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राजभाषा नियमावली 1976 के नियम 11 का घोर उल्लंघन करके बैंकों में खाता खोलने सम्बंधी फार्म केवल अंग्रेजी में होना, जनता के अधिकारों की खुली अनदेखी ।

प्रतिष्ठा में,
श्री अरुण जेटली जी,
माननीय वित्त मंत्री, भारत सरकार
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली-110001

विषय :- राजभाषा नियमावली 1976 के नियम 11 का घोर उल्लंघन करके बैंकों में खाता खोलने सम्बंधी फार्म केवल अंग्रेजी में होना, जनता के अधिकारों की खुली
अनदेखी ।

महोदय,
राजभाषा नियमावली 1976 के नियम 11 के अनुसार सभी प्रकार के फार्म हिंदी में अंग्रेजी के ऊपर अथवा अंग्रेजी से पहले मुद्रित/चक्रमुद्रित होने अनिवार्य हैं ।
किन्तु राष्ट्रीयकृत बैंकों में खाता खोलने के फार्म केवल अंग्रेजी में प्रकाशित हैं और द्विभाषिक रूप में मुद्रित नहीं हैं । इसके कारण जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है यह जनता के अधिकारों पर कुठाराघात है ।
बैंकों से भी तत्काल पूछताछ/जाँच कराने की कृपा करें । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा)संपादक

(वीरेश त्यागी) प्रबंध संपादक

धारा-370 समाप्त करने, समान नागरिक संहिता लागू करने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार।
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011
विषय :-धारा-370 समाप्त करने, समान नागरिक संहिता लागू करने की मांग।

महोदय,
देशहित में निम्नलिखित निर्णय लेने की कृपा करेंः-
1. जम्मू-कश्मीर सम्बंधी संविधान की धारा 370 अविलम्ब समाप्त की जाए ।
2. समान नागरिक संहिता लागू की जाए ।
3. जम्मू-कश्मीर में सुश्री महबूबा मुफ्ती की सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू किया जाये।
4. जम्मू-कश्मीर में सेना को, आतंकवादियों और उनके संरक्षकों को कुचलने के लिए पूरी छूट दी जाए ।
5. अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था अविलम्ब समाप्त की जाए ।
6. गौहत्या पर पूरे देश में पूर्ण रूप से रोक लगायी जाये। गौहत्या करने वालों को आजीवन कारावास की सजा दी जाये।
विश्वास है कि आप कृपा करके उपर्युक्त सब अनुरोधों को स्वीकार करेंगे ।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

श्रीराम जन्मस्थान पर मंदिर बनाने का विरोध करने वालों की नागरिकता समाप्त हो-हिन्दू महासभा

नई दिल्ली, 09 अगस्त 2017

श्रीराम जन्मस्थान पर मंदिर बनाने का विरोध करने वालों की नागरिकता समाप्त हो-हिन्दू महासभा

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मस्थान मुकदमे के प्रमुख पक्षकार अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने शिया बक्फ बोर्ड द्वारा उच्चतम न्यायालय में हलफनामा प्रस्तुत कर श्रीरामजन्मस्थान को हिन्दुओं को सौंपने की अपील का स्वागत किया है। उन्होंने कहा है कि भगवान श्रीराम हिन्दुस्तान के लोगों के लिये मर्यादा पुरूषोत्तम हैं। भगवान राम देश की पहचान हैं। उनसे हमारे देश का गौरव बढ़ता है। इसलिये ऐसे मर्यादा पुरूषोत्तम के जन्मस्थान पर भव्य मंदिर अतिशीघ्र बनना चाहिए। उन्होंने 11 अगस्त से मुकदमे की सुनवाई करने व उसके लिये पीठ गठित करने के उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत किया है तथा कहा है कि निर्णय भी हिन्दुओं के पक्ष में ही आयेगा। उन्होंने कहा कि शिया बक्फ बोर्ड का निर्णय सत्य की जीत है। भगवान राम के जन्मस्थान पर यदि मंदिर नहीं बनेगा तो क्या मंदिर पाकिस्तान में बनेगा। उन्होंने बताया कि हिन्दू महासभा ने मुकदमे में जोरदार पक्ष रखने की तैयारी कर ली है। उन्होंने कहा कि जब आर्केलाजिकल सर्वे आफ इंडिया द्वारा की गई खुदाई से स्पष्ट प्रमाण मिल गया है कि तोड़े गये ढ़ांचे के नीचे मंदिर थी, तो अब श्रीराम मंदिर बनाने में विलम्ब क्यों हो रहा है।
अखिल भारत हिन्दू महासभा नेता मुन्ना कुमार शर्मा ने केन्द्र की राजग सरकार से अयोध्या स्थित भगवान राम के जन्मस्थान पर मंदिर बनाने का विरोध करने वालों की नागरिकता समाप्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान राम के मंदिर का विरोध करने वालों को हिन्दुस्तान में रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। उनका देश निकाला किया जाये।
(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव
फोनः9312177979

हिंदी पर अकारण आक्षेप ।

प्रतिष्ठा में,
श्री राजनाथ सिंह जी,
माननीय गृह मंत्री, भारत सरकार
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली-110001

विषय :- हिंदी पर अकारण आक्षेप ।

महोदय,
बंगलुरू में मेट्रो रेल के स्टेशनों आदि पर नाम कन्नड़, हिंदी और अंग्रेजी में लिखे होने पर कुछ नासमझ और अति उत्साही अंग्रेजी प्रेमियों ने कन्नड़ प्रेमी होने का दिखावा करते हुए हिंदी नामों को मिटाने की कोशिश की है । हिंदी में कुछ भी ऐसा नहीं, जो कन्नड़ के विरुद्ध हो और हिंदी का स्वरूप राष्ट्रीय है । वस्तुतः हिंदी विरोधी आन्दोलन कुछ थोड़े से अंग्रेजी प्रेमियों की ईर्ष्या-द्वेष का परिणाम है ।
भारत सरकार, गृह मंत्रालय के स्थायी आदेशों के अनुसार सब राज्यों में केन्द्रीय सरकारी कार्यालयों में नामपट्ट और सूचनापट्ट तीन भाषाओँ में लिखे जाना आवश्यक है, जिसके अनुसार सम्बंधित राज्य की राजभाषा सबसे प्रथम होती है और हिंदी द्वितीय स्थान पर होती है । ऐसी स्थिति में किसी भी कन्नड़ अथवा अन्य भारतीय भाषा के पक्षधर को हिंदी के प्रति आक्रोश नहीं निकालना चाहिए ।
वस्तुतः यह कांग्रेस सरकार की उस कुनीति का एक अंग है, जिसमें कर्नाटक की सरकार एक अलग ध्वज अपनाना चाहती है, उसी अलगाववादी सोच के तहत हिंदी का विरोध भी किया जा रहा है ।
वस्तुतः यह संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन है, क्योंकि हिंदी संघ की राजभाषा है और अनुच्छेद 351 की भावना की पृष्ठभूमि में केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और देश की जनता का यह कर्तव्य है कि सब हिंदी का विकास करें और प्रसार बढ़ाएँ ।
इस प्रसंग में सुझाव है कि सम्बन्धित कन्नड़ के छद्म प्रेमियों को आमंत्रित करके उन्हें समझाने का प्रयत्न किया जाए ।
हिंदी की लिपि, शब्द भंडार और मिजाज तक अखिल भारतीय हैं और हिंदी पूरे देश की सांझी भाषा है ।
इस सम्बंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,

भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी)  राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

महिलायें देर रात्रि घर से न निकलें – हिन्दू महासभा

नई दिल्ली, 08 अगस्त 2017

महिलायें देर रात्रि घर से न निकलें – हिन्दू महासभा

अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने देश की बहन, बेटियों व महिलाओं को सलाह दी है कि वे देर रात्रि घर से बाहर न निकलें, क्योंकि देर रात्रि में स्वतंत्र रूप से निकलने पर समुचित सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध नहीं होता है। देर रात्रि अपराधी गश्त लगाता है और पुलिस सोयी रहती है। ऐसे में आमजनों, विशेषकर महिलाओं के साथ अप्रिय घटनाएं घटित हो सकती हैं। इसलिये महिलायें व उनके परिवार के सदस्य असलियत को समझें व अपनी सुरक्षा स्वयं करें। हिन्दू महासभा नेता श्री शर्मा ने देश की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता प्रकट किया है। उन्होंने कहा है कि राजनेता, पुलिस व अपराधियों के संगठित गिरोह से आमजनों की सुरक्षा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। राजनेताओं व पुलिस के संरक्षण में अपराधी आमजनों विशेषकर महिलाओं के साथ अपराध करता है। परन्तु पुलिस उस पर उचित कार्रवाई नहीं करती है। देश के आपराधिक इतिहास में कई ऐसे चर्चित अपराध हुए हैं, जिससे हमें सतर्क रहने की आवश्यकता है। अपराधी घटना को अंजाम दे देता है और पुलिस उसकी मदद करते रहती है। उन्होंने कहा कि बहादुर बेटी वर्णिका कुंडु के साथ जो अप्रिय घटनाएं हुइंर्, वह उसी गठजोड़ का नतीजा है। भाजपा के बडे़ नेता के बेटे ने एक लड़की का अपहरण करने का प्रयास किया, परन्तु राजनैतिक दबाव के कारण अपहरण के प्रयास का मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। हलके घाराओं में मुकदमा दर्ज करने के कारण अपराधी की जमानत थाना में ही हो गई। जब एक आईएएस अधिकारी की बेटी सुरक्षित नहीं है तो आम महिलाओं की सुरक्षा कैसे हो सकती है। हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने देशवासियों से राजनेता, पुलिस व अपराधियों के संगठित गिरोह के विरूद्ध आवाज उठाने का आहवान किया है। साथ-ही केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से पीड़ीता वर्णिका कुंडु के साथ अपराध करने वाले राजनेता के बेटे पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव
फोनः9312177979

एक से अधिक विवाह के पंजीकरण पर रोक लगे।

प्रतिष्ठा में,
श्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज,
माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
लाल बहादुर शास्त्री भवन, लखनऊ
उत्तर प्रदेश

विषयः एक से अधिक विवाह के पंजीकरण पर रोक लगे।

महोदय,
अब उत्तर प्रदेश में पति-पत्नी दोनों के चित्रों सहित विवाह/निकाह का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है । समान सिविल संहिता की दिशा में यह उत्तर प्रदेश सरकार का एक कदम है । इसके साथ-साथ देश के कुछ राज्यों में बने कानूनों/नियमों के अनुसार प्रदेश में दो या तीन से अधिक बच्चों/संतानों वालों को ग्राम पंचायत/नगर पंचायत/नगर पालिका/विधान सभा/संसद के सदस्यों का चुनाव लड़ने से वंचित करने का नियम भी लागू कर दिया जाए, साथ-साथ इस नियम के पालन की जाँच के लिए जनगणना के अभिलेखों से सम्बंधित व्यक्ति/परिवार द्वारा दी गई सूचना की पुष्टि कर ली जाए, क्योंकि ऐसी जानकारियाँ मिल रही हैं कि कुछ परिवार जनगणना में सदस्यों की संख्या कम दिखाते हैं, जबकि वस्तुतः सदस्य अधिक होते हैं ।
इसके साथ-साथ अनुरोध है कि किसी पुरूष की केवल एक विवाह का ही पंजीकरण कराया जाये। चाहे किसी भी संप्रदाय का पुरूष हों। नियम सबके लिये एक ही होना चाहिए। एक पंथनिरपेक्ष राष्ट्र में पंथ के आधार पर भेदभाव न हो।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव

सोसायटी पर हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रदर्शन

http://m.jagran.com/uttar-pradesh/noida-16386149.html

जागरण संवाददाता, नोएडा : सेक्टर 78 स्थित महागुन माडर्न सोसायटी में हमला व तोड़फोड़ करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सोमवार दोपहर अखिल भारत हिन्दू महासभा ने सेक्टर 19 स्थित सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अगुवाई अखिल भारत ¨अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा कर रहे थे। संगठन की नोएडा इकाई के अन्य सदस्यों के साथ मुन्ना कुमार शर्मा ने सिटी मजिस्ट्रेट महेन्द्र कुमार सिंह को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान मुन्ना कुमार शर्मा ने कहा कि बड़े स्तर पर शहर में बांग्लादेशी छुपकर रह रहे हैं और उन्होंने फर्जी पहचान पत्र भी बनवा लिए हैं। इसकी जांच करा कर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मांग की है कि बिना पुलिस सत्यापन के घरेलू सहायक, सुरक्षा गार्ड व चालक को रखने पर रोक लगाई जाए। बिना सत्यापन के नियुक्ति कराने वाली एजेंसियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई हो। सेक्टर 74, सेक्टर 75, सेक्टर 76, सेक्टर 77, सेक्टर 78, सेक्टर 79 व उसके आस-पास मौजूद अवैध झुग्गियों को तत्काल हटवाने की मांग की।

Bhaiya ji kahin: Ek Bahadur Bahan Ke Sangram Ki Kahani

रक्षाबंधन पर ‘भैयाजी कहिन’ में बात हुई एक बहादुर बहन के संग्राम की. वर्णिका कुंडू ने सिस्टम के खिलाफ जंग छेड़ दी है. आरोप है कि हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे विकास ने वर्णिका के साथ शुक्रवार रात छेड़खानी की, वर्णिका का आरोप है कि विकास और उसके दोस्त ने उसका अपहरण करने की कोशिश भी की थी. इस बारे में वर्णिका ने पुलिस से शिकायत की लेकिन एक लड़की के संघर्ष की कहानी यहीं खत्म नहीं होती. बीजेपी नेता के बेटे को लेकर पुलिस जिस तरह का रवैया अपना रही है, उस पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

 

उत्तर प्रदेश के कुछ नगरों एवं जनपदों का नाम भारतीय संस्कृति के अनुसार बदलने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री आदित्यनाथ योगी जी,
माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश।

विषय : उत्तर प्रदेश के कुछ नगरों एवं जनपदों का नाम भारतीय संस्कृति के अनुसार बदलने की मांग।

महोदय,
आप भारतीय संस्कृति एवं महान हिन्दू परंपरा के संरक्षक हैं। हमें आप पर गर्व है। आपकी सरकार द्वारा मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन रखने के लिये आपको अखिल भारत हिन्दू महासभा की ओर से बधाई देता हूं। साथ-ही आशा करता हूं कि उत्तर प्रदेश में मुस्लिम शासन के समय नगरों, जनपदों आदि के नामकरण में भारतीय संस्कृति की जो धज्जियां उड़ाई गई है, उसे आप ठीक करेंगे। मुस्लिम शासकां एवं अंग्रेजों ने भारतीय संस्कृति को नष्ट करने के लिये कई नाम बदल दिये थे। उन सभी नामों को तत्काल बदलने की आवश्यकता है।
आपसे अनुरोध है कि भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति की रक्षा के लिये नाम बदलकर लखनऊ का नाम लक्ष्मणपुरी, फैजाबाद का नाम साकेतधाम, इलाहाबाद का नाम प्रयाग, अलीगढ़ का बजरंगबली नगर, बिजनौर का महर्षि विदुर नगर, आजमगढ़ का नाम आर्यमगढ़, बेगम हजरत महल पार्क का नाम उर्मिला वाटिका, मुजफ्फरनगर का नाम शुक्रताल, शाहजहांपुर का नाम रामप्रसाद बिस्मिल नगर रखने की कृपा करें। साथ-ही अनुरोध है कि भारतीय इतिहाकारों की एक समिति बनाकर शोध किया जाये कि और किन-किन नगरों एवं जिलों का नाम बदला जाये।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

दिल्ली में संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने का प्रयास करने के लिये बधाई।

प्रतिष्ठा में,

श्री मनीष सिसोदिया जी,
माननीय उप मुख्यमंत्री,
दिल्ली सरकार,
दिल्ली सचिवालय, इन्द्रप्रस्थ मार्ग,
नई दिल्ली-110002

विषयः-दिल्ली में संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने का प्रयास करने के लिये बधाई।

महोदय,
समाचारपत्रों के माध्यम से ज्ञात हुआ है कि दिल्ली सरकार द्वारा दिल्ली में संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के लिये एक विशेष योजना बनाई गई है। इस योजना के माध्यम से दिल्ली सरकार संस्कृत भाषा सीखाने के लिये तीन माह का कोर्स संचालित करेगी। इसके लिये 75 केंद्र खोलने की योजना है। कोर्स डिजाइन करने के लिये एक कमिटि गठित कर दी गई है। जो एक महीने में कोर्स डिजाइन कर देगी। अखिल भारत हिन्दू महासभा की ओर से इस ऐतिहासिक निर्णय के लिये आपको बधाई देते हैं। आपके इस निर्णय से संस्कृत भाषा को बढ़ावा मिलेगा तथा आमजनों को संस्कृत की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हो सकेगी। पूजा, पाठ, यज्ञ आदि में मंत्रोच्चारण संस्कृत भाषा में ही किया जाता है। परन्तु आमजन इन मंत्रों को समझ नहीं पाते हैं। जिनसे उन्हें मंत्रों का ज्ञान नहीं हो पाता है।
हम आशा करते हैं कि संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के लिये प्रस्तावित योजना पूर्ण रूप से लागू होगी तथा शीघ्र ही सभी केन्द्रों का संचालन शुरू हो जायेगा।
हम आपको आश्वासन देते हैं कि यदि हमारी आश्वयकता होगी तो अखिल भारत हिन्दू महासभा संस्कृत के विकास के लिये आपको पूर्ण सहयोग करेगी।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक)  राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा)  राष्ट्रीय महासचिव