भारत में जनसंख्या विस्फोट को रोकने के लिये एक विवाह और अधिकतम दो बच्चे पैदा करने का कानून लागू करने व इस पत्र को ही याचिका मान लेने का अुनरोध।

प्रतिष्ठा में,

माननीय मुख्य न्यायाधीष,
भारत का उच्चतम न्यायालय
भगवान दास रोड,
नई दिल्ली-110001

विषयः भारत में जनसंख्या विस्फोट को रोकने के लिये एक विवाह और अधिकतम दो बच्चे पैदा करने का कानून लागू करने व इस पत्र को ही याचिका मान लेने का अुनरोध।

महोदय,

आपको ज्ञात है कि भारत की जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है। बढ़ती जनसंख्या के कारण देष की प्रगति, संसाधन व विकास प्रभावित हो रही है। इसका बुरा असर देष के पर्यावरण, रोजगार, गरीबी, अषिक्षा और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। इससे ग्लोबल वार्मिग भी बढ़ रहा है। संसाधन सीमित हैं। इसलिये जनसंख्या विस्फोट से संसाधनों व विकास पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
केन्द्र व राज्य सरकारों द्वारा जागरूकता फैलाने का कार्य तो हो रहा है। परन्तु किसी प्रभावी नीति के अभाव में बढ़ती जनसंख्या विस्फोट स्थिति में पहुंच गई है।
अतः आपसे अनुरोध है कि जनसंख्या विस्फोट को रोकने के लिये भारत सरकार व राज्य सरकारों को निर्देष दिया जाये कि भारत में एक विवाह और अधिकतम दो बच्चे पैदा करने का कानून शीघ्र लागू किया जाये।

इस पत्र को ही याचिका मान लिया जाये।

सादर,
भवदीय

(चन्द्रप्रकाष कौषिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(मुन्ना कुमार शर्मा) राष्ट्रीय महासचिव
(वीरेष त्यागी) राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री