जोइरो के विज्ञापन में अश्लीलता ।

प्रतिष्ठा में,
श्री वेंकैया नायडू जी,
माननीय सूचना व प्रसारण मंत्री, भारत सरकार
शास्त्री भवन, नई दिल्ली-110001

विषय :- जोइरो के विज्ञापन में अश्लीलता ।

महोदय,
अंतःवस्त्रों के विज्ञापन शालीन भी हो सकते हैं । किंतु सोची-समझी मानसिकता के तहत ऐसे विज्ञापन दिए जाते हैं, जो शोभनीय न हों । संलग्न विज्ञापन इसी तरह का एक नमूना है ऐसे विज्ञापन इसलिए दिए जाते हैं, क्योंकि विज्ञापनदाता कंपनी और प्रकाशित करने वाले समाचार पत्र पर कोई नियंत्रण नहीं रहता और किसी प्रकार की पूछताछ नहीं की जाती । विश्वास है कि सन्दर्भगत विज्ञापन के संबंध में तत्काल समुचित कार्रवाई की जाएगी और विज्ञापनदाता कंपनी सहित समाचार पत्र को भी कुछ परामर्श दिया जाएगा । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा)राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री