सूर्योपासना के महान छठ पर्व के अवसर पर 26 अक्टूबर, कार्तिक शुल्क षष्ठी के दिन सार्वजनिक अवकाष घोषित करने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री आदित्यनाथ योगी जी,
माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश।

विषय :-सूर्योपासना के महान छठ पर्व के अवसर पर 26 अक्टूबर, कार्तिक शुल्क षष्ठी के दिन सार्वजनिक अवकाष घोषित करने की मांग।

महोदय,
आपको ज्ञात है कि छठ पर्व भगवान सूर्य की आराधना का महान लोकपर्व है। यह बिहार, पूर्वांचल, झारखंड, दिल्ली के प्रमुख पर्वों में से एक है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर, इलाहाबाद, लखनऊ, बनारस, गोरखपुर साहित उत्तर प्रदेष के सभी प्रमुख शहरों में छठ पर्व मनाने वाले श्रद्धालु बड़ी संख्या में स्थायी रूप से निवास करते हैं। बिहार, झारखंड, दिल्ली में छठ पर्व के दिन सार्वजनिक अवकाष है। पूर्व में उत्तर प्रदेष में भी छठ पर्व के दिन सार्वजनिक अवकाष होती थी। परन्तु अब अवकाष को समाप्त कर दिया गया है। प्रदेष सरकार के इस आदेष के कारण अब उत्तर प्रदेष में छठ पर्व के दिन सार्वजनिक अवकाष नहीं है।
आपको ज्ञात है कि सूर्योपासना का सबसे महान पर्व छठ मनाना अत्यंत ही कठिन है। यह चार दिनों का पर्व है। यह पर्व 24 अक्टूबर कार्तिक शुल्क चतुर्थी को नहाय-खायं के साथ शुरू होगी । 25 अक्टूबर, कार्तिक शुक्ल पंचमी को सायं काल खरना की पूजा होगी। खरना की पूजा के साथ ही 36 घ्ांटें का निर्जला व्रत शुरू होगी, जो 27 अक्टूबर को प्रातः उदीयमान भगवान सूर्य को अर्ध्य देने के बाद समाप्त होगी। 26 अक्टूबर, कार्तिक शुल्क षष्ठी के सायंकाल नदी, तालाब आदि में खड़े होकर छठ व्रती अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को अर्ध्य देंगे। इस पर्व में प्रसाद भी घर में ही बनती है। स्वच्छता का विषेष ध्यान रखना पड़ता है।
अतः आपसे अनुरोध है कि 26 अक्टूबर, कार्तिक शुक्ल षष्ठी के दिन छठ पर्व के अवसर पर सार्वजनिक अवकाष घोषित कर छठव्रतियों व श्रद्धालुओं को छठ पर्व मनाने में सहयोग करने की कृपा करें।
सादर,
भवदीय

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव, अखिल भारत हिन्दू महासभा
राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय प्रवासी महासभा