राम मंदिर मुकदमे की सुनवाई में अड़ंगा लगाने की हिन्दू महासभा ने की आलोचना।

नई दिल्ली,10 जनवरी 2019

राम मंदिर मुकदमे की सुनवाई में अड़ंगा लगाने की हिन्दू महासभा ने की आलोचना।

अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रप्रकाष कौषिक एवं राष्ट्रीय महामंत्री मुन्ना कुमार शर्मा ने उच्चमत न्यायालय में अयोध्या स्थित श्री रामजन्मस्थान मुकदमे की सुनवाई में सुन्नी बक्फ बोर्ड एवं कांग्रेस पार्टी के वकील राजीव धवन द्वारा बार-बार अडं़गे लगाने की तीव्र आलोचना की है। हिन्दू महासभा नेताओं ने कहा है कि कभी अनुवाद के नाम पर, कभी संविधान पीठ के नाम पर और कभी किसी न्यायमूर्ति पर बेबुनियाद आरोप लगाकर सुनवाई की तारीख बार-बार आगे बढ़वाकर राजीव धवन देष के 100 करोड़ हिन्दुओं की भावनाआें के साथ खिलवाड़ कर रहें हैं। मर्यादा पुरूषोत्तम राम हिन्दुओं एवं हिन्दू राष्ट्र भारत की पहचान व प्ररेणाश्रोत हैं। वे भारतीय संस्कृति के प्रतीक हैं। उनके जन्मस्थान पर मंदिर बनाने में बाधा डालकर कांग्रेस पार्टी व सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील हिन्दुओं के साथ विष्वासघात कर रहे हैं। राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री वीरेष त्यागी एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता पं0 प्रमोद जोषी ने कहा है कि विदेषी यात्रियों के ग्रथों, विवादित ढं़ाचे के उत्खनन से प्राप्त अवषेषों, तुलसीदास कृत दोहा शतक, 1936 में वक्फ के विधान में राम मंदिर को वक्फ संपति नहीं बनना, 1941 में फैजाबाद नजूल विभाग द्वारा श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर, रामकोट अयोध्या 67.77 एकड़ भूमि क्र. 583 में पंजीकृत करने, षिया या सुन्नी वक्फ बोर्ड द्वारा विवादित  भूमि के रख रखाव में कोई रूचि नहीं लेने तथा 19 जून 1949 को इस भूमि का ट्रस्ट श्रीपंचरामानंदीय निर्मोही अखाड़ा द्वारा पंजीकृत कराने आदि प्रमाणां से साबित होता है कि यह स्थान श्रीराम जन्म स्थान ही है।

(मुन्ना कुमार शर्मा)
राष्ट्रीय महामंत्री