दीपावली, छठ पर्व एवं अन्य अवसरों पर पूरे देष में पटाखों की ब्रिकी व चलाने पर रोक लगाने के लिये अर्जुन गोपाल एवं अन्य द्वारा दायर की गई याचिका का विरोध करने व याचिकाकर्ताओं द्वारा हिन्दू परंपराआें को रोकने हेतु बार-बार याचिका दायर करने के उद्देष्यों की जांच कराने हेतु।

प्रतिष्ठा में,
श्री नरेन्द्र मोदी जी,
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली-110011

विषयः दीपावली, छठ पर्व एवं अन्य अवसरों पर पूरे देष में पटाखों की ब्रिकी व चलाने पर रोक लगाने के लिये अर्जुन गोपाल एवं अन्य द्वारा दायर की गई याचिका का विरोध करने व याचिकाकर्ताओं द्वारा हिन्दू परंपराआें को रोकने हेतु बार-बार याचिका दायर करने के उद्देष्यों की जांच कराने हेतु।

महोदय,

आपको ज्ञात है कि दीपावली एवं छठ पर्व हिन्दुस्तान के 100 करोड़ हिन्दुओं का अति महत्वपूर्ण पर्व है। हमारी परंपरा है कि इस अवसर पर हिन्दू दीये जलाते हैं और पटाखे चलाते हैं। पटाखे चलाने में बच्चों की खास रूचि होती है। दीपावली के दिन पटाखे फोड़ने की परंपरा अति प्राचीन है। जब भगवान राम रावण का अंत कर अयोध्या लौटे थे, उस खुषी में यह त्यौहार पहली बार मनायी गयी थी। अब प्रत्येक वर्ष मनायी जाती है।
समाचारपत्रों से ज्ञात हुआ है कि अर्जुन गोपाल सहित तीन बच्चों द्वारा माननीय उच्चतम न्यायानय के समक्ष एक याचिका दायर की गई है, जिसके द्वारा पूरे देष में पटाखों की बिक्री व चलाने पर रोक लगाने की गुहार की गई है। दीपावली, छठ सहित सभी खुषी के मौकों पर पटाखा चलाने की परंपरा हमारे समाज में है। प्रदूषण का एक मात्र माध्यम पटाखा नहीं है।
सत्यता है कि पटाखों के अतिरिक्त कई अन्य माध्यमों से पर्यावरण में प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के सुचारू नहीं होने से प्रदूषण ज्यादा बढ़ रहा है। बकरीद के दिन लाखों बकरों की बलि के कारण पर्यावरण को अत्यधिक नुकसान पहुंचता है। परन्तु इस पर केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कभी ध्यान नहीं गया है। लाऊडस्पीकर से अजान पढ़ने के कारण बड़े स्तर पर ध्वनि प्रदूषण हो रहा है। परन्तु इसे आजतक नहीं रोका गया है।
हिन्दू विरोधी लोग लगातार हिन्दुओं के धार्मिक पर्वों व परंपराओं के साथ षड्यंत्र करते रहते हैं। बार-बार याचिका दायर कर हिन्दू त्योहारों पर आक्रमण हो रहा है। कभी दीपावली पर पटाखा बैन के लिये याचिका, कभी जलीकटटू पर रोक के लिये याचिका, कभी नदी में मूर्तियों के विसर्जन पर रोक के लिये याचिका। हमें डर है कि कभी याचिका दाखिल कर हिन्दुओं के पर्व-त्योहार मनाने पर भी रोक लगावायी जा सकती है।
आपसे अनुरोध है कि हिन्दुस्तान के 100 करोड़ हिन्दुओं की भावनाओं की रक्षा करने के लिये दीपावली, छठ पर्व एवं अन्य अवसरों पर पटाखों की बिक्री व चलाने पर रोक लगाने के लिये अर्जुन गोपाल एवं अन्य की उच्चतम न्यायालय में दायर याचिका का विरोध करने की कृपा करें। साथ-ही-साथ याचिकाकर्ताओं का पुलिस जांच कराकर यह पता लगाने की कृपा करें कि लगातार हिन्दू परंपराओं को रोकने के लिये याचिका दायर करने की पीछे उनका उदेष्य क्या है तथा उनके पीछे कौन-सी हिन्दू विरोधी शक्तियों का हाथ है।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाष कौषिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेष त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री