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फिल्म सेंसर बोर्ड पर सांप्रदायिक आधार पर निर्णय लेने का आरोप लगाया हिन्दू महासभा ने

नई दिल्ली, 27 फरवरी 2017

फिल्म सेंसर बोर्ड पर सांप्रदायिक आधार पर निर्णय लेने का आरोप लगाया हिन्दू महासभा ने

अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश कौशिक, राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा एवं राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री वीरेश त्यागी ने भारतीय फिल्म सेंसर बोर्ड पर सांप्रदायिक आधार पर निर्णय लेने का आरोप लगाया है। हिन्दू महासभा नेताओं ने कहा है कि जब फिल्म निर्माता और निर्देशक हिन्दू भावनाओं के साथ खिलवाड़ करता है तो सेंसर बोर्ड इस फिल्म को हरी झंडी दे देता है। परन्तु जब मुस्लिम समाज की सच्चाई को उजागार करना चाहता है तो सेंसर बोर्ड इस फिल्म पर कैंची चला देता है। फिल्म पीके में हिन्दू भावनाओं व हिन्दू संस्कृति का घोर मजाक उड़ाया गया था। परन्तु सेंसर बोर्ड ने उसे अनुमति दे दी। अब जब फिल्म निर्माता प्रकाश झा मुस्लिम समाज की महिलाओं की सच्चाई दिखाना चाहते हैं तो सेंसर बोर्ड ने रोक लगा दिया। हिन्दू महासभा नेताआें ने कहा है कि फिल्म ‘लिपस्टिक अंडर माई बुर्का‘ के माध्यम से फिल्म निर्माता ने मुस्लिम समाज की महिलाओं की समस्याओं को दिखाने का प्रयास किया है। इस फिल्म से किसी भी संप्रदाय की भावना को आहत नहीं किया गया है। यह फिल्म धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक है। इसलिये फिल्म सेंसर बोर्ड इस फिल्म को तुरन्त दिखाने की अनुमति प्रदान करें।

(वीरेश त्यागी)
राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

अवैध व स्वयंभू शंकराचार्यों पर लगाम लगाने व महामंडलेश्वरों की नियुक्ति को पारदर्शी व धर्म संगत बनाने हेतु।

प्रतिष्ठा में,
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती जी महाराज,
द्वारका-शारदा पीठाधीश्वर
द्वारिका, गुजरात।

विषय :- अवैध व स्वयंभू शंकराचार्यों पर लगाम लगाने व महामंडलेश्वरों की नियुक्ति को पारदर्शी व धर्म संगत बनाने हेतु।

महोदय,
आपको ज्ञात हो कि अवैध रूप से स्वयं को शंकराचार्य घोषित करने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। कई धर्माचार्यों ने मनमाने तरीके से स्वयं को शंकराचार्य घोषित कर लिये हैं। यह धर्म व शास्त्र सम्मत नहीं है। स्वयंभू शकराचार्य बनने से सनातन हिन्दू धर्म की गरिमा व मान्यताओं की अपार हानि हो रही है। भूमापीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानन्द तीर्थ को अवैध तरीके के द्वारका-शारदा पीठ का शंकराचार्य घोषित करने वाले सुमेरू पीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानन्द स्वयं ही शंकराचार्य नहीं हैं। ऐसे में वे दूसरे को शंकरचार्य कैसे बना सकते हैं।
मेरी जानकारी में यह पता है कि किसी पीठ के शंकराचार्य पद पर नियुक्ति पट्टाभिषेक द्वारा नहीं, बल्कि अभिषेक द्वारा तीनों शकराचार्यों द्वारा किया जाता है। साथ ही अभिषेक पीठ में ही किया जाता है। पीठ से बाहर किसी भी अभिषेक की मान्यता नहीं है। दूसरी बात है कि भूमापीठाधीश्वर आपके शिष्य ही नहीं हैं। ऐसे में वह द्वारका-शारदापीठ के शंकराचार्य कैसे हो सकते हैं।
मुझे यह भी ज्ञात है कि आदि शंकरचार्य ने चार पीठों की स्थापना की थी। ज्योतिष एवं द्वारिका पीठ के शंकराचार्य आप स्वयं हैं। श्रृंगेरी के शंकरचार्य स्वामी भारती तीर्थ हैं तथा पुरी गोवर्धन के शंकरचार्य स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती हैं। ऐसे में आप तीनों की अनुपस्थिति में किसी को पीठ के बाहर शंकराचार्य घोषित करना अवैध व सनातन हिन्दू धर्म की परंपराओं के विरूद्ध है।
साथ ही यह भी सर्वविदित है कि अखाड़ों द्वारा विवादित व धर्म विरोधी आचरण करने वाले लोगों को अखाड़ों का महामंडलेश्वर नियुक्त किया जा रहा है। इससे सनातन हिन्दू धर्म की मर्यादा व सम्मान को नुकसान हो रहा है।
आपसे अनुरोध है कि अन्य शंकराचार्यों व अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के साथ मिलकर शंकरचार्य व महामंडलेश्वर की नियुक्ति को धर्मसम्मत, पारदर्शी, गरिमापूर्ण व हिन्दू सनातन परंपरा के अनुरूप बनाने की ठोस व प्रभावी नीति बनाने व सनातन हिन्दू परंपरा व मान्यता की रक्षा करने की कृपा करें। हम आपको आश्वासन देते हैं कि इस कार्य में अखिल भारत हिन्दू महासभा आपका पूर्ण सहयोग व समर्थन करेगी।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव
फोनः 09312177979

संस्कृत भाषा को संरक्षण देने हेतु।

प्रतिष्ठा में,
श्री प्रकाश जावड़ेकर जी,
माननीय मानव संसाधन विकास मंत्री, भारत सरकार
शास्त्री भवन, डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद मार्ग, नई दिल्ली-110001

विषय :- संस्कृत भाषा को संरक्षण देने हेतु।

महोदय,

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में संस्कृत भाषा की वैज्ञानिकता की पुष्टि की गई है । इसलिए मानव संसाधन विकास मंत्री जी से यह अनुरोध है कि जिस प्रकार संस्कृत दसवीं और बारहवीं कक्षाओं में हिंदी भाषा के पाठ्यक्रमों में संभवतः 30 अंक की होती रही है, उस स्थिति को पुनः लाया जाए। साथ ही संस्कृत भाषा का संरक्षण व संवर्धन किया जाये।
इस फेस्टिवल में इस बार निराधार बातों को लेकर सरकारी सम्मान वापस करने वाले पाखंडी साहित्यकारों को नहीं बुलाया गया, यह भी सराहनीय है, इसलिए आयोजकों को प्रोत्साहन देने के बारे में विचार करने की कृपा करें और सुश्री तस्लीमा नसरीन तथा श्री तारिक फतेह को सरकारी संरक्षण प्रदान किया जाये। इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों को भी बढ़ावा देने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री विजय गोयल जी,
माननीय युवा कार्यक्रम और खेल राज्यमंत्री, भारत सरकार
सी विंग, शास्त्री भवन, नई दिल्ली-110001

विषय :- क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों को भी बढ़ावा देने की मांग।

महोदय,

क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों को विकसित करने हेतु निम्नलिखित सुझावों पर तत्काल कार्यवाही करने की कृपा करेंः-
1. क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों का विकास भी किया जाए ।
2. तहसील जिला और प्रदेश स्तर पर प्रतियोगिताओं के द्वारा खेल प्रतिभाएँ तैयार की जाएँ ।
3. छात्रों के प्रवास नवोदित पर्यटन स्थलों पर कराए जाएँ ।
4. चर्चित मंदिरों और पर्यटन स्थलों पर कुशल गाइड हों ताकि संबंधित स्थल का प्रचार सही तरीके से हो ।
5. युवाओं को गाँवों की समस्याओं को समझने का प्रयास करना चाहिए ।
6. क्रिकेट आदि खेलों में और अन्य खेलों की प्रतिभाओं के चयन में अंग्रेजी छाई रहती है, जिसके कारण देश के गाँव-गाँव में फैली प्रतिभाएँ आगे नहीं आने दी जाती । चयन के लिए अंग्रेजी के बजाय हिंदी और आवश्यकतानुसार संबंधित राज्य की राजभाषा का माध्यम अपनाया जाए।
7. टीवी चौनलों के कुछ कार्यक्रमों में, जहाँ नृत्य प्रतिभाओं का चयन किया जाता है विशेषतः बच्चों का, उन कार्यक्रमों पर पैनी दृष्टि रखी जाए, जिससे जिमनास्टों का सही चयन हो सके ।
8. घुमन्तु जातियों/जनजातियों के बच्चों को आगे बढ़ाने हेतु विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम कराए जाएँ ।
9. गाइडों के प्रशिक्षण हिंदी माध्यम में संस्कृति मंत्रालय की तरफ से आरंभ किए जाएँ, जिनमें गाइडों का प्रशिक्षण भारतीय संस्कृति की महत्ता को आगे रखकर कराया जाए ।
10. अन्य खेलों जैसे कबड्डी, खो-खो, कुश्ती, हॉकी, फुटबॉल, वालीबाल आदि को बढ़ावा देने के लिए इनमें आकर्षक पुरस्कारों की और विशेष टीवी प्रसारणों की व्यवस्था की जाए ।
11. क्रिकेट के खेल में आर्थिक भ्रष्टाचार बहुत बढ़ गया है। आईपील भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। आईपीएल सहित बीसीसीआई से भ्रष्टाचार को तुरंत समाप्त किया जाये।
आशा है कि इस संबंध में शीघ्र कदम उठाए जाएँगे । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री राजनाथ सिंह जी,
माननीय गृह मंत्री, भारत सरकार
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली-110001

विषय :-यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की मांग।

महोदय,

जयपुर में आयोजित जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में बंगलादेश की प्रख्यात लेखिका सुश्री तस्लीमा नसरीन ने कई ऐसे मुद्दे रखे हैं, जिनसे हिंदुस्थान में छद्म सेक्यूलरिस्टों के और जेहादी कट्टरपंथियों के कारनामों की जानकारी मिलती है । उदाहरणार्थ-
1. जब सुश्री नसरीन हिंदुओं के खिलाफ लिखती हैं तो कुछ नहीं होता किंतु मुस्लिम कट्टरपंथ के खिलाफ लिखने पर उनके खिलाफ फतवा जारी कर दिया जाता है ।
2. फतवा जारी करने वालों को दिखावटी पंथनिरपेक्ष दलों का संरक्षण रहता है ।
3. कोलकाता में उनके खिलाफ फतवा देने वाले लोग मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दोस्त हैं ।
4. जयपुर फेस्टिवल के आयोजक संजय राय ने आश्वासन दिया कि तस्लीमा नसरीन और सलमान रुश्दी जैसे लेखकों को भविष्य में नहीं बुलाया जाएगा ।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि उक्त लिटरेचर फेस्टिवल में सादिया देहलवी लेखिका ने कहा कि कट्टरपंथी इस्लाम की मूल अवधारणा को हाईजैक कर रहे हैं ।
अतः निवेदन है कि सुश्री तस्लीमा नसरीन के इस अनुरोध को कि हिंदुस्थान में समान सिविल संहिता लागू की जाए, शीघ्र कार्यान्वित किया जाए । साथ-साथ तसलीला नसरीन और सादिया देहलवी जैसी निष्पक्ष लेखिकाओं को प्रोत्साहित किया जाए ।
इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

सेक्यूलर गणतंत्र बनाने संबंधी संविधान संशोधन निरस्त करने हेतु।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार।
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :-सेक्यूलर गणतंत्र बनाने संबंधी संविधान संशोधन निरस्त करने हेतु।

महोदय,
आपको विदित हो कि भारत में आज पंथनिरपेक्षता और उदारवादिता केवल कट्टर मुस्लिम मानसिकता के पोषण और हिंदू संस्कृति एवं मान्यताओं के प्रति तिरस्कार के भाव तक सीमित हो गया है । वर्तमान में पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार इसका जीवंत उदाहरण है, जहाँ विभिन्न क्षेत्रों में भड़की हिंसा भी सेक्यूलरवाद के नाम पर किए गए मुस्लिम कट्टरवाद के तुष्टिकरण का ही परिणाम है ।
इस प्रसंग में यह आवश्यक हो गया है कि आपात्काल में सन् 1976 में संविधान में भारत सेक्यूलर गणतंत्र बनाने संबंधी संशोधन शीघ्र निरस्त करके उसके मूल रूप में कर दिया जाए, साथ-साथ भारत को राज्यों का संघ लिखे जाने के बजाय एक राष्ट्र लिखा जाए, ये संशोधन भी साथ-साथ कर दिए जाएँ ।
निवेदन है कि अपनी दूरगामी सोच और तीव्र गति से कार्य करने के स्वभाव के अनुकूल ये संशोधन शीघ्र करवाने की कृपा करें।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

चिकित्सा एवं परा-चिकित्सा शिक्षा में हिंदी माध्यम से पढ़ाई एवं परीक्षा की व्यवस्था किए जाने।

प्रतिष्ठा में,
श्री जगत प्रकाश नड्डा जी,
माननीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, भारत सरकार
निर्माण भवन, नई दिल्ली-110011

विषय :- चिकित्सा एवं परा-चिकित्सा शिक्षा में हिंदी माध्यम से पढ़ाई एवं परीक्षा की व्यवस्था किए जाने।

महोदय,
चिकित्सा और परा-चिकित्सा में हिंदी माध्यम से पढ़ाई और परीक्षा के संबंध में राष्ट्रपति जी के आदेश भी देखने की कृपा करें, जिनके अनुसार चिकित्सा संबंधी विषयों की पढ़ाई में हिंदी माध्यम के प्रयोग का लगभग 25 वर्ष पहले प्रावधान किया गया । यह आवश्यक है कि राष्ट्रपति जी के आदेशों का पालन हो । साथ-साथ राष्ट्रपति जी के 27 अप्रैल, 1960 के आदेश भी देखने आवश्यक हैं । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) सम्पादक
(वीरेश त्यागी) प्रबंध सम्पादक

67 लोगों की हत्या कराने वाले आतंकी को फांसी की सजा मिले, दिल्ली पुलिस दिल्ली उच्च न्यायालय से तुरंत करे अपील-हिन्दू महासभा

नई दिल्ली, 17 फरवरी 2017

67 लोगों की हत्या कराने वाले आतंकी को फांसी की सजा मिले, दिल्ली पुलिस दिल्ली उच्च न्यायालय से तुरंत करे अपील-हिन्दू महासभा

अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश कौशिक, राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा एवं राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री वीरेश त्यागी ने 2005 में दिवाली की पूर्व संध्या पर दिल्ली में सिलसिलेवार बम धमाका कर 67 लोगों की जान लेने वाले व सैकड़ां लोगों को घायल करने वाले दुर्दांत आतंकियों की रिहाई पर दुख व्यक्त किया है तथा कहा है कि ऐसे दुर्दांत आतंकियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। हिन्दू महासभा नेताओं ने भारत के गृह मंत्री व दिल्ली के पुलिस आयुक्त से मांग की है कि दोषियों को फांसी दिलाने के लिये दिल्ली पुलिस तुरंत दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील करे तथा निचली अदालत के निर्णय को चुनौती दे। हिन्दू महासभा नेताओं ने दोषियों को सजा दिलाने में नाकाम रहने के कारण दिल्ली पुलिस की निन्दा भी की है। उन्होंने कहा है कि यह जिम्मेबारी दिल्ली पुलिस की थी कि दोषियों व षड्यंत्रकारियों को कड़ी-से-कड़ी सजा मिले। परन्तु दिल्ली पुलिस के ढीला-ढाला रवैये के कारण आतंकियों को सजा दिलाने में विफल रही। हिन्दू महासभा के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मांग की है कि आतंकियों व देश के दुश्मनों को कड़ी सजा दिलाने के लिये देश में वर्तमान कानूनों की समीक्षा करायें तथा यदि आवश्यक लगे तो आवश्यक सुधार तुरंत करें।

(वीरेश त्यागी)
राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

डलहौजी रोड का नाम बदलने के निर्णय का स्वागत तथा बाबर, हुमायूं एवं शाहजहां रोड का नाम बदलने की मांग।

प्रति,
श्री नरेश कुमार जी,
आई.ए.एस
अध्यक्ष
नई दिल्ली नगर पालिका परिषद,
संसद मार्ग, नई दिल्ली-01

विषय :-डलहौजी रोड का नाम बदलने के निर्णय का स्वागत तथा बाबर, हुमायूं एवं शाहजहां रोड का नाम बदलने की मांग।

महोदय,
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद द्वारा लार्ड डलहौजी रोड का नाम बदलने के निर्णय का स्वागत करता हूं। अंग्रेज गवर्नर जेनरल लार्ड डलहौजी ने भारतीयों का गंभीर शोषण किया था। उसने भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों पर घोर यातनाएं दी थीं एवं भारतीय संपिŸा की लूट के लिये जिम्मेबार था। इसलिये इस याततायी के नाम पर सड़क का नाम अत्यंत ही पीड़ादायक था। हिन्दू महासभा परिषद के इस निर्णय का समर्थन करती है।
साथ-ही-साथ हमारी मांग है कि हिन्दुओं पर घोर यातनाएं करने वाले, करोड़ों हिन्दुओं का धर्म परिवर्तन कराने वाले, लाखों हिन्दुओं की हत्या कराने वाले, हिन्दू स्त्रियों का अपमान करने वाले व हजारों हिन्दू मंदिरों को तोड़ने वाले मुगल शासक बाबर, हुमायूं व शाहजहां के नाम पर रखे गये सड़कों का नाम बदलकर वीर सावरकर, पं0 मदन मोहन मालवीय, वीर शिवाजी, महाराणा प्रताप, गुरू गोविन्द सिंह, डा. भीमराव अंम्बेदकर, लाला लाजपत राय आदि के नाम पर रखे जायें। इससे भारतीय संस्कृति व हिन्दू इतिहास का गौरव बढ़ेगा।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

अखिल भारत हिन्दू महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति ने राम मंदिर , धारा-370, समान नागरिक कानून व गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध के मुद्दे पर राष्ट्रीय आंदोलन करने का निर्णय लिया

नई दिल्ली, 02 फरवरी  2017

अखिल भारत हिन्दू महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति ने राम मंदिर , धारा-370, समान नागरिक कानून व गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध के मुद्दे पर  राष्ट्रीय आंदोलन करने का निर्णय लिया

आज नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय हिन्दू महासभा भवन में अखिल भारत हिन्दू महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश कौशिक ने किया। बैठक का संचालन राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना  कुमार शर्मा ने किया। बैठक में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान, हरियाणा, असम, उड़ीसा सहित देश के विभिन्न राज्यों से सैकड़ों प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति ने सर्वसम्मति  से अयोध्या के राम जन्म स्थान पर भव्य राम मंदिर बनाने, धारा-370 को समाप्त करने, देश में समान नागरिक कानून लागू करने व पूरे देश में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के मुद्दे पर पूरे देश में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के मूद्दे पर पूरे भारत में राष्ट्रीय आंदोलन चलाने का प्रस्ताव पारित किया। राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों ने नरेन्द्र मोदी की सरकार द्वारा देशवासियों से की गई वादाखिलाफी के विरूद्ध प्रस्ताव पारित किया तथा सरकार की जनविरोधी नीतियों की निंदा की। कार्यकारिणी ने उत्तर प्रदेश की सभी सीटों पर हिन्दू महासभा प्रत्याशियों की सूची तय कर दी। उपस्थित सदस्यों ने भाजपा द्वारा जम्मू-कश्मीर में महबूबा मुफ्ती की पीडीपी से तालमेल कर सरकार बनाने की तीव्र निंदा की एवं कहा कि केन्द्र व जम्मू-कश्मीर की सरकार सीमा पार घुसपैठ व आतंकवाद को समाप्त करने में पूर्ण विफल रही है। कार्यकारिणी ने केन्द्र सरकार से मांग की  हैं कि कश्मीर से हिन्दू विस्थापियों की तुरंत वापसी करायी जाये। हिन्दू महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत का स्वागत किया
तथा डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सात मुस्लिम  देशों के नागारिकों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के निर्णय का पूर्ण समर्थन  किया है। साथ-ही-साथ हिन्दू महासभा नेताओं ने अमेरिकी राष्ट्रपति से आतंकवाद के जनक व संस्थापक पाकिस्तान पर कड़ी कार्रवाइ करने की मांग की है। बैठक में राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री वीरेश त्यागी, अनिल पवार, उत्तर प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष, योगेन्द्र वर्मा, मध्य प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल वर्मा, प्रदेश संगठन मंत्री, कन्हैया लाल रायकबार, हरियाणा प्रदेश के अध्यक्ष धर्मपाल सिवाच, प्रदेश प्रवक्ता ललित  भारद्वाज, तमिलनाडु के प्रदेशाध्यक्ष के. राजशेखर, केरल प्रदेशाध्यक्ष सुब्रहमण्यम पोट्टी, पूजा शकुन पांडेय, शिवनाथ शर्मा, विजय मिश्रा, गुजरात प्रदेशाध्यक्ष महेन्द्र भाई परमार, सीपी शर्मा, भुवन सोनवाल, ओमदेव भवना, राजेन्द्र पटेल, प्रवीन त्यागी, झारखंड प्रदेश महामंत्री ईश्वर गुप्ता, लीला शाक्य, प्रताप सिंह सूर्यवंशी, राघव मिश्रा, संतोष मिश्रा, प्रद्युम्मन राय, महेश कुलकर्णी सहित हिन्दू महासभा के सैकड़ों पदाधिकारी सम्मिलित थे।

(वीरेश त्यागी)
राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री