Monthly Archives: March 2017

जोइरो के विज्ञापन में अश्लीलता ।

प्रतिष्ठा में,
श्री वेंकैया नायडू जी,
माननीय सूचना व प्रसारण मंत्री, भारत सरकार
शास्त्री भवन, नई दिल्ली-110001

विषय :- जोइरो के विज्ञापन में अश्लीलता ।

महोदय,
अंतःवस्त्रों के विज्ञापन शालीन भी हो सकते हैं । किंतु सोची-समझी मानसिकता के तहत ऐसे विज्ञापन दिए जाते हैं, जो शोभनीय न हों । संलग्न विज्ञापन इसी तरह का एक नमूना है ऐसे विज्ञापन इसलिए दिए जाते हैं, क्योंकि विज्ञापनदाता कंपनी और प्रकाशित करने वाले समाचार पत्र पर कोई नियंत्रण नहीं रहता और किसी प्रकार की पूछताछ नहीं की जाती । विश्वास है कि सन्दर्भगत विज्ञापन के संबंध में तत्काल समुचित कार्रवाई की जाएगी और विज्ञापनदाता कंपनी सहित समाचार पत्र को भी कुछ परामर्श दिया जाएगा । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा)राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

पश्चिमी पाकिस्तान से आए हिन्दू शरणार्थियों की अन्देखी ।

प्रतिष्ठा में,
डॉ. जितेंद्र सिंह जी,
माननीय राज्यमंत्री,
प्रधानमंत्री कार्यालय, भारत सरकार
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- पश्चिमी पाकिस्तान से आए हिन्दू शरणार्थियों की अन्देखी ।

महोदय,

पश्चिमी पाकिस्तान से आए हिन्दू शरणार्थियों को भारत सरकार ने पहचान प्रमाण-पत्र जारी करने का निर्णय किया है, हो सकता है कुछ को प्रमाण-पत्र दे दिए गए होंगे और शेष को दिए जा रहे होंगे, जिनके आधार पर वे हिन्दू अर्धसैनिक बलों और अन्य केन्द्रीय सरकारी प्रतिष्ठानों में नौकरियाँ प्राप्त करने के पात्र होंगे । किन्तु यह विचित्र बात है कि 70 वर्षों के बाद भी उन्हें जम्मू और कश्मीर राज्य के स्थायी निवासी का हकदार नहीं माना जाएगा, यद्यपि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुसलमानों को राज्य का स्थायी निवासी माना जा रहा है और उनके लिए विधानसभा में कुछ स्थान भी खाली रखे गए हैं । कमाल की बात है कि जो नहीं हैं, वे सब कुछ हैं और जो हैं, वे कुछ भी नहीं हैं । वे नेताओं (विभाजन के पहले के और विभाजन के बाद के) की अन्देखी और उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं, जबकि उन्होंने विभाजन की त्रासदी झेली है और झेल रहे हैं । विश्वास है कि सरकार पुरानी गलतियों को तत्काल सुधारेगी । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें । सादर,

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

उत्तर प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी लागू करने एवं सभी बूचड़खानों को बंद करने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री आदित्यनाथ योगी जी,
माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश

विषय :- उत्तर प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी लागू करने एवं सभी बूचड़खानों को बंद करने की मांग।

महोदय,
उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने एवं भाजपा को भारी बहुमत दिलाने के लिये आपको अखिल भारत हिन्दू महासभा की ओर से बधाई देते हैं। हिन्दू महासभा परिवार से जुडे़ होने व प्रखर हिन्दूवादी व राष्ट्रवादी होने के कारण आपके मुख्यमंत्री बनने पर हिन्दू महासभा परिवार अति प्रसन्नता का अनुभव कर रही है। हमें विश्वास है कि आपके नेतृत्व में प्रदेश की जनता का कल्याण होगा तथा आपके हिन्दू सुखमय व शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत करेंगे। हम आपको आश्वासन देते हैं कि सभी कार्यां व अभियानों में अखिल भारत हिन्दू महासभा आपका पूर्ण सहयोग व समर्थन करेगी।
आपसे अनुरोध है कि उत्तर प्रदेश की जनता के हित में निम्नलिखित निर्णय तुरंत लेने की कृपा करेंः-
1.    संपूर्ण प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी तत्काल लागू करें।
2.    संपूर्ण प्रदेश में सभी बूचड़खानों को तत्काल प्रभाव से बंद करा दें।
3.    कैलाश मानसरोवर की तरह ही अमरनाथ व चारधाम यात्रियों को भी आर्थिक सहायता प्रदान करें।
4.    धार्मिक कार्यक्रमों, उत्सवों, रामलीलाओं व कथाओं के आयोजन के लिये अनुमति की प्रक्रिया को सरल बनायें।
5.    गायों की हत्या करने वालों व हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान करने वालों को कठोर दंड देने का आदेश दें।

सादर,

भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

श्री तारिक फतेह को सुरक्षा देने का अनुरोध।

प्रतिष्ठा में,
श्री राजनाथ सिंह जी,
माननीय गृह मंत्री, भारत सरकार
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली-110001

विषय :- श्री तारिक फतेह को सुरक्षा देने का अनुरोध।

महोदय,

यह जानकारी मिली है कि जी न्यूज पर फतेह का फतवा के संचालक हिंदुस्थान के हितैषी श्री तारिक फतेह इस कार्यक्रम को शनिवार और रविवार दो दिन रात्रि में संचालित करते हैं । वे उसमें निष्पक्षता से हिंदुस्थान के संविधान के सामाजिक समरसता के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा-परिचर्चा करते हैं और उस दौरान कुछ मुल्ला-मौलवियों और कुछ युवाओं को आमंत्रित करते हैं ।
ऐसे बड़े विद्वान् और प्रतिष्ठित मुसलमान कुछ दिन पूर्व जश्न-ए-रेखता में आमंत्रित थे, किन्तु अनेक जेहादी तत्त्वों ने उनके साथ भारी मारपीट की और उन्हें शारीरिक तथा मानसिक रूप से आहत किया ।
वैसे तो ऐसे अवसरों पर पहले से ही पुलिस को किसी अप्रिय स्थिति से बचाव के लिए तैयार रहना चाहिए, क्योंकि इसमें उनकी जान भी ली जा सकती थी । संभवतः आयोजनकर्ताओं ने भी उनके बचाव का कोई उपाय नहीं किया और वे परिदृश्य से दूर रहे अथवा खिसक गए अथवा उन्होंने जान-बूझकर यह स्थिति आयोजित की हो ।
अतः जेहादी लोग जिस तरह अनेक स्थानों पर प्रख्यात लेखिका सुश्री तसलीमा नसरीन के साथ करते रहे हैं, श्री फतेह के साथ भी वही शत्रुता का व्यवहार शुरू हो गया है । इससे पहले कि देश हितैषी श्री फतेह का जीवन खतरे में आ जाए, उन्हें अविलंब सुरक्षा मुहैया कराने के संबंध में निर्णय लिए जाने का अनुरोध है ।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा)राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

“स्टेंट” की तरह जाँचों के मूल्य तय करने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री जगत् प्रकाश नड्डा जी,
माननीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, भारत सरकार
निर्माण भवन, नई दिल्ली-110011

विषय :- “स्टेंट” की तरह जाँचों के मूल्य तय करने की मांग।

महोदय,
यह सब जानते हैं कि आजकल निजी चिकित्सालयों में रोगी के आते ही अनेक परीक्षण लिख दिए जाते हैं, जिनको कराने में हजारों रूपये खर्च हो जाते हैं । यह भी सब जानते हैं कि संबंधित निजी चिकित्सालयों के चिकित्सकों को परीक्षण के लिए भेजे गए प्रत्येक परीक्षण पर संबंधित प्रयोगशाला से कुछ कमीशन भी मिलता है । इस प्रकार यह एक बड़ा दुष्चक्र बन गया है, जिसमें रोगी और उसके परिवार वाले पिसते हैं ।
वर्तमान केंद्रीय सरकार ने माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में अनेक कल्याणकारी कार्य किए हैं, जिनमें से एक स्टेंट के मूल्य कम करने का भी है । इसी प्रकार जाँचों के मूल्य निर्धारित करने का आदेश शीघ्र देने की कृपा करें। इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

हिंदुस्थान के सबसे अधिक जनसंख्या वाले प्रदेश, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री चुने जाने पर अखिल भारत हिंदू महासभा की ओर से कृपया कोटिशः हार्दिक बधाइयाँ स्वीकार करें

प्रतिष्ठा में,
मंहत श्री आदित्य नाथ जी महाराज
माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश,

सादर नमस्कार ।
हिंदुस्थान के सबसे अधिक जनसंख्या वाले प्रदेश, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री चुने जाने पर अखिल भारत हिंदू महासभा की ओर से कृपया कोटिशः हार्दिक बधाइयाँ स्वीकार करें । संपूर्ण देश और देश के बाहर के अनेक सामाजिक हिन्दू संगठनों में आपके मुख्यमंत्री बन जाने से उत्साह की लहर दौड़ गई है और प्रदेश में हिंदुओं के दमन और हिंदू कन्याओं, किशोरियों और युवतियों के मुसलमानों द्वारा हो रहे अपहरण और तत्पश्चात् निकाह के वातावरण से हिन्दू समाज विश्वभर में पीड़ा का अनुभव करता रहा है । इतिहास में ऐसा उल्लेख है कि हिंदुस्थान का विभाजन उत्तर प्रदेश के मुसलमानों और अलीगढ़ के अंग्रेजी पढ़े कट्टर मुस्लिम उलेमाओं के षड्यंत्रों से हुआ । विभाजन के बाद भी उत्तर प्रदेश में पिछले कई दशकों में वही प्रक्रिया फिर से तेज गति से बढ़ रही थी । आपके पदासीन होने से यह विश्वास जगा है कि देवाधिदेव भगवान महादेव हिंदुस्थान और हिन्दुओं पर कृपा कर रहे हैं ।
इसलिए कृपया आनंद के वातावरण में सब हिन्दुओं की ओर से हार्दिक शुभकामनाएँ ग्रहण करें ।
प्रसंगवश कुछ निवेदन भी निम्नलिखित रूप में किए जा रहे हैं :-
1.    प्रदेश में लाखों मस्जिदें, दरगाहें, खानकाहें, मजारें कब्रिस्तान और पीर हैं, जिनके द्वारा उत्तर प्रदेश की हजारों एकड़ अत्यंत उपजाऊ भूमि घेर ली गई है ।
2.     अनेक स्थानों पर अनेक कब्जे सपा सरकार की अन्देखी के कारण हुए ।
3.    भविष्य में इनके निर्माणध्स्थापना पर नियंत्रण हेतु जिलाधिकारी की अथवा पुलिस अधीक्षक की लिखित अनुमति अनिवार्य कर दी जाए किन्तु ऐसा कोई भी स्थान खेती की भूमि पर नहीं बनना चाहिए ।
4.    उत्तर प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति (अब सेवा निवृत्त) श्री शंभुनाथ श्रीवास्तव के इस निर्णय को कि उत्तर प्रदेश में मुसलमान अल्पसंख्यक नहीं हैं, लागू कर दिया जाए और यदि आवश्यक हो तो अहमदियों, बोहरों, कदियानियों आदि को अल्पसंख्यक की परिभाषा में शामिल किया जा सकता है ।
5.    उत्तर प्रदेश में कई लाख मदरसे हैं, जिनमें कुरान की उन आयतों को भी जोर-शोर से पढ़ाया जा रहा है, जिनका उल्लेख न्यायाधीश जिले सिंह लोहाट ने अपने कई दशक पहले के निर्णय में इस रूप में किया था कि कि जब तक कुरआन में वे हैं तब तक विश्व में शांति नहीं होगी, उन आयतों को मदरसों के पाठ्यक्रमों में से उसी तरह निकलवा दी जाएँ, जिस तरह मिस्र में इजराइल ने दबाव डालकर निकलवा दी हैं ।
6.    मदरसों की पढाई में हिंदी की अनिवार्यता की जाए और जो मदरसे ऐसा न करें, उनका सरकारी अनुदान बंद कर दिया जाए ।
7.    कब्रिस्तानों के प्रसार पर विशेष नजर रखी जाए और उनके विस्तार को रोका जाए ताकि प्रदेश की भूमि इस तरह बर्बाद न हो । मिस्र में कब्रिस्तान की भूमि का बड़े नियंत्रित ढंग से प्रयोग किया जाता है और विस्तार नियंत्रित किया गया है ।
प्रदेश में वक्फ बोर्ड के कब्जे में जो भी खेती योग्य भूमि है, उसका तत्काल अधिग्रहण कर लिया जाए और उसका उपयोग भूमिहीन किसानों को देकर किया जाए ।
विश्वास है कि समय और परिस्थिति को ध्यान में रखकर ये सब कार्य शीघ्र आपके नेतृत्व में हो जाने से देश की रक्षा सुनिश्चित होगी ।
जब आप समझें तो मिलने का समय भी सूचित कराने का कष्ट करेंगे ।

सादर,
भवदीय,

(चन्द्र प्रकाश कौशिक)
राष्ट्रीय अध्यक्ष

दहशतगर्दी की चपेट में दरगाहें ।

प्रतिष्ठा में,
श्री राजनाथ सिंह जी,
माननीय गृह मंत्री, भारत सरकार
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली-110001

विषय :- दहशतगर्दी की चपेट में दरगाहें ।

महोदय,

टू फेसेज ऑफ इस्लाम के लेखक श्री रामिश सिद्दीकी के उक्त विषयक लेख में लेखक ने
कुछ महत्त्वपूर्ण तथ्यों की ओर ध्यान आकर्षित किया है, जो निम्नलिखित हैं –
1.    पाकिस्तान की बदहाली के लिए वही लोग जिम्मेदार हैं, जिन्होंने द्विराष्ट्र की सोच को हवा देते हुए पाकिस्तान निर्माण की मुहीम चलाई थी ।
2.    हिंसक पथ पर चल रहे मुसलमानों ने कुछ पाने के बजाय दूसरों की नजरों में सम्मान ही गँवाया है ।
लेखक ने पाकिस्तान में सूफी, शिया, लालशहवाज कलंदर की दरगाह पर हुए बम धमाके में कई दर्जन मुसलमानों के मारे जाने पर लेख में उक्त टिप्पणियाँ की हैं । शायद श्री सिद्दीकी कुछ दुखी हैं, परंतु यह नहीं भूलना चाहिए कि हिंदुस्थान में अनेक जेहादी आतंकवादी दरगाहों में और मस्जिदों में अड्डे बनाते हैं और अपने हिंसक कारनामों को अंजाम देते हैं । वहीं से उन्हें पनाह मिलती है । मदरसों में मुस्लिम बच्चों को इस्लामिक कट्टरता व राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने की शिक्षा दी जाती है।
इसलिए यह बहुत आवश्यक है कि सरकार खानकाहों, दरगाहों व मदरसों पर पूरी निगरानी रखे ।आपसे निवेदन है कि विशेष प्रकोष्ठ बनाकर इन पर पूरी-पूरी निगरानी रखी जाए ।

इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,

भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा)  राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी)  राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

दिल्ली विश्वविद्यालय में बी.ए. की फिलोसोफी की वर्तमान पुस्तक के बजाय विपुल भारतीय वाङ्मय में से सामग्री रखने का निवेदन ।

प्रतिष्ठा में,
श्री प्रकाश जावडे़कर जी,
माननीय मानव संसाधन विकास मंत्री, भारत सरकार
शास्त्री भवन, डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद मार्ग, नई दिल्ली-110001

विषय :- दिल्ली विश्वविद्यालय में बी.ए. की फिलोसोफी की वर्तमान पुस्तक के बजाय विपुल भारतीय वाङ्मय में से सामग्री रखने का निवेदन ।

महोदय,
यह देखने में आया है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के बी.ए. के फिलोसोफी के पाठ्यक्रम में पियरसन की पुस्तक रखी गई है, जो पाश्चात्य फिलोसोफी का प्रतिनिधित्व करती है । उसमें गहराई में जाने पर यह स्पष्ट पता चलता है कि उसमें लगभग 60 से 70 प्रतिशत सामग्री निरर्थक और कालबाह्य है । जिस देश में दर्शन शास्त्र के नाम पर 20-25 हजार पृष्ठों की अतुल्य सामग्री सुलभ हो, उसमें छात्रों और छात्राओं को दर्शन शास्त्र के नाम पर कुछ बेतुकी और जीवन दर्शन और आत्मिक दर्शन से प्रकाश वर्ष दूर की सामग्री पढ़ने के लिए परोसी जा रही हो तो यह भारतीय समाज और भारतवर्ष के लिए लज्जा की बात है ।
सुझाव है कि अष्टावक्र गीता और महाभारत में से दर्शन संबंधी सामग्री लेने के साथ-साथ छतरपुर में जैन महामुनि आचार्य महाप्रज्ञ जी (प्रज्ञा धाम जैन आश्रम छतरपुर नई दिल्ली) की लिखित पुस्तक दर्शन शास्त्र के पाठ्यक्रम में रखी जाए । बौद्ध दर्शन की जानकारी के लिए स्वर्गीय प्रो. जगन्नाथ उपाध्याय की पुस्तक बौद्ध मनीषा खण्ड-2 को, जिसके संपादक प्रो. राम शंकर त्रिपाठी हैं और जो केन्द्रीय बौद्ध विद्या संस्थान, चोगलमसर, लेह (लद्दाख) द्वारा प्रकाशित है, शामिल किया जाए।
इस ग्रंथ में जो अध्याय हैं, उनका वर्णन निम्नलिखित है –
1.    बहुजन कल्याण और महात्मा बुद्ध
2.    भगवान् बुद्ध की अनिवार्यता
3.    भगवान् बुद्ध का मानव धर्म
4.    भगवान् बुद्ध और आज का भारत
5.    बौद्ध दर्शन
6.    बौद्ध न्याय
7.    बौद्ध न्याय का विकास
8.    अपोहवाद
9.    बौद्ध दर्शन के जीवंत तत्त्व
10.     भारतीय चिंतन परम्परा में नए जीवन दर्शन की अपेक्षा
11.     भारतीय दर्शनों के नए वर्गीकरण की दिशा
12.    बौद्ध दर्शन का अन्य भारतीय दर्शनों पर प्रभाव आदि ।
अंग्रेजी में श्री अनवर शेख महोदय ने THE VEDIC CIVILISATION  नाम की पुस्तक लिखी है, जो PRINCIPALITY PUBLISHERS, P-O- BOX & 918, CARDIFF, UK  से प्रकाशित हुई है, उसे वैदिक दर्शन की पुस्तक के बतौर फिलोसोफी के पाठ्यक्रम में शामिल करना उपयोगी होगा, उसमें निम्नलिखित अध्याय हैं :-

1-     THE ARYAN CIVILISATION

2-         INGREDIENTS OF ARYAN CIVILISATION

3-         THE VEDA IN FOREIGN LANDS

4-         THE VEDIC ISLAM

5-         THE VEDIC SOCIETY  

इन पाठों में अत्यंत विस्तार से 257 पृष्ठों में विषय का गंभीर विवेचन स्वर्गीय अनवर शेख ने किया है । पुस्तक दिल्ली में उपलब्ध है ।
अतः निवेदन है कि इन पुस्तकों के कुछ अंश पाठ््यक्रम में शामिल कर लिए जाएँ । विश्वास है कि आप इस विषय पर शीघ्र गौर करने की कृपा करेंगे । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर

भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) संपादक

(वीरेश त्यागी) प्रबंध संपादक