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उत्तर प्रदेश के कुछ नगरों एवं जनपदों का नाम भारतीय संस्कृति के अनुसार बदलने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री आदित्यनाथ योगी जी,
माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश।

विषय : उत्तर प्रदेश के कुछ नगरों एवं जनपदों का नाम भारतीय संस्कृति के अनुसार बदलने की मांग।

महोदय,
आप भारतीय संस्कृति एवं महान हिन्दू परंपरा के संरक्षक हैं। हमें आप पर गर्व है। आपकी सरकार द्वारा मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन रखने के लिये आपको अखिल भारत हिन्दू महासभा की ओर से बधाई देता हूं। साथ-ही आशा करता हूं कि उत्तर प्रदेश में मुस्लिम शासन के समय नगरों, जनपदों आदि के नामकरण में भारतीय संस्कृति की जो धज्जियां उड़ाई गई है, उसे आप ठीक करेंगे। मुस्लिम शासकां एवं अंग्रेजों ने भारतीय संस्कृति को नष्ट करने के लिये कई नाम बदल दिये थे। उन सभी नामों को तत्काल बदलने की आवश्यकता है।
आपसे अनुरोध है कि भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति की रक्षा के लिये नाम बदलकर लखनऊ का नाम लक्ष्मणपुरी, फैजाबाद का नाम साकेतधाम, इलाहाबाद का नाम प्रयाग, अलीगढ़ का बजरंगबली नगर, बिजनौर का महर्षि विदुर नगर, आजमगढ़ का नाम आर्यमगढ़, बेगम हजरत महल पार्क का नाम उर्मिला वाटिका, मुजफ्फरनगर का नाम शुक्रताल, शाहजहांपुर का नाम रामप्रसाद बिस्मिल नगर रखने की कृपा करें। साथ-ही अनुरोध है कि भारतीय इतिहाकारों की एक समिति बनाकर शोध किया जाये कि और किन-किन नगरों एवं जिलों का नाम बदला जाये।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

तमिलनाडु, जम्मू-कश्मीर, केरल एवं पश्चिम बंगाल की हिन्दू विरोधी एवं राष्ट्रविरोधी प्रदेश सरकारों को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार।
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषयः-तमिलनाडु, जम्मू-कश्मीर, केरल एवं पश्चिम बंगाल की हिन्दू विरोधी एवं राष्ट्रविरोधी प्रदेश सरकारों को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग।

महोदय,
आपको ज्ञात हो कि भारत के तमिलनाडु, जम्मू-कश्मीर, केरल एवं पश्चिम बंगाल राज्यों में राष्ट्रविरोधी एवं हिन्दू विरोधी गातिविधियां बढ़ती जा रही हैं। आई.एस व भारत विरोधी आंतकी गिरोहों की गतिविधि लगातार बढ़ रही है। परन्तु इन राज्यों की राज्य सरकारें ऐसे राष्ट्रविरोधी तत्वों पर कार्रवाई करने के बदले उलटा उन्हीं तत्वों को बढ़ावा दे रही है। राष्ट्रहित व हिन्दू हित में निम्नलिखित निर्णय लेने की कृपा करेंः-
1. तमिलनाडु, जम्मू-कश्मीर, केरल एवं पश्चिम बंगाल की राज्य सरकारों को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू किया जाये।
2. तमिलनाडू, जम्मू-कश्मीर, केरल, पश्चिम बंगाल सहित देश के अन्य भागों में आई.एस व भारत विरोधी अलगाववादियों की गतिविधियों पर तत्काल अंकुश लगया जाये।
3. आई.एस. व अलगाववादियों को समर्थन व सहयोग देने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाये।
4. अलगाववाद को सहयोग देने वाले व फंडिग करने वाले लोगों पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाये।
5. सेना व अर्द्धसैनिक बलों को आतंकवाद को कुचलने की पूरी छूट दी जाये।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री
(के.राजशेखर) प्रदेशाध्यक्ष तमिलनाडु

अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा वापस ली जाये।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार।
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा वापस ली जाये।

महोदय,

श्रीनगर से श्री नवीन नवाज ने समाचार पत्रों में कुछ महत्त्वपूर्ण तथ्य उजागर किए हैं, जो निम्नलिखित हैं :-
1. गला फाड़ कर अलगाववादी नारे देने वाले लोग मुट्ठी भर हैं ।
2. जम्मू-कश्मीर की बड़ी आबादी को न तो पाकिस्तान पसंद है और न ही आतंकवादियों की दलील ।
3. घाटी के अंदर आग लगाने की कोशिशें लगातार होती रही हैं ।
4. 22 में से सिर्फ 5 जिलों के कुछ लोग ही अलगाववाद के प्रभाव में हैं ।
5. समस्या की जड़ विशुद्ध इस्लामिक कट्टरवाद में है ।
6. पथराव की घटनाएँ श्रीनगर, सोपोर के अलावा अन्य जिलों के प्रमुख कस्बों में सिमटी हैं । वह भी पैसे देकर बच्चों से पत्थरबाजी करायी जाती है।
7. राजनीति इसे जिन्दा किए हुए है, जिनमें नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी और हुरियत कॉन्फ्रेंस के नेता सम्मिलित हैं।
कश्मीर के कांग्रेस ,हुरियत कॉन्फ्रेंस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी के राजनीतिबाज नेता अलगाववाद को हवा देने में पीछे नहीं रहे हैं और जिन सुरक्षाकर्मियों पर पत्थर फिकवाते हैं, उन्हीं से अपने जीवन की रक्षा करवाते हैं, साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं के दौरान उनसे सेवाएँ लेते हैं और
आतंकवादियों और पत्थरबाजों से वार्ता का राग अलापते हैं ।

इस संबंध में हमें जो सुझाव मिले हैं और मिल रहे हैं, वे निम्नलिखित हैंः-
1. घाटी से भारतीय सेना केवल सीमा पर तैनात कर दी जाए और अन्य स्थानों से हटा ली जाए ।
2. केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल और पुलिस को बैरकों में भेज दिया जाए । राजनीतिबाजों की सुरक्षा वापस ले ली जाए ।
3. राजनीतिबाजों और उपर्युक्त पार्टियों के आतंकवादियों के हिमायतियों को पत्थरबाजों और आतंकवादियों से वार्ता की छूट दे दी जाए ।
4. विश्वास है कि इन उपर्युक्त उपायों से आतंकवादी और पत्थरबाजों सहित कश्मीर के अलगावादी नेताओं को अपने प्रलापों का पूरा ईनाम मिल जाएगा । विश्वास है कि निर्णय लेने की कृपा करेंगे और देशभक्त सैनिकों को हुतात्मा बनने से बचाने का पुण्य लाभ लेंगे।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा)राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी)राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा का नाम वीर सावरकर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा हो-मुन्ना कुमार शर्मा

जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा का नाम वीर सावरकर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा हो-मुन्ना कुमार शर्मा

अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मंहत आदित्यनाथ योगी को पत्र लिखकर जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा का नाम वीर सावरकर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का नाम मंहत दिग्विजय नाथ एक्सप्रेस-वे तथा समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का नाम महंत अवैधनाथ एक्सप्रेस-वे रखने की मांग की है। हिन्दू महासभा राष्ट्रीय महासचिव श्री शर्मा ने पत्र द्वारा कहा है कि नोएडा, ग्रेटर-नोएडा एवं युमना एक्सप्रेस-वे औघोगिक प्राधिकरण क्षेत्र उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि संपूर्ण भारत वर्ष का सबसे प्रमुख औघोगिक क्षेत्र है। इस क्षेत्र के निकट जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा बनने से न केवल गौतमबुद्धनगर क्षेत्र, बल्कि संपूर्ण उत्तर प्रदेश का विकास तेजी से होगा। जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा बनाने की मंजूरी देने के लिये अखिल भारत हिन्दू महासभा की ओर से धन्यवाद देता हूं।
श्री शर्मा ने कहा कि स्वातंत्र्य वीर सावरकर अद्वितीय स्वंतत्रता सेनानी, क्रांतिकारियों के प्ररेणा श्रोत एवं अखंड हिन्दू राष्ट्र के प्रवर्तक थे। भारत की स्वतंत्रता में उनका योगदान अतुलनीय था। आप स्वयं भी सावरकर विचारों को मानने वाले हैं। अतः देश के स्वतंत्रता सेनानियों, क्रांतिकारियों एवं हिन्दू राष्ट्रवादियों को सम्मान देने के लिये जेवर अतंरराष्ट्रीय हवाई अड्डा का नाम वीर सावरकर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा रखें। हिन्दू महासभा नेता श्री शर्मा ने कहा कि अखिल भारत हिन्दू महासभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद मंहत दिग्विजयनाथ जी महान स्वंतत्रता सेनानी व हिन्दू राष्ट्रवादी संत थे। अयोध्या के श्रीराम जन्म स्थान मंदिर आंदोलन के जनक थे। हिन्दुओं के कल्याण के लिये उन्होंने संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिये थे। अतः आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का नाम मंहत दिग्विजयनाथ एक्सप्रेस-वे रखें।
हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने कहा कि अखिल भारत हिन्दू महासभा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व सांसद मंहत अवैधनाथ जी महान हिन्दू राष्ट्रवादी संत थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन गरीबों, असहायों व हिन्दुआें के कल्याण में समर्पित कर दिया था। अतः प्रस्तावित समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का नाम मंहत अवैधनाथ पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे रखें।

मुन्ना कुमार शर्मा
राष्ट्रीय महासचिव
फोनः 09312177979

एनजीटी कमेटी का रवैया पक्षपातपूर्ण होने के संबंध में शिकायत ।

प्रतिष्ठा में,
श्री अनिल दवे जी,
माननीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री, भारत सरकार
पर्यावरण भवन, केन्द्रीय कार्यालय परिसर, लोधी रोड, नई दिल्ली-110003

विषय :- एनजीटी कमेटी का रवैया पक्षपातपूर्ण होने के संबंध में शिकायत ।

महोदय,

गृह मंत्रालय राजभाषा विभाग का उपर्युक्त पत्र देखने की कृपा करें। उस पत्र में यह सूचित किया गया है कि आपके मंत्रालय को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (व्यवहार और प्रक्रिया) नियम 2011 के नियम 33 में संशोधन के लिए लिखा गया है, जिसका संबंध अधिकरण की भाषा अंग्रेजी होने से है। उल्लेखनीय है कि 26 जनवरी, 1965 के पश्चात् भारत सरकार के किसी अधिकरण, आयोग, प्राधिकरण, उपक्रम आदि के नियमों में अंग्रेजी के ही प्रयोग का प्रावधान असंवैधानिक है, क्योंकि अंग्रेजी का प्रयोग राजभाषा अधिनियम 1963 के प्रावधान के अनुसार सरकारी प्रयोजनों के लिए किया जा सकता है, किन्तु अंग्रेजी ही प्रयोग किए जाने का प्रावधान अनुचित और संविधान के प्रावधानों के विपरीत है, इसलिए इस प्रावधान में तत्काल संशोधन होना आवश्यक है। प्रावधान यह होगा कि अधिकरण की भाषा हिंदी होगी किन्तु अंग्रेजी का प्रयोग किया जा सकेगा। इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) संपादक
(वीरेश त्यागी) प्रबंध संपादक

67 लोगों की हत्या कराने वाले आतंकी को फांसी की सजा मिले, दिल्ली पुलिस दिल्ली उच्च न्यायालय से तुरंत करे अपील-हिन्दू महासभा

नई दिल्ली, 17 फरवरी 2017

67 लोगों की हत्या कराने वाले आतंकी को फांसी की सजा मिले, दिल्ली पुलिस दिल्ली उच्च न्यायालय से तुरंत करे अपील-हिन्दू महासभा

अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश कौशिक, राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा एवं राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री वीरेश त्यागी ने 2005 में दिवाली की पूर्व संध्या पर दिल्ली में सिलसिलेवार बम धमाका कर 67 लोगों की जान लेने वाले व सैकड़ां लोगों को घायल करने वाले दुर्दांत आतंकियों की रिहाई पर दुख व्यक्त किया है तथा कहा है कि ऐसे दुर्दांत आतंकियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। हिन्दू महासभा नेताओं ने भारत के गृह मंत्री व दिल्ली के पुलिस आयुक्त से मांग की है कि दोषियों को फांसी दिलाने के लिये दिल्ली पुलिस तुरंत दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील करे तथा निचली अदालत के निर्णय को चुनौती दे। हिन्दू महासभा नेताओं ने दोषियों को सजा दिलाने में नाकाम रहने के कारण दिल्ली पुलिस की निन्दा भी की है। उन्होंने कहा है कि यह जिम्मेबारी दिल्ली पुलिस की थी कि दोषियों व षड्यंत्रकारियों को कड़ी-से-कड़ी सजा मिले। परन्तु दिल्ली पुलिस के ढीला-ढाला रवैये के कारण आतंकियों को सजा दिलाने में विफल रही। हिन्दू महासभा के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मांग की है कि आतंकियों व देश के दुश्मनों को कड़ी सजा दिलाने के लिये देश में वर्तमान कानूनों की समीक्षा करायें तथा यदि आवश्यक लगे तो आवश्यक सुधार तुरंत करें।

(वीरेश त्यागी)
राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री