करोलबाग स्थित श्री हनुमानजी की मूर्ति को नहीं हटाने की मांग।

प्रतिष्ठा में,
श्री अनिल बैजल जी,
माननीय उपराज्यपाल, दिल्ली एवं
अध्यक्ष, दिल्ली विकास प्राधिकरण।
6, राजनिवास मार्ग, सिविल लाइन्स, दिल्ली-110054

विषय :- करोलबाग स्थित श्री हनुमानजी की मूर्ति को नहीं हटाने की मांग।

महोदय,
ज्ञात हुआ है कि माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा करोल बाग स्थित श्री हनुमानजी की मूर्ति हटाने का निर्देष दिया गया है। यह दिल्ली के लाखों हिन्दुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। यह अति प्राचीन मंदिर है। मंदिर को यदि हटाया गया तो हिन्दुआें की भावनाएं आहत होंगी। वर्षों पुरानी हनुमान जी की मूर्ति को हटाने से पहले दिल्ली में अतिक्रमण कर बने अन्य संप्रदायों के सैंकड़ों धार्मिक स्थलों को हटाया जाये। अन्य संप्रदायों के धार्मिक स्थलों को यदि पहले नहीं हटाया गया तो दिल्ली के लाखों हिन्दू करोलबाग स्थित हनुमानजी की मूर्ति को नहीं हटाने देंगे। याचिकाकर्ता हिन्दू विरोधी है तथा उसने हिन्दू विरोधी तत्वों के साथ मिलकर षड्यंत्र के तहत दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है। दिल्ली विकास प्राधिकरण को दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेष को रूकवाने के लिये उच्चतम न्यायालय में याचिका दाखिल करनी चाहिए। केवल हिन्दू आस्थाओं पर ही लगातार चोट किया जाता है। कभी हिन्दू मंदिरों को तोड़ने तो कभी हिन्दू पर्वों को मनाने से रोकने का षड्ंयत्र हिन्दू विरोधियों द्वारा लगातार रचा जा रहा है। परन्तु गैर हिन्दुओं के धार्मिक स्थालों व पर्वों पर अंगुली उठाने की हिम्मत किसी में भी नहीं है। उन्होंने कहा है कि पूरी दिल्ली जाम से पटी है। इसलिये केवल हनुमान मूर्ति को हटाने से दिल्ली का जाम समाप्त नहीं होगा।
अतः आपसे मांग है कि करोड़ों हिन्दुओं की जन भावनाओं का सम्मान करते हुए करोलबाग स्थित श्री हनुमानजी की मूर्ति को नहीं हटायें तथा दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्णय पर स्थगन लेने के लिये दिल्ली विकास प्राधिकरण को उच्चतम न्यायालय में याचिका दाखिल करने का आदेष दें।
सादर,

भवदीय

(चन्द्रप्रकाष कौषिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष

(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव

(वीरेश त्यागी)   राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री

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