एक अफसाना भर नहीं पद्मावती ।

प्रतिष्ठा में,
श्री वेंकैया नायडू जी,
माननीय सूचना व प्रसारण मंत्री, भारत सरकार
निर्माण भवन, नई दिल्ली-110011

विषय :- एक अफसाना भर नहीं पद्मावती ।

महोदय,

रानी पद्मावती समेत हजारों महिलाओं ने जौहर कर लिया अर्थात् अग्निकुंड में कूद कर जीवनलीला समाप्त कर ली । अलाउद्दीन खिलजी जब किले के अंदर पहुँचा तो उसे राख ही मिली । राजपूताना के इतिहास की अनेक पुस्तकों में इस घटना का विवरण प्रायः इसी रूप में मिलता है कि अलाउद्दीन रानी पद्मावती को प्रत्यक्ष देख भी नहीं सका ।
अलाउद्दीन खिलजी क्रूर, चरित्रहीन तानाशाह था, जिसने अपनी हवस के कारण हजारों महिलाओं को जौहर करने पर विवश कर दिया । ऐसी स्थिति में अफसाना बनाकर महारानी पद्मावती का तिरस्कार सब प्रकार से निंदनीय है ।
इस प्रसंग में निवेदन है कि निर्माता संजय लीला भंसाली द्वारा निर्मित फिल्म रानी पद्मावती की पटकथा की शीघ्र जाँच कराई जाए ताकि इस ऐतिहासिक घटना का श्री भंसाली फिल्म का नाम बदलकर भी चित्रण न कर सकें ।

यह भी अनुरोध है कि फिल्म प्रमाणन बोर्ड को भी सक्रिय कर दिया जाए । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री