा है।
कल दिनांकः 12.07.2017 को लगभग 500 की संख्या में बांग्लादेशी मजदूरों ने सेक्टर-78 के महागुन माडर्न सोसाइटी के एक घर पर धाबा बोल दिया तथा घर में तोड़-फोड किया। यदि घर में रहने वाले लोग छिपते नहीं तो परिवार के सदस्यों की हत्या हो जाती। हमलावरों ने सेक्टर में जबरदस्त हंगामा किया तथा सेक्टरवासियों में आतंक पैदा किया।
कृपया नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा औद्योगिक शहर को अपराध एवं आतंक से बचाने के लिये निम्नलिखित कार्यवाही करने की कृपा करेंः-
1. सेक्टर-78 के महागुन माडर्न सोसाइटी के फ्लैट में हमलाकरने वाले व उत्पातमचाने वाले सभी बांग्लादेशी मजदूरों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाये। दोषियों पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाये।
2. नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा शहर में रहने वाले बांग्लादेशियों की पहचान की जाये तथा उसे वापस बांग्लादेश भेजा जाये।
3. कई बांग्लादेशियों ने फर्जी तरीके से पश्चिमबंगाल तथा असम का फोटो पहचान पत्र बना रखा है। इसकी जांच खुफिया एजेंसियों तथा पुलिस से करायी जाये तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
4. बिना पुलिस सत्यापन कराये नौकर, नौकरानी, सुरक्षा गार्ड रखने पर रोक लगाया जाये तथा बिना सत्यापन कराये ऐसे कर्मियों को रखवाने वाले एजेंसियों, सुरक्षा एजेंसियों पर कानूनी कार्यवाही हो।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव, अखिल भारत हिन्दू महासभा
अध्यक्ष, समिति आफ आल रेजिडेन्ट
वेलफेयर एसोसिएशन्स, जिला-गौतमबुद्धनगर

घोषित अपराधियों, भ्रष्टचारियों, आतंकियों के आकाओं आदि की सुरक्षा वापस लेने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार।
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- घोषित अपराधियों, भ्रष्टचारियों, आतंकियों के आकाओं आदि की सुरक्षा वापस लेने की मांग।

महोदय,

कांग्रेसी शासन काल में बड़ी निंदनीय परिपाटी का आविष्कार किया गया जान के खतरे का बहाना बनाकर आर्थिक अपराधियों, राष्ट्रद्रोहियों व भ्रष्टाचारियों को कमांडो की सुरक्षा प्रदान कर दी गई । इसके अनेक उदाहरण मिलते हैं। और आज भी उस परिपाटी के तहत उन लोगों को कमांडो की सुरक्षा मिली हुई है और वे सीना तान कर अकड़ते हुए घूमते हैं। इस प्रकार जनता-जनार्दन के पैसे से गुलछर्रे उड़ाते हुए भोलीभाली जनता को ठेंगा दिखाते हैं। हाल ही में बिहार में ऐसे रोमांचक दृश्य देखने को प्रतिदिन मिल रहे हैं। देश के अधिकांश भले लोगों की छाती पर मूंग दल रहे हैं। चारा घोटाले में पांच वर्ष की सजा पाए एक व्यक्ति उच्चतम न्यायालय से न जाने किस प्रकार पांच वर्ष की जमानत लेकर धड़ल्ले से सीना तान कर कमाडों घेरे में घूम रहा है। यह देखकर दुनियां भी आर्श्चयकित होगी कि अपराधीगण कमांडो की सुरक्षा के घेरे में जनता को मुंह चिढ़ा रहे हैं। किन्तु आश्चर्य है कि देश की सरकार इस अनीति पर कोई गौर नहीं कर रही है कि अपराधी जान को खतरा बताकर कमांडो की सुरक्षा में कैसे मस्ती कूट रहे हैं। अनेक घोटलों के बड़े-बड़े ये लम्बरदार कमांडो के बीच में सीना तानकर मोदी सरकार को उखाड़ने के लिये दम भर रहे हैं। देश के टुकडे करने, आतंकवाद को बढ़ावा देनेवाले तथा देश में सांप्रदायिकता बढ़ाने वालों पर केन्द्र व राज्य सरकार सुरक्षा के नाम पर करोड़ो खर्च कर रही है। जम्मू-कश्मीर के अलगाववादियों, हुर्रियत नेताओं आदि पर बड़ी रकम खर्च की जा रही है। यह राष्ट्रहित में नहीं हैं। ये लोग कमांडो की सुरक्षा के घेरे में कैसे हैं? इनकी सुरक्षा वापस क्यों नहीं ली जा रही है। इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री