Daily Archives: September 5, 2017

हरियाणा में फिर ताक पर पहुँचा लोकतंत्र ।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार।
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- हरियाणा में फिर ताक पर पहुँचा लोकतंत्र ।

महोदय,
कृपया हरियाणा के संबंध में निम्नलिखित बिंदुओं का संदर्भ लेने का कष्ट करेंः-
1. हरियाणा तीसरी बार जल उठा, हर मौके पर मनोहरलाल खट्टर सरकार लाचार दिखी ।
2. नागरिक सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध सरकार (हरियाणा की) सोई हुई दिखी ।
3. पिछले अनुभवों से भी मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर कुछ सीख नहीं सके हैं ।
4. अपने नेताओं का विश्वास खोते रहे खट्टर की क्षमता पर जनता भी भरोसा करे तो क्यों और कैसे ?
5. पुलिस और सेना भी तब असरदार होती हैं जब राजनीतिक इच्छाशक्ति हो, इस मामले में तो वह शून्य दिखी है ।
6. जाट आरक्षण में 3-4 दिनों तक हरियाणा जलता रहा था, किसी तरह मामला सुलझा लेकिन खट्टर सीख नहीं ले पाए ।
7. भयावह हिंसा के लिए पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने मनोहरलाल सरकार को उचित फटकार लगाई ।
8. अगर कोई सरकार बारम्बार अराजकता के आगे असहाय दिखे तो फिर वह अपनी प्रतिष्ठा की रक्षा नहीं कर सकती ।
9. हरियाणा सरकार जिम्मेदारी के साथ जवाबदेही का भी परिचय देने में विफल साबित हुई है ।
10. अच्छा होगा कि खट्टर सरकार को लगी फटकार पर भाजपा सही से चिंतन-मनन करे ।
11. भाजपा सरकार की यह चौथी अग्नि परीक्षा थी, जिसमें वह खरा नहीं उतर सकी ।
12. पंचकुला में अगर भीड़ जमा नहीं होती तो हालात इतने नहीं बिगड़ते ।
13. कुल मिलाकर करौंथा आश्रम के संचालक रामपाल के गिरफ्तारी प्रकरण और राज्य में दो बार हुए जाट आरक्षण आन्दोलन के बाद यह चौथा मौका था तब प्रदेश के सीने को जख्म मिला है ।
14. हाई कोर्ट की पूर्ण पीठ ने हरियाणा सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार ने महज अपने वोट बैंक के लिए डेरा समर्थकों के आगे एक तरह से समर्पण ही कर दिया था ।
इस प्रकरण में निवेदन है कि केन्द्रीय सरकार के गठन हेतु सन् 2019 में होने वाले आम चुनाव और हरियाणा में होने वाले अगले विधानसभा के चुनाव में जनता की प्रक्रिया का अनुमान हरियाणा सरकार के प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में होना आवश्यक है । हरियाणा में नेतृत्व परिवर्तन से सम्भवतः जन-विश्वास के बहाल होने की सम्भावना बन सकती है ।
विश्वास है कि अविलम्ब निर्णय लेने की कृपा करेंगे ।

सादर, भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

कर्मचारी चयन आयोग द्वारा ली जाने वाली संयुक्त उच्चतर माध्यमिक स्तर तथा संयुक्त स्नातक स्तर की परीक्षाओं के पाठ्यक्रमों में संशोधन ।

प्रतिष्ठा में,
डॉ. जितेन्द्र सिंह जी,
माननीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण राज्यमंत्री, भारत सरकार
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली-110001

विषय :- कर्मचारी चयन आयोग द्वारा ली जाने वाली संयुक्त उच्चतर माध्यमिक स्तर तथा संयुक्त स्नातक स्तर की परीक्षाओं के पाठ्यक्रमों  में संशोधन ।

महोदय,
यह जानकर आश्चर्य और क्षोभ का अनुभव हुआ है कि कर्मचारी चयन आयोग द्वारा संयुक्त स्नातक स्तर तथा संयुक्त उच्चतर माध्यमिक स्तर की परीक्षाओं के पाठ्यक्रमों में संसद के दोनों सदनों में दिसम्बर, 1967 में पारित सर्वसम्मत संकल्प दिनांक-18 जनवरी, 1968 के प्रावधानों की अनदेखी करके अंग्रेजी को वरीयता देने का अनर्थ किया जा रहा है । जिस प्रकार प्रधानमंत्री जी ने स्वदेश और दुनियाभर में हिंदी को भारी सम्मान दिया है और हिंदी के प्रयोग की प्रेरणा दी है, उसके आलोक में अंग्रेजी के अंकों की वृद्धि प्रतिगामी कदम है ।
संसदीय राजभाषा समितियों की अनुशंसाओं के आधार पर राष्ट्रपति जी के आदेशों में भी परीक्षाओं में अंग्रेजी के प्रश्न-पत्र के विकल्प में हिंदी का प्रश्न-पत्र होना है, इसलिए अंग्रेजी के प्रश्न-पत्र के विकल्प में उतने ही अंकों का हिंदी का प्रश्न-पत्र रखा जाए ।
विशाल हिंदी भाषी क्षेत्र की और अन्य अनेक राज्यों की उपेक्षा करके अंग्रेजी को अधिक महत्व देना देश और जन हित में उचित नहीं है । यथाशीघ्र विचार करने की कृपा करें । सुधार करने की कृपा करें । इस सम्बंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) संपादक

(वीरेश त्यागी) प्रबंध संपादक

तलाक-ए-एहसन एवं तलाक-ए-हसन को प्रतिबंधित करने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- तलाक-ए-एहसन एवं तलाक-ए-हसन को प्रतिबंधित करने की मांग।

महोदय,
बड़ी चिंता की बात है कि सन् 1937 में बने अंग्रेजों के तीन तलाक के कानून को लगभग 80 वर्ष बाद जन्नत में भेजा गया है, किन्तु ऐसा लगता है कि केवल पूँछ ही जन्नत में गई है और भेड़िया अभी भी मुस्लिम माताओं और बहनों को नोचने के लिए हिन्दुस्थान में विराजमान है तभी तो तलाक के दो क्रूर तरीके यानी तलाक ए एहसन और तलाक ए हसन लागू हैं । भारी मशक्कत के पश्चात् उच्चतम न्यायालय ने तीन तलाक के वज्रपात को निरस्त किया है, किन्तु दो यमदूत अभी भी मुस्लिम माताओं और बहनों को पीड़ा देने के लिए रह गए हैं । जैसे आपने तीन तलाक को जन्नत में भेजा है, उसी प्रकार इन दोनों को भी शीघ्र जन्नत में भेजने का कष्ट करें ।
सादर, भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

हरियाणा सरकार के मंत्रालयों, विभागों, कार्यालयों, संगठनों आदि की ‘वेबसाइटें’ हिंदी में न होकर अंग्रेजी में होना ।

प्रतिष्ठा में,
श्री मनोहर लाल जी,
माननीय मुख्यमंत्री, हरियाणा
सिविल सचिवालय, सेक्टर-1, चंडीगढ़ (हरियाणा)

विषय :- हरियाणा सरकार के मंत्रालयों, विभागों, कार्यालयों, संगठनों आदि की ‘वेबसाइटें’ हिंदी में न होकर अंग्रेजी में होना ।

महोदय,
हरियाणा सरकार के मंत्रालयों, विभागों, कार्यालयों, संगठनों आदि की वेबसाइटें अंग्रेजी में हैं और चूँकि हरियाणा की जनता हिंदी अच्छी तरह जानती है, इसलिए जनहित में और हरियाणा सरकार की प्रतिष्ठा बचाए रखने के लिए वेबसाइटें हिंदी में होनी आवश्यक हैं ।
कृपया अविलम्ब जाँच कराने का कष्ट करें और सब वेबसाइटें जनहित में हिंदी में सुलभ कराने की उचित व्यवस्था कराने की कृपा करें । इस सम्बंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) (वीरेश त्यागी)
संपादक प्रबंध संपादक

राष्ट्र गीत वंदे मातरम् का गायन नहीं कराने वाले मदरसों को तत्काल बंद कराने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री आदित्यनाथ योगी जी,
माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश।

विषय : राष्ट्र गीत वंदे मातरम् का गायन नहीं कराने वाले मदरसों को तत्काल बंद कराने की मांग।
महोदय,
शिक्षा में गुणवत्ता को बढ़ावा देने व मदरसों की शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार लाने के लिये उत्तर प्रदेश शासन की ओर से मदरसों को वित्तीय सहायता दी जाती है। कुछ मदरसे तो आर्थिक सहायता का सदुपयोग कर रहे हैं। परन्तु अधिकांश मदरसों द्वारा सरकारी सहायता का दुरूपयोग किया जा रहा है। मदरसों से सांप्रदायिक कट्ठरता व राष्ट्रीय एकता-अखंडता को नेस्तनाबूद करने की शिक्षा दी जा रही है। बच्चों में देश के विरूद्ध नफरत पैदा की जा रही है। उन्हें राष्ट्र के विरूद्ध हथियार उठाने के लिये प्रेरित किया जा रहा है। ऐसे मदरसे राज्य सरकार के आदेशां की लगातार अवहेलना कर रहे हैं। अभी सभी मदरसों को शासन की ओर से देश के स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के दिन राष्ट्रगान व राष्ट्रगीत के गायन का आदेश दिया गया था। परन्तु काफी संख्या में मदरसों ने राष्ट्र गीत वंदे मातरम् का गायन नहीं कर, न केवल शासन के आदेशां के विपरीत कार्य किया है, बल्कि देशद्रोह को बढ़ावा देने का कार्य किया है। ऐसे मदरसे शासन की ओर से दिये जा रहे वित्तीय सहायता का दुरूपयोग कर रहे हैं।
आपसे अनुरोध है कि 15 अगस्त के दिन राष्ट्र गीत वंदे मातरम् का गायन नहीं करने वाले, लगातार सरकार के आदेशों के विपरीत कार्य करने वाले, शासन के अनुदान का दुरूपयोग करने वाले तथा शिक्षा की गुणवत्ता को नहीं बढ़ाने वाले मदरसों को तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाये और ऐसे मदरसा संचालकों पर मुकदमे की कार्यवाही की जाये
सादर, भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव
फोनः9312177979

वस्तु एवं सेवा कर सम्बन्धी वेबसाइट, ऑनलाइन सेवाएँ, प्ररूप (फॉर्म), मैनुअल, विवरणी (रिटर्न), ऑनलाइन पंजीयन आदि केवल अंग्रेजी में होने और राजभाषा की अनदेखी करने की शिकायत ।

प्रतिष्ठा में,
श्री अरुण जेटली जी,
माननीय वित्त मंत्री, भारत सरकार
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली-110001

विषय :- वस्तु एवं सेवा कर सम्बन्धी वेबसाइट, ऑनलाइन सेवाएँ, प्ररूप (फॉर्म), मैनुअल, विवरणी (रिटर्न), ऑनलाइन पंजीयन आदि केवल अंग्रेजी में होने और राजभाषा की अनदेखी करने की शिकायत ।

महोदय,
वस्तु एवं सेवा कर सम्बंधी सभी कागज-पत्र जनता-जनार्दन से सम्बंधित हैं और दुर्भाग्य से सभी अंग्रेजी में हैं।
ऐसा प्रतीत होता है कि वित्त मंत्रालय और केन्द्रीय उत्पाद और सीमा शुल्क बोर्ड के सब सरकारी अधिकारी राजभाषा कानून और राजभाषा नियमों के उल्लंघन करने पर कटिबद्ध हैं । भारत सरकार के गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग के दिनांक-22 अगस्त, 1989 के आदेश के तहत राजभाषा नियमों के उल्लंघन के दोषी अधिकारियों के विरुद्ध शीघ्र अनुशासन की कार्रवाई आरम्भ कराने की कृपा करें ।
यह वस्तु एवं सेवा कर है अथवा माल एवं सेवा कर है, इसका सुनिश्चित निर्णय करके अधिसूचित कराना आवश्यक है । इस सम्बंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।
सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

मिलिट्री फार्म्स को बंद करने का निर्णय केन्द्र सरकार शीघ्र वापस ले-हिन्दू महासभा

नई दिल्ली, 31 अगस्त 2017

मिलिट्री फार्म्स को बंद करने का निर्णय केन्द्र सरकार शीघ्र वापस ले-हिन्दू महासभा
भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि देश के सभी 39 मिलिट्री फार्म्स को बन्द कर दिया जायेगा। इस संबंध में रक्षा मंत्री अरूण जेटली ने आदेश जारी कर दिया है।
गोवंश का आगे प्रजनन भी बन्द कर दिया जायेगा तथा मिलिट्री फार्म्स पर पशुओं के लिये जो चारा उगाया जाता है, उसे उगाना बन्द कर दिया जायेगा।
अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने केन्द्र सरकार के रक्षा मंत्री के इस निर्णय का विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि रक्षा मंत्री का यह निर्णय गोवंश को समाप्त करने वाला निर्णय है। हिन्दुस्तान के गौरक्षक व 100 करोड़ हिन्दू इस निर्णय का विरोध करेंगे। श्री शर्मा ने चेतावनी दिया है कि यदि केन्द्र सरकार ने इस गौवंश विरोधी निर्णय को शीघ्र वापस नहीं लिया तो अखिल भारत हिन्दू महासभा राष्ट्रव्यापी जनांदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि इस आदेश के अन्तर्गत लगभग 25,000 पशुओं के डिस्पोजल की बात लिखी गई है। आदेश केवल गायों के लिये ही है। सभी श्रेणी की अर्थात दूध देने वाली अथवा दूध न देने वाला अथवा बछड़े बछिया सभी का डिस्पोजल किया जाना है।
आदेश में लिखा है कि छोटे मिलिट्री फार्म्स अपने पशुओं को बड़े मिलिट्री
फार्म्स को स्थानांतरित करेंगे और जिन गाय, बछड़ों को स्थानांतरण करना संभव नहीं होगा उनकी सार्वजनिक नीलामी कर दी जाए। ज्ञात हो कि ये मिलिट्री फार्म्स लगभग 125 वर्ष पूर्व प्रारम्भ किए गय थे। इनमें भारतीय नस्ल की गाय पाली जाती थी ताकि भारतीय सैनिकों को अच्छा दूध मिल सके। उन्होंने कहा कि पशुपालन करने वाले विशेषज्ञ यह बताएंगे कि गर्भधारण करने की अवस्था में यदि गर्भधारण न कराया जाय तो पशु पर इसके दुष्परिणाम क्या होंगे? इन तथ्यों के दुष्परिणामों को समझना कठिन नहीं है।

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव
फोनः9312177979

वक्फ संपत्तियों के अधिग्रहण की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011
विषय :-वक्फ संपत्तियों के अधिग्रहण की मांग।

महोदय,
यह सर्वविदित है कि हिन्दुस्थान में वक्फ बोर्डों के कब्जे में जो सम्पत्तियाँ हैं, वे सब स्वाधीनता से पहले मुसलमानों के शासन में हिन्दुओं से छीनी गई सम्पत्तियाँ हैं, जो उन हिन्दुओं की थी जो जजिया कर नहीं दे सकते थे ।
चूँकि मुसलमानों को पाकिस्तान और बांग्लादेश के रूप में हिन्दुस्थान की लाखों एकड़ भूमि दे दी गई है, इसलिए शेष विभाजित हिन्दुस्थान में वक्फ की कोई सम्पत्ति नहीं हो सकती और जो सम्पत्तियाँ आज वक्फ बोर्ड के कब्जे में हैं, उन्हें तत्काल मुक्त कराया जाना आवश्यक है । देश में वक्फ बोर्ड के कब्जे में लाखों एकड़ भूमि है, जिसे तत्काल अधिग्रहण करना भारत सरकार का दायित्व है । शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने की कृपा करें । इस सम्बंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।
सादर, भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

अल्पसंख्यकों के लिए नवोदय जैसे विशेष स्कूल खोलने के निर्णय को निरस्त करने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- अल्पसंख्यकों के लिए नवोदय जैसे विशेष स्कूल खोलने के निर्णय को निरस्त करने की मांग।

महोदय,
मीडिया समाचारां से यह अभिव्यंजित हो रहा है कि वर्तमान केन्द्रीय सरकार कांग्रेस, (जो लगभग मुस्लिम लीग बन गई है) की राह पर चल पड़ी है । कांग्रेस ने सदा मुसलमानों के पक्ष में काम किया है, यहाँ तक कि प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह जी ने तो घोषणा कर दी थी कि देश के संसाधनों पर मुस्लिमों का पहला अधिकार है । नवोदय विद्यालय की तर्ज पर अल्पसंख्यकों के लिए सरकारी स्कूल खोलने का निर्णय भी तुष्टिकरण और अलगाववाद की पराकाष्ठा है । 105 ऐसे स्कूल आग में घी का काम करेंगे जैसे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और उसकी अलग 5 शाखाएँ खोलने का निर्णय भी आग में घी का काम करेगा ।
अच्छा यह होगा कि सबके लिए खुले वर्तमान सरकारी विद्यालयों में मुसलमान लड़कियों के लिए अतिरिक्त सीटों का प्रावधान कर दिया जाए, जिससे उनमें शिक्षा का प्रसार हो और उन मुसलमान लड़कियों का अन्य हिन्दू लड़कियों के साथ विचारों का आदान-प्रदान हो और दृष्टिकोण व्यापक हो जाए । विश्वास है कि इस निर्णय पर शीघ्र पुनर्विचार करके इसे निरस्त कर दिया जाएगा और अलगाववाद को समाप्त करने के लिए नए ढंग पर कार्य किया जाएगा ।
सादर, भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक)राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा)  राष्ट्रीय महासचिव

हिन्दी को बढ़ावा देने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जी,
माननीय मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
4 सुभाष मार्ग, उत्तराखंड सचिवालय,
चौथा तल नई बिल्डिंग, देहरादून (उत्तराखंड)-248001

विषय :-हिन्दी को बढ़ावा देने की मांग।

महोदय,
उत्तराखण्ड के सरकारी स्कूलों में सब विषयों की पढ़ाई का माध्यम अंग्रेजी को बना दिया जाए, यह अन्यायपूर्ण और अनैतिक विचार है । इससे बच्चे रट्टू तोते बन जाएँगे, वे दिमागी तौर पर बीमार हो जाएँगे ।
आपसे यह अपेक्षा है कि आप 11 हिंदी भाषी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को निमंत्रित करके उनसे निम्नलिखित विषयों पर सबको एक साथ बिठाकर निर्णय कराएँगे, जो विशाल हिंदी भाषी क्षेत्र की जनता के हित में होंगे :-
1. इंजीनियरी, विज्ञान, प्रबंधन, लेखा-कर्म, वास्तु-शास्त्र आदि सहित निजी महाविद्यालयों में हिंदी माध्यम की पुस्तकें तैयार कराना और हिंदी माध्यम में स्नातक स्तर की पढ़ाई । साथ-साथ उक्त महाविद्यालयों में सब फार्म और प्रशासनिक कामकाज हिंदी में कराने की व्यवस्था ।
2. हिंदी भाषी राज्यों में नौकरियों के लिए हिंदी माध्यम में शिक्षित युवाओं को वरीयता ।
3. राज्यों की जिन भर्तियों में अंग्रेजी का प्रश्न-पत्र अनिवार्य हो, वहाँ से अंग्रेजी की अनिवार्यता समाप्त कराना ।
4. राज्यों के सब कार्यालयों में सरकारी कार्य हिंदी में कराने का सुदृढ़ तंत्र ।
5. राज्य में सब गैर-सरकारी प्रतिष्ठानों के नाम पट्टध्सूचना पट्ट किसी दूसरी भाषा के ऊपर अथवा पहले हिंदी में अनिवार्य करना जैसा कि कर्नाटक में कन्नड़ के लिए है ।
इस सम्बंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।
सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा)
संपादक