केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के द्वारा दसवीं और बारहवीं कक्षाओं में विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र अंग्रेजी में भरकर दिया जाना ।

प्रतिष्ठा में,
श्री प्रकाश जावड़ेकर जी,
माननीय मानव संसाधन विकास मंत्री, भारत सरकार
शास्त्री भवन, डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद मार्ग, नई दिल्ली-110001

विषय :- केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के द्वारा दसवीं और बारहवीं कक्षाओं में विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र अंग्रेजी में भरकर दिया जाना ।

महोदय,
यह देखने में आ रहा है कि विगत अनेक वर्षों से केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा दसवीं और बारहवीं कक्षाओं के विद्यार्थियों को दिए जाने वाले प्रमाण-पत्र हिंदी में भी अंग्रेजी के साथ छपे हैं, किन्तु उनमें विद्यार्थी का नाम, पिता का नाम, माता का नाम, विषय केवल अंग्रेजी में कम्प्यूटरों से भरे जाते हैं । आश्चर्य की बात है कि कम्प्यूटरों से होने वाले काम अंग्रेजी के साथ हिंदी में नहीं किए जा रहे और अनेक बार के अनुरोधों के बावजूद कुछ कुतर्कों का आधार लेकर संघ की राजभाषा हिंदी की उपेक्षा की जा रही है । सब जानते हैं कि कम्प्यूटर अब लिप्यंतरण के साथ-साथ अनुवाद भी कर सकते हैं और कर रहे हैं । यह भी सब जानते हैं कि भारतीय रेलों के प्रतिदिन लगभग 1.5 लाख आरक्षण चार्ट कम्प्यूटरों से हिंदी में भी यानि द्विभाषिक रूप में बन रहे हैं ।
बोर्ड का यह कुतर्क है कि विद्यार्थियों के नाम अंग्रेजी में ही मिलते हैं, इसलिए अनेक नागरीकरण में गलतियाँ हो सकती हैं । इस स्थिति से बचने के लिए यह सुझाव दिया जाता रहा है कि विद्यार्थियों से देवनागरी में भी फॉर्म में नाम भरने का प्रावधान किया जाए । देखना यह है कि बोर्ड कब तक हिंदी की अन्देखी करता रहेगा और अपनी हठधर्मी का बचाव करता रहेगा ।
अब आप मानव संसाधन विकास मंत्री हैं, इसलिए विश्वास है कि बोर्ड की तहत
हठधर्मिता ठीक कर दी जाएगी । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें। सादर,

भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) संपादक
(वीरेश त्यागी) प्रबंध संपादक