भारतीय संविधान का अनुच्छेद 35-ए (जम्मू एण्ड़ कष्मीर) संवैधानिक धोखा है इसे तत्काल हटाया जाये – चन्द्रप्रकाष कौषिक

नई दिल्ली, 09 अप्रैल 2019

अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रप्रकाष कौषिक ने कहा कि अनुच्छेद 35-ए एक संवैधानिक धोखा, है जो जम्मू-कष्मीर की महिलाओं को अधिकारों से वंचित कर रहा है तथा राज्य से बाहर के लोगों को जम्मू-कष्मीर में संपत्ति खरीदने से वंचित करता है। इससे संविधान में प्रदत्त अधिकारों का हनन से रहा है। इसीलिये अखिल भारत हिन्दू महासभा सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में पार्टी बनी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रप्रकाष कौषिक ने कहा कि तत्कालीन राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद ने 14 मई 1954 को अनुच्छेद 370 (1) के तहत अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए अनुच्छेद 35-ए को भारतीय संविधान में जोड़ा था। जबकी राष्ट्रपति को संविधान में एक नया अनुच्छेद जोड़ने की स्वतंत्रता नहींे है। इसलिये अनुच्छेद 35-ए असंवैधानिक है। भारतीय संविधान के अनुसार देष के सभी नागरिकों को समान अधिकार है ऐसे में जम्मू-कष्मीर के लागों को विषेष अधिकार कैसे दिया जा सकता है। जब राष्ट्रपति को कोई नया अनुच्छेदं संविधान में जोडने का अधिकार ही नहीं है तो 35-ए को संविधान में कैसे जोड़ा जा सकता।

वीरेष त्यागी 
राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री    

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