देश भर में बिगड़ती रेल व्यवस्था तथा रेलगाड़ियों के निरस्तीकरण के सम्बन्ध में।

१६ अगस्त २०१६

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री,
भारत सरकार।

विषयः-देश भर में बिगड़ती रेल व्यवस्था तथा रेलगाड़ियों के निरस्तीकरण के सम्बन्ध में।

महोदय,
भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र की सरकार बनने से भारतीय रेलवे के कार्य से देश की जनता को संतुष्टी नहीं हो पा रही है। ये एक चिंता का विषय है।
आपको अवगत कराना चाहते हैं कि भारतीय रेल इतिहास में किराये में 14.2 प्रतिशत सबसे ज्यादा वृद्धि आपकी सरकार में हुयी। चुनाव से पहले आपने कहा था कि 100 दिन में महंगाई पर लगाम लगायेगें और चुनाव जीतने के लगभग 100 दिन के आगे-पीछे ही भारतीय रेल इतिहास का सबसे बड़ी किराये की वृद्धि आपकी सरकार में हुयी। लखनऊ से कानपुर ईएमयू ट्रेन, नई दिल्ली से अलीगढ़, गाजियाबाद से ठुण्डला, नई दिल्ली से पलवल, व देश की सभी लोकल पैंसेजर, ट्रेन हर दूसरे दिन 1 घंटा, 1/2 घंटा व इससे ज्यादा लेट रहती है। ये सभी लोकल गांव, कस्बे, के लोगों को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करते हैं। वहीं इन्हीं गांव, कस्बों से जुड़े हजारों की तदाद के लोग अपने पास के शहरों में जाकर 12 व 8 घंटे की ड्यूटी करने के बाद 3, 4 घंटे का सफर कर अपने जीवन का निर्वाह करते हैं। अगर, 1,2,3,4 घंटे का सफर करने वाले नागरिकों को 1,2 घंटे लेट ट्रेनों में सफर करेंगे तो दिन के 24 घंटे में वह अपने परिवार के लिये कितना वक्त निकाल पायेंगे। इसलिए आप से अनुरोध है कि निरस्त की गयी पैंसेजर रेलगाड़ियों को तत्काल बहाल किया जाये व उनकी सुविधायें से नागरिकों को लाभावान्तित किया जाये।
इससे भी ज्यादा असंतोषजनक है रेलगाड़ियों का निरस्तीकरण। भारतीय रेलवे लगभग 14,300 रेलगाड़ियां रोज चलाता है। उसमें 10,20 रेलगाड़ियों का निरस्तीकरण तो चलता है, परन्तु 100 से ऊपर रेलगाड़ियों का निरस्तीकरण अंसतोषजनक है। पत्र के साथ निरस्त की गई रेलगाड़ियों की सूची संलग्न है।
दिल्ली रूट की सभी रेलगाड़ियां आये दिन विलम्ब से चलती हैं। बिहार, असम, उड़ीसा दक्षिण भारत आदि क्षेत्रों से आने वाली अधिकतर रेलगाड़ियों 2,4,5,6,10 घंटे लेट रहती हैं। आपने क्या सुधार किया है, यह प्रश्न खड़ा है।
इसके साथ-साथ आपको अवगत कराना चाहते हैं कि रेलगाड़ियों में रेलयात्रियों के लिये सुरक्षा व्यवस्था पूर्ण रूप से असंतोषजनक है। सफाई व्यवस्था भी कामचलाऊ है। सुरक्षा व्यवस्था तथा सफाई व्यवस्था में तत्काल सुधार की आवश्यकता है
अतः आपसे अनुरोध है कि निरस्त की गई रेलगाड़ियों को तत्काल बहाल करें तथा रेल व्यवस्था में सुधार लाने का कार्य शीघ्र करें।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक)
राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी)
राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

गुलाम कश्मीर स्थित आतंकियों के प्रशिक्षण शिविरों को नेस्तनाबूद करने तथा पाकिस्तान द्वारा मानवाधिकारों के उल्लंघन को विश्व मंच पर उठाने की मांग।

१६ अगस्त २०१६

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री,
भारत सरकार।

विषयः-गुलाम कश्मीर स्थित आतंकियों के प्रशिक्षण शिविरों को नेस्तनाबूद करने तथा पाकिस्तान द्वारा
मानवाधिकारों के उल्लंघन को विश्व मंच पर उठाने की मांग।

महोदय,

1. आपको ज्ञात है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में भारत विरोधी आतंकियों को प्रशिक्षण देने के लिये जमात-उद-दावा, जैश-ए-मोहम्मद और आईएसआई द्वारा कई प्रशिक्षण शिविरों का संचालन हो रहा है। वहां से प्रशिक्षित उग्रवादियों को सीमा पार से भारत में अनधिकृत घुसपैठ कराकर भारत में हिंसा की घटनाएं करायीं जा रही हैं। इसलिये आंतकवाद को रोकने तथा सीमापार से आंतकियों के घुसपैठ को रोकने के लिये पाक अधिकृत कश्मीर स्थित आंतकियों के प्रशिक्षण शिविरों पर आक्रमण पर नेस्तनाबूद किया जाये।
2. गुलाम कश्मीर (पाक अधिकृत कश्मीर), बलूचिस्तान तथा नार्थ-वेस्ट फ्रंाटियर प्रोविन्स के मूल निवासियों के साथ पाकिस्तानी सेना व सरकार द्वारा की जा रही ज्यादतियों व शोषण के विरूद्ध आवाज उठायी जाये तथा मानवाधिकारों के हनन के मुद्दे को राष्ट्रसंघ सहित सभी वैश्विक मंचों पर भारत सरकार द्वारा मजबूती से उठाया जाये। पाकिस्तान द्वारा आंतकवाद को संरक्षण देने, मानवाधिकारों का उल्लंघन करने व गुलाम कश्मीर, बलूचिस्तान, नार्थ-वेस्ट फ्रांटियर प्रोविन्स के मूल निवासियों पर की जा रही बर्बरता को रोकने के लिये विश्व बिरादरी में जागरूकता लायी जाये।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक)
राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव

एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया पर पाबंदी लगाने तथा राज्य सरकारों द्वारा संचालित गौशालायों में गौरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग।

१६ अगस्त २०१६

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री,
भारत सरकार।

विषयः-एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया पर पाबंदी लगाने तथा राज्य सरकारों द्वारा संचालित गौशालायों में गौरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग।

महोदय,
1. आपको ज्ञात हो कि बंगलुरू में एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया द्वारा आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रविरोधियों ने कश्मीर की आजादी की मांग की तथा भारत विरोधी नारे लगाये। इसके साथ-साथ भारतीय सेना की प्रशंसा करने वाले विस्थापित कश्मीरी हिन्दू नेता के सथा अभद्रता की गई और भारतीय सेना की निन्दा की गई। यह कार्रवाई राष्ट्रविरोधी है, जिसे भारत की जनता स्वीकार नहीं करेगी। अतः आपसे मांग है कि उक्त कार्यक्रम में राष्ट्रविरोधी नारे लगाने वाले राष्ट्रविरोधी तत्वों पर कड़ी कार्रवाई करें तथा कार्यक्रम के आयोजक एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया पर पाबंदी लगायी जाये।
2. आपको ज्ञात हो कि भाजपा शासित राज्यों में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित गौशालाओं में गायों की बड़े पैमाने पर मृत्यु हो रही है। पहले जयपुर स्थित गौशाला में गायों की मृत्यु का समाचार मिला था। अब छŸाीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित गौशालाओं में गायों की मृत्यु का समाचार प्राप्त हो रहा है। यह गौमाता के देश भारत के लिये न सिर्फ शर्मनाम है, बल्कि अस्वीकार्य है। अतः आपसे मांग है कि राज्य सरकार द्वारा संचालित गौशालाओं में गायों की मृत्यु को रोकने तथा गौरक्षा सुनिश्चित कराने के लिये सभी राज्य सरकारों को उसी प्रकार का निर्देश जारी किया जाये, जिस प्रकार का निर्देश गौरक्षकों पर कार्रवाई करने के लिये किया गया था।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव

गौहत्या तथा गोतस्करी को रोकने एवं गौहत्यारों तथा गोतस्करों पर कार्रवाई करने के लिये राज्य सरकारों को एडवाइजरी जारी करने की मांग

१२ अगस्त २०१६

प्रतिष्ठा में,
श्री राजनाथ सिंह जी,
माननीय गृहमंत्री,
भारत सरकार।

विषयः- गौहत्या तथा गोतस्करी को रोकने एवं गौहत्यारों तथा गोतस्करों पर कार्रवाई करने के लिये राज्य सरकारों को एडवाइजरी जारी करने की मांग।

महोदय,
आपको ज्ञात हो कि गौसेवा एवं गौरक्षा के कार्य में लगे हुए गौरक्षकों पर कार्रवाई करने के लिये आपने सभी राज्य सरकारों को एडवाइजरी जारी किया है। एडवाइजरी के उपरांत कई राज्य सरकारों ने गौरक्षकों पर कार्रवाई शुरू कर दिया है। परिणाम स्वरूप गौहत्यारों एवं गोतस्करों का मनोबल बढ़ गया है तथा गौहत्या और गोतस्करी में वृद्धि हो रही है। हिन्दू महासभा गौरक्षकों व गौसेवकों के साथ हो रहे अन्याय का विरोध करती है। यह 80ः हिन्दुओं वाले देश भारत के लिये शर्मनाक व दुखद है। गौहत्यारों व गौरक्षकों पर कार्यवाही करने के बदले आपको गौहत्यारों व गोतस्करों पर कार्यवाही करने के लिये राज्य सरकारों को निर्देश देनी चाहिए थी। परन्तु ऐसा नहीं हो सका, जिसके परिणाम स्वरूप गौमाता की रक्षा का कार्य चुनौती पूर्ण व गैरकानूनी होता जा रहा है।
भारत के 100 करोड़ हिन्दुओं की भावनाओं और विश्वगुरू भारत की प्राचीन परंपरा को देखते हुए गौरक्षा को बढ़ावा देने, गौहत्या तथा गोतस्करी को अविलम्ब रोकने, गौहत्यारों व गोतस्करों पर कड़ी कार्रवाई करने और गौरक्षकों व गौसेवकों को संरक्षण देने के लिये देश के सभी राज्य सरकारों को तत्काल एडवाइजरी जारी करने का कार्य करें। गौरक्षा व गौसेवा के कार्य में अखिल भारत हिन्दू महासभा केन्द्र सरकार व राज्य सरकारों को पूर्ण सहयोग देगी। परन्तु गौरक्षकों व गौसेवकों के साथ हो रहा उत्पीड़न तुरन्त बंद हो।
सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) (मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय महासचिव

गौरक्षकों व गौसेवकों को प्रताड़ित होने से बचाने, गौरक्षा हेतु केन्द्रीय कानून लागू करने तथा गौशालाओं के बड़े स्तर पर संचालन की मांग।

०९ अगस्त २०१६

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री,
भारत सरकार।

विषयः-गौरक्षकों व गौसेवकों को प्रताड़ित होने से बचाने, गौरक्षा हेतु केन्द्रीय कानून लागू करने तथा गौशालाओं के बड़े स्तर पर संचालन की मांग।

महोदय,
आपको ज्ञात हो कि गौरक्षकों के विषय में दिये गये आपके वक्तव्यों व उन्हें दंडित करने के लिये राज्य सरकारों को दिये गये निर्देषों के उपरान्त गौरक्षकों को प्रताड़ित करने व दंडित करने की कार्यवाही शुरू हो गई है। कई राज्यों में पुलिस व प्रशासन द्वारा गौरक्षा एवं गौसेवा में समर्पित लोगों में भय एवं आतंक का वातावरण पैदा करने का कार्य शुरू हो गया है। भय एवं आंतक के कारण गौसेवा एवं गौरक्षा का महान कार्य प्रभावित हो जायेगा। आपको ज्ञात है कि कई राज्यों में गौहत्या पर प्रतिबंध है। उन राज्यों से अवैध तस्करी के माध्यम से गायें काटने के लिये दूसरे राज्यों में भेजी जा रही हैं। उन राज्यों की पुलिस व प्रशासन गौ तस्करी व गौहत्या को रोकने में पूर्ण रूप से विफल है। ऐसे में गौरक्षकों व गौसेवकों पर ही गौरक्षा की पूरी जिम्मेदारी है। राज्यों द्वारा संचालित गौशालाओं की स्थिति दयनीय है। अभी आपने जयपुर (राजस्थान) की गौशाला में गायों की मौत का समाचार सुना होगा। ऐसे में गौरक्षकों एवं गोसेवकों का संरक्षण व सहयोग देने की आवश्यकता है।
अतः आपसे अनुरोध है कि गौसेवा, गौरक्षा, गौ-संवर्धन हेतु निम्नलिखित निर्णय लेने की कृपा करेंः-
1. गौरक्षकों व गौसेवकों को गौरक्षा व गौसेवा के कार्य में सरकार की ओर से पूर्ण संरक्षण व सहयोग प्रदान करें।
2. राज्य सरकारों को निर्देशित किया जाये कि गौरक्षकों व गौसेवकों का उत्पीड़न न होने पाये।
3. राज्य सरकारों को गौहत्या व गौतस्करी को रोकने के लिये विशेष निर्देश दिया जाये।
4. गौसेवा व गौसंवर्धन हेतु केन्द्र सरकार व राज्य सरकारों की ओर से गौशालाआंे का संचालन व प्रबंधन बड़े स्तर पर किया जाये।
5. राज्य सरकारों को निर्देशित किया जाये कि गोचर भूमि को गायों के लिये मुक्त किया जाये।
6. गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध के लिये कठोर व प्रभावी केन्द्रीय कानून लागू किया जाये।
7. गाय को राष्ट्रमाता घोषित किया जाये।

सादर,

भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) (मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय महासचिव

महान क्रांतिकारी एवं स्वतंत्रता सेनानी शहीद चंद्रशेखर आजाद की मौत की निष्पक्ष जांच के लिये उच्च स्तरीय आयोग के गठन व उनकी मौत से जुड़ी गोपनीय फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग।

०९ अगस्त २०१६

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री,
भारत सरकार।

विषयः-महान क्रांतिकारी एवं स्वतंत्रता सेनानी शहीद चंद्रशेखर आजाद की मौत की निष्पक्ष जांच के लिये उच्च स्तरीय आयोग के गठन व उनकी मौत से जुड़ी गोपनीय फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग।

महोदय,
आपको ज्ञात है कि भारत के महान स्वंतत्रता सेनानी एवं क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर आजाद की मौत बेहद रहस्यमय परिस्थिति में हुई है। देशवासियों को आंशका है कि हमारे देश के ही कुछ बड़े नेताओं ने षड़यंत्र करके एवं खुफियागिरी करके इस महान क्रांतिकारी की हत्या करायी थी। उनकी मौत की कहानी उतनी ही रहस्यमयी है जितनी की नेता जी सुभाष चन्द्र बोस की। देशवासी चाहते हंै कि उनकी मौत से सम्बंधी रहस्य उजागर हो। ज्ञात हुआ है कि उनकी मौत से जुड़ी गोपनीय फाइल आज भी लखनऊ के सीआईडी आफिस में रखी है। इस फाइल में उनकी मौत से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें दर्ज हैं। यदि उनकी मौत से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक कर दिया जाये तो रहस्य से पर्दा उठ जायेगा।
अतः आपसे अनुरोध है कि निम्नलिखित आदेश शीघ्र देने की कृपा करंेः-
1. शहीद चंद्रशेखर आजाद की मौत की निष्पक्ष जांच कराने, मौत से संबंधी रहस्य को उजागर करने व दोषियों को सजा दिलाने के लिये उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक जांच आयोग का गठन शीघ्र करें।
2. शहीद चंद्रशेखर आजाद की मौत से जुड़ी गोपनीय फाइलों को सार्वजनिक किया जाये ताकि देशवासियों को मौत से संबंधित रहस्य की जानकारी हो जाये।

सादर

भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव
फोनः 09312177979

कैबिनेट मंत्री श्री आजम खान की बर्खास्तगी की मांग।

०४ अगस्त २०१६

प्रतिष्ठा में,
श्री अखिलेश यादव जी,
माननीय मुख्यमंत्री,
उत्तर प्रदेश।

विषयः-कैबिनेट मंत्री श्री आजम खान की बर्खास्तगी की मांग।

महोदय,
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री आजम खान द्वारा बुलंदशहर में घटित बलात्कार की घटना के विषय में दिये गये शर्मनाक टिप्पणी का संज्ञान लेने का कष्ट करें। एक कैबिनेट मंत्री द्वारा बलात्कार जैसे घृणित अपराध के विषय में अभद्र टिप्पणी करना अशोभनीय व जधन्य अपराध है। एक तरफ तो इस कांड को अंजाम देने वाले अपराधियों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, दूसरी तरफ श्री आजम खान ने पीड़िता व उनके परिवार पर नमक छिड़कने का कार्य किया हैं। उनका वक्तव्य अपराधियों के मनोबल को बढ़ाने वाला तथा प्रदेश में अपराध को बढ़ाने वाला है। श्री आजम खान की अभद्र टिप्पणी को उत्तर प्रदेश व देश का सभ्य समाज बर्दाश्त नहीं करेगा।
अतः आपसे मांग है कि उत्तर प्रदेश में अपराध व बुलन्दशहर जैसे कांड को रोकने के लिये निम्न कार्यवाही करने की कृपा करेंः-
1. कैबिनेट मंत्री श्री आजम खान को तुरन्त बर्खास्त करें।
2. उत्तर प्रदेश में अपराध, विशेषकर बलात्कार जैसे जघन्य अपराध पर तुंरत अंकुश लगायें।
3. अपराध को रोकने में विफल रहने के कारण उŸार प्रदेश के पुलिस महानिदेशक श्री जावीद अहमद को हटाया जाये तथा तेज-तर्रार व ईमानदार पुलिस अधिकारी को प्रदेश का पुलिस महानिदेशक बनाया जाये।
4. आंतक फैलाने वाले बावरिया जैसे अपराधी गिरोहों को तत्काल समाप्त करें।
5. पूरे प्रदेश में महिला सुरक्षा व सम्मान सुनिश्चित किया जाये।
6. बलात्कार पीड़ितों को सरकारी नौकरी व मकान उपलब्ध कराया जाये।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) (मुन्ना कुमार शर्मा) (वीरेश त्यागी)
राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय महासचिव राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

मौलवी जाकिर नाईक द्वारा धर्मान्तरण के गंदे खेल पर रोक लगाने व धर्मांतरणरोधी कानून बनाने की मांग।

३० जुलाई २०१६

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री,
भारत सरकार।

विषयः-मौलवी जाकिर नाईक द्वारा धर्मान्तरण के गंदे खेल पर रोक लगाने व धर्मांतरणरोधी कानून बनाने की मांग।

महोदय,
इस्लाम के प्रचार की आड़ में जेहादी आतंकी निर्माण करने वाले मौलवी जाकिर नाईक की जांच से नए-नए षड्यंत्र का खुलासा हो रहा है। मुस्लिम देशों से पैसा लाकर भारत में अवैध धर्मान्तरण का गन्दा खेल इन जैसे मौलवियों द्वारा किया जा रहा। यह भी सिद्ध हो गया है कि लव जिहाद का आरोप मिथ्या नहीं अपितु एक कटु सत्य है। एक हिन्दू के धर्मान्तरण पर 50,000रु. इन मौलवियों को मिलते हैं। लव जिहाद के एक आरोपी ने केरल में स्वीकार भी किया है। परन्तु न केवल इस गन्दे खेल में लिप्त मौलवी इससे इंकार करते हैं अपितु देश का सेक्युलर माफिया इन आरोपों को नकार कर हिन्दू संगठनों को ही कटघरे में खड़ा करने में पूरी ताकत लगा देते हैं। अपने आपको सेक्युलर कहलाने वाले कुछ कथित बुद्धिजीवी अपने-अपने निहित स्वार्थों के कारण बंद आंखों से भी दिखने वाले इस षड्यंत्र को छिपाने का प्रयास करते हंै।
यह तथ्य सभी जानते हैं कि भारत के मुस्लिम और ईसाई समाज में से अधिकांश के पूर्वज हिन्दू थे जिनको अवैध तरीके से धर्मांतरित किया गया। यह गन्दा खेल अब भी जारी है। लव जिहाद से लेकर अन्य माध्यमों से जो भी धर्मान्तरण हो रहे हैं ये सभी अवैध हंै। पैसे से, धोखे से या ताकत के बल पर ही ये धर्मान्तरण हो रहे हैं।
जिनके कारण देश में कई जगह असंतोष उग्र रूप ले सकता है। इसलियें अब इन षड्यंत्रों को दबाने नहीं, इनका खुलासा कर इन पर रोक लगाने की आवश्यकता है।
अतः आपसे अनुरोध है कि इस अंतर्राष्ट्रीय षड्यंत्र में शामिल मौलवी जाकिर सहित अन्य देशद्रोहियों को दण्डित किया जाये तथा अवैध धर्मान्तरण को रोकने के लिए केन्द्रीय कानून शीघ्र लाया जाये।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) (मुन्ना कुमार शर्मा) (वीरेश त्यागी)
राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय महासचिव राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

मोहनदास करमचन्द गांधी की हत्या की जांच के लिये उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र जांच आयोग गठित करने की मांग।

२९ जुलाई २०१६

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री,
भारत सरकार।

विषयः-मोहनदास करमचन्द गांधी की हत्या की जांच के लिये उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र जांच आयोग गठित करने की मांग।

महोदय,
आपको विदित हो कि 30 जनवरी 1948 को नई दिल्ली के बिड़ला हाऊस में मोहनदास करमचंद गांधी की हत्या कर दी गई थी। परन्तु मृत शरीर का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया था। परिणामस्वरूप यह स्पष्ट नहीं हो पाया था कि गांधी को कितनी गोलियां लगी थीं। गंाधी हत्या के मुकदमे में माना गया था कि गंाधी को गोडसे ने तीन गोलियां मारीं। परन्तु बिना पोस्टमार्टम हुए यह सिद्ध नहीं हो पाया कि गंाधी को कितनी गोलियां लगी थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चार गोलियों की आवाज सुनाई पड़ी थी। यदि गोडसे ने तीन गोलियां मारीं तो यह जानना आवश्यक है कि चैथी गोली किसने चलाई। यह भी संभव है कि गोडसे के अलावा कोई दूसरे व्यक्ति ने भी गोली चलाई थी।
इसके अतिरिक्त यह भी स्पष्ट नहीं हो सका कि इस हत्याकांड में किन संगठनों व नेताओं की भूमिका थी। हिन्दू महासभा के अध्यक्ष रहे वीर सावरकर पर लगाया गया आरोप सिद्ध नहीं हो पाया था। परिणाम स्वरूप न्यायालय ने उन्हें आरोप मुक्त कर दिया था। कांग्रेस पार्टी के नेता श्री राहुल गांधी का कहना है कि गांधी की हत्या आरएसएस ने करायी थी। जबकि आरएसएस का कहना है कि इसमें कांग्रेस नेताओं की भूमिका संदिग्ध रही है। कुछ लोगों का आरोप है कि हिन्दू महासभा को बदनाम करने के लिये कांग्रेस पार्टी और संघ ने मिलकर कार्य किया था।
अतः आपसे अनुरोध है कि गांधी वध के संबंध में सभी अनिश्चितताओं व दुविधाओं को समाप्त करने व दूध का दूध व पानी का पानी करने के लिये मोहनदास करमचन्द गांधी की हत्या की जांच के लिये उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र आयोग का गठन शीघ्र करें। इस कार्य में अखिल भारत हिन्दू महासभा पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) (मुन्ना कुमार शर्मा) (वीरेश त्यागी)
राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय महासचिव राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री