Daily Archives: May 2, 2017

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को असंवैधानिक घोषित करने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री राजनाथ सिंह जी,
माननीय गृह मंत्री, भारत सरकार
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली-110001

विषय :- मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को असंवैधानिक घोषित करने की मांग।

महोदय,
मीडिया में छपे समाचार से निम्नलिखित तथ्य उजागर हुए हैं, जो मुसलमान स्त्रियों के प्रति हो रहे अन्याय, दमन और क्रूरता के प्रसंग में बहुत महत्त्वपूर्ण हैं, जिससे उन्हें तीन तलाक की क्रूरता से बचाया जा सकेः-
1. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड एक असंवैधानिक संस्था है, जिसे कोई विधिक या मजहबी स्वीकृति प्राप्त नहीं है, और उसे मुस्लिम समुदाय के मामले पर बोलने का कोई हक नहीं है ।
2. बोर्ड को स्थापना कांग्रेस ने कराई और कट्टरवादी मुसलमान नेताओं को धन दिया तथा उनसे यह संस्था बनवाई, ऐसा कांग्रेस ने मुस्लिम वोट बैंक बनाने के लिए किया ।
इसलिए निवेदन है कि उक्त संस्था को गैर-कानूनी घोषित करके, उसका पंजीयन रद्द कर दिया जाए । उच्चतम न्यायालय में उसे तीन तलाक, हलाला और समान नागरिक संहिता पर कुछ कहने से रोक दिया जाए ।
इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

नक्सली हिंसा से सख्ती से निपटे राजग सरकार :- हिन्दू महासभा

नई दिल्ली। 02 मई 2017

नक्सली हिंसा से सख्ती से निपटे राजग सरकार :- हिन्दू महासभा

छत्तीसगढ़ के सुकना में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स के कैम्प पर हुए हमले से दुखी अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश कौशिक, राष्ट्रीय महामंत्री मुन्ना कुमार शर्मा एवं राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री वीरेश त्यागी ने केन्द्र की राजग सरकार से मांग की है कि नक्सलवाद व माओवाद की समस्या से सरकार सख्ती से निपटे। नक्सली हमले में घायल जवानां के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना तथा शहीदों को श्रद्धांजलि हेतु आयोजित यज्ञ एवं हवन के उपरान्त उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए हिन्दू महासभा नेताओं ने कहा कि भोली-भाली वन-वासी जनता को कम्युनिस्टों के लाल झंडे ने लहूलुहान कर रखा है। इन क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों को बंदूक की नोंक पर रोकने तथा बड़ी संख्या में हमारे जवानों पर घात लगा कर कायराना तरीके से हमला करने वालों के विरूद्ध अविलम्ब कदम उठाया जाना नितांत आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि हिन्दू संगठनों द्वारा इन क्षेत्रों में चलाए जा रहे हजारों विद्यालयों तथा अन्य सेवा कार्यों का एक बड़ा सकारात्मक प्रभाव तो हुआ है किन्तु अभी बहुत कुछ किया जाना शेष है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जहां विकास की गति को बढ़ाना होगा वही समाज के इन दुश्मनों को भी सबक सिखाना होगा।
हिन्दू महासभा नेताओं ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक पैमाने पर चल रहे चर्च प्रायोजित धर्मांतरण व लाल आतंक से सावधान रहना होगा। जेएनयू व डीयू जैसी विश्व विख्यात शिक्षण संस्थाओं में पल रहे इनके षडयंत्रकारियों को भी ठीक से पहचान कर विध्वंसकारी शक्तियों को सख्ती से कुचलना होगा तभी हम अपने नागरिकों को सुरक्षा दे पाएंगे।

वीरेश त्यागी
राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

कूटनीतिक सीमाएं लांघता चीन ।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार।
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- कूटनीतिक सीमाएं लांघता चीन ।

महोदय,
लेखक श्री दिव्य कुमार सोती के समाचार पत्रों में छपे आलेख से यह स्पष्ट है कि जिस प्रकार कोई ऐसी वस्तु नहीं जो अग्निदेवता को भक्षण के लिए दी जाए और अग्निदेवता उसको स्वाहा न कर दें, उसी प्रकार यद्यपि चीन देवता तो नहीं है किन्तु ऐसा दैत्य है जिसके उदर में जितना डालेंगे वह और अधिक की माँग करता रहेगा । इसलिए अब यह बहुत आवश्यक हो गया है कि चीन से डरा न जाए और उसको दर्पण दिखाया जाए । भावार्थ यह है कि हमारे दुर्बल नेतृत्व के कारण तिब्बत चीन के उदर में चला गया और हम देखते रहे, साथ-साथ हमारी 36,000$5000 वर्ग कि.मी. भूमि चीन ने हड़प ली।
इसलिए आपसे अनुरोध है कि तिब्बत नीति पर पुनर्विचार की घोषणा करते हुए तिब्बत को स्वतंत्र देश की मान्यता दे दी जाए ताकि चीन को जबर्दस्त धक्का लगे तथा चीन का घटिया माल देश में आने से रोक दिया जाए ।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा)राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

अम्बेडकर विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा हिंदी में कराने की मांग ।

प्रतिष्ठा में,
श्री प्रकाश जावड़ेकर जी,
माननीय मानव संसाधन विकास मंत्री, भारत सरकार
शास्त्री भवन, डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद मार्ग, नई दिल्ली-110001

विषय :- अम्बेडकर विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा हिंदी में कराने की मांग ।

महोदय,
यह हठधर्मी और दासता की पराकाष्ठा है कि दिल्ली के अम्बेडकर विश्वविद्यालय में स्नातक, स्नातकोत्तर, एम् फिल आदि कक्षाओं में भर्ती के लिए परीक्षा का माध्यम केवल अंग्रेजी है और पढ़ाई भी अंग्रेजी में होती है । समाचार के अनुसार हिंदी माध्यम में पढ़े हुए और पिछड़े वर्गों के छात्रों को अंग्रेजी माध्यम के कारण विश्वविद्यालय में प्रवेश नहीं मिलता है । विश्वविद्यालय के प्राधिकारियों को ज्ञापन भी दिए गए किन्तु अनसुने किए जा रहे हैं । राष्ट्रपति जी के आदेशों के अनुसार हिंदी माध्यम में प्रवेश परीक्षा और हिंदी माध्यम में पढ़ाई का होना अनिवार्य है ।
कृपया शीघ्र अम्बेडकर विश्वविद्यालय को निर्णायक आदेश देने का कष्ट करें । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) संपादक
(वीरेश त्यागी) प्रबंध संपादक