हिंदुस्थान के सबसे अधिक जनसंख्या वाले प्रदेश, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री चुने जाने पर अखिल भारत हिंदू महासभा की ओर से कृपया कोटिशः हार्दिक बधाइयाँ स्वीकार करें

प्रतिष्ठा में,
मंहत श्री आदित्य नाथ जी महाराज
माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश,

सादर नमस्कार ।
हिंदुस्थान के सबसे अधिक जनसंख्या वाले प्रदेश, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री चुने जाने पर अखिल भारत हिंदू महासभा की ओर से कृपया कोटिशः हार्दिक बधाइयाँ स्वीकार करें । संपूर्ण देश और देश के बाहर के अनेक सामाजिक हिन्दू संगठनों में आपके मुख्यमंत्री बन जाने से उत्साह की लहर दौड़ गई है और प्रदेश में हिंदुओं के दमन और हिंदू कन्याओं, किशोरियों और युवतियों के मुसलमानों द्वारा हो रहे अपहरण और तत्पश्चात् निकाह के वातावरण से हिन्दू समाज विश्वभर में पीड़ा का अनुभव करता रहा है । इतिहास में ऐसा उल्लेख है कि हिंदुस्थान का विभाजन उत्तर प्रदेश के मुसलमानों और अलीगढ़ के अंग्रेजी पढ़े कट्टर मुस्लिम उलेमाओं के षड्यंत्रों से हुआ । विभाजन के बाद भी उत्तर प्रदेश में पिछले कई दशकों में वही प्रक्रिया फिर से तेज गति से बढ़ रही थी । आपके पदासीन होने से यह विश्वास जगा है कि देवाधिदेव भगवान महादेव हिंदुस्थान और हिन्दुओं पर कृपा कर रहे हैं ।
इसलिए कृपया आनंद के वातावरण में सब हिन्दुओं की ओर से हार्दिक शुभकामनाएँ ग्रहण करें ।
प्रसंगवश कुछ निवेदन भी निम्नलिखित रूप में किए जा रहे हैं :-
1.    प्रदेश में लाखों मस्जिदें, दरगाहें, खानकाहें, मजारें कब्रिस्तान और पीर हैं, जिनके द्वारा उत्तर प्रदेश की हजारों एकड़ अत्यंत उपजाऊ भूमि घेर ली गई है ।
2.     अनेक स्थानों पर अनेक कब्जे सपा सरकार की अन्देखी के कारण हुए ।
3.    भविष्य में इनके निर्माणध्स्थापना पर नियंत्रण हेतु जिलाधिकारी की अथवा पुलिस अधीक्षक की लिखित अनुमति अनिवार्य कर दी जाए किन्तु ऐसा कोई भी स्थान खेती की भूमि पर नहीं बनना चाहिए ।
4.    उत्तर प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति (अब सेवा निवृत्त) श्री शंभुनाथ श्रीवास्तव के इस निर्णय को कि उत्तर प्रदेश में मुसलमान अल्पसंख्यक नहीं हैं, लागू कर दिया जाए और यदि आवश्यक हो तो अहमदियों, बोहरों, कदियानियों आदि को अल्पसंख्यक की परिभाषा में शामिल किया जा सकता है ।
5.    उत्तर प्रदेश में कई लाख मदरसे हैं, जिनमें कुरान की उन आयतों को भी जोर-शोर से पढ़ाया जा रहा है, जिनका उल्लेख न्यायाधीश जिले सिंह लोहाट ने अपने कई दशक पहले के निर्णय में इस रूप में किया था कि कि जब तक कुरआन में वे हैं तब तक विश्व में शांति नहीं होगी, उन आयतों को मदरसों के पाठ्यक्रमों में से उसी तरह निकलवा दी जाएँ, जिस तरह मिस्र में इजराइल ने दबाव डालकर निकलवा दी हैं ।
6.    मदरसों की पढाई में हिंदी की अनिवार्यता की जाए और जो मदरसे ऐसा न करें, उनका सरकारी अनुदान बंद कर दिया जाए ।
7.    कब्रिस्तानों के प्रसार पर विशेष नजर रखी जाए और उनके विस्तार को रोका जाए ताकि प्रदेश की भूमि इस तरह बर्बाद न हो । मिस्र में कब्रिस्तान की भूमि का बड़े नियंत्रित ढंग से प्रयोग किया जाता है और विस्तार नियंत्रित किया गया है ।
प्रदेश में वक्फ बोर्ड के कब्जे में जो भी खेती योग्य भूमि है, उसका तत्काल अधिग्रहण कर लिया जाए और उसका उपयोग भूमिहीन किसानों को देकर किया जाए ।
विश्वास है कि समय और परिस्थिति को ध्यान में रखकर ये सब कार्य शीघ्र आपके नेतृत्व में हो जाने से देश की रक्षा सुनिश्चित होगी ।
जब आप समझें तो मिलने का समय भी सूचित कराने का कष्ट करेंगे ।

सादर,
भवदीय,

(चन्द्र प्रकाश कौशिक)
राष्ट्रीय अध्यक्ष