Monthly Archives: January 2019

सुप्रीम कोर्ट में केन्द्र सरकार की याचिका टालू एवं दुर्भाग्यपूर्ण – हिन्दू महासभा

नई दिल्ली,29 जनवरी 2019

सुप्रीम कोर्ट में केन्द्र सरकार की याचिका टालू एवं दुर्भाग्यपूर्ण-हिन्दू महासभा

अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री मुन्ना कुमार शर्मा ने कहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा उच्चतम न्यायालय में दाखिल की गई याचिका दुर्भाग्यपूर्ण एवं पूर्णतः टालू रवैया है। यह एक राजनीतिक निर्णय है जिसके द्वारा भाजपा इस मुददे को केवल वोट बैंक की राजनीति के लिये आगामी लोकसभा चुनाव में इस्तेमाल करना चाहती है। केन्द्र की भाजपा सरकार की इस प्रकार की टालू रवैया देष के सौ करोड़ हिन्दुओं के साथ विष्वासघात है। हमें उम्मीद थी कि केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार विधेयक लाकर या अध्यादेष लाकर भगवान राम के जन्म स्थान पर राम मंदिर बनाने का मार्ग प्रषस्त करेगी। 2014 के चुनाव से पूर्व नरेन्द्र मोदी ने पूरे देष में घूमकर यह वादा किया था कि जन्मस्थान पर राम मंदिर बनायेंगे। परन्तु गर्भगृह (जन्मस्थान) को छोड़कर बाकी भूमि से यथास्थिति हटाने के लिये याचिका दाखिल कर भाजपा ने देष की जनता से वादाखिलाफी किया है। देष की जनता उन्हें कभी भी माफ नही करेगी तथा आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को सबक सिखायेगी।

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महामंत्री
फोनः9312177979

मस्जिदों के इमामों को दी जा रही मासिक वेतन बंद करने अथवा हिन्दू मंदिरों मे पुजारियों को भी मासिक वेतन देने की मांग।

श्री अरविन्द केजरीवाल जी,
आदरणीय मुख्यमंत्री, दिल्ली सरकार।

विषयः-मस्जिदों के इमामों को दी जा रही मासिक वेतन बंद करने अथवा हिन्दू मंदिरों मे पुजारियों को भी मासिक वेतन देने की मांग।

महोदय,
आपको ज्ञात हो कि दिल्ली सरकार के अधीनस्थ कार्यरत मुस्लिम बक्फ बोर्ड द्वारा मस्जिदों के इमामों को दस हजार रूपये मासिक वेतन दिया जा रहा था, जिसे अब बढ़ाकर अठारह हजार रूपये मासिक कर दिया गया है। परन्तु हिन्दू मंदिरो के पुजारियों को एक पैसा भी आर्थिक सहयोग दिल्ली सरकार द्वारा नहीं दी जा रही है। यह बहुसंख्यक हिन्दुओं के साथ नाइंसाफी है। इसके साथ ही दिल्ली सरकार के इस प्रकार के निर्णयों से ऐसा लगता है कि दिल्ली में इस्लामिक सरकार कार्य कर रही है। एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र में समुदाय के आधार पर असमानता संविधान एवं कानून का उल्लंघन है।
आपसे अनुरोध है कि या तो मस्जिदों के इमामों को वेतन देना बंद कर दें अथवा हिन्दू पुजारियों को भी समान मासिक वेतन देना प्रांरभ करें।

सादर,

भवदीय

(चन्द्रप्रकाष कौषिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

राम मंदिर मुकदमे की सुनवाई की तारीख टलने से हिन्दू महासभा नेता नाराज, वीर सावरकर को भारत रत्न नहीं देने का विरोध

नई दिल्ली,28 जनवरी 2019

राम मंदिर मुकदमे की सुनवाई की तारीख टलने से   हिन्दू महासभा नेता नाराज, वीर सावरकर को भारत रत्न नहीं देने का विरोध

अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रप्रकाष कौषिक एवं राष्ट्रीय महामंत्री मुन्ना कुमार शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मुकदमे की सुनवाई की तारीख टाले जाने पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि मर्यादा पुरूषोतम श्रीराम के जन्मस्थान पर मंदिर बनाने का रास्ता रोकना देष के हिन्दुओं को स्वीकार्य नहीं है। लगातार बाद्या उत्पन्न किये जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए हिन्दू महासभा नेताओं ने कहा कि यह देष की जनता का अपमान है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दास्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि यदि देष के बहुसंख्यक हिन्दुओं ने ठान लिया तो वह स्वंय राम मंदिर का निर्माण कर देगी। उन्होंने केन्द्र सरकार व न्यायपालिका से मांग की है कि दिन-प्रतिदिन सुनवाई कर जन्मस्थान पर राम मंदिर बनाने का मार्ग शीघ्र प्रषस्त किया जाये।
वहीं अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रप्रकाष कौषिक एवं राष्ट्रीय महामंत्री मुन्ना कुमार शर्मा ने अद्वितीय स्वंतत्रता सेनानी व हिन्दू राष्ट्र के प्रणेता वीर सावरकर को भारत रत्न न देने का तीव्र विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि वीर सावरकर एक अद्वितीय स्वतंत्रता सेनानी, क्रंातिकारियों के प्ररेणाश्रोत, विदेषी धरती पर पहली बार स्वतंत्रता आंदोलन का श्रीगणेष करने वाले एक महान विचारक व लेखक थे। उन्हंे भारत रत्न न देकर केन्द्र की भाजपा सरकार ने देष के स्वतंत्रता सेनानियों व क्रंातिकारियों का अपमान किया है।

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महामंत्री
फोनः9312177979

जनसँख्या नियंत्रण पर बने कानून – वीरेश त्यागी, राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री (अखिल भारत हिन्दू महासभा)

16 जनवरी 2019, हांसी

जनसँख्या नियंत्रण पर बने कानून – वीरेश त्यागी, राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री (अखिल भारत हिन्दू महासभा)

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राम मंदिर मुकदमे की सुनवाई में अड़ंगा लगाने की हिन्दू महासभा ने की आलोचना।

नई दिल्ली,10 जनवरी 2019

राम मंदिर मुकदमे की सुनवाई में अड़ंगा लगाने की हिन्दू महासभा ने की आलोचना।

अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रप्रकाष कौषिक एवं राष्ट्रीय महामंत्री मुन्ना कुमार शर्मा ने उच्चमत न्यायालय में अयोध्या स्थित श्री रामजन्मस्थान मुकदमे की सुनवाई में सुन्नी बक्फ बोर्ड एवं कांग्रेस पार्टी के वकील राजीव धवन द्वारा बार-बार अडं़गे लगाने की तीव्र आलोचना की है। हिन्दू महासभा नेताओं ने कहा है कि कभी अनुवाद के नाम पर, कभी संविधान पीठ के नाम पर और कभी किसी न्यायमूर्ति पर बेबुनियाद आरोप लगाकर सुनवाई की तारीख बार-बार आगे बढ़वाकर राजीव धवन देष के 100 करोड़ हिन्दुओं की भावनाआें के साथ खिलवाड़ कर रहें हैं। मर्यादा पुरूषोत्तम राम हिन्दुओं एवं हिन्दू राष्ट्र भारत की पहचान व प्ररेणाश्रोत हैं। वे भारतीय संस्कृति के प्रतीक हैं। उनके जन्मस्थान पर मंदिर बनाने में बाधा डालकर कांग्रेस पार्टी व सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील हिन्दुओं के साथ विष्वासघात कर रहे हैं। राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री वीरेष त्यागी एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता पं0 प्रमोद जोषी ने कहा है कि विदेषी यात्रियों के ग्रथों, विवादित ढं़ाचे के उत्खनन से प्राप्त अवषेषों, तुलसीदास कृत दोहा शतक, 1936 में वक्फ के विधान में राम मंदिर को वक्फ संपति नहीं बनना, 1941 में फैजाबाद नजूल विभाग द्वारा श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर, रामकोट अयोध्या 67.77 एकड़ भूमि क्र. 583 में पंजीकृत करने, षिया या सुन्नी वक्फ बोर्ड द्वारा विवादित  भूमि के रख रखाव में कोई रूचि नहीं लेने तथा 19 जून 1949 को इस भूमि का ट्रस्ट श्रीपंचरामानंदीय निर्मोही अखाड़ा द्वारा पंजीकृत कराने आदि प्रमाणां से साबित होता है कि यह स्थान श्रीराम जन्म स्थान ही है।

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महामंत्री