Category Archives: Press Release

संस्कृत भाषा को संरक्षण देने हेतु।

प्रतिष्ठा में,
श्री प्रकाश जावड़ेकर जी,
माननीय मानव संसाधन विकास मंत्री, भारत सरकार
शास्त्री भवन, डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद मार्ग, नई दिल्ली-110001

विषय :- संस्कृत भाषा को संरक्षण देने हेतु।

महोदय,

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में संस्कृत भाषा की वैज्ञानिकता की पुष्टि की गई है । इसलिए मानव संसाधन विकास मंत्री जी से यह अनुरोध है कि जिस प्रकार संस्कृत दसवीं और बारहवीं कक्षाओं में हिंदी भाषा के पाठ्यक्रमों में संभवतः 30 अंक की होती रही है, उस स्थिति को पुनः लाया जाए। साथ ही संस्कृत भाषा का संरक्षण व संवर्धन किया जाये।
इस फेस्टिवल में इस बार निराधार बातों को लेकर सरकारी सम्मान वापस करने वाले पाखंडी साहित्यकारों को नहीं बुलाया गया, यह भी सराहनीय है, इसलिए आयोजकों को प्रोत्साहन देने के बारे में विचार करने की कृपा करें और सुश्री तस्लीमा नसरीन तथा श्री तारिक फतेह को सरकारी संरक्षण प्रदान किया जाये। इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों को भी बढ़ावा देने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री विजय गोयल जी,
माननीय युवा कार्यक्रम और खेल राज्यमंत्री, भारत सरकार
सी विंग, शास्त्री भवन, नई दिल्ली-110001

विषय :- क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों को भी बढ़ावा देने की मांग।

महोदय,

क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों को विकसित करने हेतु निम्नलिखित सुझावों पर तत्काल कार्यवाही करने की कृपा करेंः-
1. क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों का विकास भी किया जाए ।
2. तहसील जिला और प्रदेश स्तर पर प्रतियोगिताओं के द्वारा खेल प्रतिभाएँ तैयार की जाएँ ।
3. छात्रों के प्रवास नवोदित पर्यटन स्थलों पर कराए जाएँ ।
4. चर्चित मंदिरों और पर्यटन स्थलों पर कुशल गाइड हों ताकि संबंधित स्थल का प्रचार सही तरीके से हो ।
5. युवाओं को गाँवों की समस्याओं को समझने का प्रयास करना चाहिए ।
6. क्रिकेट आदि खेलों में और अन्य खेलों की प्रतिभाओं के चयन में अंग्रेजी छाई रहती है, जिसके कारण देश के गाँव-गाँव में फैली प्रतिभाएँ आगे नहीं आने दी जाती । चयन के लिए अंग्रेजी के बजाय हिंदी और आवश्यकतानुसार संबंधित राज्य की राजभाषा का माध्यम अपनाया जाए।
7. टीवी चौनलों के कुछ कार्यक्रमों में, जहाँ नृत्य प्रतिभाओं का चयन किया जाता है विशेषतः बच्चों का, उन कार्यक्रमों पर पैनी दृष्टि रखी जाए, जिससे जिमनास्टों का सही चयन हो सके ।
8. घुमन्तु जातियों/जनजातियों के बच्चों को आगे बढ़ाने हेतु विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम कराए जाएँ ।
9. गाइडों के प्रशिक्षण हिंदी माध्यम में संस्कृति मंत्रालय की तरफ से आरंभ किए जाएँ, जिनमें गाइडों का प्रशिक्षण भारतीय संस्कृति की महत्ता को आगे रखकर कराया जाए ।
10. अन्य खेलों जैसे कबड्डी, खो-खो, कुश्ती, हॉकी, फुटबॉल, वालीबाल आदि को बढ़ावा देने के लिए इनमें आकर्षक पुरस्कारों की और विशेष टीवी प्रसारणों की व्यवस्था की जाए ।
11. क्रिकेट के खेल में आर्थिक भ्रष्टाचार बहुत बढ़ गया है। आईपील भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। आईपीएल सहित बीसीसीआई से भ्रष्टाचार को तुरंत समाप्त किया जाये।
आशा है कि इस संबंध में शीघ्र कदम उठाए जाएँगे । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री राजनाथ सिंह जी,
माननीय गृह मंत्री, भारत सरकार
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली-110001

विषय :-यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की मांग।

महोदय,

जयपुर में आयोजित जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में बंगलादेश की प्रख्यात लेखिका सुश्री तस्लीमा नसरीन ने कई ऐसे मुद्दे रखे हैं, जिनसे हिंदुस्थान में छद्म सेक्यूलरिस्टों के और जेहादी कट्टरपंथियों के कारनामों की जानकारी मिलती है । उदाहरणार्थ-
1. जब सुश्री नसरीन हिंदुओं के खिलाफ लिखती हैं तो कुछ नहीं होता किंतु मुस्लिम कट्टरपंथ के खिलाफ लिखने पर उनके खिलाफ फतवा जारी कर दिया जाता है ।
2. फतवा जारी करने वालों को दिखावटी पंथनिरपेक्ष दलों का संरक्षण रहता है ।
3. कोलकाता में उनके खिलाफ फतवा देने वाले लोग मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दोस्त हैं ।
4. जयपुर फेस्टिवल के आयोजक संजय राय ने आश्वासन दिया कि तस्लीमा नसरीन और सलमान रुश्दी जैसे लेखकों को भविष्य में नहीं बुलाया जाएगा ।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि उक्त लिटरेचर फेस्टिवल में सादिया देहलवी लेखिका ने कहा कि कट्टरपंथी इस्लाम की मूल अवधारणा को हाईजैक कर रहे हैं ।
अतः निवेदन है कि सुश्री तस्लीमा नसरीन के इस अनुरोध को कि हिंदुस्थान में समान सिविल संहिता लागू की जाए, शीघ्र कार्यान्वित किया जाए । साथ-साथ तसलीला नसरीन और सादिया देहलवी जैसी निष्पक्ष लेखिकाओं को प्रोत्साहित किया जाए ।
इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

सेक्यूलर गणतंत्र बनाने संबंधी संविधान संशोधन निरस्त करने हेतु।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार।
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :-सेक्यूलर गणतंत्र बनाने संबंधी संविधान संशोधन निरस्त करने हेतु।

महोदय,
आपको विदित हो कि भारत में आज पंथनिरपेक्षता और उदारवादिता केवल कट्टर मुस्लिम मानसिकता के पोषण और हिंदू संस्कृति एवं मान्यताओं के प्रति तिरस्कार के भाव तक सीमित हो गया है । वर्तमान में पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार इसका जीवंत उदाहरण है, जहाँ विभिन्न क्षेत्रों में भड़की हिंसा भी सेक्यूलरवाद के नाम पर किए गए मुस्लिम कट्टरवाद के तुष्टिकरण का ही परिणाम है ।
इस प्रसंग में यह आवश्यक हो गया है कि आपात्काल में सन् 1976 में संविधान में भारत सेक्यूलर गणतंत्र बनाने संबंधी संशोधन शीघ्र निरस्त करके उसके मूल रूप में कर दिया जाए, साथ-साथ भारत को राज्यों का संघ लिखे जाने के बजाय एक राष्ट्र लिखा जाए, ये संशोधन भी साथ-साथ कर दिए जाएँ ।
निवेदन है कि अपनी दूरगामी सोच और तीव्र गति से कार्य करने के स्वभाव के अनुकूल ये संशोधन शीघ्र करवाने की कृपा करें।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

चिकित्सा एवं परा-चिकित्सा शिक्षा में हिंदी माध्यम से पढ़ाई एवं परीक्षा की व्यवस्था किए जाने।

प्रतिष्ठा में,
श्री जगत प्रकाश नड्डा जी,
माननीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, भारत सरकार
निर्माण भवन, नई दिल्ली-110011

विषय :- चिकित्सा एवं परा-चिकित्सा शिक्षा में हिंदी माध्यम से पढ़ाई एवं परीक्षा की व्यवस्था किए जाने।

महोदय,
चिकित्सा और परा-चिकित्सा में हिंदी माध्यम से पढ़ाई और परीक्षा के संबंध में राष्ट्रपति जी के आदेश भी देखने की कृपा करें, जिनके अनुसार चिकित्सा संबंधी विषयों की पढ़ाई में हिंदी माध्यम के प्रयोग का लगभग 25 वर्ष पहले प्रावधान किया गया । यह आवश्यक है कि राष्ट्रपति जी के आदेशों का पालन हो । साथ-साथ राष्ट्रपति जी के 27 अप्रैल, 1960 के आदेश भी देखने आवश्यक हैं । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) सम्पादक
(वीरेश त्यागी) प्रबंध सम्पादक

डलहौजी रोड का नाम बदलने के निर्णय का स्वागत तथा बाबर, हुमायूं एवं शाहजहां रोड का नाम बदलने की मांग।

प्रति,
श्री नरेश कुमार जी,
आई.ए.एस
अध्यक्ष
नई दिल्ली नगर पालिका परिषद,
संसद मार्ग, नई दिल्ली-01

विषय :-डलहौजी रोड का नाम बदलने के निर्णय का स्वागत तथा बाबर, हुमायूं एवं शाहजहां रोड का नाम बदलने की मांग।

महोदय,
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद द्वारा लार्ड डलहौजी रोड का नाम बदलने के निर्णय का स्वागत करता हूं। अंग्रेज गवर्नर जेनरल लार्ड डलहौजी ने भारतीयों का गंभीर शोषण किया था। उसने भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों पर घोर यातनाएं दी थीं एवं भारतीय संपिŸा की लूट के लिये जिम्मेबार था। इसलिये इस याततायी के नाम पर सड़क का नाम अत्यंत ही पीड़ादायक था। हिन्दू महासभा परिषद के इस निर्णय का समर्थन करती है।
साथ-ही-साथ हमारी मांग है कि हिन्दुओं पर घोर यातनाएं करने वाले, करोड़ों हिन्दुओं का धर्म परिवर्तन कराने वाले, लाखों हिन्दुओं की हत्या कराने वाले, हिन्दू स्त्रियों का अपमान करने वाले व हजारों हिन्दू मंदिरों को तोड़ने वाले मुगल शासक बाबर, हुमायूं व शाहजहां के नाम पर रखे गये सड़कों का नाम बदलकर वीर सावरकर, पं0 मदन मोहन मालवीय, वीर शिवाजी, महाराणा प्रताप, गुरू गोविन्द सिंह, डा. भीमराव अंम्बेदकर, लाला लाजपत राय आदि के नाम पर रखे जायें। इससे भारतीय संस्कृति व हिन्दू इतिहास का गौरव बढ़ेगा।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

अखिल भारत हिन्दू महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति ने राम मंदिर , धारा-370, समान नागरिक कानून व गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध के मुद्दे पर राष्ट्रीय आंदोलन करने का निर्णय लिया

नई दिल्ली, 02 फरवरी  2017

अखिल भारत हिन्दू महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति ने राम मंदिर , धारा-370, समान नागरिक कानून व गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध के मुद्दे पर  राष्ट्रीय आंदोलन करने का निर्णय लिया

आज नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय हिन्दू महासभा भवन में अखिल भारत हिन्दू महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश कौशिक ने किया। बैठक का संचालन राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना  कुमार शर्मा ने किया। बैठक में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान, हरियाणा, असम, उड़ीसा सहित देश के विभिन्न राज्यों से सैकड़ों प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति ने सर्वसम्मति  से अयोध्या के राम जन्म स्थान पर भव्य राम मंदिर बनाने, धारा-370 को समाप्त करने, देश में समान नागरिक कानून लागू करने व पूरे देश में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के मुद्दे पर पूरे देश में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के मूद्दे पर पूरे भारत में राष्ट्रीय आंदोलन चलाने का प्रस्ताव पारित किया। राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों ने नरेन्द्र मोदी की सरकार द्वारा देशवासियों से की गई वादाखिलाफी के विरूद्ध प्रस्ताव पारित किया तथा सरकार की जनविरोधी नीतियों की निंदा की। कार्यकारिणी ने उत्तर प्रदेश की सभी सीटों पर हिन्दू महासभा प्रत्याशियों की सूची तय कर दी। उपस्थित सदस्यों ने भाजपा द्वारा जम्मू-कश्मीर में महबूबा मुफ्ती की पीडीपी से तालमेल कर सरकार बनाने की तीव्र निंदा की एवं कहा कि केन्द्र व जम्मू-कश्मीर की सरकार सीमा पार घुसपैठ व आतंकवाद को समाप्त करने में पूर्ण विफल रही है। कार्यकारिणी ने केन्द्र सरकार से मांग की  हैं कि कश्मीर से हिन्दू विस्थापियों की तुरंत वापसी करायी जाये। हिन्दू महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत का स्वागत किया
तथा डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सात मुस्लिम  देशों के नागारिकों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के निर्णय का पूर्ण समर्थन  किया है। साथ-ही-साथ हिन्दू महासभा नेताओं ने अमेरिकी राष्ट्रपति से आतंकवाद के जनक व संस्थापक पाकिस्तान पर कड़ी कार्रवाइ करने की मांग की है। बैठक में राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री वीरेश त्यागी, अनिल पवार, उत्तर प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष, योगेन्द्र वर्मा, मध्य प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल वर्मा, प्रदेश संगठन मंत्री, कन्हैया लाल रायकबार, हरियाणा प्रदेश के अध्यक्ष धर्मपाल सिवाच, प्रदेश प्रवक्ता ललित  भारद्वाज, तमिलनाडु के प्रदेशाध्यक्ष के. राजशेखर, केरल प्रदेशाध्यक्ष सुब्रहमण्यम पोट्टी, पूजा शकुन पांडेय, शिवनाथ शर्मा, विजय मिश्रा, गुजरात प्रदेशाध्यक्ष महेन्द्र भाई परमार, सीपी शर्मा, भुवन सोनवाल, ओमदेव भवना, राजेन्द्र पटेल, प्रवीन त्यागी, झारखंड प्रदेश महामंत्री ईश्वर गुप्ता, लीला शाक्य, प्रताप सिंह सूर्यवंशी, राघव मिश्रा, संतोष मिश्रा, प्रद्युम्मन राय, महेश कुलकर्णी सहित हिन्दू महासभा के सैकड़ों पदाधिकारी सम्मिलित थे।

(वीरेश त्यागी)
राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

बालवीर हकीकत राय बलिदान दिवस समारोह का भव्य आयोजन, बाल प्रतिभा खोज प्रतियोगिता संपन्न, हिन्दुत्व के लिये उल्लेखनीय कार्य करनेवाली विभूतियां सम्मानित

नई दिल्ली, 01 फरवरी 2017

बालवीर हकीकत राय बलिदान दिवस समारोह का भव्य आयोजन, बाल प्रतिभा खोज प्रतियोगिता संपन्न, हिन्दुत्व के लिये उल्लेखनीय कार्य करनेवाली विभूतियां सम्मानित
बसंत पचमी के दिन अखिल भारत हिन्दू महासभा, दिल्ली प्रदेश के तत्वावधान में पार्टी मुख्यालय हिन्दू महासभा भवन, मंदिर मार्ग, नई दिल्ली में हिन्दू धर्म की रक्षा के लिये बलिदान होने वाले बालवीर हकीकत राय का बलिदान दिवस समारोह पूरी भव्यता के साथ आयोजित की गई। सर्वप्रथम मां सरस्वती की पूजा व हवन किया गया। तत्पश्चात हिन्दू महासभा भवन स्थित बालवीर हकीकत राय, स्वातंत्र्य वीर सावरकर एवं भाई परमानन्द की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया तथा श्रद्धासुमन अर्पित किया गया। तत्पश्चात बालवीर हकीकत राय व बलिदान दिवस समारोह की शुरूआत हुई। अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश कौशिक व राष्ट्रीय महांमत्री मुन्ना कुमार शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। मंच संचालन राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री वीरेश त्यागी ने किया। दिल्ली प्रदेशाध्यक्ष सुनील कुमार ने गुलदस्ता भेंटकर समारोह की अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश कौशिक व समारोह के विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय महामंत्री मुन्ना कुमार शर्मा का स्वागत किया। अपने संबोधन में राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश कौशिक ने सभी उपस्थित जनों को समारोह की शुभकामनाएं दीं तथा कहा कि हमें बालवीर हकीकत राय के त्याग, बलिदान व साहस से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने प्राण त्याग दिये, परन्तु हिन्दू धर्म का त्याग करना स्वीकार नहीं किया। समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय महामंत्री मुन्ना कुमार शर्मा ने कहा कि वीर हकीकत राय ने त्याग व बलिदान के माध्यम से राष्ट्र एवं हिन्दू समाज के सामने एक आदर्श, प्रस्तुत किया है। उन्होंने हमें सिखाया है कि हमें हिन्दुत्व के मार्ग से कभी भी अलग नहीं होना चहिए। उनका मानना था कि हिन्दू धर्म दुनिया का सर्वश्रेष्ठ धर्म है, हमें अपने धर्म पर गर्व करना चाहिए। उन्होंने हिन्दुस्तान के निवासियों का आहवान किया कि हमें अखंड हिन्दू राष्ट्र का निर्माण करना है तथा हिन्दू, हिन्दी, हिन्दुस्तान का विकास करना है।

अखिल भारत हिन्दू महासभा वीर हकीकत राय के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिये मृतसंकल्य है। राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री वीरेश त्यागी ने सभी अतिथियों व उपस्थितजनों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हम हिन्दू रक्षा व राष्ट्र रक्षा का संकल्प लें।
बाल प्रतिभा खोज प्रतियोगित में श्रीनिवास संस्कृत विद्यापीठम, भाई परमानन्द शिक्षा निकेतन, बेबी पब्लिक स्कूल, भंगेल, सैनिक माडल स्कूल, युवा शाक्ति माडल स्कूल, बेबी पब्लिक स्कूल, गेझा, न्यू एज पब्लिक स्कूल सहित दिल्ली -एनसीआर के दो दर्जन विद्यालयों के बच्चे सम्मिलित हुए। बच्चों ने गायन, वादन, नृत्य आदि के माध्यम से कला का प्रदर्शन किया। उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले बच्चों को मेडल देकर पुरस्कृत किया गया। समारोह में बंसत राव पाटील, पं0 अशोक शर्मा, योगेन्द्र वर्मा, मोहन लाल वर्मा, प्रवीन त्यागी, धर्मपाल सिवाच, महेन्द्र भाई परमार, सीपी शर्मा, भुवन सोनवाल, चन्द्रहास फेरन, बीजू कुमार, लीला शाक्या, प्रताप सूर्यवंशी, ईश्वर विल्होरे, अनिलकांत भटनागर, मोहन कारेमोरे, महेश कुलकर्णी, राजेन्द्र पटेल, ईश्वर गुप्ता, सुरेन्द्र गर्ग, डा. दीपक त्यागी, ललित भारद्वाज, अनिल पवार, डॉ. जर्नादन उपाध्याय, के. राजेशखर, कन्हैया लाल रायकबार, सुब्रहमण्यम पोट्टी, जगदीश प्रसाद मिश्रा, पूजा शकुन पांडेय, उमेश त्यागी, शिवा शुक्ला, शिवनाथ शर्मा, दीपेन्द्र सिंह, अर्जुन सिंह, विनोद दूबे, सत्यनारायण मिश्रा, विजय मिश्रा सहित, सैकडों हिन्दू महासभा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, समाजसेवी व गणमान्य लोग सम्मिलित हुए।

भवदीय

(वीरेश त्यागी)
राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

कृषि की पढ़ाई स्नातकोत्तर स्तर पर वैकल्पिक रूप में हिन्दी माध्यम में कराए जाने का सुझाव।

प्रतिष्ठा में,
श्री राधा मोहन सिंह जी,
माननीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री, भारत सरकार
कृषि भवन, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद मार्ग, नई दिल्ली-110001

विषय :- कृषि की पढ़ाई स्नातकोत्तर स्तर पर वैकल्पिक रूप में हिन्दी माध्यम में कराए जाने का सुझाव।

महोदय,
निवेदन है कि हिन्दुस्थान में गन्ने और अनाज की खेती लाखों वर्षों से हो रही है और किसानों ने हिन्दुस्थान की जनता को अन्न की कमी कभी नहीं होने दी । प्राचीनकाल में संस्कृत के माध्यम से ज्ञान कराया जाता था । संभवतः सन् 1857 तक भी देशी राज्यों में कृषि की शिक्षा और उपज बढ़ाने का ज्ञान हिन्दी में दिया जाता था । उसके बाद कृषि की पढ़ाई शायद 1900 ई० के बाद अंग्रेजी में शुरू हुई होगी । फलस्वरूप उपज में वृद्धि दर कम हो गई और किसान को अपने परंपरा से प्राप्त ज्ञान के बजाय अंग्रेजी में वह ज्ञान मिलने लगा जो हमारी धरती के अनुकूल नहीं था । अंग्रेजी माध्यम से पढ़े और पढ़ रहे वैज्ञानिक प्रायः (कुछ अपवाद होंगे) व्यवहार में खेती से दूर हो जाते हैं और किसानों को उनके ज्ञान का अपेक्षित लाभ नहीं मिलता ।
इसलिए यह शीघ्र वांछित है कि कृषि की पढ़ाई उच्चतम स्तर तक हिन्दीभाषी क्षेत्र में और महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब आदि में हिन्दी माध्यम में हो ।
इस संबंध में राष्ट्रपति जी के लगभग 25 वर्ष पुराना आदेश देखने की कृपा करें । इस संबंध में यह निवेदन है कि अपने स्तर से हिन्दीभाषी राज्यों के कृषि मंत्रियों को राज्य के कृषि विश्वविद्यालयों में उच्चतम स्तर तक हिन्दी में कृषि शिक्षा देने की प्रेरणा देने का कष्ट करें । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने की कृपा करें ।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी)  राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री