Daily Archives: September 7, 2017

गौरक्षकों को गौहत्यारों के षड्यंत्रों से बचाया जाये, रोहिंग्या व बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों को देश से निकालने का काम युद्ध स्तर पर किया जाये-हिन्दू महासभा

नई दिल्ली, 06 सितम्बर 2017

गौरक्षकों को गौहत्यारों के षड्यंत्रों से बचाया जाये, रोहिंग्या व बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों को देश से निकालने का काम युद्ध स्तर पर किया जाये-हिन्दू महासभा
अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मांग की है कि हिन्दुस्थान के गौरक्षकों व गौभक्तों को गौहत्यारों एवं गौतस्करों के हमलों व षड्यंत्रों से बचाया जाये। सख्त कानून बनाया जाये ताकि गौहत्यारों व गौतस्करों के द्वारा गायों की हत्या भी नहीं होने पाये तथा गौरक्षकों व गौभक्तों पर हो रहे हमलों को भी रोका जा सके। श्री शर्मा ने कहा है कि गौहत्यारे तथा गौतस्कर गौरक्षकों को झूठे मुकदमों में फंसाने तथा उन्हें बदनाम करने का कार्य कर रहे हैं। गौहत्या व गौतस्कर के संरक्षकों द्वारा जनहित याचिका के माध्यम से न्यायालय को गुमराह किया जा रहा है। केन्द्र सरकार को सतर्क होने की आवश्यकता है। केन्द्र सरकार को गौहत्या व गौतस्करी को संरक्षण देने वाले तथाकथित याचिकाकर्ताओं की जांच करानी चाहिए और उसकी करतूतों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए। मुन्ना कुमार शर्मा न कहा है कि गाय देश के सवा सौ करोड़ हिन्दुओं की माता के समान है। उन्होंनें मांग की है कि गौमाता की रक्षा के लिये केन्द्रीय स्तर पर कड़ा कानून बनाया जाये, गौहत्या पर पूरे देश में प्रतिबंध लगे तथा गौहत्यारों को फांसी की सजा दी जाये।
वहीं हिन्दू महासभा राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर रोहिंग्या व बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों को देश से निकालने के काम में तेजी लाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि इस राष्ट्रीय हित के कार्य को युद्धस्तर पर किया जाना चाहिए। श्री शर्मा ने कहा कि रोहिंग्या व बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों को नागरिक सुविधायें देने की मांग करने वाले तथाकथित मानवतावादियों पर मुकदमा दर्ज करने व उसकी नागरिकता समाप्त करने की मांग की है। घुसपैठिये भारत के नागारिक नहीं हैं। इसलिये हमारी सरकार इसे नागारिक सुविधायें देने के लिये बाध्य नहीं है।

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव
फोनः9312177979

गौरक्षकों को गौहत्यारों के षड्यंत्रों से बचाया जाये-हिन्दू महासभा

नई दिल्ली, 06 सितम्बर 2017

गौरक्षकों को गौहत्यारों के षड्यंत्रों से बचाया जाये-हिन्दू महासभा

अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मांग की है कि हिन्दुस्थान के गौरक्षकों व गौभक्तों को गौहत्यारों एवं गौतस्करों के हमलों व षड्यंत्रों से बचाया जाये। सख्त कानून बनाया जाये ताकि गौहत्यारों व गौतस्करों के द्वारा गायों की हत्या भी नहीं होने पाये तथा गौरक्षकों व गौभक्तों पर हो रहे हमलों को भी रोका जा सके। श्री शर्मा ने कहा है कि गौहत्यारे तथा गौतस्कर गौरक्षकों को झूठे मुकदमों में फंसाने तथा उन्हें बदनाम करने का कार्य कर रहे हैं। गौहत्या व गौतस्कर के संरक्षकों द्वारा जनहित याचिका के माध्यम से न्यायालय को गुमराह किया जा रहा है। केन्द्र सरकार को सतर्क होने की आवश्यकता है। केन्द्र सरकार को गौहत्या व गौतस्करी को संरक्षण देने वाले तथाकथित याचिकाकर्ताओं की जांच करानी चाहिए और उसकी करतूतों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए। मुन्ना कुमार शर्मा न कहा है कि गाय देश के सवा सौ करोड़ हिन्दुओं की माता के समान है। उन्होंनें मांग की है कि गौमाता की रक्षा के लिये केन्द्रीय स्तर पर कड़ा कानून बनाया जाये, गौहत्या पर पूरे देश में प्रतिबंध लगे तथा गौहत्यारों को फांसी की सजा दी जाये।

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव
फोनः9312177979

रोहिंग्या मुसलमानों की घुसपैठ को रोकने व उसे देश से निकालने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार।
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- रोहिंग्या मुसलमानों की घुसपैठ को रोकने व उसे देश से निकालने की मांग।

महोदय,
भारत में मानवाधिकार के नाम पर रोहिंग्या मुसलमानों को बसाने का प्रयास किया जा रहा है। आतंकी याकूब मेमन के अधिवक्ता रहें प्रशांत भूषण इन रोहिंग्या मुस्लिम घुसपैठियों की वकालत करके इनको यहां मानवता के नाम पर बसाना चाहते हैं।
परंतु क्या यह कोई सुनिश्चित कर सकता है कि रोहिंग्या मुसलमान भारत में घुसपैठ करके बंग्लादेशी घुसपैठियों के समान जिहाद के अंतर्गत आतंक व अपराध को बढ़ावा नही देंगें ? जबकि हम पहले ही करोड़ों बंग्लादेशी घुसपैठियों के आतंक को झेल रहे हैं जिसके कारण हमारी न्यायायिक व्यवस्था बार बार सरकार से इन घुसपैठियों को देश से बाहर निकालने के लिये भी परामर्श देती आ रही है। फिर भी हम इन रोहिंग्या घुसपैठियों को स्वीकार करके मानवता के नाम पर आतंक व अपराध की समस्याओं को ही बढ़ावा दें तो यह भूल नहीं आत्मघाती होगा।
जरा सोचें ये मुस्लिम म्यंमार से क्यों भाग रहें है ? इन्होने वहां के बौद्ध व अन्य धर्म के नागरिकों को अपनी जिहादी सोच के कारण वर्षो से आतंकित कर रखा है। वहां के एक बौद्ध भिक्षु विराथू ने जब इनकी मानसिकता को समझा तो उन्होने शांतिप्रिय होते हुए भी अपने राष्ट्र व नागरिकों के अस्तित्व की रक्षा के लिये इन आतंकियों के विरुद्ध संघर्ष करने के लिये सभी को प्रेरित किया।अभी भी वहां ये मुस्लिम आतंकी रक्षाबलों के ठिकानों पर व सामान्य क्षेत्रों में भी आक्रमण करने से पीछे नही हट रहें हैं।अनेक आतंकी संगठन वहां के स्थानीय मुसलमानों का सहयोग करके जिहाद के लिये सक्रिय है।
ऐसी जिहादी मानसिकता वाले रोहिंग्या मुसलमानों को हम अपने यहां शरण दें तो हम भविष्य में इनके द्वारा और अधिक जिहादी संकट को कैसे रोक पायेंगे ? जबकि हम अपने ही लाखों कश्मीरी हिंदुओं को कश्मीर में उनके ही नगरों में उन्हीं की संपत्तियों में पुनः स्थापित करने में जिहादियों के कारण ही असमर्थ हो रहें हैं।
क्या मानवतावादियों को उदार व सहिष्णु हिंदुओं की पीड़ा द्रवित नहीं करती ? क्या सभी मानवतावादियों को मानवता का सर्वनाश करने वाले इन आतंकियों के ही मानवाधिकार की चिंता होती है ?
अतः आपसे मांग है कि अवैध रुप से रह रहें रोहिंग्या घुसपैठियों को देश से बाहर निकाला जाये और भविष्य में म्यंमार से भाग कर आने वालों का प्रवेश वर्जित किया जाये।
सादर, भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री