तीन तलाक, शरीयत अदालतें व वक्फ बोर्ड संपत्ति को समाप्त करने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार।
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- तीन तलाक, शरीयत अदालतें व वक्फ बोर्ड संपत्ति को समाप्त करने की मांग।

महोदय,

लखनऊ से पत्रकार श्री परवेज अहमद ने समाचार पत्रों में कुछ तथ्य प्रकाशित किए हैं, जो निम्नलिखित हैं-
1. क्या तीन तलाक पर केंद्र सरकार के रुख ने मुस्लिम महिलाओं को भाजपा को वोट देने के लिए प्रेरित किया और इन महिलाओं ने अपने हक-हकूक के लिए पारंपरिक बंधन को तोड़ने का जोखिम उठाया है ।
2. तीन तलाक के मुद्दे पर केंद्र सरकार के रुख का समर्थन करती आ रही शाइस्ता अबरका कहती हैं कि मुस्लिम महिलाएं अपने हकूक के लिए संघर्ष करने को तैयार होने लगी हैं ।

आपने अखिल भारत हिन्दू महासभा की ओर से भेजे गए पिछले अनेक पत्रों में आपसे इस विषय में किए गए अनुरोध को हाथोंहाथ लेकर मुसलमानों के घर में संत्रास सह रही माताओं और बहनों को राहत देने का संकल्प व्यक्त किया है, इसके लिए आपको हार्दिक साधुवाद ।
अब इस मामले पर मुसलमानों के घरों में पीड़ित माताओं और बहनों को राहत दिलाने के लिए उच्चतम न्यायालय में भरपूर कोशिश किए जाने का निवेदन है ।
इसके साथ-साथ देश के लगभग 500 जिलों में काम कर रही शरीयत अदालतें भी निरस्त करने की कृपा की जाए, जिससे समांतर न्याय प्रणाली ध्वस्त हो जाए ।
इस प्रसंग में यह भी निवेदन है कि वक्फ बोर्डों के कब्जे में हिन्दुस्थान की 6 लाख एकड़ भूमि का अधिग्रहणध्राष्ट्रीयकरण कर लिया जाए, क्योंकि देश की लाखों एकड़ भूमि मुसलमानों को पाकिस्तान और बांग्लादेश के रूप में पहले ही कांग्रेस पार्टी की राजनीतिक नासमझी के कारण दे दी गई, इसलिए हिन्दुस्थान में वक्फ बोर्ड के नाम पर कोई संपत्ति देश में नहीं हो सकती । वैसे भी यह सारी संपत्ति हिन्दुओं से छीनी गई संपत्ति है, जैसा कि इतिहास की किताबों में उल्लेख मिलते हैं । आशा है कि शीघ्र कार्रवाई कराने की कृपा करेंगे ।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक)राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेश त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री