गौरक्षकों को गौहत्यारों के षड्यंत्रों से बचाया जाये, रोहिंग्या व बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों को देश से निकालने का काम युद्ध स्तर पर किया जाये-हिन्दू महासभा

नई दिल्ली, 06 सितम्बर 2017

गौरक्षकों को गौहत्यारों के षड्यंत्रों से बचाया जाये, रोहिंग्या व बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों को देश से निकालने का काम युद्ध स्तर पर किया जाये-हिन्दू महासभा
अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मांग की है कि हिन्दुस्थान के गौरक्षकों व गौभक्तों को गौहत्यारों एवं गौतस्करों के हमलों व षड्यंत्रों से बचाया जाये। सख्त कानून बनाया जाये ताकि गौहत्यारों व गौतस्करों के द्वारा गायों की हत्या भी नहीं होने पाये तथा गौरक्षकों व गौभक्तों पर हो रहे हमलों को भी रोका जा सके। श्री शर्मा ने कहा है कि गौहत्यारे तथा गौतस्कर गौरक्षकों को झूठे मुकदमों में फंसाने तथा उन्हें बदनाम करने का कार्य कर रहे हैं। गौहत्या व गौतस्कर के संरक्षकों द्वारा जनहित याचिका के माध्यम से न्यायालय को गुमराह किया जा रहा है। केन्द्र सरकार को सतर्क होने की आवश्यकता है। केन्द्र सरकार को गौहत्या व गौतस्करी को संरक्षण देने वाले तथाकथित याचिकाकर्ताओं की जांच करानी चाहिए और उसकी करतूतों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए। मुन्ना कुमार शर्मा न कहा है कि गाय देश के सवा सौ करोड़ हिन्दुओं की माता के समान है। उन्होंनें मांग की है कि गौमाता की रक्षा के लिये केन्द्रीय स्तर पर कड़ा कानून बनाया जाये, गौहत्या पर पूरे देश में प्रतिबंध लगे तथा गौहत्यारों को फांसी की सजा दी जाये।
वहीं हिन्दू महासभा राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर रोहिंग्या व बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों को देश से निकालने के काम में तेजी लाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि इस राष्ट्रीय हित के कार्य को युद्धस्तर पर किया जाना चाहिए। श्री शर्मा ने कहा कि रोहिंग्या व बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों को नागरिक सुविधायें देने की मांग करने वाले तथाकथित मानवतावादियों पर मुकदमा दर्ज करने व उसकी नागरिकता समाप्त करने की मांग की है। घुसपैठिये भारत के नागारिक नहीं हैं। इसलिये हमारी सरकार इसे नागारिक सुविधायें देने के लिये बाध्य नहीं है।

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महासचिव
फोनः9312177979