Daily Archives: May 11, 2017

एक विवाह और अधिकतम दो बच्चे का कानून लागू करने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री राजनाथ सिंह जी,
माननीय गृह मंत्री, भारत सरकार
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली-110001

विषय :- एक विवाह और अधिकतम दो बच्चे का कानून लागू करने की मांग।

महोदय,
पीईडब्लू शोध केंद्र के अध्ययन के अनुसार हिन्दुओं की जन्मदर 2.3 बच्चे प्रति स्त्री है, जबकि मुसलमानों की 2.9 प्रति स्त्री है । इसके अनुसार मुसलमानों की जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है, इसके विपरीत हिन्दुओं की जनसंख्या तेजी से घट रही है । फलस्वरूप विश्वभर में हिन्दुओं की जनसंख्या बहुत घट जाएगी । इस प्रसंग में निवेदन है किः-
1. गृह मंत्रालय की तरफ से कुछ विश्वविद्यालयों में एक वर्ष के लिए इस विषय पर गहन शोध की परियोजनाएँ दे दी जाएँ ।
2. प्रति हिन्दू स्त्री बच्चों की जन्मदर कैसे बढ़े, इसका भी उक्त शोध में विचार हो ।
3. हिन्दुस्थान में यदि जनसंख्या नियंत्रण के लिए कुछ असामान्य निर्णय भी लेने पड़ें तो वे क्या हों, इस विषय को भी उक्त शोध में शामिल कर लिया जाए ।
4. देश में समान नागरिक कानून शीघ्र लागू किया जाये।
5. देश में एक विवाह और अधिकतम दो बच्चे का कानून लागू किया जाये। साथ-ही इस कानून का पालन नहीं करने वाले को मताधिकार से वंचित किया जाये।
6. तीन तलाक, हलाला और बहुविवाह पर तुरंत रोक लगे।
7. गौहत्या के लिये मृत्युदंड का प्रावधान हो।गौहत्या पर पूरे देश में पूर्ण प्रतिबंध लगे।

इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

पत्थरबाजों व उसके समर्थकों से निपटने में भारतीय सेना को पूर्ण अधिकार मिलेः- हिन्दू महासभा

नई दिल्ली। 09 मई 2017

पत्थरबाजों व उसके समर्थकों से निपटने में भारतीय सेना को पूर्ण अधिकार मिलेः- हिन्दू महासभा

पिछले कुछ महीनों से कश्मीर घाटी में सेना के जवानों का अपमान एवं उन पर पत्थरबाजी की घटनाओं से पूरा देश स्तब्ध व आक्रोशित है। सेना के जवान जब आतंकवादियों को घेरते हैं तब कश्मीर के कुछ लोग जवानों पर पत्थर फेंकना आरम्भ कर देता है। जिसके कारण आतंकवादी सुरक्षित बच निकलता है। पत्थर फेंककर आतंकवादियों को बचाने वाला भी राष्ट्रद्रोही ही है। अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश कौशिक, राष्ट्रीय महामंत्री मुन्ना कुमार शर्मा एवं राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री वीरेश त्यागी ने केन्द्र की राजग सरकार से मांग की है कि भारतीय सेना पर पत्थर फेकनें वालों, उनको उकसाने, आतंकियों का समर्थन करने वाले तथा पीछे से सहयोग करने वाले देश के गद्दारों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही हो तथा सेना के जबानों को इन पत्थरबाजों को सबक सिखाने के लिये पूरी छूट मिले। हिन्दू महासभा नेताओं ने घोषणा की कि इन पत्थरबाजों के विरुद्ध यदि केन्द्र सरकार ने कठोर कार्यवाही नहीं की तो हिन्दू महासभा राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेगी।
हिन्दू महासभा महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने यह भी कहा है कि भारत माता की रक्षा के लिए संकल्पित सेना के जवानों ने सदैव ही अपने प्राणों का बलिदान देकर देश के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन किया है। इन जवानों ने न सिर्फ आतंकवादियों और दहशतगर्दों के राष्ट्रविरोधी षड्यंत्रों को विफल किया बल्कि हर आपदा में अपनी जान की बाजी लगा कश्मीरियों के भी प्राण बचाए हैं। हिन्दू महासभा भारत माता के इन वीर सपूतों के साथ सदैव ही खड़ा रहा है। भारतीय सेना पर पत्थर फेकनें वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही हो तथा सेना के जवानों को पत्थरबाजों को दंडित करने के लिये पूर्ण अधिकार मिले ।

वीरेश त्यागी
राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा वापस ली जाये।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार।
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा वापस ली जाये।

महोदय,

श्रीनगर से श्री नवीन नवाज ने समाचार पत्रों में कुछ महत्त्वपूर्ण तथ्य उजागर किए हैं, जो निम्नलिखित हैं :-
1. गला फाड़ कर अलगाववादी नारे देने वाले लोग मुट्ठी भर हैं ।
2. जम्मू-कश्मीर की बड़ी आबादी को न तो पाकिस्तान पसंद है और न ही आतंकवादियों की दलील ।
3. घाटी के अंदर आग लगाने की कोशिशें लगातार होती रही हैं ।
4. 22 में से सिर्फ 5 जिलों के कुछ लोग ही अलगाववाद के प्रभाव में हैं ।
5. समस्या की जड़ विशुद्ध इस्लामिक कट्टरवाद में है ।
6. पथराव की घटनाएँ श्रीनगर, सोपोर के अलावा अन्य जिलों के प्रमुख कस्बों में सिमटी हैं । वह भी पैसे देकर बच्चों से पत्थरबाजी करायी जाती है।
7. राजनीति इसे जिन्दा किए हुए है, जिनमें नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी और हुरियत कॉन्फ्रेंस के नेता सम्मिलित हैं।
कश्मीर के कांग्रेस ,हुरियत कॉन्फ्रेंस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी के राजनीतिबाज नेता अलगाववाद को हवा देने में पीछे नहीं रहे हैं और जिन सुरक्षाकर्मियों पर पत्थर फिकवाते हैं, उन्हीं से अपने जीवन की रक्षा करवाते हैं, साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं के दौरान उनसे सेवाएँ लेते हैं और
आतंकवादियों और पत्थरबाजों से वार्ता का राग अलापते हैं ।

इस संबंध में हमें जो सुझाव मिले हैं और मिल रहे हैं, वे निम्नलिखित हैंः-
1. घाटी से भारतीय सेना केवल सीमा पर तैनात कर दी जाए और अन्य स्थानों से हटा ली जाए ।
2. केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल और पुलिस को बैरकों में भेज दिया जाए । राजनीतिबाजों की सुरक्षा वापस ले ली जाए ।
3. राजनीतिबाजों और उपर्युक्त पार्टियों के आतंकवादियों के हिमायतियों को पत्थरबाजों और आतंकवादियों से वार्ता की छूट दे दी जाए ।
4. विश्वास है कि इन उपर्युक्त उपायों से आतंकवादी और पत्थरबाजों सहित कश्मीर के अलगावादी नेताओं को अपने प्रलापों का पूरा ईनाम मिल जाएगा । विश्वास है कि निर्णय लेने की कृपा करेंगे और देशभक्त सैनिकों को हुतात्मा बनने से बचाने का पुण्य लाभ लेंगे।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा)राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी)राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री