Monthly Archives: August 2017

एयर इंडिया में हुए घोटाले की उच्च स्तरीय जांच कर कड़ी कार्यवाही करने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री अशोक गजपति राजू जी,
माननीय नागर विमानन मंत्री, भारत सरकार
राजीव गाँधी भवन, श्री अरविन्द मार्ग,
सफदरजंग हवाई अड्डे के निकट, नई दिल्ली

विषय :- एयर इंडिया में हुए घोटाले की उच्च स्तरीय जांच कर कड़ी कार्यवाही करने की मांग।

महोदय,
समाचारों से यह स्पष्ट हुआ है कि संप्रग सरकार ने एयर इंडिया के लिए 50 चौड़ी बॉडी के और इंडियन एयरलाइन्स के लिए 43 कम चौड़े विमान खरीदने का निर्णय लिया था । चौड़ी बॉडी वाले विमानों का सौदा 33,200 करोड़ रूपये का और कम चौड़े विमानों का सौदा 8,400 करोड़ रूपये का था । नियंत्रक और महालेखापरीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार यह अनुमान बेहद गलत था, क्योंकि चौड़ी बॉडी के 50 विमानों की बजाय केवल 10 काफी थे । इस प्रकार तत्कालीन नागर विमानन मंत्री के संदेहास्पद निर्णय के कारण दोनों विमानन कम्पनियों को और सरकार को हजारों करोड़ रूपये का घाटा हुआ, जो सन् 2009 तक बढ़कर 13,326 करोड़ रूपये का हो गया । दोनों कम्पनियों का विलय कर दिया गया और नागर विमानन मंत्री सहित उनके अनेक सहायक सरकारी विमानन कम्पनियों को बर्बाद करके निजी विमानन कम्पनियों को लाभ पहुँचाते रहे और भगवान् झूठ न बुलवाएँ तो हजारों करोड़ रूपये डकार गए जिसकी चर्चा उन दिनों वायुमंडल में घूमती रही ।
अब यह आवश्यक है कि उक्त घोटाले की पूरी जाँच हो और यथाशीघ्र अगले कुछ महीनों में ही घोटालेबाजों को पकड़कर दंडित किया जाए, उनके घरों में छापे मारे जाएँ और उनकी सम्पत्तियाँ जब्त कर ली जाएँ ।

सादर, भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

महबूबा मुफ्ती के बेलगाम बोल ।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- महबूबा मुफ्ती के बेलगाम बोल ।

महोदय,
कृपया जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री सुश्री महबूबा मुफ्ती के बेलगाम वक्तव्यों की ओर ध्यान आकृष्ट करने की कृपा करेंः-
1. 28 जुलाई, 2017 को नई दिल्ली में महबूबा मुफ्ती ने चेतावनी दी कि अगर संविधान के अनुच्छेद 370 और 354 से छेड़छाड़ की गई तो कश्मीर में तिरंगा उठाने वाला कोई नहीं मिलेगा ।
2. 17 मार्च, 2017 को महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि राज्य के कुछ हिस्सों से अफस्पा कानून को हटा दिया जाए । उन दिनों सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी हो रही थी ।
3. 18 मार्च, 2017 को महबूबा मुफ्ती ने मुम्बई में कहा कि भारत को चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे से जुड़ जाना चाहिए ।

उपयुर्क्त विषय में हमारा कहना है किः-
1. ऐसा क्या है कि महबूबा कुछ भी बयान (खतरनाक) देने के बावजूद पद पर काबिज हैं ?
2. उनकी सत्ता में टेक बनी भाजपा की कौन-सी मजबूरी है कि वह उन्हें ढ़ो रही है ?
3. भाजपा के समर्थन से सरकार चला रही महबूबा उसे मुँह चिढ़ाते हुए लक्ष्मण रेखा लाँघ रही हैं और भाजपाई मजबूरन धृतराष्ट्रवादी बनने को मजबूर हैं ?
4. लगता है कि भाजपा ने पीडीपी के समक्ष समर्पण कर दिया है ।
5. सन् 2003 में भारतीय गुप्तचर एजेंसियों ने महबूबा की हिज्बुल कमांडरों से नजदीकियाँ ताड़ ली थीं, अब महबूबा को यह मुगालता हो गया है कि कश्मीर में तिरंगा उनके हाथों का मोहताज बन गया है ।
निवेदन है कि उपर्युक्त प्रेक्षणों पर गहराई से गौर कराने की कृपा करें और यथोचित कार्रवाई कराने के बारे में भी शीघ्र निर्णय लेने का कष्ट करें ।
सादर, भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

मुस्लिम असुरक्षा पर अनावश्यक प्रश्न ।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार।
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- मुस्लिम असुरक्षा पर अनावश्यक प्रश्न ।

महोदय,
कृपया निम्नलिखित तत्थों का संज्ञान लेने की कृपा करेंः-
1. पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने अपनी विदाई के क्षणों में दलित, मुस्लिम और ईसाइयों में असुरक्षा के सम्बंध में जो विचार 7 अगस्त, 2017 को बेंगलूरू में और फिर 10 अगस्त, 2017 को राज्यसभा टीवी पर व्यक्त किए, उन विचारों ने देश की जनता को मायूस किया ।
2. डॉ. राधाकृष्णन के बाद वह पहले उपराष्ट्रपति थे, जिन्हें दो कार्यकाल मिले ।
3. क्या जब कांग्रेस सत्ता में थी, तो मुस्लिम सुरक्षित थे ?
4. ऐसी कौन-सी बात है, जिससे मुस्लिम असुरक्षित हैं जबकि जमीनी हकीकत इसके उलट है क्योंकि समाज में उन्हें कुछ भी कहने और करने का हक ही नहीं, बल्कि अवसर भी हैं ।
5. हर शहर के कुछ खास इलाकों में मुस्लिमों का जनसंख्या घनत्व बेतहाशा बढ़ जाता है और फिर उस क्षेत्र में जाने में आम हिन्दू भी असहज महसूस करने लगते हैं ।
6. मुस्लिम बाहुल्य मौहल्लों में से असुरक्षा बोध से हिन्दू परिवार धीरे-धीरे मकान बेचकर सुरक्षित मौहल्लों में जाने लगते हैं ।
7. ऐसे मौहल्लों में पुलिस और प्रशासन भी हाथ डालने से कतराते हैं ।
8. यह प्रवृत्ति कुछ शहरों में चिंताजनक स्तर पर पहुँच गई है, हिन्दू-मुस्लिम बस्तियों का ऐसा सपाट विभाजन रोकने और इससे उपजी दूरी को कम करने का कोई प्रयास नहीं करता ।
9. हमारे नेता मुस्लिम असुरक्षा को तो सेक्यूलर राजनीति के आइने में देख लेते हैं । किन्तु हिन्दू असुरक्षा का क्या ?
10. देश में मुस्लिम हितों की बात करना और इस्लाम की दुहाई देना तो सेक्यूलर है, लेकिन हिन्दू हितों की बात करना और हिन्दुत्व साम्प्रदायिक मान लिए गए हैं ।
हमारा निवेदन है कि –
1. शहरों में मुस्लिमों के अलग मौहल्ले दिल्ली में भी हैं, जैसे – ओखला, पश्चिमी निजामुद्दीन, नबी करीम, दरियागंज, जामा मस्जिद, गाजीपुर आदि । इन क्षेत्रों में रह रहे हिन्दू परिवार मुसलमानों के दबदबे और क्रूर व्यवहार से तथा लड़कियों को उठा लेने की धमकियों से घबराकर औने-पौने दामों में घर बेचकर उत्तर प्रदेश के कैराना कस्बे की तरह ही अन्यत्र भाग रहे हैं । विशेषज्ञों और चिंतकों के समूहों से विचार करके देश विभाजन से पहले के इन तौर-तरीकों को रोकने और उनसे निबटने के उपाय अपनाने की कृपा करें ।
2. सरकार विभिन्न भारतीय भाषाओँ में पुस्तकें प्रकाशित करके यह सिद्ध करे कि हिन्दुस्थान में मुसलमान दुनियाँ के मुस्लिम देशों से भी अधिक सुरक्षित हैं, उनकी जनसंख्या तेजी से ज्यामितीय श्रेणी के अनुसार बढ़ रही है और उन्हें बहुसंख्यकों की तुलना में अनेक अतिरिक्त सुविधाएँ और अधिकार मिले हुए हैं, जिनका वे उपभोग कर रहे हैं और उनके मुल्ला-मौलवी बेबाक बकवास कर रहे हैं और उन पर कोई दण्डात्मक कार्रवाई नहीं की जाती ।
3. मुसलमानों के मुल्ला मौलवियों को धर्मगुरु, कुरान को धर्म पुस्तक और इस्लाम को धर्म बोलना-लिखना बंद होना आवश्यक है और कुरआन को मजहबी किताब तथा इस्लाम को मजहब बोला और लिखा जाए ।
शीघ्र निर्णय करने की कृपा करेंगे ऐसा विश्वास है ।

सादर, भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

कम्प्यूटरों पर रोमन कुँजीपटल से देवनागरी में मुद्रण की पद्धति, देवनागरी लिपि के टंकण के लिए घातक ।

प्रतिष्ठा में,
श्री राजनाथ सिंह जी,
माननीय गृह मंत्री, भारत सरकार
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली-110001

विषय :- कम्प्यूटरों पर रोमन कुँजीपटल से देवनागरी में मुद्रण की पद्धति, देवनागरी लिपि के टंकण के लिए घातक ।

महोदय,
कम्प्यूटरों पर हिंदी भाषा को देवनागरी लेखन हेतु रोमन के कुँजीपटल से विशेष सॉफ्टवेयर का प्रयोग करके लिखे जाने की मनोवृति बढ़ रही है । इसका परिणाम यह हो रहा है कि देवनागरी के कुँजीपटलों के द्वारा हिंदी/देवनागरी को कम्प्यूटर पर लिखने की पद्धति को हानि पहुँच रही है और देवनागरी कुँजीपटल का प्रयोग घट रहा है ।
यह भी पता चला है कि राजभाषा विभाग कि वेबसाइट पर रोमन के कुँजीपटल से हिंदी/देवनागरी लिखने को परोक्ष बढ़ावा दिया गया है, जिससे देवनागरी में सीधे टंकण करने की मनोवृति को हानि पहुँच रही है ।
इस क्रम में सुझाव है किः-
1. सरकारी विद्यालयों और प्रशिक्षण संस्थानों में जहाँ कम्प्यूटर पर टंकण का प्रशिक्षण दिया जा रहा हो, वहाँ देवनागरी लिपि का टंकण प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाए और उसमें उत्तीर्ण होने की बाध्यता के आदेश जारी किए जाएँ ।
2. कुँजीपटल बनाने वाली कम्पनियों के लिए देवनागरी अथवा विकल्पतः किसी अन्य भारतीय भाषा की लिपि के अक्षर उत्कीर्ण होने अनिवार्य किए जाएँ ।
3. राजभाषा विभाग की वेबसाइट से देवनागरी में रोमन कुँजीपटल से लिखने की सुविधा सम्बंधी प्रावधान या तो हटा दिया जाए अथवा उसकी शब्दावली ऐसी कर दी जाए, जिससे उक्त पद्धति के प्रयोग को प्रोत्साहन न मिले ।
विश्वास है कि विचार करके शीघ्र उचित आदेश जारी कराने की कृपा करेंगे ।
इस सम्बंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर, भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) संपादक

(वीरेश त्यागी) प्रबंध संपादक

केरल के लव-जिहाद की जाँच करेगी एनआइए ।

प्रतिष्ठा में,
श्री राजनाथ सिंह जी,
माननीय गृह मंत्री, भारत सरकार
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली-110001

विषय :- केरल के लव-जिहाद की जाँच करेगी एनआइए ।
महोदय,
निवेदन है कि कुछ वर्ष पहले केरल उच्च न्यायालय में लव-जिहाद (इस्लाम के प्रसार की नई तकनीक) के मामलों पर विचार किया गया था और उस समय उच्च न्यायालय ने कई दर्जन मामलों की जाँच की थी और यह पता चला था कि सैंकड़ों हिन्दू लड़कियों को मुसलमान लड़कों ने लव-जिहाद में फँसाया और उनको मुसलमान बनाकर निकाह किए । उसके पश्चात् उन लड़कियों का क्या हुआ, यह पता नहीं चल सका, क्योंकि अपुष्ट सूचनाओं के अनुसार उनमें से अधिकांश को तलाक दिए गए और वे मारी-मारी फिरती रहीं । इस पर उच्च न्यायालय ने चिंताजनक निर्णय दिया था ।
गृह मंत्रालय कृपया उक्त मामले की पड़ताल करने का कष्ट करे । यह मामला अब उच्चतम न्यायालय में है और राष्ट्रीय अन्वेक्षण एजेंसी से इसकी जाँच कराई जाएगी । यह निश्चित है कि सैंकड़ों मामले केरल में हुए हैं और हिन्दू परिवारों को घोर संकट में डालने और पीड़ा देने का काम इस्लामी जिहादियों ने चला रखा है । यह भी निवेदन है कि गृह मंत्रालय भी अपने स्तर पर अन्य गुप्तचर एजेंसियों से सम्पूर्ण केरल में इस लव-जिहाद के मामलों की खोज-बीन स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से अवश्य कराए, जिससे यह मतांतरण प्रशिक्षण केंद्र बंद हो जाएँ ।

सादर, भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा)राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी)  राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

रेेल दुर्घटना के सभी दोषी अधिकारियों को नौकरी से बर्खास्त करने व उन पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री सुरेश प्रभु जी,
माननीय रेल मंत्री, भारत सरकार।
रेल भवन, नई दिल्ली-110001

विषय:-रेेल दुर्घटना के सभी दोषी अधिकारियों को नौकरी से बर्खास्त करने व उन पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग।

महोदय,
आपको ज्ञात है कि शनिवार, 19 अगस्त को पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस पटरी से उतरी गई, परिणामस्वरूप कई यात्रियों की मृत्यु हो गई तथा सैकड़ों यात्री घायल हो गये। पारंभिक जांच रिपोर्टों के आधार पर यह स्पष्ट हो गया है कि रेलवे अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लापरवाही के कारण ही यह भयानक हादसा हुआ है। हमारा मानना है कि यदि सभी दोषियों पर कड़ी कार्यवाही नहीं की गई तो आगे भी लापरवाही होती रहेगी तथा यात्रियों की जान जाती रहेगी।
आपसे अनुरोध है कि रेल दुर्घटना पर विराम लगाने तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये निम्न कार्रवाई करने की कृपा करेंः-
1. रेलवे बोर्ड के सदस्य (इंजिनीयरिंग), दिल्ली के डीआरएम, उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक, मुख्य टैªक इंजीनियर (उत्तर रेलवे), सीनियर सेक्शन इंजिनियर (टैªक) असिस्टेन्ट डिवीजनल इंजिनियर, सीनियर डिवीजनल इंजीनियर, जूनियर इंजिनियर सहित सभी दोषियों को नौकरी से बर्खास्त किया जाये।
2. उपर्युक्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों सहित सभी दोषियों पर धारा-302 के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाये।
3. रेलयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाये।
4. पुराने पड़े सभी रेलवे ट्रैक की स्थिति में सुधार लाया जाये।

सादर, भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

राष्ट्रपति भवन स्थित मुगल उद्यान का नाम यदि नहीं बदला गया तो हिन्दू महासभा राष्ट्रपति भवन पर धरना-प्रदर्शन करेगी

नई दिल्ली, 21 अगस्त 2017

राष्ट्रपति भवन स्थित मुगल उद्यान का नाम यदि नहीं बदला गया तो हिन्दू महासभा राष्ट्रपति भवन पर धरना-प्रदर्शन करेगी

अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने घोषणा की है कि यदि राष्ट्रपति भवन स्थित मुगल उद्यान का नाम नहीं बदला गया तो शीघ्र ही राष्ट्रपति भवन पर विशाल धरना-प्रदर्शन किया जायेगा। मुन्ना कुमार शर्मा ने पत्र लिखकर भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से राष्ट्रपति भवन में स्थित मुगल उद्यान का नाम बदलकर डा.राजेन्द्र प्रसाद उद्यान करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि ब्रिटिश वास्तुकार एडविन लुटियंस ने ब्रिटिश शासन काल में बने वायसराय हाउस में एक खूबसूरत उद्यान का निर्माण कराया था, जिसका नाम मुगल उद्यान रखा गया था। परन्तु 15 अगस्त 1947 को भारत के स्वतंत्र हो जाने के उपरान्त वायसराय हाउस का नाम बदलकर राष्ट्रपति भवन रख दिया गया था। परन्तु मुगल उद्यान का नाम अभी तक नहीं बदला गया है। उन्होंने कहा है कि कुछ दिनों पूर्व ही मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम बदला गया है। इसलिये अग्रंेजी शासन काल में रखे गये नाम मुगल उद्यान को भी शीघ्र बदल दिया जाये। श्री शर्मा ने कहा है कि मुगल उद्यान आम जनता के दर्शनार्थ सुलभ नहीं था। परन्तु भारत के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेन्द्र प्रसाद ने इसे आम जनता के दर्शनार्थ खुलवाया था। इसलिये मुगल उद्यान का नाम बदल दिया जाये तथा इसका नाम डा. राजेन्द्र प्रसाद उद्यान रख दिया जाये। श्री शर्मा ने कहा है कि गुलामी के प्रतीकों को शीघ्र समाप्त किया जाये। उन्होंने कहा कि मुगलों ने हिन्दुस्तान के हिन्दुओं पर घोर अन्याय किया है। उसने करोड़ों हिन्दुओं का धर्मातंरण कराया है तथा लाखों मंदिरों को तोड़ा है। यहां तक कि मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान राम के जन्मस्थान मंदिर को भी तोड़कर बाबरी मस्जिद बना दिया। इसलिये भारतीय संस्कृति एवं पहचान को नष्ट करने वाले मुगलों के नाम कोई उद्यान या सड़क का नाम स्वीकार्य नहीं होगा।

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव
फोनः9312177979

रेेल दुर्घटना के सभी दोषी अधिकारियों को नौकरी से बर्खास्त करने व उन पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय:-रेेल दुर्घटना के सभी दोषी अधिकारियों को नौकरी से बर्खास्त करने व उन पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग।

महोदय,
आपको ज्ञात है कि शनिवार, 19 अगस्त को पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस पटरी से उतरी गई, परिणामस्वरूप कई यात्रियों की मृत्यु हो गई तथा सैकड़ों यात्री घायल हो गये। पारंभिक जांच रिपोर्टों के आधार पर यह स्पष्ट हो गया है कि रेलवे अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लापरवाही के कारण ही यह भयानक हादसा हुआ है। हमारा मानना है कि यदि सभी दोषियों पर कड़ी कार्यवाही नहीं की गई तो आगे भी लापरवाही होती रहेगी तथा यात्रियों की जान जाती रहेगी।
आपसे अनुरोध है कि रेल दुर्घटना पर विराम लगाने तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये निम्न कार्रवाई करने की कृपा करेंः-
1. रेलवे बोर्ड के सदस्य (इंजिनीयरिंग), दिल्ली के डीआरएम, उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक, मुख्य टैªक इंजीनियर (उत्तर रेलवे), सीनियर सेक्शन इंजिनियर (टैªक) असिस्टेन्ट डिवीजनल इंजिनियर, सीनियर डिवीजनल इंजीनियर, जूनियर इंजिनियर सहित सभी दोषियों को नौकरी से बर्खास्त किया जाये।
2. उपर्युक्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों सहित सभी दोषियों पर धारा-302 के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाये।
3. रेलयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाये।
4. पुराने पड़े सभी रेलवे ट्रैक की स्थिति में सुधार लाया जाये।

सादर, भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा)राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

सुधार की राह पर आगे बढ़ें मौलवी ।

प्रतिष्ठा में,
श्री राजनाथ सिंह जी,
माननीय गृह मंत्री, भारत सरकार
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली-110001

विषय:- सुधार की राह पर आगे बढ़ें मौलवी ।

महोदय,
श्री तुफैल अहमद ने मुस्लिम समाज की कुरीतियों और मुल्ला-मौलवियों की हठधर्मिता का बेबाक वर्णन किया है । कुछ प्रमुख बातें निम्नलिखित हैं-
1. सार्वजनिक जगहों पर नमाज पढ़ने से अन्य समुदायों के लोगों को परेशानी होती है, इसलिए जुम्मे और ईद की नमाज किश्तों में मस्जिदों में ही पढ़ी जाए ।
2. रेलगाड़ी अथवा बस रोककर नमाज पढ़ने से मुसलमानों के विरुद्ध घृणा पनपती है ।
हमारा अनुरोध है कि सरकार उन चालकोंध्अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई का प्रावधान करे, जो ऐसा करके अनेक यात्रियों को कष्ट देते हैं ।
3. लाउडस्पीकर से अजान के बाद ही नमाज, नमाज मानी जाएगी, ऐसा कहीं इस्लाम में नहीं है, प्रातःकाल की अजान लाउडस्पीकर से न दी जाए ।
4. ईरान में मस्जिदों के लाउडस्पीकरों की ध्वनि को रात में कम रखने का कानून है ।
5. मदरसों में राज्य सरकारों से वित्तीय सहायता लेने के लिए सर्टिफिकेट बाँटने का काम हो रहा है और मदरसा बोर्डों में हेरा-फेरी ज्यादा होती है, इसलिए मदरसा बोर्ड खत्म कर दिए जाएँ ।
हमारा अनुरोध है कि सरकारें तत्काल इन बोर्डों को निरस्त करें ।
6. सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों में मुसलमान अध्यापकों का होना जरूरी नहीं होना चाहिए ।
हमारा अनुरोध है कि सरकारें वांछित आदेश जारी करें ।
निवेदन है कि इन सब विषयों पर विचार करके शीघ्र कार्रवाई आरम्भ की जाए और अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय समाप्त कर दिया जाए । इस सम्बंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय महासचिव राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री