गिलगिट-बाल्टिस्तान का मसला ।

प्रतिष्ठा में,
श्रीमती सुषमा स्वराज जी,
माननीया विदेश मंत्री, भारत सरकार
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषय :- गिलगिट-बाल्टिस्तान का मसला ।

महोदय,
समाचार पत्रों में छपे छाया चित्र में यह दिखाया गया है कि अक्षय चिह्न, जो लद्दाख का भाग है, चीन के कब्जे में है, जिसका क्षेत्रफल लगभग 36,000 वर्ग किलोमीटर है । मानचित्र में कुछ क्षेत्र कत्थई रंग में दिखाया गया है, जिसे पाकिस्तान ने चीन को दहेज में दे दिया, इसका क्षेत्रफल लगभग 5,000 वर्ग किलोमीटर है । पाकिस्तान के कब्जे में जम्मू-कश्मीर का बहुत बड़ा भाग है जो गुलाम कश्मीर के नाम से हरे रंग में दिखाया गया है । इसके साथ-साथ पीले रंग में गिलगिट और बाल्टिस्तान दिखाए गए हैं । वस्तुतः यह सब जानते हैं कि जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के दूसरी ओर का भाग पाकिस्तान के कब्जे में है और पाकिस्तान नाम से जो भूमि है वह भी सब हमारी दुर्बलताओं के फलस्वरूप है । तथापि गिलगिट और बाल्टिस्तान को मुक्त कराने की कोशिश तो होनी ही चाहिए । इसके लिए 8-10 वर्षीय गुप्त नीति बनाकर, उसको लागू करने की चरणबद्ध कोशिश होनी ही चाहिए । विश्वास है कि आप इस दिशा में शीघ्र प्रयत्न करेंगे । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।
सादर, भवदीय

(चन्द्रप्रकाश कौशिक) (मुन्ना कुमार शर्मा) (वीरेश त्यागी)
राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय महासचिव राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री