पश्चिमी पाकिस्तान से आए हिन्दू शरणार्थियों की अन्देखी ।

प्रतिष्ठा में,
डॉ. जितेंद्र सिंह जी,
माननीय राज्यमंत्री,
प्रधानमंत्री कार्यालय, भारत सरकार
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- पश्चिमी पाकिस्तान से आए हिन्दू शरणार्थियों की अन्देखी ।

महोदय,

पश्चिमी पाकिस्तान से आए हिन्दू शरणार्थियों को भारत सरकार ने पहचान प्रमाण-पत्र जारी करने का निर्णय किया है, हो सकता है कुछ को प्रमाण-पत्र दे दिए गए होंगे और शेष को दिए जा रहे होंगे, जिनके आधार पर वे हिन्दू अर्धसैनिक बलों और अन्य केन्द्रीय सरकारी प्रतिष्ठानों में नौकरियाँ प्राप्त करने के पात्र होंगे । किन्तु यह विचित्र बात है कि 70 वर्षों के बाद भी उन्हें जम्मू और कश्मीर राज्य के स्थायी निवासी का हकदार नहीं माना जाएगा, यद्यपि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुसलमानों को राज्य का स्थायी निवासी माना जा रहा है और उनके लिए विधानसभा में कुछ स्थान भी खाली रखे गए हैं । कमाल की बात है कि जो नहीं हैं, वे सब कुछ हैं और जो हैं, वे कुछ भी नहीं हैं । वे नेताओं (विभाजन के पहले के और विभाजन के बाद के) की अन्देखी और उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं, जबकि उन्होंने विभाजन की त्रासदी झेली है और झेल रहे हैं । विश्वास है कि सरकार पुरानी गलतियों को तत्काल सुधारेगी । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें । सादर,

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री