देश मे समान नागरिक संहिता लागू करने तथा सभी नागरिकोंं के लिये एक विवाह व अधिकतम दो बच्चे का कानून बनाने की मांग।

२३ अगस्त २०१६

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री,
भारत सरकार।

विषयः-देश मे समान नागरिक संहिता लागू करने तथा सभी नागरिकोंं के लिये एक विवाह व अधिकतम दो बच्चे का कानून बनाने की मांग।

महोदय,
आपको ज्ञात है कि भारत में समान नागरिक संहिता नहीं है। यह भी सर्वविदित है कि हिन्दू विवाह कानून के अनुसार हिन्दू केवल एक ही विवाह कर सकता है। जबकि मुस्लिम पर्सनल ला के आधार पर देश का मुसलमान एक साथ चार विवाह कर सकता है। परिणमस्वरूप देश में मुस्लिम आबादी बहुत तेजी से बढ़ रही है। जनसंख्या वृद्धि में असंतुलन होने के कारण देश की एकता व अखंडता को खतरा उत्पन्न हो रहा है। आपको ज्ञात है कि मुस्लिम जनसंख्या के आधार पर ही भारत का विभाजन हुआ था तथा पाकिस्तान नाम का इस्लामिक देश बना था। आज फिर से वही परिस्थिति उत्पन्न हो रही है। यदि मुस्लिमों की जनंसख्या वृद्धि दर को नहीं रोका गया तो पुनः भारत का विभाजन होना निश्चित है। भारत तभी तक सुरक्षित व अविभाजित है, जबतक कि देश में हिन्दुओं की जनंसख्या अधिक है।
इसके साथ-साथ बढ़ती जनसंख्या के परिणामस्वरूप देशवासियों के रहन-सहन, शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन की गुणवŸाा आदि प्रभाावित हो रही है। कट्टरपंथी ताकतें, मुल्ला, मौलवी आदि मुसलमानों की जनसंख्या बढ़ाने में लगे हैं। ताकि भारत एक इस्लामिक राष्ट्र बन जाये। वहीं दूसरी तरफ हिन्दू महासभा, श्री मोहन भागवत जी, श्री प्रवीन तोगड़िया जी आदि को हिन्दुओं की जनसंख्या बढ़ाने का आहवान करना पड़ रहा है। क्योंकि समान नागरिक कानून नहीं होने के कारण हिन्दुआंे की जनसंख्या का अनुपात घटता जा रहा है।

आपसे अनुरोध है कि देश हित में तथा हिन्दू हित में निम्नलिखित निर्णय लेने की कृपा करेंः-
1. देश में एक समान नागरिक कानून लागू करें।
2. सभी नागरिकोें के लिये अधिकतम एक विवाह का कानून लागू करें।
3. सभी नागरिकों के लिये अधिकतम दो बच्चे पैदा करने का कानून लागू करें।
4. जो नागरिक एक विवाह और दो बच्चे के कानून का पालन न करें, उसे मताधिकार से वंचित किया जाये तथा उसे सभी प्रकार की सरकारी सहायता से वंचित किया जाये।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक)
राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी)
राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

गुलाम कश्मीर के निवासियों के लिये भारतीय संसद (लोक सभा) में 5 सीटें आरक्षित करने, संयुक्त राष्ट्र संघ में गुलाम कश्मीर को भारत को सौंपने तथा बलूचिस्तान की आजादी को जोर-शोर से उठाने तथा हत्या के मामले में जाति, संप्रदाय उजागर नहीं करने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री,
भारत सरकार।

विषयः-गुलाम कश्मीर के निवासियों के लिये भारतीय संसद (लोक सभा) में 5 सीटें आरक्षित करने, संयुक्त राष्ट्र संघ में गुलाम कश्मीर को भारत को सौंपने तथा बलूचिस्तान की आजादी को जोर-शोर से उठाने तथा हत्या के मामले में जाति, संप्रदाय उजागर नहीं करने की मांग।

महोदय,
राष्ट्रहित व देशवासियों के हित में निम्नलिखित निर्णय लेने की कृपा करेंः-
1.गुलाम कश्मीर के निवासियों के लिये जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 24 सीटें आरक्षित की गई हैं। उसी तरह से वहां के निवासियों के लिये भारतीय संसद (लोक सभा) में 5 सीटें आरक्षित की जाये ताकि गुलाम कश्मीर पर भारत का दावा और भी मजबूत हो सके तथा गुलाम कश्मीर के निवासियों को भारतीय संसद में प्रतिनिधित्व मिल सके।

2.संयुक्त राष्ट्रसंघ के आगामी वार्षिक बैठकों में भारत गुलाम कश्मीर को वापस भारत को सौंपने की मांग जोर-शोर से करे तथा बलूचिस्तान में मानवाधिकारों के हनन को रोकने तथा बलूचिस्तान की आजादी की मांग मजबूती से करे।

3.पाकिस्तान के साथ किसी भी प्रकार की वार्ता में पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद का त्याग करने, भारत विरोधी आंतकियों की मदद को बंद करने, सीमा पार से भारत में घुसपैठ को राकेने तथा गुलाम कश्मीर को वापस भारत को सौंपनें के विषय में ही बात की जाये।

4.देश में किसी भी प्रकार के अपराध (हत्या, दंगा, आदि) में अपराधियों की जाति या संप्रदाय की पहचान उजागर करने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया जाये। क्योंकि ऐसे मामले में जाति या संप्रदाय उजागर होने पर सामाजिक तथा सांप्रदायिक तनाव बढ़ जाता है तथा अपराधियों को संरक्षण मिल जाता है।

5.भारतीय थल सेना प्रमुख जेनरल दलबीर सिंह सुहाग द्वारा पूर्व थल सेना प्रमुख (वर्तमान में केन्द्रीय मंत्री) जेनरल (सेवा निवृŸा) वी.के सिंह पर लगाये गये आरोपों की उच्च स्तरीय जांच करायी जाये तथा दोषी पर कानूनी कार्यवाही की जाये।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक)
राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी)
राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को अल्पसंख्यक दर्जा नहीं देने की मांग।

१७ अगस्त २०१६

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री,
भारत सरकार।

विषयः-अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को अल्पसंख्यक दर्जा नहीं देने की मांग।

महोदय,
आपको ज्ञात हो कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का अल्पसंख्यक दर्जा समाप्त कर दिया गया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्णय के विरूद्ध अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और केन्द्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दाखिल की है। केन्द्र सरकार ने याचिका उस समय दाखिल की थी जिस समय केन्द्र में अल्पसंख्यक तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति करने वाली कांग्रेस पार्टी की सरकार थी। अब आपके नेतृत्व में केन्द्र में धर्म निरपेक्ष सरकार शासन चला रही है। देशवासियों को भरोसा है कि आपकी सरकार यूपीए सरकार की नीतियां को बदलकर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अल्पसंख्यक दर्जे के विरूद्ध उच्चतम न्यायालय में हलफनामा दायर करेगी।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी एक केन्द्रीय विश्वविद्यालय है, जो केन्द्र्र सरकार के खर्चे से संचालित होता है। कोई भी केन्द्रीय विश्वविद्यालय अल्पसख्ंयक संस्थान नहीं हो सकता है। एएमयू को उल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा प्रदान करना गैर कानूनी है।
अतः आपसे अनुरोध है कि केन्द्र सरकार द्वारा उच्चतम न्यायालय में शीघ्र हलफनामा दाखिल कराया जाये जिसके द्वारा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अल्पसंख्यक दर्जे को हमेशा के लिये समाप्त किया जाये।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी)
राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

गुलाम कश्मीर स्थित आतंकियों के प्रशिक्षण शिविरों को नेस्तनाबूद करने तथा पाकिस्तान द्वारा मानवाधिकारों के उल्लंघन को विश्व मंच पर उठाने की मांग।

१६ अगस्त २०१६

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री,
भारत सरकार।

विषयः-गुलाम कश्मीर स्थित आतंकियों के प्रशिक्षण शिविरों को नेस्तनाबूद करने तथा पाकिस्तान द्वारा
मानवाधिकारों के उल्लंघन को विश्व मंच पर उठाने की मांग।

महोदय,

1. आपको ज्ञात है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में भारत विरोधी आतंकियों को प्रशिक्षण देने के लिये जमात-उद-दावा, जैश-ए-मोहम्मद और आईएसआई द्वारा कई प्रशिक्षण शिविरों का संचालन हो रहा है। वहां से प्रशिक्षित उग्रवादियों को सीमा पार से भारत में अनधिकृत घुसपैठ कराकर भारत में हिंसा की घटनाएं करायीं जा रही हैं। इसलिये आंतकवाद को रोकने तथा सीमापार से आंतकियों के घुसपैठ को रोकने के लिये पाक अधिकृत कश्मीर स्थित आंतकियों के प्रशिक्षण शिविरों पर आक्रमण पर नेस्तनाबूद किया जाये।
2. गुलाम कश्मीर (पाक अधिकृत कश्मीर), बलूचिस्तान तथा नार्थ-वेस्ट फ्रंाटियर प्रोविन्स के मूल निवासियों के साथ पाकिस्तानी सेना व सरकार द्वारा की जा रही ज्यादतियों व शोषण के विरूद्ध आवाज उठायी जाये तथा मानवाधिकारों के हनन के मुद्दे को राष्ट्रसंघ सहित सभी वैश्विक मंचों पर भारत सरकार द्वारा मजबूती से उठाया जाये। पाकिस्तान द्वारा आंतकवाद को संरक्षण देने, मानवाधिकारों का उल्लंघन करने व गुलाम कश्मीर, बलूचिस्तान, नार्थ-वेस्ट फ्रांटियर प्रोविन्स के मूल निवासियों पर की जा रही बर्बरता को रोकने के लिये विश्व बिरादरी में जागरूकता लायी जाये।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक)
राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव

एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया पर पाबंदी लगाने तथा राज्य सरकारों द्वारा संचालित गौशालायों में गौरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग।

१६ अगस्त २०१६

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री,
भारत सरकार।

विषयः-एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया पर पाबंदी लगाने तथा राज्य सरकारों द्वारा संचालित गौशालायों में गौरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग।

महोदय,
1. आपको ज्ञात हो कि बंगलुरू में एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया द्वारा आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रविरोधियों ने कश्मीर की आजादी की मांग की तथा भारत विरोधी नारे लगाये। इसके साथ-साथ भारतीय सेना की प्रशंसा करने वाले विस्थापित कश्मीरी हिन्दू नेता के सथा अभद्रता की गई और भारतीय सेना की निन्दा की गई। यह कार्रवाई राष्ट्रविरोधी है, जिसे भारत की जनता स्वीकार नहीं करेगी। अतः आपसे मांग है कि उक्त कार्यक्रम में राष्ट्रविरोधी नारे लगाने वाले राष्ट्रविरोधी तत्वों पर कड़ी कार्रवाई करें तथा कार्यक्रम के आयोजक एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया पर पाबंदी लगायी जाये।
2. आपको ज्ञात हो कि भाजपा शासित राज्यों में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित गौशालाओं में गायों की बड़े पैमाने पर मृत्यु हो रही है। पहले जयपुर स्थित गौशाला में गायों की मृत्यु का समाचार मिला था। अब छŸाीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित गौशालाओं में गायों की मृत्यु का समाचार प्राप्त हो रहा है। यह गौमाता के देश भारत के लिये न सिर्फ शर्मनाम है, बल्कि अस्वीकार्य है। अतः आपसे मांग है कि राज्य सरकार द्वारा संचालित गौशालाओं में गायों की मृत्यु को रोकने तथा गौरक्षा सुनिश्चित कराने के लिये सभी राज्य सरकारों को उसी प्रकार का निर्देश जारी किया जाये, जिस प्रकार का निर्देश गौरक्षकों पर कार्रवाई करने के लिये किया गया था।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव

गौहत्या तथा गोतस्करी को रोकने एवं गौहत्यारों तथा गोतस्करों पर कार्रवाई करने के लिये राज्य सरकारों को एडवाइजरी जारी करने की मांग

१२ अगस्त २०१६

प्रतिष्ठा में,
श्री राजनाथ सिंह जी,
माननीय गृहमंत्री,
भारत सरकार।

विषयः- गौहत्या तथा गोतस्करी को रोकने एवं गौहत्यारों तथा गोतस्करों पर कार्रवाई करने के लिये राज्य सरकारों को एडवाइजरी जारी करने की मांग।

महोदय,
आपको ज्ञात हो कि गौसेवा एवं गौरक्षा के कार्य में लगे हुए गौरक्षकों पर कार्रवाई करने के लिये आपने सभी राज्य सरकारों को एडवाइजरी जारी किया है। एडवाइजरी के उपरांत कई राज्य सरकारों ने गौरक्षकों पर कार्रवाई शुरू कर दिया है। परिणाम स्वरूप गौहत्यारों एवं गोतस्करों का मनोबल बढ़ गया है तथा गौहत्या और गोतस्करी में वृद्धि हो रही है। हिन्दू महासभा गौरक्षकों व गौसेवकों के साथ हो रहे अन्याय का विरोध करती है। यह 80ः हिन्दुओं वाले देश भारत के लिये शर्मनाक व दुखद है। गौहत्यारों व गौरक्षकों पर कार्यवाही करने के बदले आपको गौहत्यारों व गोतस्करों पर कार्यवाही करने के लिये राज्य सरकारों को निर्देश देनी चाहिए थी। परन्तु ऐसा नहीं हो सका, जिसके परिणाम स्वरूप गौमाता की रक्षा का कार्य चुनौती पूर्ण व गैरकानूनी होता जा रहा है।
भारत के 100 करोड़ हिन्दुओं की भावनाओं और विश्वगुरू भारत की प्राचीन परंपरा को देखते हुए गौरक्षा को बढ़ावा देने, गौहत्या तथा गोतस्करी को अविलम्ब रोकने, गौहत्यारों व गोतस्करों पर कड़ी कार्रवाई करने और गौरक्षकों व गौसेवकों को संरक्षण देने के लिये देश के सभी राज्य सरकारों को तत्काल एडवाइजरी जारी करने का कार्य करें। गौरक्षा व गौसेवा के कार्य में अखिल भारत हिन्दू महासभा केन्द्र सरकार व राज्य सरकारों को पूर्ण सहयोग देगी। परन्तु गौरक्षकों व गौसेवकों के साथ हो रहा उत्पीड़न तुरन्त बंद हो।
सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) (मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय महासचिव

गौरक्षकों व गौसेवकों को प्रताड़ित होने से बचाने, गौरक्षा हेतु केन्द्रीय कानून लागू करने तथा गौशालाओं के बड़े स्तर पर संचालन की मांग।

०९ अगस्त २०१६

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री,
भारत सरकार।

विषयः-गौरक्षकों व गौसेवकों को प्रताड़ित होने से बचाने, गौरक्षा हेतु केन्द्रीय कानून लागू करने तथा गौशालाओं के बड़े स्तर पर संचालन की मांग।

महोदय,
आपको ज्ञात हो कि गौरक्षकों के विषय में दिये गये आपके वक्तव्यों व उन्हें दंडित करने के लिये राज्य सरकारों को दिये गये निर्देषों के उपरान्त गौरक्षकों को प्रताड़ित करने व दंडित करने की कार्यवाही शुरू हो गई है। कई राज्यों में पुलिस व प्रशासन द्वारा गौरक्षा एवं गौसेवा में समर्पित लोगों में भय एवं आतंक का वातावरण पैदा करने का कार्य शुरू हो गया है। भय एवं आंतक के कारण गौसेवा एवं गौरक्षा का महान कार्य प्रभावित हो जायेगा। आपको ज्ञात है कि कई राज्यों में गौहत्या पर प्रतिबंध है। उन राज्यों से अवैध तस्करी के माध्यम से गायें काटने के लिये दूसरे राज्यों में भेजी जा रही हैं। उन राज्यों की पुलिस व प्रशासन गौ तस्करी व गौहत्या को रोकने में पूर्ण रूप से विफल है। ऐसे में गौरक्षकों व गौसेवकों पर ही गौरक्षा की पूरी जिम्मेदारी है। राज्यों द्वारा संचालित गौशालाओं की स्थिति दयनीय है। अभी आपने जयपुर (राजस्थान) की गौशाला में गायों की मौत का समाचार सुना होगा। ऐसे में गौरक्षकों एवं गोसेवकों का संरक्षण व सहयोग देने की आवश्यकता है।
अतः आपसे अनुरोध है कि गौसेवा, गौरक्षा, गौ-संवर्धन हेतु निम्नलिखित निर्णय लेने की कृपा करेंः-
1. गौरक्षकों व गौसेवकों को गौरक्षा व गौसेवा के कार्य में सरकार की ओर से पूर्ण संरक्षण व सहयोग प्रदान करें।
2. राज्य सरकारों को निर्देशित किया जाये कि गौरक्षकों व गौसेवकों का उत्पीड़न न होने पाये।
3. राज्य सरकारों को गौहत्या व गौतस्करी को रोकने के लिये विशेष निर्देश दिया जाये।
4. गौसेवा व गौसंवर्धन हेतु केन्द्र सरकार व राज्य सरकारों की ओर से गौशालाआंे का संचालन व प्रबंधन बड़े स्तर पर किया जाये।
5. राज्य सरकारों को निर्देशित किया जाये कि गोचर भूमि को गायों के लिये मुक्त किया जाये।
6. गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध के लिये कठोर व प्रभावी केन्द्रीय कानून लागू किया जाये।
7. गाय को राष्ट्रमाता घोषित किया जाये।

सादर,

भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) (मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय महासचिव

महान क्रांतिकारी एवं स्वतंत्रता सेनानी शहीद चंद्रशेखर आजाद की मौत की निष्पक्ष जांच के लिये उच्च स्तरीय आयोग के गठन व उनकी मौत से जुड़ी गोपनीय फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग।

०९ अगस्त २०१६

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री,
भारत सरकार।

विषयः-महान क्रांतिकारी एवं स्वतंत्रता सेनानी शहीद चंद्रशेखर आजाद की मौत की निष्पक्ष जांच के लिये उच्च स्तरीय आयोग के गठन व उनकी मौत से जुड़ी गोपनीय फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग।

महोदय,
आपको ज्ञात है कि भारत के महान स्वंतत्रता सेनानी एवं क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर आजाद की मौत बेहद रहस्यमय परिस्थिति में हुई है। देशवासियों को आंशका है कि हमारे देश के ही कुछ बड़े नेताओं ने षड़यंत्र करके एवं खुफियागिरी करके इस महान क्रांतिकारी की हत्या करायी थी। उनकी मौत की कहानी उतनी ही रहस्यमयी है जितनी की नेता जी सुभाष चन्द्र बोस की। देशवासी चाहते हंै कि उनकी मौत से सम्बंधी रहस्य उजागर हो। ज्ञात हुआ है कि उनकी मौत से जुड़ी गोपनीय फाइल आज भी लखनऊ के सीआईडी आफिस में रखी है। इस फाइल में उनकी मौत से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें दर्ज हैं। यदि उनकी मौत से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक कर दिया जाये तो रहस्य से पर्दा उठ जायेगा।
अतः आपसे अनुरोध है कि निम्नलिखित आदेश शीघ्र देने की कृपा करंेः-
1. शहीद चंद्रशेखर आजाद की मौत की निष्पक्ष जांच कराने, मौत से संबंधी रहस्य को उजागर करने व दोषियों को सजा दिलाने के लिये उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक जांच आयोग का गठन शीघ्र करें।
2. शहीद चंद्रशेखर आजाद की मौत से जुड़ी गोपनीय फाइलों को सार्वजनिक किया जाये ताकि देशवासियों को मौत से संबंधित रहस्य की जानकारी हो जाये।

सादर

भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव
फोनः 09312177979

कैबिनेट मंत्री श्री आजम खान की बर्खास्तगी की मांग।

०४ अगस्त २०१६

प्रतिष्ठा में,
श्री अखिलेश यादव जी,
माननीय मुख्यमंत्री,
उत्तर प्रदेश।

विषयः-कैबिनेट मंत्री श्री आजम खान की बर्खास्तगी की मांग।

महोदय,
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री आजम खान द्वारा बुलंदशहर में घटित बलात्कार की घटना के विषय में दिये गये शर्मनाक टिप्पणी का संज्ञान लेने का कष्ट करें। एक कैबिनेट मंत्री द्वारा बलात्कार जैसे घृणित अपराध के विषय में अभद्र टिप्पणी करना अशोभनीय व जधन्य अपराध है। एक तरफ तो इस कांड को अंजाम देने वाले अपराधियों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, दूसरी तरफ श्री आजम खान ने पीड़िता व उनके परिवार पर नमक छिड़कने का कार्य किया हैं। उनका वक्तव्य अपराधियों के मनोबल को बढ़ाने वाला तथा प्रदेश में अपराध को बढ़ाने वाला है। श्री आजम खान की अभद्र टिप्पणी को उत्तर प्रदेश व देश का सभ्य समाज बर्दाश्त नहीं करेगा।
अतः आपसे मांग है कि उत्तर प्रदेश में अपराध व बुलन्दशहर जैसे कांड को रोकने के लिये निम्न कार्यवाही करने की कृपा करेंः-
1. कैबिनेट मंत्री श्री आजम खान को तुरन्त बर्खास्त करें।
2. उत्तर प्रदेश में अपराध, विशेषकर बलात्कार जैसे जघन्य अपराध पर तुंरत अंकुश लगायें।
3. अपराध को रोकने में विफल रहने के कारण उŸार प्रदेश के पुलिस महानिदेशक श्री जावीद अहमद को हटाया जाये तथा तेज-तर्रार व ईमानदार पुलिस अधिकारी को प्रदेश का पुलिस महानिदेशक बनाया जाये।
4. आंतक फैलाने वाले बावरिया जैसे अपराधी गिरोहों को तत्काल समाप्त करें।
5. पूरे प्रदेश में महिला सुरक्षा व सम्मान सुनिश्चित किया जाये।
6. बलात्कार पीड़ितों को सरकारी नौकरी व मकान उपलब्ध कराया जाये।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) (मुन्ना कुमार शर्मा) (वीरेश त्यागी)
राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय महासचिव राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री