संचार मंत्रालय के डाक विभाग में अंग्रेजी परस्तों का तांडव ।

प्रतिष्ठा में,

श्री रवि शंकर प्रसाद जी,
माननीय संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, भारत सरकार
संचार भवन, अशोक रोड, नई दिल्ली-110001

विषय :- 1. संचार मंत्रालय के डाक विभाग में अंग्रेजी परस्तों का तांडव ।
2. डाक विभाग ने अंग्रेजी को हथियार बनाकर देश की गरीब जनता के साथ क्रूर, निर्दयी एवं बेशर्म तरीका अपनाया ।
महोदय,
डाक विभाग के अधीन डाक महा-अध्यक्ष कार्यालयों सहित डाकघरों में कम्प्यूटरों के माध्यम से लगभग सारा कामकाज राजभाषा नियमों की अनदेखी करके अंग्रेजी में हो रहा है । स्पीड पोस्ट और पंजीकृत पत्रों आदि की पावतियाँ हिंदी में पता होने पर भी अंग्रेजी में दी जा रही हैं । पासबुकों में प्रविष्टियाँ अंग्रेजी में की जा रही हैं । ऐसा लग रहा है कि कोई जाँच-पड़ताल और नियंत्रण नहीं है, इसलिए डाक विभाग अंग्रेजी के शिकंजे में कसा हुआ है, जबकि डाकघरों से कम शिक्षित जनता का संपर्क होता है, जो सामान्यतः केवल हिंदी ही जानती है और उनमें अंग्रेजी जानने वाले बहुत कम होते है । किन्तु उन पर डाक विभाग के अधिकारी अंग्रेजी थोपने पर आमादा हैं । निवेदन है कि सुधार के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएँ । इस प्रसंग में सुझाव है कि डाक महा-अध्यक्षों का एक राजभाषा सम्मेलन दो दिनों का रख लिया जाए और उसमें उन्हें कम्प्यूटरों से विभिन्न कार्य विभिन्न कार्य हिंदी में कराने की कार्यविधि के साथ-साथ राजभाषा नियमों और आदेशों से अवगत कराया जाए । इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भिजवाने का कष्ट करें ।

सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) संपादक
(वीरेश त्यागी) प्रबंध संपादक