Monthly Archives: November 2017

करोलबाग स्थित श्री हनुमानजी की मूर्ति को नहीं हटाने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री अनिल बैजल जी,
माननीय उपराज्यपाल, दिल्ली एवं
अध्यक्ष, दिल्ली विकास प्राधिकरण।
6, राजनिवास मार्ग, सिविल लाइन्स, दिल्ली-110054

विषय :- करोलबाग स्थित श्री हनुमानजी की मूर्ति को नहीं हटाने की मांग।

महोदय,
ज्ञात हुआ है कि माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा करोल बाग स्थित श्री हनुमानजी की मूर्ति हटाने का निर्देष दिया गया है। यह दिल्ली के लाखों हिन्दुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। यह अति प्राचीन मंदिर है। मंदिर को यदि हटाया गया तो हिन्दुआें की भावनाएं आहत होंगी। वर्षों पुरानी हनुमान जी की मूर्ति को हटाने से पहले दिल्ली में अतिक्रमण कर बने अन्य संप्रदायों के सैंकड़ों धार्मिक स्थलों को हटाया जाये। अन्य संप्रदायों के धार्मिक स्थलों को यदि पहले नहीं हटाया गया तो दिल्ली के लाखों हिन्दू करोलबाग स्थित हनुमानजी की मूर्ति को नहीं हटाने देंगे। याचिकाकर्ता हिन्दू विरोधी है तथा उसने हिन्दू विरोधी तत्वों के साथ मिलकर षड्यंत्र के तहत दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है। दिल्ली विकास प्राधिकरण को दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेष को रूकवाने के लिये उच्चतम न्यायालय में याचिका दाखिल करनी चाहिए। केवल हिन्दू आस्थाओं पर ही लगातार चोट किया जाता है। कभी हिन्दू मंदिरों को तोड़ने तो कभी हिन्दू पर्वों को मनाने से रोकने का षड्ंयत्र हिन्दू विरोधियों द्वारा लगातार रचा जा रहा है। परन्तु गैर हिन्दुओं के धार्मिक स्थालों व पर्वों पर अंगुली उठाने की हिम्मत किसी में भी नहीं है। उन्होंने कहा है कि पूरी दिल्ली जाम से पटी है। इसलिये केवल हनुमान मूर्ति को हटाने से दिल्ली का जाम समाप्त नहीं होगा।
अतः आपसे मांग है कि करोड़ों हिन्दुओं की जन भावनाओं का सम्मान करते हुए करोलबाग स्थित श्री हनुमानजी की मूर्ति को नहीं हटायें तथा दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्णय पर स्थगन लेने के लिये दिल्ली विकास प्राधिकरण को उच्चतम न्यायालय में याचिका दाखिल करने का आदेष दें।
सादर,

भवदीय

(चन्द्रप्रकाष कौषिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी)   राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

..

लव जेहाद एवं धर्मांतरण पर रोक लगाने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- लव जेहाद एवं धर्मांतरण पर रोक लगाने की मांग।

महोदय,
आपको अच्छी तरह से ज्ञात है कि हिन्दुस्तान में लव जेहाद के द्वारा मुस्लिम युवकों द्वारा गैर मुस्लिम लड़कियां को लालच, प्रलोभन, दबाव, बलैकमेलिंग के द्वारा प्यार के जाल में फंसाया जा रहा है। झूठा प्यार दिखाकर उसका मुस्लिम धर्म में धर्मांतरण कराया जाता है और तत्पष्चात उसका मुस्लिम युवक के साथ शादी करा दी जाती है। शादी के उपरांत उसे बच्चे पैदा करने की मषीन बनाया जाता है। लव जेहाद एक संगठित अंतर्राष्ट्रीय षड्यंत्र है जिसके द्वारा पूरी दुनिया को इस्लाममय बनाने का कार्य किया जा रहा है। केवल केरल ही नहीं, अपितु पूरा देष लव-जेहाद की चपेट में है। इसके माध्यम से गैर मुस्लिम लड़कियों को नरक में ढकेला जा रहा है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी की रिपोर्ट से भी यह सिद्ध हो चुका है।
अतः आपसे अनुरोध है कि लव जेहाद व धर्मांतरण पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगायें तथा कड़े कानून बनाकर गैर मुस्लिम लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करने वाले अपराधियों को दंडित करें।
सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

फोनः9312177979

करोलबाग के हनुमान मूर्ति को हटाने से पहले अन्य संप्रदायों के धार्मिक स्थलों को हटाया जायेः हिन्दू महासभा

नई दिल्ली, 24 नवम्बर 2017

करोलबाग के हनुमान मूर्ति को हटाने से पहले अन्य संप्रदायों के धार्मिक स्थलों को हटाया जायेः हिन्दू महासभा

अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री व दिल्ली विकास प्राधिकरण से मांग की है कि करोलबाग स्थित वर्षों पुरानी हनुमान जी की मूर्ति को हटाने से पहले दिल्ली में अतिक्रमण कर बने अन्य संप्रदायों के सैंकड़ों धार्मिक स्थलों को हटाया जाये। अन्य संप्रदायों के धार्मिक स्थलों को यदि पहले नहीं हटाया गया तो दिल्ली के लाखों हिन्दू करोलबाग स्थित हनुमान जी की मूर्ति को नहीं हटाने देंगे। श्री शर्मा ने कहा है कि याचिकाकर्ता हिन्दू विरोधी है तथा उसके हिन्दू विरोधी तत्वों के साथ मिलकर षड्यंत्र के तहत दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय व दिल्ली विकास प्राधिकरण को दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेष को रूकवाने के लिये उच्चतम न्यायालय में याचिका दाखिल करनी चाहिए। राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री वीरेष त्यागी ने आरोप लगाया है कि केवल हिन्दू आस्थाओं पर ही चोट किया जाता है। कभी हिन्दू मंदिरों को तोड़ने तो कभी हिन्दू पर्वों को मनाने से रोकने का षड्ंयत्र हिन्दू विरोधियों द्वारा लगातार रचा जा रहा है। परन्तु गैर हिन्दुओं के धार्मिक स्थालों व पर्वों पर अंगुली उठाने की हिम्मत किसी में भी नहीं है। उन्होंने कहा है कि पूरी दिल्ली जाम से पटी है है। इसलिये केवल हनुमान मूर्ति को हटाने से दिल्ली का जाम समाप्त नहीं होगा।

(वीरेष त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

फिल्म ‘‘पद्मावती‘‘ से रानी पद्मिनि की नकारात्क भूमिका एवं अलाउदीन खिलजी के महिमामंडन को हटाने व भारतीय सेंसर बोर्ड से रिलीज की अनुमति लिये बिना विदेषों में फिल्म को रिलीज नहीं करने की मांग।

श्री संजय लीला भंसाली जी,

फिल्म निर्माता एवं निर्देषक

601/ बी, स्वाति मित्रा सीएचएस।

गुलमोहर क्रास, रोड़ न0-7, जेवीपीडी

स्कीम, अंधेरी वेस्ट, मुंबई-400049, महाराष्ट्र

विषय :- फिल्म ‘‘पद्मावती‘‘ से रानी पद्मिनि की नकारात्क भूमिका एवं अलाउदीन खिलजी के महिमामंडन को हटाने व भारतीय सेंसर बोर्ड से रिलीज की अनुमति लिये बिना विदेषों में फिल्म को रिलीज नहीं करने की मांग।

आपको ज्ञात है कि आपके द्वारा निर्मित फिल्म ‘पदमावती‘ का हिन्दू समाज विषेषकर राजपूत समाज द्वारा तीव्र विरोध किया जा रहा है। अभी फिल्म रिलीज नहीं हुई है, परन्तु इसके ट्रेलर को देखकर हिन्दू समाज में गुस्सा है। इस फिल्म में बहादुर रानी पद्मिनि के चरित्र को नकारात्मक रूप में दिखाया गया है। इस से हिन्दू समाज की वीर रानी पद्मिनि का अपमान हो रहा है। हिन्दुओं के साथ अपमानजनक व्यवहार करने वाले एवं हिन्दुओं का धर्मांतरन कराने वाले बादषाह अलाउद्दीन खिलजी का महिमामंडन किया जा रहा है। उसे एक बहादुर बादषाह के रूप में दिखाया जा रहा है। इन दोनों किरदारों की भूमिका से भारत के 100 करोड़ हिन्दुओं का अपमान हो रहा है। अखिल भारत हिन्दू महासभा को इस फिल्म के दृष्यों व सामग्री पर घोर आपिŸा है।
इस पत्र के माध्यम से आपसे मांग है कि फिल्म में आवष्यक बदलाव कर रानी पद्मिनि की नकारात्मक भूमिका एवं अलाउद्दीन खिलजी के महिमंडन को फिल्म से हटाये बिना तथा भारतीय सेंसर बोर्ड से फिल्म रिलीज की अनुमति लिये बिना विदेषों में भी फिल्म ‘पदमावती‘ को रिलीज न करें। अन्यथा अखिल भारत हिन्दू महासभा द्वारा आपकी आनेवाली सभी फिल्मों का बहिष्कार किया जायेगा तथा आपके विरूद्ध राष्ट्रीय जनांदोलन किया जायेगा।
धन्यवाद सहित,

भवदीय

(चन्द्रप्रकाष कौषिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेष त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

नाथूराम गोडसे की मूर्ति हटाने पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन होगाः हिन्दू महासभा

नई दिल्ली, 18 नवम्बर 2017

नाथूराम गोडसे की मूर्ति हटाने पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन होगाः हिन्दू महासभा

अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने मध्य प्रदेष के मुख्य मंत्री षिवराज सिंह चौहान को चेतावनी दी है कि यदि ग्वालियर स्थित अखिल भारत हिन्दू महासभा कार्यालय से नाथूराम गोडसे की मूर्ति हटाई गई, तो मध्य प्रदेष सहित पूरे देष में आंदोलन होगा। श्री शर्मा ने कहा है कि महान स्वतंत्रता सेनानी व हिन्दू महासभा नेता लाला लाजपत राय की हत्या करने वाले अंग्रेज अधिकारी सैंडर्स की हत्या भगत सिंह ने की थी और भारत का विभाजन कर भारत माता की हत्या करने वाले मोहनदास करमचन्द गांधी की हत्या नाथूराम गोडसे ने की थी। दोनों का अपराध एक जैसा था और दोनों को ही फांसी दी गई थी। दोनों क्रांतिकारियों के करोड़ों समर्थक देष में विद्यमान हैं। उनके द्वारा दोनों की मूर्तियां लगाई जा रहीं हैं। जब भगत सिंह की मूर्ति लगायी जा सकती है तो नाथूराम गोडसे की मूर्ति क्यों नहीं लगायी जा सकती है। यदि मूर्ति लगाने में कोई व्यवधान प्रषासन व सरकार की ओर से की गई तो देषव्यापी विरोध-प्रदर्षन व आंदोलन होगा।

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव
फोनः9312177979

फिल्म ‘‘पद्मावती‘‘ की रिलीज की अनुमति नहीं देने के लिये आपको धन्यवाद।

प्रतिष्ठा में,
श्री प्रसून जोषी जी,
अध्यक्ष
केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड

विषय :- फिल्म ‘‘पद्मावती‘‘ की रिलीज की अनुमति नहीं देने के लिये आपको धन्यवाद।

महोदय,
फिल्म ‘‘पद्मावती‘‘ की रिलीज की अनुमति नहीं देने के लिये आपको अखिल भारत हिन्दू महासभा की ओर से धन्यवाद देता हूं। आपके इस निर्णय से एक हिन्दू वीरांगना रानी पद्मिनी का चरित्र हनन रूक गया है।
आपको ज्ञात है कि श्री संजय लीला भंसाली द्वारा निर्मित फिल्म ‘पदमावती‘ का हिन्दू समाज विषेषकर राजपूत समाज द्वारा तीव्र विरोध किया जा रहा है। अभी फिल्म रिलीज नहीं हुई है, परन्तु इसके ट्रेलर को देखकर हिन्दू समाज में गुस्सा है। इस फिल्म में बहादुर रानी पद्मिनि के चरित्र को नकारात्मक रूप में दिखाया गया है। इस से हिन्दू समाज की वीर रानी पद्मिनि का अपमान हो रहा है। हिन्दुओं के साथ अपमानजनक व्यवहार करने वाले एवं हिन्दुओं का धर्मांतरन कराने वाले बादषाह अलाउद्दीन खिलजी का महिमामंडन किया जा रहा है। उसे एक बहादुर बादषाह के रूप में दिखाया जा रहा है। इन दोनों किरदारों की भूमिका से भारत के 100 करोड़ हिन्दुओं का अपमान हो रहा है।
इस पत्र के माध्यम से आपसे मांग है कि फिल्म में आवष्यक बदलाव कर रानी पद्मिनि की नकारात्मक भूमिका एवं अलाउद्दीन खिलजी के महिमंडन को फिल्म से हटाने का आदेष दें। साथ-ही मांग है कि यदि फिल्म में आवष्यक बदलाव नहीं किया गया तो फिल्म की रिलीज पर स्थायी रोक लगायें।
सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाष कौषिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा)  राष्ट्रीय महासचिव

फिल्म ‘‘पद्मावती‘‘ से रानी पद्मिनि की नकारात्क भूमिका एवं अलाउदीन खिलजी के महिमामंडन को हटाये बिना फिल्म की रिलीज को रोकने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- फिल्म ‘‘पद्मावती‘‘ से रानी पद्मिनि की नकारात्क भूमिका एवं अलाउदीन खिलजी के महिमामंडन को हटाये बिना फिल्म की रिलीज को रोकने की मांग।

महोदय,
आपको ज्ञात है कि श्री संजय लीला भंसाली द्वारा निर्मित फिल्म ‘पदमावती‘ का हिन्दू समाज विषेषकर राजपूत समाज द्वारा तीव्र विरोध किया जा रहा है। अभी फिल्म रिलीज नहीं हुई है, परन्तु इसके ट्रेलर को देखकर हिन्दू समाज में गुस्सा है। इस फिल्म में बहादुर रानी पद्मिनि के चरित्र को नकारात्मक रूप में दिखाया गया है। इस से हिन्दू समाज की वीर रानी पद्मिनि का अपमान हो रहा है। हिन्दुओं के साथ अपमानजनक व्यवहार करने वाले एवं हिन्दुओं का धर्मांतरन कराने वाले बादषाह अलाउद्दीन खिलजी का महिमामंडन किया जा रहा है। उसे एक बहादुर बादषाह के रूप में दिखाया जा रहा है। इन दोनों किरदारों की भूमिका से भारत के 100 करोड़ हिन्दुओं का अपमान हो रहा है।
इस पत्र के माध्यम से आपसे मांग है कि फिल्म में आवष्यक बदलाव कर रानी पद्मिनि की नकारात्मक भूमिका एवं अलाउद्दीन खिलजी के महिमंडन को फिल्म से हटाने का आदेष दें। साथ-ही मांग है कि यदि फिल्म में आवष्यक बदलाव नहीं किया गया तो फिल्म रिलीज पर रोक लगायें।
सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेष त्यागी)  राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

फिल्म ‘‘पद्मावती‘‘ से रानी पद्मिनि की नकारात्क भूमिका एवं अलाउदीन खिलजी के महिमामंडन को हटाने की मांग।

प्रति,

श्री संजय लीला भंसाली जी,
फिल्म निर्माता एवं निर्देषक
601/ बी, स्वाति मित्रा सीएचएस।
गुलमोहर क्रास, रोड़ न0-7, जेवीपीडी
स्कीम, अंधेरी वेस्ट, मुंबई-400049, महाराष्ट्र

विषय :- फिल्म ‘‘पद्मावती‘‘ से रानी पद्मिनि की नकारात्क भूमिका एवं अलाउदीन खिलजी के महिमामंडन को हटाने की मांग।

आपको ज्ञात है कि आपके द्वारा निर्मित फिल्म ‘पदमावती‘ का हिन्दू समाज विषेषकर राजपूत समाज द्वारा तीव्र विरोध किया जा रहा है। अभी फिल्म रिलीज नहीं हुई है, परन्तु इसके ट्रेलर को देखकर हिन्दू समाज में गुस्सा है। इस फिल्म में बहादुर रानी पद्मिनि के चरित्र को नकारात्मक रूप में दिखाया गया है। इस से हिन्दू समाज की वीर रानी पद्मिनि का अपमान हो रहा है। हिन्दुओं के साथ अपमानजनक व्यवहार करने वाले एवं हिन्दुओं का धर्मांतरन कराने वाले बादषाह अलाउद्दीन खिलजी का महिमामंडन किया जा रहा है। उसे एक बहादुर बादषाह के रूप में दिखाया जा रहा है। इन दोनों किरदारों की भूमिका से भारत के 100 करोड़ हिन्दुओं का अपमान हो रहा है।
इस पत्र के माध्यम से आपसे मांग है कि फिल्म में आवष्यक बदलाव कर रानी पद्मिनि की नकारात्मक भूमिका एवं अलाउद्दीन खिलजी के महिमंडन को फिल्म से हटायें। यदि आवष्यक बदलाव किये बिना फिल्म रिलीज की गई तो हिन्दू महासभा द्वारा इस फिल्म के साथ-साथ आपकी आनेवाली सभी फिल्मों का बहिष्कार किया जायेगा।

धन्यवाद सहित,
भवदीय

(मुन्ना कुमार षर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

फोनः 09312177979

टीपू सुलतान हिन्दुओं का शोषक थाः हिन्दू महासभा

नई दिल्ली, 10 नवम्बर 2017

टीपू सुलतान हिन्दुओं का शोषक थाः हिन्दू महासभा

अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा एवं राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री वीरेष त्यागी ने कर्नाटक की काग्रेंस सरकार द्वारा हिन्दुओं के शोषक टीपू सुलतान की जयंती मनाने का तीव्र विरोध किया है तथा कहा है कि टीपू सुलतान हिन्दू विरोधी थी। उसने हिन्दुओं पर घोर यातनाएं की थीं। हजारों हिन्दुओं का धर्मांतरण कराया था तथा कई हिन्दू मंदिरों को तुड़वा डाला था। उसके शासन में हिन्दू महिला पूर्ण रूप से असुरक्षित थीं। ऐसे में हिन्दू राष्ट्र भारत में हिन्दू महिलाओं को नरक में ढकेलने वाले टीपू सुलतान की जयंती मनाना देष का अपमान है। कर्नाटक की सरकार का जयंती मनाने का निर्णय भारतीय संस्कृति को नुकसान पहुंचाने वाला है। हिन्दू महासभा नेताओं ने केन्द्र की राजग सरकार से मांग की है कि केन्द्र सरकार भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिये कठोर कानून बनाये तथा महान भारतीय हिन्दू संस्कृति का अपमान करने वाले पर कानूनी कार्यवाही की जाये।

(वीरेष त्यागी)
राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री