समाजविरोधी विदेशी नववर्ष का त्याग करें, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन नववर्ष मनायेंः हिन्दू महासभा

नई दिल्ली, 26 दिसम्बर 2017

समाजविरोधी विदेशी नववर्ष का त्याग करें, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन नववर्ष मनायेंः हिन्दू महासभा

अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने देश के हिन्दुओं का आहवान किया है कि 31 दिसम्बर या 01 जनवरी को मनाये जाने वाले विदेशी नववर्ष का बहिष्कार करें तथा चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन भारतीय नववर्ष मनायें। उन्हांने कहा कि अंग्रेजां ने भारतीय संस्कृति का नाष करने के लिये अंग्रेजी नववर्ष को भारतीयों पर थोप दिया, ताकि पष्चिमी सभ्यता का प्रचार-प्रसार हो तथा भारतीय अपनी गौरवषाली परंपरा को भूल जायें। अंग्रेज तो 1947 में चले गये, परन्तु तथाकथित भारतीय अंग्रेजों ने उनकी विरासत को संभाल लिया तथा भारतीय संस्कृति का नाष करने की परंपरा जारी रखी। उन्होंने कहा कि भारतीय युवाओं में मांस, मदिरा, महिलाओं को अपमानित करने व फूहड़पन को बढ़ावा देने के लिये 31 दिसम्बर को नववर्ष मनाने की परंपरा शुरू की गई। 31 दिसम्बर को लोग शराब पीकर नंगानाच करते हैं तथा महिलाओं को अपमानित करते हैं। इसलिये भारतीय इस समाजविरोधी नववर्ष का बहिष्कार करें। राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री वीरेष त्यागी ने कहा है कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा हमारा नववर्ष है। हमें इसी दिन नववर्ष मनाना चाहिए। हिन्दू महासभा नेताओं ने मांग की है कि सरकार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन बड़े पैमाने पर नववर्ष कार्यक्रमों का आयोजन करें, ताकि युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति का ज्ञान प्राप्त हो सके।

वीरेश त्यागी
राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री