तलाक शुदा मुस्लिम महिलाओं का भरण-पोषण पूर्व पति द्वारा करने का प्रावधान लागू करने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार।
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- तलाक शुदा मुस्लिम महिलाओं का भरण-पोषण पूर्व पति द्वारा करने का प्रावधान लागू करने की मांग।
महोदय,
शाह बानो के पक्ष में आए उच्चतम न्यायालय के निर्णय को निष्प्रभावी करने के लिए कांग्रेस सरकार ने कानून बनाया था, उक्त कानून में यह व्यवस्था भी कर दी गई कि तलाकशुदा महिलाओं के भरण-पोषण का भार माता-पिता और रिश्तेदारों पर होगा, जबकि कुरान में यह प्रावधान नहीं है ।
महिलाओं के पैरों में बेड़ियाँ डालकर अथवा उन्हें कट्टरपंथियों की दासियाँ बनाकर देश को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता ।
अतः निवेदन है कि मुसलमानों के घरों में यातनाएँ पा रहीं माताओं और बहनों को 1400 वर्ष पुराने इस्लामी प्रथाओं और दकियानूसी परम्पराओं से स्वाधीन भारत में शीघ्र मुक्ति के लिये तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं का भरण-पोषण पूर्व द्वारा करने का प्रावधान लागू करे।
सादर, भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी)  राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

बहुविवाह, तलाक-ए-एहसन एवं तलाक-के-हसन कुप्रथा पर तत्काल रोक लगाने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार।
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- बहुविवाह, तलाक-ए-एहसन एवं तलाक-के-हसन कुप्रथा पर तत्काल रोक लगाने की मांग।

महोदय,

तीन तलाक की क्रूर प्रथा के समाप्त कर दिए जाने के पश्चात् मुसलमानों के घर में यातना पा रहीं माताओं और बहनों की वर्तमान स्थिति का संज्ञान लेने की कृपा करेंः-
1. यदि पति तलाक देना चाहेगा तो वह एक झटके में तीन बार तलाक बोलकर तो तलाक नहीं दे पाएगा, लेकिन वह नगर पालिका के चेयरमैन अथवा इसी तरह के किसी जन प्रतिनिधि को पत्र भेजकर यह घोषणा कर सकता है कि वह पत्नी को तलाक देने की घोषणा कर रहा है । सिर्फ पत्र मिलने के कुछ दिन बाद ही तलाक हो जाएगा । सरकारी दस्तावेजों में उसका नाम दर्ज हो जाएगा कि अब वह अविवाहित है । किसी भी पुरुष के लिए ऐसा करना कठिन कार्य नहीं होगा ।
2. पति पर आश्रित महिलाएँ तलाक को लेकर बड़ी भयभीत रहती हैं ।
3. पुरुषों को तो तलाक देने का अधिकार है लेकिन महिलाओं को यह अधिकार नहीं है ।
4. भारतीय मुस्लिम कानून में विवाह, तलाक, सन्तान का दायित्व, उत्तराधिकार आदि में महिलाओं को समान अधिकार नहीं हैं ।
5. तीन तलाक के बाद बहु-विवाह भी बंद होना चाहिए ।
6. गणतांत्रिक दकियानूसी और भेदभाव वाले कानूनों का कोई स्थान नहीं हो सकता ।
7. तमाम (मुस्लिम) महिलाएँ पति की पिटाई खाकर भी निरीह बन कर साथ रहने को बाध्य होती हैं ।

इस पृष्ठभूमि में निवेदन है कि तलाक-ए-एहसन और तलाक-के-हसन भी संसद में कानून बनाकर निरस्त किए जाएँ और बहु-विवाह प्रथा भी समाप्त की जाए, तो मुसलमानों के घर में घोर अत्याचार सह रहीं माताओं और बहनों को इस जन्म में दोजख की यातनाओं से मुक्ति मिलेगी ।
सादर, भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी)  राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

विवाह पंजीकरण से परेशानी क्यों।

प्रतिष्ठा में,
श्री राजनाथ सिंह जी,
माननीय गृह मंत्री, भारत सरकार
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली-110001

विषय :- विवाह पंजीकरण से परेशानी क्यों ।

महोदय,
मुस्लिम महिला अधिकार कार्यकर्ता सुश्री नाइश हसन ने विवाह के अनिवार्य पंजीकरण के सम्बंध में विद्वत्तापूर्ण ढंग से विषय का विवेचन किया है । उन्होंने लिखा है कि ईसाइयों और पारसियों पर लागू वैवाहिक कानून के तहत शादी का पंजीकरण अनिवार्य है और ओड़िशा में मुस्लिम विवाह और विवाह विच्छेद पंजीकरण अधिनियम 1949 में बना था । अनिवार्य पंजीकरण से बाल विवाह की रोकथाम, विवाह की न्यूनतम आयु सुनिश्चित होना, गैर-कानूनी बहु-विवाह की जाँच, विवाहित महिलाओं को अपने वैवाहिक घर में रहने, भरण-पोषण भत्ते आदि का अधिकार प्राप्त करने और विधवाओं को उनके विरासत के अधिकार आदि हासिल करने में मदद मिलेगी, साथ-साथ अभिभावकों को बेटियों की शादी के नाम पर उन्हें बेचने से रोका जा सकेगा ।
सुश्री नाइश हसन के अनुसार विवाह के साथ ही तलाक का पंजीकरण भी अनिवार्य होना चाहिए । मुसलमानों के मजहबी संगठन मजहबी आजादी में दखल बताकर इसका विरोध कर रहे हैं, उनका विरोध निरर्थक है ।
निवेदन है कि इस विषय में हिन्दू धार्मिक संस्थाओं और सांस्कृतिक संगठनों से विचार-विमर्श करके यथोचित निर्णय किया जाए । इस सम्बंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।
सादर, भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

“क्या हाल-मिस्टर पांचाल” टीवी धारावाहिक में गैर-कानूनी प्रावधान, तत्काल रोकना आवश्यक।

प्रतिष्ठा में,
श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी जी,
माननीया सूचना एवं प्रसारण मंत्री, भारत सरकार
शास्त्री भवन, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद मार्ग, नई दिल्ली-110001

विषय :- “क्या हाल-मिस्टर पांचाल” टीवी धारावाहिक में गैर-कानूनी प्रावधान, तत्काल रोकना आवश्यक।

महोदया,
स्टार भारत नाम के टीवी चौनल पर कुछ दिन पहले 18ः30 बजे से 19ः00 बजे तक शुरू हुआ धारावाहिक “क्या हाल-मिस्टर पांचाल” नाम से है । इस धारावाहिक में गैर-कानूनी प्रावधान करके एक हिन्दू पुरुष की पाँच पत्नियाँ दिखाई जा रही हैं । यह बेहद गैर-कानूनी प्रावधान है । यह गैर-परम्परागत भी है । इसमें हिन्दुओं के अपमान के साथ-साथ भगवान् शिव और भगवती पार्वती जी को बड़े विचित्र और भद्दे ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है ।
कुछ दिन पहले “पहरेदार पिया की” धारावाहिक में नाबालिग 9 वर्ष के बच्चे का विवाह एक 18 वर्ष की लड़की से दिखाया जा रहा था । ऐसी जानकारी मिली है कि इस गैर-कानूनी विवाह के कारण इस धारावाहिक को बंद कर दिया गया है ।
इसलिए यह नितांत आवश्यक है कि “क्या हाल-मिस्टर पांचाल” धारावाहिक पर तत्काल रोक लगा दी जाए । इस सम्बंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।
सादर, भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे को सीदी सैयद मस्जिद घुमाने के भारतीय प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का हिन्दू महासभा ने किया विरोध

नई दिल्ली, 13 सितम्बर 2017

अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे को सीदी सैयद मस्जिद घुमाने के भारतीय प्रधामंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम का विरोध किया है तथा कहा है कि भारतीय प्रधानमंत्री का यह कदम भारतीय संस्कृति व प्रतिष्ठा के विपरीत है। उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री से मांग की है कि जापानी प्रधानमंत्री को सीदी सैयद मस्जिद की जगह सोमनाथ मंदिर, द्वारका एवं ज्योतिर्लिंग का दर्शन कराना चाहिए था। क्योंकि भारत हिन्दू राष्ट्र है। हिन्दू राष्ट्र के रूप में भारत की पहचान है। बाबा भोले शंकर, भगवान राम, भगवान कृष्ण हमारी संस्कृति के प्रतीक हैं। गुजरात में स्थित हिन्दू देवी-देवताओं के भव्य मंदिरों का दर्शन कराना चाहिए था। परन्तु भारतीय प्रधानमंत्री ने ऐसा न कर हिन्दू विरोधी एवं भारतीय संस्कृति विरोधी कार्य किया है। देश के 125 करोड़ हिन्दू इसे माफ नहीं करेंगे। भारतीय प्रधानमंत्री के इस कदम से हिन्दू भावनाओं को ठेस पहुंचा है।
हिन्दू महासभा राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात विधान सभा चुनाव को देखते हुए यह कदम उठाया है। प्रधानमंत्री का यह कदम अल्पसंख्यक तुष्टीकरण का एक हिस्सा है। हिन्दू महासभा नेता ने कहा है कि अल्पसंख्यक तुष्टीकरण के कारण ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की दुर्गति हुई है। यदि ऐसी ही तुष्टीकरण भाजपा सरकार द्वारा भी होती रहेगी तो भाजपा को मिटने में और कम समय लगेगा।

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव
फोनः9312177979

कश्मीर में धार्मिक स्थलों के दुरूपयोग को रोकने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री राजनाथ सिंह जी,
माननीय गृह मंत्री, भारत सरकार
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली-110001

विषय :- कश्मीर में धार्मिक स्थलों के दुरूपयोग को रोकने की मांग।

महोदय,
कश्मीर में मजहबी (धार्मिक शब्द गलत, क्योंकि धर्म और मजहब में भारी अंतर है) स्थलों के दुरूपयोग पर संज्ञान लेने की कृपा करेंः-
1. मस्जिदों से जेहादी तराने जोर-शोर से बजाए जाते हैं ।
2. पांपोर की मस्जिद में देश के तिरंगे झण्डे के चित्र को देखकर भारत विरोधी नारे लगाए गए और मस्जिद के इमाम ने भी निर्लज्जता से तिरंगे के चित्र को स्वीकार नहीं करने की घोषणा की ।
3. पत्थरबाजों को उकसाने और भड़काने में मस्जिदों के इमाम अहम भूमिका निभा रहे हैं ।
4. आतंकियों और पत्थरबाजों के मानवाधिकारों की वकालत करने वालों पर भी सख्ती होनी चाहिए और कश्मीर में मुस्लिम मुल्लाओं के रवैये पर सख्त रुख अपनाया जाना चाहिए ।
आपसे अनुरोध है कि जम्मू-कश्मीर सरकार धार्मिक संस्थान (दुरुपयोग) निवारण अधिनियम 1988 को लागू करें ।
अनुरोध है कि इस विषय पर तत्काल कार्रवाई कराने की कृपा करें । इस सम्बंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें तथा धार्मिक स्थलों के दुरूपयोग पर पूरे देश में कानूनी प्रतिबंध लगाया जाये।
सादर, भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

गौरक्षकों को गौहत्यारों के षड्यंत्रों से बचाया जाये, रोहिंग्या व बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों को देश से निकालने का काम युद्ध स्तर पर किया जाये-हिन्दू महासभा

नई दिल्ली, 06 सितम्बर 2017

गौरक्षकों को गौहत्यारों के षड्यंत्रों से बचाया जाये, रोहिंग्या व बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों को देश से निकालने का काम युद्ध स्तर पर किया जाये-हिन्दू महासभा
अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मांग की है कि हिन्दुस्थान के गौरक्षकों व गौभक्तों को गौहत्यारों एवं गौतस्करों के हमलों व षड्यंत्रों से बचाया जाये। सख्त कानून बनाया जाये ताकि गौहत्यारों व गौतस्करों के द्वारा गायों की हत्या भी नहीं होने पाये तथा गौरक्षकों व गौभक्तों पर हो रहे हमलों को भी रोका जा सके। श्री शर्मा ने कहा है कि गौहत्यारे तथा गौतस्कर गौरक्षकों को झूठे मुकदमों में फंसाने तथा उन्हें बदनाम करने का कार्य कर रहे हैं। गौहत्या व गौतस्कर के संरक्षकों द्वारा जनहित याचिका के माध्यम से न्यायालय को गुमराह किया जा रहा है। केन्द्र सरकार को सतर्क होने की आवश्यकता है। केन्द्र सरकार को गौहत्या व गौतस्करी को संरक्षण देने वाले तथाकथित याचिकाकर्ताओं की जांच करानी चाहिए और उसकी करतूतों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए। मुन्ना कुमार शर्मा न कहा है कि गाय देश के सवा सौ करोड़ हिन्दुओं की माता के समान है। उन्होंनें मांग की है कि गौमाता की रक्षा के लिये केन्द्रीय स्तर पर कड़ा कानून बनाया जाये, गौहत्या पर पूरे देश में प्रतिबंध लगे तथा गौहत्यारों को फांसी की सजा दी जाये।
वहीं हिन्दू महासभा राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर रोहिंग्या व बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों को देश से निकालने के काम में तेजी लाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि इस राष्ट्रीय हित के कार्य को युद्धस्तर पर किया जाना चाहिए। श्री शर्मा ने कहा कि रोहिंग्या व बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों को नागरिक सुविधायें देने की मांग करने वाले तथाकथित मानवतावादियों पर मुकदमा दर्ज करने व उसकी नागरिकता समाप्त करने की मांग की है। घुसपैठिये भारत के नागारिक नहीं हैं। इसलिये हमारी सरकार इसे नागारिक सुविधायें देने के लिये बाध्य नहीं है।

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव
फोनः9312177979

गौरक्षकों को गौहत्यारों के षड्यंत्रों से बचाया जाये-हिन्दू महासभा

नई दिल्ली, 06 सितम्बर 2017

गौरक्षकों को गौहत्यारों के षड्यंत्रों से बचाया जाये-हिन्दू महासभा

अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मांग की है कि हिन्दुस्थान के गौरक्षकों व गौभक्तों को गौहत्यारों एवं गौतस्करों के हमलों व षड्यंत्रों से बचाया जाये। सख्त कानून बनाया जाये ताकि गौहत्यारों व गौतस्करों के द्वारा गायों की हत्या भी नहीं होने पाये तथा गौरक्षकों व गौभक्तों पर हो रहे हमलों को भी रोका जा सके। श्री शर्मा ने कहा है कि गौहत्यारे तथा गौतस्कर गौरक्षकों को झूठे मुकदमों में फंसाने तथा उन्हें बदनाम करने का कार्य कर रहे हैं। गौहत्या व गौतस्कर के संरक्षकों द्वारा जनहित याचिका के माध्यम से न्यायालय को गुमराह किया जा रहा है। केन्द्र सरकार को सतर्क होने की आवश्यकता है। केन्द्र सरकार को गौहत्या व गौतस्करी को संरक्षण देने वाले तथाकथित याचिकाकर्ताओं की जांच करानी चाहिए और उसकी करतूतों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए। मुन्ना कुमार शर्मा न कहा है कि गाय देश के सवा सौ करोड़ हिन्दुओं की माता के समान है। उन्होंनें मांग की है कि गौमाता की रक्षा के लिये केन्द्रीय स्तर पर कड़ा कानून बनाया जाये, गौहत्या पर पूरे देश में प्रतिबंध लगे तथा गौहत्यारों को फांसी की सजा दी जाये।

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव
फोनः9312177979

रोहिंग्या मुसलमानों की घुसपैठ को रोकने व उसे देश से निकालने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार।
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- रोहिंग्या मुसलमानों की घुसपैठ को रोकने व उसे देश से निकालने की मांग।

महोदय,
भारत में मानवाधिकार के नाम पर रोहिंग्या मुसलमानों को बसाने का प्रयास किया जा रहा है। आतंकी याकूब मेमन के अधिवक्ता रहें प्रशांत भूषण इन रोहिंग्या मुस्लिम घुसपैठियों की वकालत करके इनको यहां मानवता के नाम पर बसाना चाहते हैं।
परंतु क्या यह कोई सुनिश्चित कर सकता है कि रोहिंग्या मुसलमान भारत में घुसपैठ करके बंग्लादेशी घुसपैठियों के समान जिहाद के अंतर्गत आतंक व अपराध को बढ़ावा नही देंगें ? जबकि हम पहले ही करोड़ों बंग्लादेशी घुसपैठियों के आतंक को झेल रहे हैं जिसके कारण हमारी न्यायायिक व्यवस्था बार बार सरकार से इन घुसपैठियों को देश से बाहर निकालने के लिये भी परामर्श देती आ रही है। फिर भी हम इन रोहिंग्या घुसपैठियों को स्वीकार करके मानवता के नाम पर आतंक व अपराध की समस्याओं को ही बढ़ावा दें तो यह भूल नहीं आत्मघाती होगा।
जरा सोचें ये मुस्लिम म्यंमार से क्यों भाग रहें है ? इन्होने वहां के बौद्ध व अन्य धर्म के नागरिकों को अपनी जिहादी सोच के कारण वर्षो से आतंकित कर रखा है। वहां के एक बौद्ध भिक्षु विराथू ने जब इनकी मानसिकता को समझा तो उन्होने शांतिप्रिय होते हुए भी अपने राष्ट्र व नागरिकों के अस्तित्व की रक्षा के लिये इन आतंकियों के विरुद्ध संघर्ष करने के लिये सभी को प्रेरित किया।अभी भी वहां ये मुस्लिम आतंकी रक्षाबलों के ठिकानों पर व सामान्य क्षेत्रों में भी आक्रमण करने से पीछे नही हट रहें हैं।अनेक आतंकी संगठन वहां के स्थानीय मुसलमानों का सहयोग करके जिहाद के लिये सक्रिय है।
ऐसी जिहादी मानसिकता वाले रोहिंग्या मुसलमानों को हम अपने यहां शरण दें तो हम भविष्य में इनके द्वारा और अधिक जिहादी संकट को कैसे रोक पायेंगे ? जबकि हम अपने ही लाखों कश्मीरी हिंदुओं को कश्मीर में उनके ही नगरों में उन्हीं की संपत्तियों में पुनः स्थापित करने में जिहादियों के कारण ही असमर्थ हो रहें हैं।
क्या मानवतावादियों को उदार व सहिष्णु हिंदुओं की पीड़ा द्रवित नहीं करती ? क्या सभी मानवतावादियों को मानवता का सर्वनाश करने वाले इन आतंकियों के ही मानवाधिकार की चिंता होती है ?
अतः आपसे मांग है कि अवैध रुप से रह रहें रोहिंग्या घुसपैठियों को देश से बाहर निकाला जाये और भविष्य में म्यंमार से भाग कर आने वालों का प्रवेश वर्जित किया जाये।
सादर, भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

हरियाणा में फिर ताक पर पहुँचा लोकतंत्र ।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार।
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- हरियाणा में फिर ताक पर पहुँचा लोकतंत्र ।

महोदय,
कृपया हरियाणा के संबंध में निम्नलिखित बिंदुओं का संदर्भ लेने का कष्ट करेंः-
1. हरियाणा तीसरी बार जल उठा, हर मौके पर मनोहरलाल खट्टर सरकार लाचार दिखी ।
2. नागरिक सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध सरकार (हरियाणा की) सोई हुई दिखी ।
3. पिछले अनुभवों से भी मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर कुछ सीख नहीं सके हैं ।
4. अपने नेताओं का विश्वास खोते रहे खट्टर की क्षमता पर जनता भी भरोसा करे तो क्यों और कैसे ?
5. पुलिस और सेना भी तब असरदार होती हैं जब राजनीतिक इच्छाशक्ति हो, इस मामले में तो वह शून्य दिखी है ।
6. जाट आरक्षण में 3-4 दिनों तक हरियाणा जलता रहा था, किसी तरह मामला सुलझा लेकिन खट्टर सीख नहीं ले पाए ।
7. भयावह हिंसा के लिए पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने मनोहरलाल सरकार को उचित फटकार लगाई ।
8. अगर कोई सरकार बारम्बार अराजकता के आगे असहाय दिखे तो फिर वह अपनी प्रतिष्ठा की रक्षा नहीं कर सकती ।
9. हरियाणा सरकार जिम्मेदारी के साथ जवाबदेही का भी परिचय देने में विफल साबित हुई है ।
10. अच्छा होगा कि खट्टर सरकार को लगी फटकार पर भाजपा सही से चिंतन-मनन करे ।
11. भाजपा सरकार की यह चौथी अग्नि परीक्षा थी, जिसमें वह खरा नहीं उतर सकी ।
12. पंचकुला में अगर भीड़ जमा नहीं होती तो हालात इतने नहीं बिगड़ते ।
13. कुल मिलाकर करौंथा आश्रम के संचालक रामपाल के गिरफ्तारी प्रकरण और राज्य में दो बार हुए जाट आरक्षण आन्दोलन के बाद यह चौथा मौका था तब प्रदेश के सीने को जख्म मिला है ।
14. हाई कोर्ट की पूर्ण पीठ ने हरियाणा सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार ने महज अपने वोट बैंक के लिए डेरा समर्थकों के आगे एक तरह से समर्पण ही कर दिया था ।
इस प्रकरण में निवेदन है कि केन्द्रीय सरकार के गठन हेतु सन् 2019 में होने वाले आम चुनाव और हरियाणा में होने वाले अगले विधानसभा के चुनाव में जनता की प्रक्रिया का अनुमान हरियाणा सरकार के प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में होना आवश्यक है । हरियाणा में नेतृत्व परिवर्तन से सम्भवतः जन-विश्वास के बहाल होने की सम्भावना बन सकती है ।
विश्वास है कि अविलम्ब निर्णय लेने की कृपा करेंगे ।

सादर, भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री