Category Archives: Press Release

औषधियों के लेबल और रैपरों पर विवरण हिंदी में भी मुद्रित किया जाना ।

प्रतिष्ठा में,
श्री जगत् प्रकाश नड्डा जी,
माननीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, भारत सरकार
निर्माण भवन, नई दिल्ली-110011

विषय :- औषधियों के लेबल और रैपरों पर विवरण हिंदी में भी मुद्रित किया जाना ।

महोदय,
देश के अंग्रेजी न जानने वाले विशाल नागरिक वर्ग को नकली दवाओं और अवधि समाप्त दवाओं के प्रकोप से बचाने के लिए यह आवश्यक है कि किसी परामर्शदातृ समिति की जनविरोधी सलाह की अन्देखी करके हिन्दुस्थान की सरकार समग्र जनहित में सब औषधियों के लेबलों, रैपरों और पैकेटों आदि पर सब विवरण देवनागरी में भी दिया जाना अनिवार्य करे और यह विवरण ऐसे रूप में न हो जिसे पढने के लिए आँखों पर चश्मा लगा कर भी आकारवर्धक लेंस (डंहदपलिपदह ळसें) का प्रयोग करके पढना पड़े । विश्वास है कि आप औषध परामर्शदातृ समिति के किसी भी जनविरोधी निर्णय को रद्द कर देंगे ।
उल्लेखनीय है कि कुछ वर्ष पहले जब श्री गुलाम नबी आजाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री थे तब हिंदी सलाहकार समिति की बैठक में यह मुद्दा उठा था और उन्होंने इस बाबत स्वीकृति देकर आदेश भी जारी करने को कहा था ।
रसायन और उर्वरक मंत्रालय भी इस विषय में पहले से ही सजग है और दवाओं पर सब विवरण हिंदी में दिए जाने के लिए प्रतिबद्ध है । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) संपादक
(वीरेश त्यागी) प्रबंध संपादक

भारतीय रेल खानपान एवं पर्यटन निगम लिमिटेड (आई.आर.सी.टी.सी.) के कामकाज में हिंदी की उपेक्षा ।

प्रतिष्ठा में,
श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु जी,
माननीय रेल मंत्री, भारत सरकार
रेल भवन, नई दिल्ली-110001

विषय :- भारतीय रेल खानपान एवं पर्यटन निगम लिमिटेड (आई.आर.सी.टी.सी.) के कामकाज में हिंदी की उपेक्षा ।

महोदय,

गृह मंत्रालय, भारत सरकार के आदेशों के अनुसार यह आवश्यक किया गया है कि सरकारी उपक्रमों, कार्यालयों आदि के नाम भारतीय/हिंदी में रखे जाएँ, इसके विपरीत भारतीय रेल की खानपान एवं पर्यटन निगम का नाम अंग्रेजी में रखा गया है, जोकि आपत्तिजनक है । भारत संचार निगम, महानगर टेलीफोन निगम आदि की तरह यह नाम हिंदी में/भारतीय रूप में होना चाहिए । इसमें संशोधन कराने की कृपा करें ।
उक्त निगम द्वारा ई-मेल टिकट विवरण हिंदी में भी प्राप्त होना चाहिए, मुद्रित टिकट पर यात्री का नाम, गाड़ी का नाम आरक्षण का प्रकार और श्रेणी आदि हिंदी में दी जानी चाहिए जैसे कि भारतीय रेल द्वारा प्रशंसनीय कार्य करके सारे देश में आरक्षण चार्ट हिंदी में भी प्रकाशित होते हैं ।
बीमा पालिसी का ई-मेल, उसका प्रलेख और लघु संदेश भी हिंदी में भेजे जाने चाहिए ।
कम्प्यूटर से दी जा रही सभी सेवाएँ एवं एप (।चच) हिंदी में भी होने चाहिएँ । विश्वास है कि जिस प्रकार भारतीय रेल को राष्ट्रपति जी ने हिंदी प्रयोग के लिए सम्मानित किया है, उस सम्मान की गरिमा रखते हुए उपरिलिखित सब कार्य इस वर्ष संवत् 2074 विक्रमी में हिंदी में हो जाएँगे । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) संपादक
(वीरेश त्यागी) प्रबंध संपादक

औषधियों के लेबल और रैपरों पर विवरण हिंदी में भी मुद्रित किया जाना ।

प्रतिष्ठा में,
श्री अनंत कुमार जी,
माननीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री, भारत सरकार
शास्त्री भवन, नई दिल्ली-110001

विषय :- औषधियों के लेबल और रैपरों पर विवरण हिंदी में भी मुद्रित किया जाना ।

महोदय,
देश के अंग्रेजी न जानने वाले विशाल नागरिक वर्ग को नकली दवाओं और अवधि समाप्त दवाओं के प्रकोप से बचाने के लिए यह आवश्यक है कि किसी परामर्शदातृ समिति की जनविरोधी सलाह की अन्देखी करके हिन्दुस्थान की सरकार समग्र जनहित में सब औषधियों के लेबलों, रैपरों और पैकेटों आदि पर सब विवरण देवनागरी में भी दिया जाना अनिवार्य करे और यह विवरण ऐसे रूप में न हो जिसे पढने के लिए आँखों पर चश्मा लगा कर भी आकारवर्धक लेंस (डंहदपलिहपदह ळसें) का प्रयोग करके पढ़ना पड़े । विश्वास है कि आप औषध परामर्शदातृ समिति के किसी भी जनविरोधी निर्णय को रद्द कर देंगे ।
रसायन और उर्वरक मंत्रालय तो इस विषय में पहले से ही सजग है और दवाओं पर सब विवरण हिंदी में दिए जाने के लिए प्रतिबद्ध है । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) संपादक
(वीरेश त्यागी) प्रबंध संपादक

बिहार में लव जेहादियों द्वारा साल भर में गुम हुईं 3037 लड़कियाँ ।

प्रतिष्ठा में,
श्री राजनाथ सिंह जी,
माननीय गृह मंत्री, भारत सरकार
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली-110001

विषय :- बिहार में लव जेहादियों द्वारा साल भर में गुम हुईं 3037 लड़कियाँ ।

महोदय,

समाचार पत्रों से निम्नलिखित तथ्य प्रकाश में आए हैं, जो वस्तुतः पूरी तस्वीर प्रस्तुत न करते हुए भी आँखें खोलने वाले हैं :-
1. एक वर्ष में बिहार में लव जेहादियों द्वारा 3037 लड़कियाँ गायब हो गईं ।
2. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार कुछ मामलों में लव जेहादियों द्वारा छद्म प्रेम प्रसंग और कुछ में मानव तस्करी इसके कारण हैं ।
3. पिछले वर्ष देश में इस तरह के 8132 मामले दर्ज हुए, जिनमें से पश्चिम बंगाल के 3576 और राजस्थान के 1422 मामले थे ।
4. असंख्य लड़कियाँ बाजारों में कई-कई बार बेची जाती हैं और आश्रयहीन अवस्था में जीवन जीती हैं, क्योंकि पुलिस भी कभी-कभी ही इन्हें ढूंढने में सफल होती है और कभी-कभी सफल होने पर भी कुछ नहीं हो पाता ।
हमारा सुझाव है कि जिस प्रकार से देश के अनेक देश विरोधी राजनीतिबाजों को कमांडों की सुरक्षा उपलब्ध कराने में दिन-रात एक कर दिया जाता है, उसी तर्ज पर केन्द्रीय पुलिस के जवानों की सेवाओं के साथ-साथ राज्यों की पुलिस में से भी विश्वसनीय जवान लेकर विशेष कार्य बल बनाया जाए, जो लड़कियों/कन्याओं को फंसाकर बेचने और वेश्यावृति में धकेलने में लगे हैं, उन्हें रिश्वतखोरी के बिना पकड़े और शीघ्र कठोर दंड दिलवाए । इस कार्य बल की सफलता का मूल्यांकन मंत्रालय के विशेष संयुक्त सचिव की देखरेख में होता रहे और गृह राज्यमंत्री जी उसका प्रबोधन करें । इसके साथ-साथ राज्यों में भी इसी प्रकार के कार्य बल बनवा दिए जाएँ, जिससे देश इस जघन्य पाप से मुक्त हो जाए ।
जिससे देश इस जघन्य पाप से मुक्त हो जाए । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

पासपोर्ट कार्यालयों में और वेबसाइट पर ऑनलाइन फार्म द्विभाषी (हिंदी और अंग्रेजी में)उपलब्ध कराने हेतु ।

प्रतिष्ठा में,
श्रीमती सुषमा स्वराज जी
माननीया विदेश मंत्री, भारत सरकार
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- 1. पासपोर्ट कार्यालयों में और वेबसाइट पर ऑनलाइन फार्म द्विभाषी (हिंदी और अंग्रेजी में)उपलब्ध कराने हेतु ।
2. विदेश मंत्रालय में कोड मैन्युअलध्नियम पुस्तकों प्रक्रिया साहित्य कानन फार्मों आदि का हिंदी में अनुवाद कराकर द्विभाषी रूप (हिंदी और संग्रेज अंग्रेजी) में उपलब्ध कराए जाने हेतु ।

महोदय,
कम्प्यूटरों द्वारा दी जाने वाली व्यवस्थाओं में पार-पत्रों (च्ेंचवतज) के फार्म आदि अब हिंदी में सुलभ नहीं होते जबकि राजभाषा नियमावली 1976 के नियम 11 के अनुसार सब फार्म आदि सहित सब कार्यालयों, विभागों, उपक्रमों आदि का सब प्रक्रिया संबंधी साहित्य हिंदी में भी सुलभ होना अनिवार्य है ।
इसके साथ-साथ सभी भारतीय दूतावासों की वेबसाइटें हिंदी में भी अवश्य होनी चाहिएँ । हिंदी में भरे गए पार-पत्र के फार्म अब स्वीकार नहीं किए जाते, यह भारत संघ की राजभाषा हिंदी का अपमान है और साथ-साथ देश की जनता का भी अपमान है । नियमों का उल्लंघन तो है ही ।
अतः विश्वास है कि उपर्युक्त स्थिति आपके हस्तक्षेप से शीघ्र बदलेगी ।
सभी मिशनोंध्दूतावासों की नियम पुस्तकें, फार्म, टेलीफोन निर्देशिकाएँ और अन्य साहित्य द्विभाषिक रूप में सुलभ होना चाहिए । इसकी भी जाँच कराने की कृपा करें इस संबंध में की कृपा करें । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) संपादक
(वीरेश त्यागी) प्रबंध संपादक

संचार मंत्रालय के डाक विभाग में अंग्रेजी परस्तों का तांडव ।

प्रतिष्ठा में,

श्री रवि शंकर प्रसाद जी,
माननीय संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, भारत सरकार
संचार भवन, अशोक रोड, नई दिल्ली-110001

विषय :- 1. संचार मंत्रालय के डाक विभाग में अंग्रेजी परस्तों का तांडव ।
2. डाक विभाग ने अंग्रेजी को हथियार बनाकर देश की गरीब जनता के साथ क्रूर, निर्दयी एवं बेशर्म तरीका अपनाया ।
महोदय,
डाक विभाग के अधीन डाक महा-अध्यक्ष कार्यालयों सहित डाकघरों में कम्प्यूटरों के माध्यम से लगभग सारा कामकाज राजभाषा नियमों की अनदेखी करके अंग्रेजी में हो रहा है । स्पीड पोस्ट और पंजीकृत पत्रों आदि की पावतियाँ हिंदी में पता होने पर भी अंग्रेजी में दी जा रही हैं । पासबुकों में प्रविष्टियाँ अंग्रेजी में की जा रही हैं । ऐसा लग रहा है कि कोई जाँच-पड़ताल और नियंत्रण नहीं है, इसलिए डाक विभाग अंग्रेजी के शिकंजे में कसा हुआ है, जबकि डाकघरों से कम शिक्षित जनता का संपर्क होता है, जो सामान्यतः केवल हिंदी ही जानती है और उनमें अंग्रेजी जानने वाले बहुत कम होते है । किन्तु उन पर डाक विभाग के अधिकारी अंग्रेजी थोपने पर आमादा हैं । निवेदन है कि सुधार के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएँ । इस प्रसंग में सुझाव है कि डाक महा-अध्यक्षों का एक राजभाषा सम्मेलन दो दिनों का रख लिया जाए और उसमें उन्हें कम्प्यूटरों से विभिन्न कार्य विभिन्न कार्य हिंदी में कराने की कार्यविधि के साथ-साथ राजभाषा नियमों और आदेशों से अवगत कराया जाए । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) संपादक
(वीरेश त्यागी) प्रबंध संपादक

गिलगिट-बाल्टिस्तान का मसला ।

प्रतिष्ठा में,
श्रीमती सुषमा स्वराज जी,
माननीया विदेश मंत्री, भारत सरकार
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- गिलगिट-बाल्टिस्तान का मसला ।

महोदय,
समाचार पत्रों में छपे छाया चित्र में यह दिखाया गया है कि अक्षय चिह्न, जो लद्दाख का भाग है, चीन के कब्जे में है, जिसका क्षेत्रफल लगभग 36,000 वर्ग किलोमीटर है । मानचित्र में कुछ क्षेत्र कत्थई रंग में दिखाया गया है, जिसे पाकिस्तान ने चीन को दहेज में दे दिया, इसका क्षेत्रफल लगभग 5,000 वर्ग किलोमीटर है । पाकिस्तान के कब्जे में जम्मू-कश्मीर का बहुत बड़ा भाग है जो गुलाम कश्मीर के नाम से हरे रंग में दिखाया गया है । इसके साथ-साथ पीले रंग में गिलगिट और बाल्टिस्तान दिखाए गए हैं । वस्तुतः यह सब जानते हैं कि जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के दूसरी ओर का भाग पाकिस्तान के कब्जे में है और पाकिस्तान नाम से जो भूमि है वह भी सब हमारी दुर्बलताओं के फलस्वरूप है । तथापि गिलगिट और बाल्टिस्तान को मुक्त कराने की कोशिश तो होनी ही चाहिए । इसके लिए 8-10 वर्षीय गुप्त नीति बनाकर, उसको लागू करने की चरणबद्ध कोशिश होनी ही चाहिए । विश्वास है कि आप इस दिशा में शीघ्र प्रयत्न करेंगे । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।
सादर, भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) (मुन्ना कुमार शर्मा) (वीरेश त्यागी)
राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय महासचिव राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

एक विवाह और अधिकतम दो बच्चे का कानून लागू करने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री राजनाथ सिंह जी,
माननीय गृह मंत्री, भारत सरकार
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली-110001

विषय :- एक विवाह और अधिकतम दो बच्चे का कानून लागू करने की मांग।

महोदय,
पीईडब्लू शोध केंद्र के अध्ययन के अनुसार हिन्दुओं की जन्मदर 2.3 बच्चे प्रति स्त्री है, जबकि मुसलमानों की 2.9 प्रति स्त्री है । इसके अनुसार मुसलमानों की जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है, इसके विपरीत हिन्दुओं की जनसंख्या तेजी से घट रही है । फलस्वरूप विश्वभर में हिन्दुओं की जनसंख्या बहुत घट जाएगी । इस प्रसंग में निवेदन है किः-
1. गृह मंत्रालय की तरफ से कुछ विश्वविद्यालयों में एक वर्ष के लिए इस विषय पर गहन शोध की परियोजनाएँ दे दी जाएँ ।
2. प्रति हिन्दू स्त्री बच्चों की जन्मदर कैसे बढ़े, इसका भी उक्त शोध में विचार हो ।
3. हिन्दुस्थान में यदि जनसंख्या नियंत्रण के लिए कुछ असामान्य निर्णय भी लेने पड़ें तो वे क्या हों, इस विषय को भी उक्त शोध में शामिल कर लिया जाए ।
4. देश में समान नागरिक कानून शीघ्र लागू किया जाये।
5. देश में एक विवाह और अधिकतम दो बच्चे का कानून लागू किया जाये। साथ-ही इस कानून का पालन नहीं करने वाले को मताधिकार से वंचित किया जाये।
6. तीन तलाक, हलाला और बहुविवाह पर तुरंत रोक लगे।
7. गौहत्या के लिये मृत्युदंड का प्रावधान हो।गौहत्या पर पूरे देश में पूर्ण प्रतिबंध लगे।

इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

पत्थरबाजों व उसके समर्थकों से निपटने में भारतीय सेना को पूर्ण अधिकार मिलेः- हिन्दू महासभा

नई दिल्ली। 09 मई 2017

पत्थरबाजों व उसके समर्थकों से निपटने में भारतीय सेना को पूर्ण अधिकार मिलेः- हिन्दू महासभा

पिछले कुछ महीनों से कश्मीर घाटी में सेना के जवानों का अपमान एवं उन पर पत्थरबाजी की घटनाओं से पूरा देश स्तब्ध व आक्रोशित है। सेना के जवान जब आतंकवादियों को घेरते हैं तब कश्मीर के कुछ लोग जवानों पर पत्थर फेंकना आरम्भ कर देता है। जिसके कारण आतंकवादी सुरक्षित बच निकलता है। पत्थर फेंककर आतंकवादियों को बचाने वाला भी राष्ट्रद्रोही ही है। अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश कौशिक, राष्ट्रीय महामंत्री मुन्ना कुमार शर्मा एवं राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री वीरेश त्यागी ने केन्द्र की राजग सरकार से मांग की है कि भारतीय सेना पर पत्थर फेकनें वालों, उनको उकसाने, आतंकियों का समर्थन करने वाले तथा पीछे से सहयोग करने वाले देश के गद्दारों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही हो तथा सेना के जबानों को इन पत्थरबाजों को सबक सिखाने के लिये पूरी छूट मिले। हिन्दू महासभा नेताओं ने घोषणा की कि इन पत्थरबाजों के विरुद्ध यदि केन्द्र सरकार ने कठोर कार्यवाही नहीं की तो हिन्दू महासभा राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेगी।
हिन्दू महासभा महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने यह भी कहा है कि भारत माता की रक्षा के लिए संकल्पित सेना के जवानों ने सदैव ही अपने प्राणों का बलिदान देकर देश के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन किया है। इन जवानों ने न सिर्फ आतंकवादियों और दहशतगर्दों के राष्ट्रविरोधी षड्यंत्रों को विफल किया बल्कि हर आपदा में अपनी जान की बाजी लगा कश्मीरियों के भी प्राण बचाए हैं। हिन्दू महासभा भारत माता के इन वीर सपूतों के साथ सदैव ही खड़ा रहा है। भारतीय सेना पर पत्थर फेकनें वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही हो तथा सेना के जवानों को पत्थरबाजों को दंडित करने के लिये पूर्ण अधिकार मिले ।

वीरेश त्यागी
राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को असंवैधानिक घोषित करने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री राजनाथ सिंह जी,
माननीय गृह मंत्री, भारत सरकार
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली-110001

विषय :- मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को असंवैधानिक घोषित करने की मांग।

महोदय,
मीडिया में छपे समाचार से निम्नलिखित तथ्य उजागर हुए हैं, जो मुसलमान स्त्रियों के प्रति हो रहे अन्याय, दमन और क्रूरता के प्रसंग में बहुत महत्त्वपूर्ण हैं, जिससे उन्हें तीन तलाक की क्रूरता से बचाया जा सकेः-
1. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड एक असंवैधानिक संस्था है, जिसे कोई विधिक या मजहबी स्वीकृति प्राप्त नहीं है, और उसे मुस्लिम समुदाय के मामले पर बोलने का कोई हक नहीं है ।
2. बोर्ड को स्थापना कांग्रेस ने कराई और कट्टरवादी मुसलमान नेताओं को धन दिया तथा उनसे यह संस्था बनवाई, ऐसा कांग्रेस ने मुस्लिम वोट बैंक बनाने के लिए किया ।
इसलिए निवेदन है कि उक्त संस्था को गैर-कानूनी घोषित करके, उसका पंजीयन रद्द कर दिया जाए । उच्चतम न्यायालय में उसे तीन तलाक, हलाला और समान नागरिक संहिता पर कुछ कहने से रोक दिया जाए ।
इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री