Daily Archives: August 8, 2017

उत्तर प्रदेश के कुछ नगरों एवं जनपदों का नाम भारतीय संस्कृति के अनुसार बदलने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री आदित्यनाथ योगी जी,
माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश।

विषय : उत्तर प्रदेश के कुछ नगरों एवं जनपदों का नाम भारतीय संस्कृति के अनुसार बदलने की मांग।

महोदय,
आप भारतीय संस्कृति एवं महान हिन्दू परंपरा के संरक्षक हैं। हमें आप पर गर्व है। आपकी सरकार द्वारा मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन रखने के लिये आपको अखिल भारत हिन्दू महासभा की ओर से बधाई देता हूं। साथ-ही आशा करता हूं कि उत्तर प्रदेश में मुस्लिम शासन के समय नगरों, जनपदों आदि के नामकरण में भारतीय संस्कृति की जो धज्जियां उड़ाई गई है, उसे आप ठीक करेंगे। मुस्लिम शासकां एवं अंग्रेजों ने भारतीय संस्कृति को नष्ट करने के लिये कई नाम बदल दिये थे। उन सभी नामों को तत्काल बदलने की आवश्यकता है।
आपसे अनुरोध है कि भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति की रक्षा के लिये नाम बदलकर लखनऊ का नाम लक्ष्मणपुरी, फैजाबाद का नाम साकेतधाम, इलाहाबाद का नाम प्रयाग, अलीगढ़ का बजरंगबली नगर, बिजनौर का महर्षि विदुर नगर, आजमगढ़ का नाम आर्यमगढ़, बेगम हजरत महल पार्क का नाम उर्मिला वाटिका, मुजफ्फरनगर का नाम शुक्रताल, शाहजहांपुर का नाम रामप्रसाद बिस्मिल नगर रखने की कृपा करें। साथ-ही अनुरोध है कि भारतीय इतिहाकारों की एक समिति बनाकर शोध किया जाये कि और किन-किन नगरों एवं जिलों का नाम बदला जाये।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

दिल्ली में संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने का प्रयास करने के लिये बधाई।

प्रतिष्ठा में,

श्री मनीष सिसोदिया जी,
माननीय उप मुख्यमंत्री,
दिल्ली सरकार,
दिल्ली सचिवालय, इन्द्रप्रस्थ मार्ग,
नई दिल्ली-110002

विषयः-दिल्ली में संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने का प्रयास करने के लिये बधाई।

महोदय,
समाचारपत्रों के माध्यम से ज्ञात हुआ है कि दिल्ली सरकार द्वारा दिल्ली में संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के लिये एक विशेष योजना बनाई गई है। इस योजना के माध्यम से दिल्ली सरकार संस्कृत भाषा सीखाने के लिये तीन माह का कोर्स संचालित करेगी। इसके लिये 75 केंद्र खोलने की योजना है। कोर्स डिजाइन करने के लिये एक कमिटि गठित कर दी गई है। जो एक महीने में कोर्स डिजाइन कर देगी। अखिल भारत हिन्दू महासभा की ओर से इस ऐतिहासिक निर्णय के लिये आपको बधाई देते हैं। आपके इस निर्णय से संस्कृत भाषा को बढ़ावा मिलेगा तथा आमजनों को संस्कृत की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हो सकेगी। पूजा, पाठ, यज्ञ आदि में मंत्रोच्चारण संस्कृत भाषा में ही किया जाता है। परन्तु आमजन इन मंत्रों को समझ नहीं पाते हैं। जिनसे उन्हें मंत्रों का ज्ञान नहीं हो पाता है।
हम आशा करते हैं कि संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के लिये प्रस्तावित योजना पूर्ण रूप से लागू होगी तथा शीघ्र ही सभी केन्द्रों का संचालन शुरू हो जायेगा।
हम आपको आश्वासन देते हैं कि यदि हमारी आश्वयकता होगी तो अखिल भारत हिन्दू महासभा संस्कृत के विकास के लिये आपको पूर्ण सहयोग करेगी।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक)  राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा)  राष्ट्रीय महासचिव