चीन कार्ड पर फिर खेलने लगा नेपाल ।

प्रतिष्ठा में,
श्रीमती सुषमा स्वराज जी,
माननीया विदेश मंत्री, भारत सरकार।
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- चीन कार्ड पर फिर खेलने लगा नेपाल ।

महोदया,

निम्नलिखित तथ्यों का संज्ञान लेकर उचित कार्यवाही करने की कृपा करेंः-
1. नेपाल के विदेश मंत्री ने कहा कि भारत को नेपाल व चीन की बढ़ती दोस्ती से परेशान होने की जरूरत नहीं है ।
2. नेपाल अब खुलेआम भारत को और चीन को एक तराजू में तोलने की कोशिश में है ।
3. चीन और नेपाल के बीच सैन्य अभ्यास हो रहे हैं ।
4. मधेशियों को उचित अधिकार देने के लिए प्रस्तावित संविधान संशोधन की गति रुक सी गई है ।
5. पहली बार चीन में मुद्रित नेपाली मुद्रा काठमांडू पहुँची है ।
6. नेपाल ने चीन से सीधे सामान मँगवाना शुरू कर दिया है ।
7. नेपाल के राष्ट्रीय बैंक में जमा अरबों रूपये के भारतीय नोट बिना किसी निर्णय के पड़े हुए हैं ।
उक्त तथ्य से यह निष्कर्ष निकलता है कि नेपाल को चीन अपने पंजों में फँसाने की जुगत बैठा रहा है और नेपाल के प्रधानमंत्री श्री पुष्प दहल प्रचंड इस स्थिति को कदाचित इसलिए नहीं समझ रहे हैं क्योंकि वे कम्युनिस्ट हैं और कौम को नष्ट करना कम्यूनिस्टों की फितरत है । इसके अनेक प्रमाण हिंदुस्थान में देखे गए हैं । अतः सुझाव है कि-
1. चीन से हिंदुस्थान में भारी मात्रा में आने वाले माल को युक्तिपूर्वक रोका जाए, जिससे चीन को घाटा महसूस होने लगे यानि उसकी अर्थव्यवस्था को तगड़ा आजादी झटका लगे ।
2. तिब्बत के बारे में पुरानी नीति में संशोधन करके उसे स्वतंत्र देश की मान्यता दी जाए ।
3. ताईवान के साथ मित्रता बढ़ाई जाए ताकि चीन असहज महसूस करे ।

इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव